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आगरा में हथियारों के अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश: 11 अवैध पिस्टल और थार गाड़ी के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

Category Archives: क्राइम

आगरा में हथियारों के अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश: 11 अवैध पिस्टल और थार गाड़ी के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

आगरा: उत्तर प्रदेश की आगरा पुलिस ने अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय (Interstate) गिरोह का भंडाफोड़ किया है। खेरागढ़ थाना पुलिस, एसओजी (SOG) और पश्चिमी जोन की सर्विलांस टीम ने एक संयुक्त और सटीक ऑपरेशन चलाते हुए दो शातिर हथियार तस्करों को दबोच लिया। पुलिस ने इनके कब्जे से भारी मात्रा में अत्याधुनिक अवैध हथियार और एक महिंद्रा थार गाड़ी बरामद की है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह कामयाबी गुरुवार रात को मिली जब सुरक्षा एजेंसियों को इन तस्करों के मूवमेंट की गुप्त सूचना प्राप्त हुई। मुखबिर की सटीक जानकारी के आधार पर पुलिस टीमों ने तुरंत हरकत में आते हुए गौशाला के सामने पुलिया के पास जाल बिछाया। जैसे ही संदिग्ध वाहन वहां पहुंचा, पुलिस ने घेराबंदी करके दोनों आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया।

 पकड़े गए आरोपियों की पहचान उदयवीर सिंह (निवासी गांव कन्जौली, हाथरस) और यश शर्मा उर्फ अनु (निवासी गौशाला मोहल्ला, धौलपुर, राजस्थान) के रूप में हुई है। पुलिस ने जब इनकी महिंद्रा थार गाड़ी और सामान की सघन तलाशी ली, तो वहां से:

  • 11 अवैध पिस्टल (.32 बोर)

  • 10 अतिरिक्त मैगजीन

  • एक महिंद्रा थार गाड़ी

  • दो मोबाइल फोन बरामद किए गए।

 शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया है कि वे लंबे समय से विभिन्न राज्यों में अवैध पिस्टलों की खरीद-फरोख्त और तस्करी के धंधे में शामिल हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ खेरागढ़ थाने में आर्म्स एक्ट सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।

आगरा पुलिस अब इस गिरोह के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज को खंगालने में जुटी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि तस्कर इतनी बड़ी मात्रा में अवैध पिस्टल कहां से खरीदकर ला रहे थे और आगरा व आसपास के जिलों में इन हथियारों की डिलीवरी किन अपराधियों या गैंग्स को की जानी थी।


गुरुग्राम में देर रात पुलिस-शूटरों के बीच मुठभेड़, चार बदमाश ढेर, तीन पुलिसकर्मी घायल

गुरुग्राम: साइबर सिटी गुरुग्राम के सुशांत लोक फेज-1 इलाके में गुरुवार देर रात दिल्ली-एनसीआर के इतिहास की सबसे बड़ी और भीषण पुलिस मुठभेड़ हुई। विदेश में बैठे गैंगस्टर दीपक नांदल के इशारे पर एक बड़े बिजनेसमैन के घर हमला करने आए पांच शूटरों को पुलिस ने घेर लिया। दोनों तरफ से हुई करीब 40 से अधिक राउंड की ताबड़तोड़ फायरिंग में चार शूटर मारे गए हैं, जबकि एक गंभीर रूप से घायल है। इस खूनी मुठभेड़ में अपराधियों का सामना करते हुए गुरुग्राम पुलिस क्राइम ब्रांच के तीन जवान भी गोली लगने से घायल हुए हैं।

 पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, एसजीटी (SGT) यूनिवर्सिटी के संस्थापक के बेटे और नामचीन बिजनेसमैन विशाल बेरी से गैंगस्टर दीपक नांदल ने एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। पिछले एक हफ्ते से उन्हें लगातार धमकी भरे संदेश मिल रहे थे। खतरे की गंभीरता को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस ने पहले ही विशाल बेरी के घर के अंदर और आसपास सादी वर्दी में शार्पशूटर और जवानों को तैनात कर दिया था।

