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शिक्षकों के वार्षिक स्थानांतरण का होमवर्क करे विभाग- डाॅ. धन सिंह रावत

Category Archives: राष्ट्रीय

शिक्षकों के वार्षिक स्थानांतरण का होमवर्क करे विभाग- डाॅ. धन सिंह रावत

कहा, उच्च न्यायालय में दाखिल याचिका में तथ्यों के साथ करें ठोस पैरवी

प्रमोशन प्रकरण निस्तारण में अधिकारियों को दिये तेजी लाने के निर्देश

देहरादून। विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत शिक्षकों के वार्षिक स्थानांतरण हर हाल में किये जायेंगे। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को सभी औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दे दिये गये हैं, साथ ही विद्यालयों के कोटीकरण को लेकर उच्च न्यायालय में दायर याचिका में तथ्यों के साथ ठोस पैरवी करने को भी कहा गया है। इसके अलावा शिक्षकों के पदोन्नति प्रकरण के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश भी विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं।

सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने बताया कि वार्षिक स्थानांतरण व प्रमोशन शिक्षकों का मौलिक अधिकार है और राज्य सरकार इसको लेकर खासी गंभीर है। सरकार की मंशा शिक्षकों को वार्षिक स्थानांतरण व प्रमोशन का लाभ देना है। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को वार्षिक स्थानांतरण प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने के निर्देश दे दिये गये हैं, ताकि सभी पात्र शिक्षक समयबद्ध रूप से आवेदन कर पारदर्शी व्यवस्था के तहत स्थानांतरण का लाभ ले सके। डाॅ. रावत ने बताया कि शिक्षकों के स्थानांतरण एवं प्रमोशान को लेकर वित्त एवं कार्मिक विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक में विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। जिसमें विशेष रूप से अनुरोध श्रेणी के स्थानांतरणों को प्राथमिकता के आधार पर करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। इसके अलावा शिक्षकों के स्थानांतरण व विद्यालयों के कोटीकरण से संबंधित प्रकरणों को लेकर उच्च न्यायालय में दायर याचिका में तथ्यों के साथ ठोस पैरवी करने को भी कहा गया है। डाॅ. रावत ने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो उक्त याचिका में विशेष अपील भी की जायेगी, ताकि वार्षिक स्थानांतरण की समयावधि से पूर्व उक्त प्रकरण का निस्तारण हो सके और शिक्षकों को स्थानांतरण का लाभ मिल सके।

डाॅ. रावत ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षकों के प्रमोशन को लेकर भी खासी गंभीर है। उन्होंने बताया कि सरकार शिक्षकों को जल्द से जल्द प्रमोशन का लाभ पहुंचाने के लिये प्रतिबद्ध है। इस दिशा में शासन व विभागीय स्तर पर निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि विभागीय उच्चाधिकारियों को उक्त प्रकरण के शीघ्र निस्तारण को प्रत्येक स्तर पर ठोस पैरवी करने के निर्देश दे दिये गये हैं।


आपदा प्रबंधन को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय, संवेदनशील इलाकों में आपदा न्यूनीकरण कार्यो को मिली मंजूरी

नदियों के चैनलाइजेशन व ड्रेजिंग कार्यो को हरी झंडी, जनहित में आपदा न्यूनीकरण कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश

भूस्खलन और बाढ़ सुरक्षा के लिए अहम फैसले, 28 जोखिम भरे नदी तटों पर चैनलाइजेशन व सुरक्षात्मक कार्यो को सर्शत मंजूरी

विभागों से मांगे नए सुझाव, समिति की बैठकें होंगी नियमित

जन सुरक्षा पर फोकसः जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति ने प्रस्ताव किए अनुमोदित

देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में शुक्रवार को ऋषिपर्णा सभागार में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में आपदा न्यूनीकरण के उद्देश्य से संभावित संवेदनशील क्षेत्रों में प्रस्तावित सुरक्षात्मक कार्यों को आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की प्रासंगिक धाराओं के अंतर्गत सर्शत अनुमोदित किया गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा न्यूनीकरण से जुड़े कार्य सुधारात्मक प्रकृति के होते हैं, जिन्हें जनहित और सुरक्षा की दृष्टि से प्राथमिकता के आधार पर किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि तहसील स्तर एवं विभिन्न विभागों से प्राप्त नदियों के चैनलाइजेशन और ड्रेजिंग से संबंधित प्रस्तावों को समिति द्वारा स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। साथ ही विभागों को निर्देशित किया गया कि जनहित से जुड़े सभी आपदा न्यूनीकरण कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि विभागों के पास अतिरिक्त प्रस्ताव या सुझाव हों तो उन्हें शीघ्र प्रस्तुत किया जाए तथा भविष्य में समिति की बैठकें नियमित अंतराल पर आयोजित की जाएंगी।

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) केके मिश्रा ने जानकारी दी कि पूर्व में आपदाग्रस्त एवं आपदा संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के दृष्टिगत विभिन्न विभागों से प्रस्ताव लिए गए थे, जिनमें नदी चैनलाइजेशन, रिवर ड्रेसिंग तथा आरक्षित वन क्षेत्रों में भूस्खलन उपचार से संबंधित कार्य शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मार्च माह में ही इन कार्यों को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है, ताकि विभागों को कार्य पूर्ण करने हेतु पर्याप्त समय मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी विभाग के प्रस्ताव शेष हैं, तो उन्हें तत्काल उपलब्ध कराया जाए, जिससे निरीक्षण के उपरांत उन्हें समिति के समक्ष अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया जा सके।

बैठक में हरिपुर कालसी क्षेत्र में यमुना नदी तट पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा हेतु घाट निर्माण के लिए नदी चैनलाइजेशन, सहिया क्षेत्र के अंतर्गत कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर जजरेड स्थान पर क्रॉनिक लैंडस्लाइड जोन में संरचनात्मक भूस्खलन न्यूनीकरण कार्य तथा जनपद के विभिन्न नदी तटों के 28 संवेदनशील स्थलों पर मानसून के दौरान संभावित क्षति को देखते हुए चैनलाइजेशन कार्यों को अत्यंत आवश्यक मानते हुए सशर्त स्वीकृति प्रदान की गई।

इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-507 के किमी 13-14 पर यमुना नदी स्थित सेतु पर एबटमेंट स्कप्पर निर्माण, नदी प्रवाह चैनलाइजेशन, दोनों तटों पर कर्टेन वॉल एवं अन्य सुरक्षात्मक कार्य, किमी 24 बोसाना और किमी 26 व्यासी में भूस्खलन उपचार, भानियावाला-ऋषिकेश मार्ग पर चंद्रभागा नदी किनारे रिवर ड्रेसिंग तथा जाखन ब्रिज के अपस्ट्रीम में संचित मलबा हटाने जैसे कार्यों के लिए संबंधित उपजिलाधिकारी, प्रभागीय वनाधिकारी, अधिशासी अभियंता एवं अन्य विभागीय अधिकारियों की संयुक्त समिति गठित की गई है। समिति को स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके आधार पर आगे की स्वीकृति प्रदान की जाएगी।

बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष एवं समिति की सह-अध्यक्ष सुखविंदर सिंह कौर, अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा, प्रभागीय वनाधिकारी नीरज कुमार, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता ओपी सिंह, राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिशासी अभियंता सुरेश तोमर, क्षेत्राधिकारी विवेक कोटियाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ऋषभ कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि उपजिलाधिकारी एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे।


एसएसपी देहरादून ने नवआगन्तुक रिक्रूट आरक्षियों से किया सवांद

पुलिस परिवार में आमगन पर दी अपनी शुभकामनाएं, उज्ज्वल भविष्य की करी कामना

पुलिस सेवा की गरिमा, अनुशासन तथा कर्तव्यनिष्ठा का समझाया महत्व

देहरादून। देहरादून में पुलिस लाइन स्थित प्रशिक्षण केंद्र में शुक्रवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने प्रारंभिक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे रिक्रूट आरक्षियों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने नवप्रवेशी जवानों का पुलिस परिवार में स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम के दौरान SSP ने रिक्रूट आरक्षियों को संबोधित करते हुए पुलिस सेवा की गरिमा, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान सिखाई जा रही हर बात को पूरी लगन और गंभीरता से आत्मसात करने की सलाह दी, ताकि भविष्य में ड्यूटी के दौरान आने वाली चुनौतियों का सामना दृढ़ता और दक्षता के साथ किया जा सके।

