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मुख्यमंत्री धामी ने श्री केदारनाथ धाम में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड अस्पताल का किया लोकार्पण

Category Archives: राष्ट्रीय

मुख्यमंत्री धामी ने श्री केदारनाथ धाम में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड अस्पताल का किया लोकार्पण

“देवभूमि के शिखर पर स्वास्थ्य का नया अध्याय” की भावना से संचालित होगा अस्पताल

उच्च हिमालयी क्षेत्र में श्रद्धालुओं एवं स्थानीय जनमानस को मिलेंगी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं

राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार एवं सुधारीकरण की दिशा में निरंतर कार्यरत – मुख्यमंत्री 

रुद्रप्रयाग। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को श्री केदारनाथ धाम में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड हॉस्पिटल का विधिवत लोकार्पण किया। यह अस्पताल स्वामी विवेकानन्द हेल्थ मिशन सोसाइटी द्वारा संचालित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार श्री केदारनाथ धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर एवं त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस उच्च हिमालयी क्षेत्र में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से युक्त अस्पताल का संचालन स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेगा। यह अस्पताल यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों के लिए भी अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा श्री केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित बनाए रखने हेतु स्वास्थ्य सेवाओं को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। यात्रा मार्ग पर चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, स्वास्थ्य जांच केंद्रों, ऑक्सीजन सुविधाओं एवं आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार स्वस्थ उत्तराखंड समृद्ध उत्तराखंड के सपने को साकार करने के लिए प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार एवं सुधारीकरण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आयुष्मान योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 61 लाख आयुष्मान कार्ड जारी किए गए हैं जिसके माध्यम से आज प्रदेश के अंदर लाखों मरीजों को निशुल्क उपचार मिल रहा है इसके साथ ही राज्य के प्रत्येक जनपद में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी कार्य कर रहे हैं।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने बाबा केदार के दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना भी की। उन्होंने कहा कि श्री केदारनाथ धाम केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि सेवा एवं मानवता का भी प्रतीक है और इसी भावना के साथ सरकार देवभूमि में स्वास्थ्य एवं जनसुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में उपस्थित विधायक केदारनाथ श्रीमती आशा नौटियाल ने कहा कि यह अस्पताल सेवा, समर्पण एवं जनकल्याण का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो भविष्य में लाखों श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस अवसर पर भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संजय खन्ना, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल, अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश सोनी, विश्व हिंदू परिषद के संरक्षक दिनेश चंद्र, बद्री केदार मंदिर समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, बद्री केदार उपाध्यक्ष विजय कप्रवान, श्री केदार सभा के अध्यक्ष पं. राजकुमार तिवारी, ब्लॉक प्रमुख ऊखीमठ पंकज शुक्ला, जिला पंचायत सदस्य अमित मेंखडी, महा मंत्री अकिंत सेमवाल, संजय तिवारी, , जिला पंचायत सदस्य सुबोध बगवाड़ी, केशव बहुगुणा, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक निहारिक तोमर, उप जिलाधिकारी कृष्णा त्रिपाठी, कर्नल अजय कोटियाल सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।


दिव्यांगजनों के लिए वरदान बना डीडीआरसी, सैकड़ों को मिला लाभ

सितंबर से अब तक 600 से अधिक यूडीआईडी कार्ड जारी, 250 प्रमाण पत्रों का नवीनीकरण

देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशन में जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों के लिए संचालित योजनाएं अब धरातल पर असर दिखाने लगी हैं। कर्जन रोड स्थित गांधी शताब्दी जिला चिकित्सालय में संचालित जिला दिव्यांग एवं पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) दिव्यांगजनों के लिए सहारा बनकर उभरा है। केंद्र के माध्यम से दिव्यांगजनों को प्रमाण पत्र, यूडीआईडी कार्ड और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध कराया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रत्येक बुधवार को गांधी शताब्दी अस्पताल में दिव्यांग बोर्ड के माध्यम से दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा डीडीआरसी द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 8791009301 पर लाभार्थियों को घर बैठे आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है।

जिलाधिकारी की पहल पर सितंबर 2025 में शुरू हुए इस केंद्र में अब तक 600 से अधिक दिव्यांगजनों के यूडीआईडी कार्ड बनाए जा चुके हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा 600 नए दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं और 250 प्रमाण पत्रों का नवीनीकरण भी किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2009 से अब तक जनपद देहरादून में 30,739 दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं, जबकि 1,064 प्रमाण पत्रों का नवीनीकरण किया गया है।