 रात करीब 11 बजे, जब सड़कों पर सन्नाटा था, एक स्कॉर्पियो गाड़ी विशाल बेरी के घर के बाहर आकर रुकी। गाड़ी से हथियारों से लैस पांच शूटर उतरे और उन्होंने घर पर फायरिंग शुरू कर दी। घर के अंदर मौजूद सादी वर्दी के पुलिसकर्मियों ने तुरंत कंट्रोल रूम को अलर्ट किया। पहले से ही बैकअप के लिए तैयार सेक्टर-40, क्राइम ब्रांच-17 और 39 की टीमों ने मौके पर पहुंचकर शूटरों को तीन तरफ से घेर लिया।

पुलिस ने अपराधियों को आत्मसमर्पण (सरेंडर) करने की चेतावनी दी, लेकिन शूटरों ने पुलिस टीम पर ही सीधा फायर झोंक दिया। इसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई से पूरा इलाका दहल उठा।

 मुठभेड़ में घायल सभी पांचों शूटरों को तुरंत मेदांता अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चार को मृत घोषित कर दिया। वहीं पांचवें शूटर का इलाज जारी है। मारे गए शूटरों में से तीन रोहतक और एक फतेहाबाद के टोहाना का रहने वाला था, जबकि घायल शूटर नूंह से संबंधित बताया जा रहा है।

इस बहादुरी भरे ऑपरेशन में सेक्टर-40 अपराध शाखा के सब-इंस्पेक्टर (SI) सुनील, कॉन्स्टेबल मंजीत और कॉन्स्टेबल शमशेर भी गोली लगने से घायल हुए हैं। तीनों बहादुर पुलिसकर्मियों का मेदांता में इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई गई है।

 साल 1995 से लेकर अब तक गुरुग्राम में कई गैंगवार और एनकाउंटर हुए हैं, लेकिन यह पहली बार है जब पुलिस ने एक ही मुठभेड़ में चार शातिर शूटरों को मार गिराया हो। देश के बड़े एनकाउंटर्स की सूची में अब इस घटना को भी देखा जा रहा है। एफएसएल (FSL) की टीम ने मौके से भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार और स्कॉर्पियो गाड़ी को अपने कब्जे में ले लिया है।


बीमार प्रेमिका से मिलने पहुंचे 20 वर्षीय युवक की पीट-पीटकर हत्या, बीच-बचाव में युवती भी गंभीर रूप से घायल

कौशांबी: उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के महुआ खाड़ा गांव में ऑनर किलिंग (सम्मान के नाम पर हत्या) का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ अपनी बीमार प्रेमिका से रात के वक्त मिलने गए एक 20 वर्षीय युवक को लड़की के परिजनों ने लाठी-डंडों से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। इस दौरान जब प्रेमिका ने अपने प्रेमी को बचाने का प्रयास किया, तो परिजनों ने उसके साथ भी बेरहमी से मारपीट की। गंभीर रूप से घायल युवती को इलाज के लिए नजदीकी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

 पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक युवक और युवती आपस में रिश्तेदार थे, जिनमें मौसी और भतीजे का रिश्ता था। महुआ खाड़ा गांव की 18 वर्षीय युवती की बड़ी बहन की शादी क्षेत्र के ही डूंडीबाग में हुई है। युवती पिछले 5 साल से अपनी बड़ी बहन के जेठ के 20 वर्षीय बेटे से प्रेम करती थी। दोनों का प्रेम प्रसंग लंबे समय से चल रहा था, लेकिन उनके इस रिश्ते से परिजन खुश नहीं थे।

बीते दो दिनों से युवती की तबीयत काफी खराब थी, जिसके चलते उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 9 जुलाई को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद जब युवती घर लौटी, तो इसकी जानकारी उसके प्रेमी को हुई। अपनी प्रेमिका का हालचाल जानने के लिए युवक 9 जुलाई की देर रात गुपचुप तरीके से उसके घर पहुंच गया।

रात के सन्नाटे में दोनों को आपस में बातचीत करते देख लड़की के परिवार वाले गुस्से से आग-बबूला हो गए। उन्होंने आव देखा न ताव और युवक पर लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। चीख-पुकार सुनकर जब युवती बीच-बचाव करने आई, तो परिजनों ने उसे भी लहूलुहान कर दिया।

 वारदात के बाद दोनों को मरणासन्न हालत में जिला अस्पताल (मेडिकल कॉलेज) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद 20 वर्षीय युवक को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से चोटिल युवती का इलाज अभी जारी है।