इसके साथ ही SSP ने प्रशिक्षण व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से रिक्रूट आरक्षियों के रहने, भोजन और अन्य सुविधाओं की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं उच्च स्तर की सुनिश्चित की जाएं, ताकि प्रशिक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।


मंत्री गणेश जोशी से मिले गढ़वाल राइफल्स के कर्नल ऑफ द् रेजिमेंट लेफ्टिनेंट जनरल दिनेश सिंह राणा

देहरादून। देहरादून के न्यू कैंट रोड़ स्थित सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से शासकीय आवास में गढ़वाल राइफल्स के कर्नल ऑफ द रेजिमेंट लेफ्टिनेंट जनरल दिनेश सिंह राणा ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान जनरल डीएस राणा ने सेना का स्मृति चिन्ह भी भेंट किया।

बैठक के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल डीएस राणा ने लैंसडाउन स्थित गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर में आयोजित कार्यक्रमों के लिए आभार जताया। उन्होंने आयोजित कार्यक्रम में हुई घोषणाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने, पूर्व सैनिकों को सेवानिवृत्ति के बाद रोजगार के अधिकाधिक अवसर प्रदान करने तथा वीरता चक्र विजेताओं की सम्मान राशि को बढ़ाये जाने का आग्रह किया। उन्होंने जनपद टिहरी के चंबा में गब्बर सिंह मेमोरियल के सुधारीकरण पर भी चर्चा की। इसके अतिरिक्त, पूर्व सैनिकों के साथ भूमि संबंधी मामलों में हो रही धोखाधड़ी को रोकने हेतु ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में चारधाम यात्रा मार्ग पर पूर्व सैनिकों के लिए सीजनल रोजगार के अवसर सृजित करने और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने पर भी विचार-विमर्श हुआ।

इस पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने सैन्यधाम में प्रत्येक 15 दिवस में आर्मी बैंड-शो आयोजित करने की व्यवस्था बनाने, सेरामोनियल ड्रैस के साथ प्रत्येक दिवस गार्ड रिट्रीट सहित 15 जनवरी को आर्मी-डे पर देहरादून में फुल रिर्हल परेड़ करवाने पर भी सेना अधिकारी से वार्ता की। उन्होंने सैन्यधाम के म्युजियम में गढ़वाल राईफल्स से सहयोग का अनुरोध किया।

इस दौरान उपनल के प्रबंध निदेशक बिग्रेडियर जेएनएस बिष्ट (सेनि), 127वीं टेरिटोरियल आर्मी के कमान अधिकारी कर्नल प्रफुल थपलियाल एवं अन्य सैन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री मोदी से की शिष्टाचार भेंट

उत्तराखंड की संस्कृति से जुड़े उपहार किये भेंट

देहरादून/नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री को उत्तराखंड की आस्था और परंपरा से जुड़े विशेष उपहार भेंट किए, जिनमें मां सुरकंडा देवी की प्रतिकृति, बद्री गाय का शुद्ध घी, पहाड़ी क्षेत्रों में उत्पादित विभिन्न प्रकार के राजमा और शहद शामिल रहे।

मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री से विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन प्राप्त किया और उन्हें रामनवमी के पावन पर्व की शुभकामनाएं भी दीं।


कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने रामनवमी के पावन अवसर पर किया कन्या पूजन

देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज गढ़ी कैंट डाकरा स्थित दुर्गा मंदिर में रामनवमी के पावन अवसर पर आयोजित सामूहिक कन्या पूजन कार्यक्रम में प्रतिभाग कर 201 नौदुर्गा स्वरूपा कन्याओं का विधि-विधान पूर्वक सामूहिक पूजन किया।

कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कन्याओं को चुनरी ओढ़ाई, उनके पांव पखारे, आरती उतारी तथा श्रद्धापूर्वक भोजन कराया, कन्याओं को दक्षिणा एवं उपहार भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने प्रदेश वासियों की सुख समृद्धि की कामना करते हुए राज्य वासियों को राम नवमी की शुभकामनाएं भी दीं।

इस अवसर पर भाजपा प्रदेश मंत्री नेहा जोशी, विष्णु गुप्ता उपस्थित रही।


देहरादून-हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर के लिए CMP-2024 पर मंथन

ई-बीआरटीएस और रोपवे से बदलेगी तस्वीर, ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत

देहरादून। राज्य के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक, पर्यटन और प्रशासनिक कॉरिडोर, देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए कॉम्प्रीहेन्सिव मोबिलिटी प्लान (CMP)-2024 पर उच्चस्तरीय मंथन किया गया। आवास सचिव डॉ. आर राजेश कुमार की अध्यक्षता में यह महत्वपूर्ण बैठक राज्य सचिवालय में आयोजित हुई, जिसमें इस पूरे कॉरिडोर की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुव्यवस्थित और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक की शुरुआत मैसर्स यूएमटीसी द्वारा CMP-2024 के अद्यतन प्रस्तावों के प्रस्तुतीकरण से हुई, जिसमें देहरादून (देहरादून शहर, विकासनगर, ऋषिकेश) और हरिद्वार (हरिद्वार शहर, रुड़की, भगवानपुर) क्षेत्र की मौजूदा यातायात चुनौतियों और उनके समाधान को विस्तार से रखा गया।

इसके बाद विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने योजना के तकनीकी, सामाजिक और आर्थिक पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श किया। सचिव आवास ने निर्देश दिए कि CMP के सभी प्रस्तावों को संबंधित मास्टर प्लान में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए, ताकि आने वाले समय में शहरी परिवहन अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में तैयार होने वाली सभी योजनाओं में एकीकृत परिवहन प्रणाली की अवधारणा को केंद्र में रखा जाए।

बढ़ते यातायात दबाव का समाधान, लोगों को मिलेगा राहतभरा सफर

देहरादून–हरिद्वार–ऋषिकेश कॉरिडोर वर्तमान में राज्य का सबसे व्यस्त क्षेत्र बन चुका है। SIDCUL जैसे औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार, तेजी से हो रहे शहरीकरण और पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि के चलते यहां यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। पीक आवर्स में जाम, अव्यवस्थित पार्किंग, सीमित सड़क क्षमता और सार्वजनिक परिवहन की कमी जैसी समस्याएं आम लोगों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। CMP-2024 इन चुनौतियों का दीर्घकालिक और प्रभावी समाधान प्रस्तुत करता है, जिससे आमजन को राहत मिलने की उम्मीद है। इस योजना के तहत परिवहन को लोग-केंद्रित, सुरक्षित और टिकाऊ बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने, निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने और पैदल व साइकिल चालकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने की दिशा में कई ठोस कदम प्रस्तावित किए गए हैं। इससे न केवल यातायात व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा और प्रदूषण के स्तर में कमी आएगी।

ई-बीआरटीएस, रोपवे और स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम से बदलेगा कॉरिडोर का स्वरूप

CMP-2024 के अंतर्गत कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं, जो इस पूरे कॉरिडोर की तस्वीर बदलने की क्षमता रखती हैं। देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच लगभग 73 किलोमीटर लंबी ई-बीआरटीएस (इलेक्ट्रिक बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) प्रणाली विकसित करने की योजना है, जिससे तीनों शहरों के बीच आवागमन तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होगा। इसके अलावा हरिद्वार में पर्सनल रैपिड ट्रांजिट (PRT) सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव है, जो विशेष रूप से धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देगा।

धार्मिक और पर्यटन स्थलों के लिए रोपवे परियोजनाओं का विकास भी इस योजना का अहम हिस्सा है, जिससे यातायात का दबाव कम होगा और यात्रियों को बेहतर अनुभव मिलेगा। इसके साथ ही स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITS), आधुनिक सिग्नलिंग, पार्किंग प्रबंधन और बाईपास सड़कों के निर्माण पर भी जोर दिया गया है।
ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) के माध्यम से शहरों का समेकित विकास सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे परिवहन और शहरी जीवनशैली के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो सके।