दून निवासी दिव्यांग लाभार्थी मनोज बहुगुणा ने बताया कि लंबे समय से उन्हें यूडीआईडी कार्ड बनवाने में परेशानी हो रही थी, लेकिन डीडीआरसी में आवेदन करने के बाद उनका कार्ड आसानी से बन गया। उन्होंने इसके लिए जिला प्रशासन और राज्य सरकार का आभार जताया।

जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल ने बताया कि पहली बार गांधी शताब्दी अस्पताल में डीडीआरसी संचालन के लिए चार कमरे उपलब्ध कराए गए हैं। केंद्र के माध्यम से दिव्यांगजनों को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से एक वर्ष से कम समय में 600 नए प्रमाण पत्र और यूडीआईडी कार्ड बनाए गए हैं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि गांधी शताब्दी अस्पताल में प्रत्येक बुधवार और एसडीएच विकासनगर में प्रत्येक मंगलवार को दिव्यांग बोर्ड की सेवाएं दी जा रही हैं। यहां दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी करने के साथ लाभार्थियों को अन्य आवश्यक प्रमाणन सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

डीडीआरसी में दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष निशुल्क सुविधाएं भी शुरू की गई हैं। केंद्र में बच्चों को स्पीच थेरेपी, फिजियोथैरेपी और लर्निंग थेरेपी जैसी सेवाएं दी जा रही हैं, जिससे उनके शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक विकास में सकारात्मक सुधार देखने को मिल रहा है।


राशन कार्ड धारकों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य, 30 मई अंतिम तिथि

“मेरा ई-केवाईसी” ऐप से घर बैठे पूरी करें प्रक्रिया, बुजुर्गों-दिव्यांगों को बड़ी राहत

देहरादून। राज्य सरकार ने राशन कार्ड धारकों के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया है। सभी यूनिट धारकों को 30 मई तक हर हाल में अपनी ई-केवाईसी पूर्ण कराने को कहा गया है, ताकि भविष्य में राशन प्राप्ति में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

सरकार द्वारा नेशनल इनफॉर्मेटिक्स सेंटर के माध्यम से “मेरा ई-केवाईसी” ऐप तैयार किया गया है। इस ऐप की मदद से बुजुर्ग, दिव्यांग एवं असहाय राशन कार्ड धारक घर बैठे ही अपनी ई-केवाईसी आसानी से पूरी कर सकते हैं। ऐप में आधार संख्या, पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी और फेस रिकॉग्निशन के जरिए सरल प्रक्रिया अपनाई गई है।

आंकड़ों के अनुसार, सफेद राशन कार्ड धारकों में 72 प्रतिशत ई-केवाईसी पूर्ण हो चुकी है। कुल 9,58,624 धारकों में से 6,91,086 लाभार्थियों ने प्रक्रिया पूरी कर ली है। वहीं, पीले राशन कार्ड धारकों में अब तक 40 प्रतिशत ई-केवाईसी पूरी हुई है। कुल 5,03,316 में से 1,98,241 धारकों ने अपनी ई-केवाईसी कराई है।

जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल ने बताया कि “मेरा ई-केवाईसी” ऐप के माध्यम से छूटे हुए लाभार्थी भी आसानी से प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। विशेष रूप से जो लोग राशन की दुकान तक पहुंचने में असमर्थ हैं, उनके लिए यह ऐप काफी उपयोगी साबित हो रहा है। उन्होंने सभी राशन कार्ड धारकों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी ई-केवाईसी अवश्य पूर्ण कर लें, ताकि उन्हें सरकारी खाद्यान्न का लाभ निरंतर मिलता रहे।


कानून का दुरुपयोग कर निर्दोषों को फंसाने वालों के विरुद्ध होगी कठोरतम कार्यवाही- कुसुम कण्डवाल

चम्पावत में नाबालिग से कथित दुष्कर्म प्रकरण में पुलिस की एसआईटी जांच में हुआ बड़े षड्यंत्र का खुलासा, व्यक्तिगत रंजिश हेतु नाबालिग के इस्तेमाल पर महिला आयोग सख्त

प्रथम वार्ता में ही एसपी रेखा यादव ने अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल को दी थी मामले के संदिग्ध होने की जानकारी; आयोग की निरंतर निगरानी में सामने आया सच