सीओ सिटी शिवांक सिंह ने बताया कि पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर लड़की के परिवार के चार लोगों के खिलाफ हत्या (मर्डर) का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, जबकि फरार चल रहे अन्य दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है। पुलिस ने युवक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।


मुंबई क्राइम ब्रांच की जौनपुर में बड़ी कार्रवाई, एमडीएमए तस्करी का अंतरराज्यीय नेटवर्क बेनकाब

जौनपुर: महाराष्ट्र की मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में एक बड़ी और गोपनीय कार्रवाई को अंजाम दिया है। क्राइम ब्रांच की टीम ने बरसठी थाना क्षेत्र के दो अलग-अलग गांवों में छापेमारी कर प्रतिबंधित मादक पदार्थ (एमडीएमए/MDMA) की तस्करी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि उसका दूसरा साथी भागने में सफल रहा। चौंकाने वाली बात यह है कि मुंबई पुलिस ने स्थानीय थाना पुलिस को भनक दिए बिना इस पूरी रेड को अंजाम दिया और एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग्स रैकेट का पर्दाफाश किया।

क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर नवनाथ डोले के नेतृत्व में आई टीम ने यह कार्रवाई मुंबई में पहले से दर्ज एक ड्रग्स तस्करी के मुकदमे के आधार पर की है। मुंबई में गिरफ्तार हुए एक आरोपी ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया था कि उसके तार उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों से जुड़े हैं और जौनपुर में उसके दो मुख्य सहयोगी पूरा सिंडिकेट चला रहे हैं। इसी सुराग पर बुधवार शाम मुंबई पुलिस ने सीधे जौनपुर में दस्तक दी।

पुलिस टीम ने सबसे पहले बरसठी क्षेत्र के बारीगांव में रहने वाले सत्यम मिश्र के घर पर अचानक छापा मारा। वहां से पुलिस ने सत्यम मिश्र को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया और उसके पास से 26.56 ग्राम एमडीएमए (MDMA) बरामद की। सत्यम से तुरंत की गई कड़ाई से पूछताछ के बाद क्राइम ब्रांच ने खोइरी गांव में किशन यादव के घर पर दबिश दी। हालांकि, किशन पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार होने में कामयाब रहा।

फरार आरोपी किशन यादव के घर की जब सघन तलाशी ली गई, तो वहां से 66.91 ग्राम एमडीएमए ड्रग्स, नशे की कमाई से इकट्ठा किए गए 3.15 लाख रुपये कैश और नशीले पदार्थों को तौलने के लिए इस्तेमाल होने वाला एक इलेक्ट्रॉनिक छोटा तराजू बरामद हुआ।

 कार्रवाई के दौरान मुंबई पुलिस ने कुल 93.47 ग्राम कीमती एमडीएमए ड्रग्स बरामद की है। इंस्पेक्टर नवनाथ डोले ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी सत्यम मिश्र और फरार किशन यादव के खिलाफ कानूनी धाराओं के तहत विधिक कार्रवाई की जा रही है। मुंबई पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि मुंबई से जौनपुर के ग्रामीण इलाकों तक फैले इस मादक पदार्थ के नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और यह ड्रग्स आगे किन-किन युवाओं तक पहुंचाई जा रही थी।


दून पुलिस का बड़ा खुलासा: 2 शातिर वाहन चोर गिरफ्तार, 4 चोरी के दोपहिया वाहन बरामद