कांवड़ और कुंभ जैसे आयोजनों में मिलेगी बड़ी राहत

विशेषज्ञों का मानना है कि CMP-2024 के लागू होने से कांवड़ मेला और कुंभ जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान यातायात प्रबंधन में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा।
हर साल लाखों श्रद्धालुओं के आगमन से इस कॉरिडोर पर भारी दबाव पड़ता है, लेकिन नई योजना के लागू होने के बाद यातायात अधिक सुगम, व्यवस्थित और सुरक्षित हो सकेगा। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और प्रशासन के लिए भी व्यवस्थाएं संभालना आसान होगा। कुल मिलाकर यह योजना धामी सरकार की विकासोन्मुखी और दूरदर्शी सोच का प्रतिबिंब है, जो उत्तराखंड को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और पर्यावरण-अनुकूल राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

बैठक में उत्तराखण्ड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक बृजेश कुमार मिश्रा, निदेशक (वित्त) संजीव मेहता, महाप्रबंधक (सिविल) संजय जी. पाठक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने CMP-2024 को राज्य के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।

सरकार की दूरदर्शी सोच, विकास को मिलेगी नई रफ्तार

आवास सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने कहा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार उत्तराखंड के प्रमुख शहरी क्षेत्रों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

CMP-2024 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसमें एकीकृत और आधुनिक परिवहन प्रणाली पर विशेष ध्यान दिया गया है। हमारा उद्देश्य है कि देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच आवागमन को अधिक सुरक्षित, सुगम और समयबद्ध बनाया जाए। ई-बीआरटीएस (इलेक्ट्रिक बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम), रोपवे, स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट और ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट जैसी योजनाएं न केवल यातायात समस्याओं का समाधान करेंगी, बल्कि राज्य के पर्यटन और आर्थिक विकास को भी नई गति देंगी। आने वाले समय में यह कॉरिडोर देश के अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल के रूप में स्थापित होगा।


डॉ. तनवी की संदिग्ध मौत पर महिला आयोग सख्त, पुलिस को दिए गम्भीर व निष्पक्ष जांच के निर्देश

SGRR मेडिकल कॉलेज छात्रा की संदिग्ध मौत विभागाध्यक्ष पर मानसिक उत्पीड़न, फेल करने की धमकी और पैसों की मांग के आरोप, आयोग ने लिया कड़ा संज्ञान

देहरादून। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने SGRR मेडिकल कॉलेज की पीजी छात्रा डॉ. तनवी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु के मामले का अत्यंत गंभीर एवं स्वतः संज्ञान लिया है। सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त वायरल वीडियो और मीडिया रिपोर्ट्स पर त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए अध्यक्ष ने पुलिस प्रशासन को इस प्रकरण में तत्काल कड़ी कार्रवाई एवं निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए है।

देहरादून स्थित SGRR मेडिकल कॉलेज की पीजी छात्रा डॉ. तनवी अपनी कार में संदिग्ध अवस्था में अचेत मिली थीं, जिन्हें अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब मृतका के पिता ने विभागाध्यक्ष पर अत्यंत संगीन आरोप लगाए है कि नई विभागाध्यक्ष द्वारा उनकी पुत्री का लंबे समय से मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा था। उन्होंने यह भी साझा किया कि छात्रा को लगातार फेल करने की धमकियां दी जा रही थीं और अवैध रूप से पैसों की मांग भी की गई थी। मृतका के पिता ने दावा किया है कि उनके पास इन सभी उत्पीड़नकारी गतिविधियों और कॉल की सभी रिकॉर्डिंग साक्ष्य के रूप में मौजूद हैं।

आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक देहरादून, शहर प्रमोद कुमार को निर्देशित किया कि प्रकरण की अत्यंत सूक्ष्मता और गंभीरता से जांच होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान जो भी तथ्य और साक्ष्य प्रकाश में आएं, उनके आधार पर बिना किसी विलंब के कठोरतम वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अध्यक्ष ने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान में बेटियों का उत्पीड़न और उन पर मानसिक दबाव बनाना असहनीय है और आयोग इस मामले में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

उन्होंने बताया की पुलिस द्वारा मृतका के पिता की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। महिला आयोग ने पुलिस विभाग से इस मामले में जांच रिपोर्ट आयोग को प्रेषित करने के लिए भी कहा है और निर्देशित किया है कि साक्ष्यों के साथ कोई छेड़छाड़ न हो, ताकि पीड़ित पक्ष को उचित न्याय मिल सके।


नैनीताल में बड़ा सड़क हादसा, अनियंत्रित होकर पलटी बस, एक की मौत, कई घायल

घायलों को सुरक्षित रेस्क्यू कर अस्पताल भेजा गया

नैनीताल। नैनीताल जनपद के भवाली रोड स्थित खुपी क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। अनियंत्रित होकर एक बस सड़क पर पलट गई, जिसमें कई यात्री सवार थे। बस में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हैं।

आपदा कंट्रोल रूम नैनीताल को सुबह 07:27 बजे दुर्घटना की सूचना प्राप्त हुई, जिसके बाद एसडीआरएफ पोस्ट नैनीताल से उप निरीक्षक मनीष भाकुनी के नेतृत्व में टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हुई। टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

प्राथमिक जानकारी के अनुसार बस में करीब 15 से 16 यात्री सवार थे। एसडीआरएफ टीम ने कुशलतापूर्वक बचाव कार्य करते हुए बस में फंसे घायलों को बाहर निकाला। इस दौरान कई घायलों को सुरक्षित रेस्क्यू कर प्राथमिक उपचार के बाद नजदीकी अस्पताल भेजा गया।

हालांकि, इस हादसे में एक व्यक्ति की  मौत हो गई। टीम ने अन्य यात्रियों की स्थिति का जायजा लेते हुए घटनास्थल पर सर्च अभियान भी चलाया।


कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मसूरी प्रेस क्लब द्वारा प्रकाशित स्मारिका का किया विमोचन

मसूरी। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मसूरी नगर पालिका सभागार में मसूरी प्रेस क्लब द्वारा आयोजित स्मारिका लोकार्पण एवं सम्मान समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रेस क्लब द्वारा प्रकाशित स्मारिका 2025-26 का विधिवत विमोचन किया। कार्यक्रम के दौरान समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तित्वों को भी सम्मानित किया गया।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने स्मारिका के प्रकाशन पर प्रेस क्लब के पदाधिकारियों एवं सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, जो समाज को जागरूक करने और सही दिशा दिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि पत्रकार निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ समाज के मुद्दों को सामने लाने का कार्य करते हैं, जो सराहनीय है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मसूरी विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के सभी विद्यालयों में अब कोई भी बच्चा जमीन पर नहीं बैठता है और सभी स्कूलों में कुर्सी एवं मेज की व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है।

कैबिनेट मंत्री ने यह भी कहा कि वह अपनी विधायक निधि का अधिकतम उपयोग विद्यालयों और आंगनवाड़ी केंद्रों के विकास पर करते हैं, ताकि बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण मिल सके। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण भी उनकी प्राथमिकता में शामिल है और आगे भी इस दिशा में कार्य जारी रहेगा।

इस दौरान मसूरी प्रेस क्लब सदस्यों द्वारा कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी से प्रेस क्लब के विस्तारीकरण इलेक्ट्रानिक उपकरण एवं साज सज्जा की सामग्री के लिए सहायता प्रदान करने की मांग की। जिसपर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सदस्यों को सकारात्मक आश्वासन दिया।

इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी, भाजपा प्रदेश मंत्री नेहा जोशी, पूर्व डीजीपी अनिल रतूड़ी, पूर्व मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, प्रेस क्लब अध्यक्ष सुनील सिलवाल, उत्तरांचल प्रेस क्लब अध्यक्ष अजय राणा सहित कई लोग उपस्थित रहे।


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