चम्पावत/देहरादून। जनपद चम्पावत के कथित नाबालिग से दुष्कर्म प्रकरण में पुलिस की एसआईटी (SIT) जांच के उपरांत सामने आए तथ्यों पर उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। अध्यक्ष ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि घटना की सूचना मिलते ही उन्होंने तत्काल एसपी चम्पावत रेखा यादव से दूरभाष पर वार्ता कर वस्तुस्थिति की समीक्षा की थी। उस प्रथम वार्ता के दौरान ही एसपी रेखा यादव ने अध्यक्ष को अवगत कराया था कि घटना के प्राथमिक साक्ष्य और परिस्थितियां मेल नहीं खा रहे हैं, जिससे प्रकरण में किसी गहरे षड्यंत्र की प्रबल आशंका है। अध्यक्ष के स्पष्ट निर्देश थे कि जांच की निष्पक्षता और वैज्ञानिक शुद्धता से कोई समझौता न किया जाए। पुलिस व जांच टीमों द्वारा तकनीकी विवेचना सीसीटीवी फुटेज, सीडीआर और फॉरेंसिक रिपोर्ट के सूक्ष्म विश्लेषण के माध्यम से यह प्रमाणित हो गया कि पूरी घटना रंजिश के तहत बुना गया एक निंदनीय षड्यंत्र थी।

​विवेचना के दौरान यह अत्यंत विचलित करने वाला तथ्य सामने आया कि कमल रावत नामक व्यक्ति ने अपने व्यक्तिगत प्रतिशोध और रंजिश की पूर्ति हेतु एक नाबालिग बालिका की मासूमियत का दुरुपयोग किया। अध्यक्ष ने इस कृत्य की घोर निंदा करते हुए कहा कि “एक नाबालिग को झूठा प्रलोभन देकर और उसे बहला-फुसलाकर जघन्य अपराध का मोहरा बनाना न केवल कानूनी रूप से अपराध है, बल्कि यह उस बालिका के भविष्य और समाज की नैतिक चेतना पर भी गहरा प्रहार है।” निजी बदले के लिए कानून को ढाल बनाकर निर्दोष व्यक्तियों को सामाजिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की यह कोशिश सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं है।

​अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने स्पष्ट किया कि महिला आयोग जहाँ महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा के लिए चट्टान की तरह खड़ा है, वहीं वह कानून के इस प्रकार के दुस्साहसिक दुरुपयोग के विरुद्ध भी उतनी ही कठोरता से कार्यवाही सुनिश्चित करेगा। आयोग ने पुलिस प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि चूंकि अब यह सिद्ध हो चुका है कि मामला पूर्णतः मनगढ़ंत था, अतः मुख्य षड्यंत्रकारी कमल रावत और इस साजिश में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से संलिप्त सभी व्यक्तियों के विरुद्ध विधि के अनुसार ऐसी कठोरतम कार्यवाही की जाए जो भविष्य के लिए एक मिसाल बने।

​आयोग की अध्यक्ष ने यह भी कहा कि न्याय की शुचिता बनाए रखना आयोग का संवैधानिक दायित्व है और वह इस पूरे मामले के अंतिम विधिक निस्तारण तक अपनी पैनी नजर बनाए रखेगा। उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ऐसे तत्वों के विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही सुनिश्चित की जानी चाहिए जो व्यक्तिगत रंजिश और साजिशों के माध्यम से देवभूमि के शांत वातावरण और सौहार्दपूर्ण माहौल को खराब करने का कुप्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार और महिला आयोग महिला सुरक्षा के विषय पर अत्यंत संवेदनशील हैं; अतः किसी भी बेटी के सम्मान, निर्दोष की गरिमा और कानून की मर्यादा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।


उच्च शिक्षा विभाग में उत्तर-पुस्तिकाओं का होगा डिजिटल मूल्यांकनः डाॅ. धन सिंह रावत

ऑन-स्क्रीन मार्किंग से परीक्षाओं के मूल्यांकन में आयेगी पारदर्शिता

कहा, डिजिटल मूल्यांकन से समय पर घोषित होंगे परीक्षा परिणाम

देहरादून-  उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित विश्वविद्यालयों एवं सम्बद्ध महाविद्यालयों में अब उत्तर-पुस्तिकाओं का ऑनस्क्रीन डिजिटल मूल्यांकन (ऑन-स्क्रीन मार्किंग) किया जायेगा। जिससे परीक्षा मूल्यांकन अधिक पारदर्शी, तेज और त्रुटिरहित होगा। ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली से परीक्षा परिणाम समय पर घोषित हो सकेंगे, जिसका सीधा लाभ छात्र-छात्राओं को मिलेगा। शासन स्तर से विश्वविद्यालयों में ऑनस्क्रीन डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को वर्तमान सेमेस्टर (जनवरी 2026) से लागू करने के निर्देश जारी कर दिये गये हैं।

सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत राज्य विश्वविद्यालयों एवं सम्बद्ध महाविद्यालयों की परीक्षा प्रणाली में अहम सुधार कर उत्तर-पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को पूरी तरह डिजिटल कर दिया गया है। अब विश्वविद्यालयों में सभी प्रकार की परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाएं ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली के तहत जांची जायेगी, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और त्रुटिरहित हो सकेगी और भौतिक परिवहन के खर्चे में कमी के साथ ही समय पर परीक्षा परिणाम घोषित हो सकेंगे। विभागीय मंत्री ने कहा कि वर्तमान में विश्वविद्यालयों में पारम्परिक व भौतिक मूल्यांकन व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी, पुनमूल्यांकन में देरी व उत्तर पुस्तिकाओं के समिति संरक्षण जैसी समस्याएं को देखते हुये यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी राज्य विश्वविद्यालयों को ऑनस्क्रीन डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली के माध्यम से वर्तमान सेमेस्टर (जनवरी 2026) से परीक्षाओं का मूल्यांकन को शासन स्तर से निर्देश जारी कर दिये गये हैं।

डाॅ. रावत ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सेमेस्टर प्रणाली लागू होने के बाद विश्वविद्यालयों एवं सम्बद्ध महाविद्यालयों पर परीक्षा कार्यों का दबाव बढ़ा है, डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली से अब आपसी समन्वय की पूरी प्रक्रिया आॅटोमेटेड होगी, जिससे मैन्युअल हस्तक्षेप कम हो जायेगा। उन्होंने कहा कि मूल्यांकन के डिजिटलीकरण से शिक्षकों की भागीदारी और बढ़ जायेगी और वह अपने-अपने शिक्षण संस्थानों से ही मूल्यांकन कर सकेंगे, जिससे महाविद्यालयों व विश्वविद्यालय परिसरों में नियमित पढ़ाई व्यवस्था बाधित नहीं होगी। इसके अलावा उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटल रिकाॅर्ड भी सुरक्षित रहेगा, जिससे भविष्य में छात्रों के पुनर्मूल्यांकन संबंधी समस्याओं का भी समाधान आसानी से हो सकेगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को सरल एवं व्यवहारिक बनाने को विश्वविद्यालयों को आवश्यक तकनीकी संसाधन एवं प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं ताकि नई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।


एमडीडीए का बड़ा एक्शन, अवैध निर्माणों पर चला सीलिंग अभियान, पटेलनगर–देहराखास में दो निर्माण सील

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का सख्त संदेश—बिना अनुमति निर्माण पर जीरो टॉलरेंस, एमडीडीए के एक्शन से अवैध निर्माण पर कड़ा प्रहार

देहरादून – मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने राजधानी में अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए दो प्रमुख स्थानों पर सीलिंग अभियान चलाया। प्राधिकरण की टीम ने पटेल नगर सहारनपुर रोड और देहराखास क्षेत्र में नियमों के विपरीत बनाए जा रहे निर्माणों को चिन्हित कर उन्हें सील कर दिया। प्राधिकरण ने यह साफ संदेश गया है कि बिना स्वीकृति के निर्माण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इसी क्रम में पटेल नगर सहारनपुर रोड पर मनी गर्ग द्वारा कराए जा रहे अवैध व्यवसायिक निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे सील किया गया। इसी तरह देहराखास क्षेत्र में विपिन कुमार वर्मा द्वारा किए जा रहे अवैध आवासीय निर्माण को भी सील कर दिया गया। जांच के दौरान पाया गया कि दोनों निर्माण बिना स्वीकृत नक्शे और आवश्यक अनुमति के किए जा रहे थे, जो प्राधिकरण के नियमों का सीधा उल्लंघन है। जिस पर संयुक्त सचिव प्रत्यूस सिंह द्वारा नियमानुसार कार्यवाही करते हुये सीलिंग के ओदश पारित किये गये कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता निशान्त कुकरेती, अवर अभियंता जयदीप राणा और सुपरवाइजर की टीम मौजूद रही। एमडीडीए की इस कार्रवाई को शहर में बढ़ते अवैध निर्माण पर लगाम लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अवैध निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा – बंशीधर तिवारी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृत मानचित्र और अनुमति के किए जा रहे निर्माण न केवल नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि शहर के सुनियोजित और संतुलित विकास के लिए गंभीर चुनौती भी हैं। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और जहां भी अवैध निर्माण की सूचना मिलती है, वहां तत्काल कार्रवाई की जाती है। तिवारी ने आमजन से अपील की कि वे किसी भी निर्माण कार्य को शुरू करने से पहले आवश्यक स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और इस अभियान को और तेज किया जाएगा।

भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी – मोहन सिंह बर्निया
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माणों के खिलाफ प्राधिकरण का अभियान लगातार जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी और बिना अनुमति निर्माण करने वालों को किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी। शहर के सुनियोजित विकास, ट्रैफिक प्रबंधन और बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाए रखने के लिए इस तरह की कार्रवाई बेहद आवश्यक है।