एसएसपी देहरादून की कुशल रणनीति से अपराधियों का बचना हुआ मुश्किल 
अभियुक्तों के कब्जे से चोरी की 02 मोटरसाइकिल व 02 स्कूटी हुई बरामद
अभियुक्त सुनियोजित तरीके से क्षेत्र में रैकी कर देते थे वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम
अपने मंहगे शौक पूरा करने के लिये अभियुक्तों द्वारा दिया गया था वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम। 
गिरफ्तार अभियुक्तों में से 01 अभियुक्त पूर्व में भी चोरी के अभियोग में जा चुका है जेल 
देहरादून  दून हॉस्पिटल के पास से हुई वाहन चोरी की अलग अलग घटनाओं के सम्बन्ध में प्राप्त तहरीरों के आधार पर कोतवाली नगर पर मु0अ0सं0: 242/26, 245/26 व 247/26 धारा 303(2) बीएनएस पंजीकृत किये गये थे।
कोतवाली क्षेत्र के लगातार हुई वाहन चोरी की घटनाओं की गम्भीरता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा घटनाओं के शीघ्र अनावरण तथा अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु कोतवाली नगर पर पुलिस टीमों का गठन कर आवश्यक निर्देश दिये गये। निर्देशों के अनुपालन में पुलिस टीमों द्वारा घटनास्थलों का निरीक्षण करते हुए घटनास्थलों तथा उसके आस पास आने-जाने वाले रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेजों से संदिग्धों के सम्बन्ध में आवश्यक जानकारिंया एकत्रित करते हुए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। साथ ही सुरागरसी पतारसी करते हुए पूर्व में वाहन चोरी की घटनाओ में प्रकाश में आये अभियुक्तों की वर्तमान स्थिती की जानकारी कर उनल भौतिक सत्यापन किया गया। पुलिस टीम द्वारा किये जा रहे प्रयासों के परिणाम स्वरूप दिनांक: 08-07-26 को पुलिस टीम द्वारा सीएनआई चर्च के पास से चैकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर 02 अभियुक्तों घटना में चोरी किये गये एक दुपहिया वाहन के साथ गिरफ्तार किया गया। अभियुक्तों की निशानदेही पर पुलिस टीम को अभियुक्तों के कब्जे से अलग अलग घटनाओ में चोरी किये गये 03 अन्य दुपहिया वाहन बरामद हुए।
पूछताछ का विवरण:-
पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों द्वारा अपना नाम 01: रोहित गुप्ता तथा 02: तुषार कुमार बताया गया। अभियुक्तों से सख्ती से पूछताछ करने पर उनके द्वारा बताया गया कि अपने मंहगे शौकों व अन्य आवश्यकताओ की पूर्ति करने केे लिये उनके द्वारा उक्त वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया गया था। अभियुक्त चोरी किये गये वाहनों को कहीं बेचने की फिराक में थे, किन्तु दून पुलिस की सख्ती के चलते वे अपने इस मंसूबे में सफल नही हो पाये। गिरफ्तार अभियुक्त रोहित गुप्ता का पूर्व में भी चोरी के अभियोग में जेल जाना प्रकाश में आया है।
विवरण गिरफ्तार अभियुक्त:  
1- रोहित गुप्ता पुत्र त्रिवेणी गुप्ता निवासी ईश्वर विहार नालापानी रायपुर रोड थाना रायपुर देहरादून उम्र 28 वर्ष
2- तुषार कुमार पुत्र सुदेश कुमार निवासी  भगत सिंह कॉलोनी थाना रायपुर देहरादून उम्र 22 वर्ष।
बरामदगी   
1- हौंडा एक्टिवा स्कूटी संख्या: यू0के0-07-बीजी-6007
2- हौंडा एक्टिवा स्कूटी संख्या: यू0के0-07-बीएच-3469
3- हौंडा मोटर साइकिल संख्या: यू0के0-07-बीएक्स-2356
4- स्प्लेंडर मोटर साइकिल: यू0के0-17-सी-6157
अपराधिक इतिहास अभियुक्त रोहित गुप्ता
1- मु0अ0सं0: 171/15 धारा 379 आईपीसी थाना रायपुर
2- मु0अ0सं0: 242/26 धारा 303(2), 317(2),3(5) बीएनएस थाना कोतवाली नगर
3- मु0अ0सं0: 245/26 धारा 3/5,303(2),317(2) बीएनएस थाना कोतवाली नगर,
4- मु0अ0सं0: 247/26 धारा 3/5,303(2),317(2) बीएनएस थाना कोतवाली नगर,
अपराधिक इतिहास अभियुक्त तुषार कुमार
1- मु0अ0सं0: 242/26 धारा 303(2), 317(2),3(5) बीएनएस थाना कोतवाली नगर
2- मु0अ0सं0: 245/26 धारा 3/5,303(2),317(2) बीएनएस थाना कोतवाली नगर,
3- मु0अ0सं0: 247/26 धारा 3/5,303(2),317(2) बीएनएस थाना कोतवाली नगर,
पुलिस टीम: –
1-  निरीक्षक कैलाश चंद्र भट्ट, प्रभारी कोतवाली नगर
2- व0उ0नि0 विकास रावत, कोतवाली नगर
3- अ0उ0नि0 राजेश शाह
4- अ0उ0नि0 हरी प्रसाद पुरोहित
5- अ0उ0नि0 सतीश कुमार
6- हे0कां0 मुकेश बंगवाल
7- हे0कां0 हर्षवर्धन
8- हे0कां0 जातिराम
9- कां0 लोकेन्द्र
10- कां0 सोनी कुमार
11- कां0 संतोष
12- कां0 विजय

धमकी से परेशान 22 वर्षीय युवक ने खाया जहर, मां की शिकायत पर रुस्तम दत्त के खिलाफ केस दर्ज

बठिंडा: पंजाब के बठिंडा में संपत्ति (प्रॉपर्टी) विवाद से जुड़े एक मामले में एक बेहद दुखद और सनसनीखेज मोड़ सामने आया है। यहाँ एक 22 साल के युवा कारोबारी ने मानसिक तनाव और धमकियों से परेशान होकर कथित तौर पर सल्फास खाकर जान दे दी। अस्पताल में उपचार के दौरान युवक की मौत होने के बाद, थाना थर्मल पुलिस ने मृतक की मां के बयानों के आधार पर मुख्य आरोपी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने (Abetment to Suicide) का मामला दर्ज कर लिया है।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान बल्लाराम नगर (पहले अफीम वाली गली) के रहने वाले शुगन बांसल के रूप में हुई है। 22 वर्षीय शुगन बांसल प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री (रियल एस्टेट) का काम करता था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि पिछले कुछ समय से शुगन का एक प्रॉपर्टी सौदे को लेकर भागू रोड निवासी रूस्तम दत्त नामक व्यक्ति के साथ गंभीर विवाद चल रहा था।

 मृतक की मां मीनाक्षी बांसल ने पुलिस को दिए अपने बेहद भावुक और सख्त बयान में आरोप लगाया है कि इस विवाद के बाद से आरोपी रूस्तम दत्त उनके बेटे को लगातार फोन कॉल्स और मैसेजेस के जरिए गंभीर धमकियां दे रहा था। मां का कहना है कि इन लगातार मिलने वाली धमकियों के कारण शुगन अंदर से टूट चुका था और भयंकर मानसिक तनाव (डिप्रेशन) से गुजर रहा था। बुधवार को इसी तनाव के चलते उसने घर में ही सल्फास की गोलियां निगल लीं। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।

 घटना के बाद थाना थर्मल की पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया। थाना थर्मल के प्रभारी हरजोत सिंह ने बताया कि मां की शिकायत और प्राथमिक सबूतों के आधार पर आरोपी रूस्तम दत्त के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए मृतक के मोबाइल के कॉल रिकॉर्ड्स, व्हाट्सएप मैसेजेस और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। फरार आरोपी रुस्तम दत्त की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें उसके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।


हिसार में झाड़ियों में भ्रूण फेंकने पहुंचा युवक गिरफ्तार, पुलिस ने रंगे हाथों दबोचा

हिसार: हरियाणा के हिसार जिले के ऋषि नगर इलाके से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ श्मशान घाट के पास सुनसान जगह पर झाड़ियों में एक नवजात का भ्रूण फेंकने आए एक युवक को शहर थाना पुलिस ने गश्त के दौरान रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से पॉलीथिन में रखा भ्रूण बरामद कर लिया है। आरोपी की पहचान जिले के गांव नियाणा निवासी अनिल के रूप में हुई है, जिसके खिलाफ पुलिस ने संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

हिसार शहर थाना पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मंगलवार रात पुलिस की एक टीम ऋषि नगर इलाके में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा के मद्देनजर गश्त (पेट्रोलिंग) पर थी। इसी दौरान पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली कि श्मशान घाट के पास एक युवक बेहद संदिग्ध परिस्थितियों में खड़ा है और किसी बड़ी आड़ की तलाश में है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत तत्परता दिखाई और मौके पर घेराबंदी करके युवक को काबू कर लिया। जब युवक के पास मौजूद सामान की तलाशी ली गई, तो एक पॉलीथिन के अंदर से भ्रूण बरामद हुआ, जिसे देखकर पुलिसकर्मी भी दंग रह गए।

 गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने आरोपी अनिल से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने पूरी सच्चाई उगल दी। अनिल ने बताया कि उसका अपने ही गांव की एक युवती के साथ काफी समय से प्रेम प्रसंग (अफेयर) चल रहा है और दोनों फिलहाल ऋषि नगर इलाके में ही रह रहे थे। इस दौरान युवती गर्भवती हो गई। अनिल का कहना है कि लोक-लाज और समाज में बदनामी के डर से उन्होंने आपसी सहमति से अवैध रूप से गर्भपात (Abortion) करवा लिया। इसके बाद वह सबूत मिटाने और समाज की नजरों से बचने के लिए भ्रूण को ठिकाने लगाने यानी झाड़ियों में फेंकने आया था।

हिसार पुलिस ने भ्रूण को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम और मेडिकल परीक्षण के लिए नागरिक अस्पताल भेज दिया है। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि यह गर्भपात किस अस्पताल या क्लिनिक में कराया गया था और इसमें कौन से डॉक्टर या अवैध चिकित्साकर्मी शामिल थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के बाद इस मामले में अवैध गर्भपात नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी गाज गिर सकती है।


गुरुग्राम में रेलवे ट्रैक के पास मिले कंकाल का खुलासा, गला दबाकर की गई थी हत्या

गुरुग्राम: हरियाणा के गुरुग्राम में सोहना के रायसीना पहाड़ी इलाके में बीते 29 जून को मिले एक अज्ञात कंकाल के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट आने के बाद यह साफ हो गया है कि यह प्राकृतिक मौत नहीं, बल्कि बेरहमी से की गई हत्या का मामला था। रिपोर्ट में व्यक्ति की गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है। इस खुलासे के बाद सोहना थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर अपनी तफ्तीश तेज कर दी है।

 पुलिस के मुताबिक, जब 29 जून को रेलवे ट्रैक के पास यह कंकाल बरामद हुआ था, तब शव पूरी तरह से गल चुका था। इस वजह से मौके पर मृतक की शिनाख्त कर पाना नामुमकिन था। शुरुआती फोरेंसिक एक्सपर्ट्स के अनुमान के अनुसार, मृतक पुरुष की उम्र करीब 35 वर्ष के आसपास आंकी गई है।

 हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने और सबसे पहले मृतक की पहचान (शिनाख्त) करने के लिए गुरुग्राम पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया है। पुलिस ने घटनास्थल से बरामद मृतक के कपड़े और उसका डीएनए (DNA) सैंपल सुरक्षित रख लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गुरुग्राम और दिल्ली-एनसीआर के आसपास के जिलों के थानों से पिछले कुछ महीनों में दर्ज हुई मिसिंग रिपोर्ट (लापता लोगों की सूची) का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। यदि कोई परिवार अपने लापता सदस्य की तलाश में आता है, तो पहले उन्हें कपड़े दिखाए जाएंगे और संदेह होने पर डीएनए मैच कराया जाएगा।

आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस अब तकनीकी सर्विलांस का सहारा ले रही है। रायसीना पहाड़ी और रेलवे ट्रैक के आस-पास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इसके साथ ही, वारदात के संभावित दिनों के आधार पर उस मोबाइल टावर क्षेत्र का कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और डंप डेटा भी निकाला जा रहा है, ताकि यह पता चल सके कि घटना के वक्त वहां कौन-कौन से मोबाइल नंबर सक्रिय थे। पुलिस का दावा है कि जल्द ही मृतक की पहचान कर हत्यारों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।


महिला से दुष्कर्म और धमकी देने वाला आरोपी बिरकेश यादव गिरफ्तार, पुलिस ने कोर्ट में किया पेश

घोरावल (सोनभद्र): उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के रावल कोतवाली क्षेत्र में महिला सुरक्षा से जुड़े एक गंभीर मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। शौच के लिए गई महिला के साथ दुष्कर्म करने और उसे जान से मारने की धमकी देने के आरोपी बिरकेश उर्फ बीर किशन यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय (कोर्ट) में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।

मई में हुई थी वारदात, शिकायत पर दर्ज हुआ था केस पुलिस को दी गई तहरीर में पीड़िता ने आरोप लगाया था कि यह घटना बीते मई महीने की है। जब वह अपने घर से बाहर शौच के लिए निकली थी, तभी रास्ते में केवटा गांव के निवासी बिरकेश यादव ने उसे जबरन दबोच लिया और उसके साथ दुष्कर्म (रेप) जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। आरोपी ने पीड़िता को डराते हुए धमकी दी थी कि अगर उसने इस घटना के बारे में किसी को भी बताया, तो वह उसे जान से मार देगा।