फिर रिकार्ड तोड़ेगी चारधाम यात्रा- महाराज

जीएमवीएन के गेस्ट हाउसों की अब तक की बुकिंग नौ करोड़ के पार: महाराज

अभी तक 30 लाख से अधिक श्रद्धालु करवा चुके हैं पंजीकरण

देहरादून। प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व, संस्कृति, लोक निर्माण, सिंचाई एवं ग्रामीण निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की तादाद में काफी वृद्धि होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से बड़ी संख्या में यात्री अपना पंजीकरण करवा रहे हैं और यात्रा मार्गो पर स्थित जीएमवीएन के गेस्ट हाउसों की बुकिंग में लगातार इजाफा हो रहा है उसे देखकर संभावना है कि इस बार भी चारधाम यात्रा पिछले वर्ष के रिकॉर्ड को तोड़ेगी।

पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि चारधाम यात्रा मार्गो पर स्थित जीएमवीएन के गेस्ट हाउसों के लिए श्रद्धालुओं ने 16 फरवरी 2026 से आनलाइन बुकिंग करवानी प्रारंभ कर दी थी। उन्होंने कहा कि अभी तक चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं ने 9940124.11 (नौ करोड़ नौ लाख चालीस हजार एक सौ चौबीस) की बुकिंग करवा ली है और यह आंकड़ा लगातार बढता जा रहा है। चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 06 मार्च 2026 से ऑनलाइन और 17 अप्रैल 2026 से ऑफलाइन पंजीकरण के तहत अभी तक कुल 30 लाख से अधिक यात्री अपना पंजीकरण करवा चुके हैं और 9 लाख के लगभग श्रृद्धालु दर्शनों का लाभ उठा चुके हैं।

पर्यटन एवं धर्मस्व मंत्री महाराज ने चारधाम यात्रा पर आने वाले सभी यात्रियों से अनुरोध किया है कि वह अपनी यात्रा सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए सरकार की गाइड लाइन का पालन करें। ऑनलाइन पंजीकरण के लिए`registrationandtouristcare.uk.gov.in या TouristCare UK मोबाइल ऐप से और ऑफलाइन पंजीकरण ऋषिकेश, हरिद्वार, विकासनगर में खुले काउंटरों पर करवा सकते हैं। यात्रा के दौरान QR कोड चेकपोस्ट पर स्कैन होगा और बिना पंजीकरण वाले यात्रियों को वापस भेजा जाएगा। इसलिए पंजीकरण के बिना यात्रा ना करें। 50 साल उम्र वाले हेल्थ स्क्रीनिंग सेंटर पर जांच अवश्य कराएं। अस्थमा, हृदय रोग, हाई BP वाले यात्री डॉक्टर की सलाह के बाद ही यात्रा पर आएं। केदारनाथ-बद्रीनाथ अत्यधिक ऊंचाई पर हैं। इसलिए रास्ते में दो-चार दिन रुक कर शरीर को मौसम के अनुकूल बनाते हुए ही अपनी यात्रा पूरी करें। मंदिर परिसरों में मोबाइल से वीडियो-रील बनाने पर रोक है। यात्रा के समय आधार/वोटर ID रखना अनिवार्य है। पहाड़ों का मौसम मौसम कभी भी बदल सकता है इसलिए गर्म कपड़े और रेनकोट अपने साथ अवश्य रखें। उन्होंने यात्रा के दौरान कुड़े को डस्टबिन में डालने और प्लास्टि को इस्तेमाल ना करने की भी सलाह दी है।


मानसून शुरू होने से पूर्व सभी सड़के हों गड्ढामुक्त- मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन

मुख्य सचिव ने आगामी मानसून सीजन को लेकर विभागों एवं जनपदों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में आगामी मानसून सीजन को लेकर विभागों एवं जनपदों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने सभी विभागों को मानसून पूर्व तैयारियां समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि मानसून के दौरान जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो, यह हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि मानसून के दौरान आगामी कुछ महीने अत्यंत संवेदनशील एवं चुनौतीपूर्ण रहेंगे। वर्तमान में चारधाम यात्रा भी संचालित हो रही है, ऐसे में सभी रेखीय विभागों को 24×7 अलर्ट मोड में कार्य करना होगा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून शुरू होने से पूर्व सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करते हुए क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत पूरी कर ली जाए।

बिजली एवं पेयजल विभाग को विद्युत लाइनों, ट्रांसफार्मरों तथा पेयजल लाइनों की पूर्व मरम्मत एवं रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि मानसून अवधि में विद्युत एवं जलापूर्ति अधिक समय तक प्रभावित न हो। उन्होंने शहरी विकास विभाग, नगर निकायों तथा जिलाधिकारियों को नालों एवं नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलभराव की स्थिति किसी भी दशा में उत्पन्न नहीं होनी चाहिए तथा नदी-नालों के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा उत्पन्न करने वाले अवरोधों एवं अतिक्रमणों को हटाया जाए। उन्होंने कहा कि कामचलाऊ व्यवस्थाओं से बचते हुए गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित किए जाएं।