मजिस्ट्रेट के सामने बयान और पुलिस की सख्त कार्रवाई मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी (CO) राजेश राय के सुपरविजन में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया था। इस दौरान कानूनी प्रक्रिया के तहत पीड़िता के बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष (Section 164) भी दर्ज कराए गए। प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह ने जानकारी दी कि मामले की गहन विवेचना (जांच) के बाद आरोपी के खिलाफ दर्ज मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कुछ अन्य सख्त धाराओं की भी बढ़ोत्तरी की गई है।

बाईपास तिराहे से दबोचा गया आरोपी गुरुवार को पुलिस को मुखबिर के जरिए आरोपी की लोकेशन की गुप्त सूचना मिली। सूचना के आधार पर चौकी प्रभारी आशुतोष सिंह, हेड कांस्टेबल राजीव कुमार और समर बहादुर की टीम ने घेराबंदी कर आरोपी बिरकेश यादव को खुटहां तिराहा बाईपास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है ताकि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय दिलाया जा सके।


मासूम से दुष्कर्म और हत्या मामले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, फांसी की सजा बदली 50 साल की वास्तविक कैद में

चंडीगढ़/पलवल: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मई 2021 में पलवल में एक सात वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुए बर्बर दुष्कर्म और उसकी हत्या के मामले में अपना बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने निचली अदालत (ट्रायल कोर्ट) द्वारा दोषी आनंद सिंह को दी गई मौत की सजा को बदलते हुए उसे बिना किसी छूट (रेमिशन) के 50 वर्ष के वास्तविक आजीवन कारावास (कठोर कैद) की सजा सुनाई है। हालांकि, हाईकोर्ट ने आरोपी की दोषसिद्धि को पूरी तरह बरकरार रखा है।

 यह दर्दनाक घटना 24 मई 2021 की है, जब पलवल में सात साल की होने से महज 17 दिन पहले एक मासूम बच्ची को दोषी आनंद सिंह उसके माता-पिता की अनुपस्थिति में बहला-फुसलाकर ले गया था। वह बच्ची को खेतों में ले गया, जहां उसने मासूम के साथ दरिंदगी की और फिर पकड़े जाने के डर से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उसने बच्ची के शव को एक गड्ढे में छुपा दिया था। पलवल की ट्रायल कोर्ट ने इस मामले को ‘दुर्लभ से दुर्लभतम’ मानते हुए दोषी को फांसी की सजा सुनाई थी, जिसके खिलाफ आनंद सिंह ने हाईकोर्ट में अपील की थी।

 सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति की खंडपीठ ने मामले में हुई कानूनी और प्रक्रियात्मक चूक पर गहरी नाराजगी जताई। अदालत ने पुलिस जांच में दस्तावेज गढ़ने, लोक अभियोजक (पब्लिक प्रोसिक्यूटर) की गंभीर लापरवाही और ट्रायल कोर्ट की विफलताओं पर कड़ी टिप्पणी की। हाईकोर्ट ने विशेष रूप से रेखांकित किया कि पीड़िता के कपड़ों की पहचान तक नहीं कराई गई, जो अभियोजन पक्ष और दोनों ट्रायल जजों की एक बड़ी विफलता थी।

अदालत ने एक ऐतिहासिक रूपक का इस्तेमाल करते हुए कहा:

“हर मुकदमा एक जहाज की तरह है जिसे किनारे तक पहुंचना होता है। जब वह जहाज मुश्किल पानी में फंसा हो, तो ट्रायल जज जहाज छोड़ने वाला अंतिम व्यक्ति होना चाहिए। न्यायाधीश का मूल कर्तव्य केवल न्याय सुनिश्चित करना है ताकि कोई निर्दोष दंडित न हो और कोई दोषी बच न सके।”

 दोषी की फांसी की सजा को 50 साल की वास्तविक कैद में बदलने के साथ ही अदालत ने उस पर भारी आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में 50 लाख रुपये और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत 23 लाख रुपये, यानी कुल 73 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने आदेश दिया है कि इस जुर्माने की वसूली होने पर पूरी राशि पीड़ित परिवार को मुआवजे के रूप में दी जाएगी ताकि उन्हें थोड़ी राहत मिल सके।


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