मुख्य सचिव ने राज्य में नदी तटीय क्षेत्रों की संवेदनशीलता को देखते हुए नदियों के चैनलाइजेशन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि नदी मार्ग में जमा आरबीएम को हटाया जाए ताकि नदी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित न हो और कटाव से आबादी एवं आधारभूत संरचनाओं को नुकसान न पहुंचे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संसाधनों की कोई कमी नहीं रखी जाएगी, इसलिए सभी विभाग अपने दायित्वों का समयबद्ध निर्वहन सुनिश्चित करें। संवेदनशील स्थलों पर सड़क खोलने हेतु जेसीबी मशीनों की अग्रिम तैनाती की जाए तथा बैली ब्रिज का पर्याप्त भंडारण रखा जाए। साथ ही बाढ़ संभावित क्षेत्रों में नाव एवं बोट की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने विभागीय तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में विभिन्न रेखीय विभागों के नोडल अधिकारियों की तैनाती की जा चुकी है तथा मानसून अवधि के लिए समन्वित कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। बैठक में विशेष सचिव पराग मुधकर धकाते, सचिव पंकज कुमार पाण्डेय, सचिव एल फैनई, सचिव सचिन कुर्वे, बीके संत, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, सचिव खाद्य आनंद स्वरूप, सूचना निदेशक बंशीधर तिवारी, एसीईओ प्रशासन महावीर सिंह चैहान, एसीईओ क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, वित्त नियंत्रक अभिषेक कुमार आनंद, जेसीईओ मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी आदि मौजूद रहे।

आवश्यक सामग्री का भण्डारण किया जाए, न हो कोई कमी

मुख्य सचिव आंनद बर्द्धन ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को गैस, राशन, खाद्यान्न, डीजल एवं पेट्रोल सहित आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में राहत सामग्री एवं खाद्य सामग्री के वितरण हेतु पूर्व से विस्तृत रणनीति तैयार की जाए ताकि दूरस्थ क्षेत्रों तक त्वरित सहायता पहुंचाई जा सके। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को मानसून अवधि के दौरान संभावित संक्रामक एवं जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने अभी से फॉगिंग अभियान चलाने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को अलर्ट मोड में रखने को कहा। साथ ही हेली एम्बुलेंस सेवाओं को भी तैयार रखने के निर्देश दिए गए ताकि आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

क्रियाशील रहें हाइड्रोमेट के सेंसर, नियमित टेस्टिंग जरूरी

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने हाइड्रोमेट सिस्टम, सेंसर तथा सेटेलाइट फोन का नियमित परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मौसम संबंधी चेतावनियां व अलर्ट आमजन तक त्वरित रूप से पहुंचना अत्यंत आवश्यक है, ताकि लोग समय रहते आवश्यक सुरक्षात्मक कदम उठा सकें। उन्होंने सचेत एप तथा सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक के अधिकाधिक उपयोग पर विशेष जोर दिया।

फेक वीडियो प्रसारित करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने आपदा संबंधी भ्रामक एवं फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने पर सख्त नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की भ्रामक सूचनाएं आमजन में अनावश्यक भय एवं भ्रम की स्थिति उत्पन्न करती हैं, जिससे आपदा प्रबंधन कार्य प्रभावित होते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा प्रबंधन अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत ऐसे मामलों में तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

03 डाॅप्लर रडार संचालित, 03 और लगेंगे

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि राज्य में वर्तमान में 525 हाइड्रोमेट सेंसर सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं, जिनके माध्यम से विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में वर्तमान में 03 डॉप्लर वेदर रडार स्थापित हैं तथा 03 अतिरिक्त डॉप्लर रडार स्थापित किए जाने प्रस्तावित हैं, जिससे मौसम पूर्वानुमान प्रणाली और अधिक मजबूत होगी। उन्होंने जानकारी दी कि पिथौरागढ़ में आरएसआरडब्ल्यू (रेडियो सांडे, रेडिया विंड) की स्थापना की जानी प्रस्तावित है।

इसके स्थापित होने से पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम की गतिविधियों का अधिक सटीक एवं स्थानीय स्तर पर पूर्वानुमान प्राप्त हो सकेगा, जिससे समय रहते चेतावनी जारी कर जनहानि एवं नुकसान को कम करने में सहायता मिलेगी।


लंबित पेयजल योजनाएं जल्द पूरी हों, हर घर तक पहुंचे स्वच्छ जल- सीडीओ

हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने पर जोर, मानसून से पहले गुणवत्ता जांच पूरी करने के निर्देश

डोईवाला में पेयजल गुणवत्ता जांच कार्य शुरू न होने पर सीडीओ सख्त, मांगा स्पष्टीकरण

सीडीओ का निर्देश- नल जल मित्रों को जिम्मेदारी के साथ दिया जाए मानदेय

ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक वेस्ट उठान के लिए तय हो रूट और वाहन व्यवस्था

जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की समीक्षा-सीडीओ ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

देहरादून। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने जल जीवन मिशन के तहत संचालित पेयजल योजनाओं की धीमी प्रगति और गुणवत्ता जांच में लापरवाही पर सख्त नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लंबित योजनाओं का कार्य शीघ्र पूरा कर हर घर जल सर्टिफिकेशन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने मानसून से पहले सभी विकासखंडों में पेयजल गुणवत्ता जांच पूर्ण करने, ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समितियों का तत्काल पुनर्गठन करने तथा नल जल मित्रों को योजनाओं के रखरखाव में सक्रिय भूमिका देने के निर्देश दिए।

गुरुवार को विकास भवन सभागार में आयोजित जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य केवल योजनाओं का निर्माण और हैंडओवर करना नहीं, बल्कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों से फेस-2 की अवशेष योजनाओं को तेजी से पूरा कराने और पूर्ण योजनाओं का थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन कराते हुए हर घर जल सर्टिफिकेशन सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में पिछली समीक्षा के निर्धारित लक्ष्य पूरे न होने तथा विकासखंड डोईवाला में पेयजल गुणवत्ता जांच शुरू न किए जाने पर सीडीओ ने संबंधित इंजीनियरों से स्पष्टीकरण तलब किया। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि मानसून से पहले सभी गांवों में पानी की गुणवत्ता जांच और सर्टिफिकेशन का कार्य हर हाल में पूरा किया जाए।

मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समितियों का पुनर्गठन कर इसकी रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत की जाए। नल जल मित्र कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित युवाओं को मास्टरोल आधार पर मानदेय तय करते हुए पेयजल योजनाओं के रखरखाव का कार्य आवंटित किया जाए। साथ ही उन्हें जल गुणवत्ता परीक्षण किट के उपयोग का प्रशिक्षण देकर नियमित पानी जांच सुनिश्चित करने को कहा। दूसरे बैच के चयन और प्रशिक्षण प्रक्रिया को भी शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में गोरछा पेयजल योजना में चल रहे विवाद के निस्तारण के लिए समिति से विस्तृत आख्या तत्काल उपलब्ध कराने को कहा गया। वहीं स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन तथा शौचालय निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए सीडीओ ने ब्लॉक स्तर पर प्लास्टिक वेस्ट संग्रहण के लिए रूट चार्ट तैयार कर वाहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों और शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से प्लास्टिक निष्पादन की प्रभावी व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि फेस-2 के तहत जनपद की 760 योजनाओं में से 734 पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 26 योजनाएं बजट के अभाव में लंबित हैं। 165 योजनाओं में से 160 का थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन किया जा चुका है तथा 121 योजनाओं का वित्तीय क्लोजर भी पूरा कर लिया गया है। पेयजल गुणवत्ता जांच के लिए 635 गांवों में से 117 गांवों में परीक्षण कार्य किया गया है। वहीं 628 गांवों में से 585 गांवों में हर घर जल सर्टिफिकेशन पूरा हो चुका है, जबकि 43 गांवों में कार्य शेष है।

नल जल मित्र कार्यक्रम के तहत प्रथम चरण में 42 लोगों को प्रशिक्षण दिया गया है और दूसरे बैच के चयन की प्रक्रिया जारी है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में 308 व्यक्तिगत तथा 21 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किया गया है। वहीं ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के तहत 28 यूनिट स्थापना का कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है।

बैठक में जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान ग्रामीण नमित रमोला, अधीक्षण अभियंता जल निगम निशा सिंह, अधिशासी अभियंता रविंद्र बिष्ट, राजेन्द्र पाल, राजेश निर्वाल, कंचन रावत, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम लाल भारती, डीपीआरओ मनोज नौटियाल, उप प्रभागीय वनाधिकारी अभिषेक मैठाणी सहित समिति अन्य नामित सदस्य एवं अधिकारी उपस्थित थे।


विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, गुणवत्ता पर रखें विशेष ध्यान- मंत्री खजानदास

ग्रीष्मकालीन सीजन से पूर्व, समाज कल्याण मंत्री खजानदास ने दी विधानसभा वासियों को 5.80 करोड़ रूपये से अधिक योजनाओं की सौगात

देहरादून। समाज कल्याण मंत्री खजानदास ने अपने विधानसभा क्षेत्र के करनपुर एव डालनवाला के विभिन्न वार्डवासियों को बड़ा तोहफा देते हुये सुभाष रोड सिद्धेश्वर मंदिर के समीप नलकूप निर्माण एवं तत्संबंधी कार्य, मोहिनी रोड आंगनवाड़ी नलकुप से इन्दर रोड ऊर्ध्व जलाशय हेतु 200 एम एम व्यास की 710 मीटर पृथक राइजिंग मेन विछाने का कार्य, वार्ड संख्या13 (डीएल रोड),14 (नदी रिस्पना),15 (करनपुर),16 (बकरालवाला) के विभिन्न गलियों में क्षतिग्रस्त पीवीसी पाइपलाइन के स्थान पर नवीन 5010 मीटर एच.डी.पी.ई. पाइपलाइन बिछाने का कार्य, बलवीर रोड पर 100 एम०एम० व्यास की 1050 मीटर एम एस ई आर डब्लू पाइपलाइन विछाने का कार्य, ई.सी. रोड पर चौरसिया वाली गली एव क्रास रोड से बंजारा हाउस तक पाइप ब्रस्टिॅग तकनीक विधि से क्रमश: 110 एव 350 मीटर सीवर लाइन बिछाने का कार्य, आराघर के समीप माडल कालोनी मे सीवर लाइन, बकरालवाला मे सीवर लाइन सहित विधानसभा क्षेत्रांतर्गत विभिन्न क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों के स्थान पर नई पेयजल लाइनें बिछाने के कार्यों का भूमि पूजन कर क्षेत्रवासियों को रु० 5.80 करोड़ से अधिक कार्यों की सौगात दी जिससे क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है।

गौरतलब है क्षेत्रवासियों द्वारा पिछले काफी समय से उपरोक्त क्षेत्रों पेयजल एंव सीवर लाइनों के सुधारीकरण की माॅग की जा रही थी जिसका जनहित में तत्काल संज्ञान लेते हुये विधायक ने अधिकारियों को क्षेत्र की क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं के पुनर्निर्माण हेतु प्रस्ताव प्रेषित करने के निर्देश दिये, जिस पर विधायक द्वारा जनहित में शासन से तुरन्त रुपये 5.80 करोड़ रुपए की स्वीकृति दिलाते हुये निर्माण कार्यों का भूमि पूजन करते हुये जनमानस की समस्याओं का समाधान किया।

इस अवसर पर दास ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुये अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिये कि निर्माण कार्य हर हाल में समय अवधि में पूरे किये जाय तथा गुणवत्ता में किसी प्रकार की कोई कमी न हो, गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी पाये जाने पर संबधित अधिकारियों को बख्शा नहीं जायेगा।

दास ने कहा कि भाजपा सरकार की जनसमस्याओं के निस्तारण हेतु स्पष्ट निति है तथा प्रदेश के युवा यशस्वी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रदेश के विकास हेतु एक विजन के रूप में काम कर रहे है और सदैव विकास कार्यों पर पैनी नजर रखते है। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारी यह गलतफहमी न पाले की उनके ऊपर कोई नजर नहीं रखता है, मुख्यमंत्री स्वयं समय-समय पर क्षेत्र की हर एक निर्माणाधीन योजनाओं उनकी गुणवत्ता एवं क्षेत्र में अन्य समस्याओं की जानकारी लेते रहते हैं। मंत्री दास ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री की त्वरित कार्यशैली का ही परिणाम है कि आज हर एक विकास कार्य समय अवधि में पूर्ण हो रहे हैं जिससे एक ओर सरकारी धन की बचत होतीहै वहीं दूसरी और जनमानस तो समय पर तमाम विकास योजनाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री धामी की स्पष्ट एंव पारदर्शी नीति का ही फल है कि तमाम विकास कार्यों को समय से स्वीकृतियां प्राप्त हो रही है, तथा निर्माण कार्य में होने वाले अनावश्यक विलम्ब के कारण निर्माण कार्य की लागत मे होने वाली वृद्धि पर भी अंकुश लगा है।

इस अवसर पर दायित्वधारी अशोक वर्मा, भगवत प्रसाद मकवाना, रकेश ओबरॉय, विपिन नागलिया, पार्षद रोहन चन्देल, अधीक्षण अभियन्ता जल संस्थान राजीव सैनी, मण्डल अध्यक्ष भाजपा पुनम शर्मा, राहूल लारा भाजपा के वरिष्ठ नेता गोपाल पुरी जल संस्थान के अधिकारियों सहित तमाम जनप्रतिनिधिगण एवं क्षेत्रीय जनता उपस्थित रही।


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