Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

कोलंबिया में राष्ट्रपति पद के प्रमुख दावेदार मिगुएल उरीबे पर जानलेवा हमला, देश में छाया राजनीतिक संकट

कोलंबिया में राष्ट्रपति पद के प्रमुख दावेदार मिगुएल उरीबे पर जानलेवा हमला, देश में छाया राजनीतिक संकट

कोलंबिया में राष्ट्रपति पद के प्रमुख दावेदार मिगुएल उरीबे पर जानलेवा हमला, देश में छाया राजनीतिक संकट

राष्ट्रपति पद के दावेदार को मंच से संबोधन के दौरान मारी गईं गोलियां, हालत नाजुक

बोगोटा – कोलंबिया में 2026 के आम चुनाव से पहले राजनीतिक अस्थिरता गहराने लगी है। राजधानी बोगोटा में शनिवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया जब दक्षिणपंथी दल से राष्ट्रपति पद के प्रमुख प्रत्याशी मिगुएल उरीबे टर्बे पर गोलीबारी की गई। 39 वर्षीय उरीबे गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।

यह हमला उस समय हुआ जब उरीबे राजधानी के मॉडेलिया क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। चश्मदीदों के अनुसार, मंच से बोलते वक्त एक व्यक्ति ने उन पर कई गोलियां चलाईं, जिनमें कुछ उनकी पीठ और सिर पर जा लगीं। हमले के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने हमलावर को घटनास्थल से पकड़ लिया।

पत्नी ने की प्रार्थना की अपील
घटना के बाद मिगुएल की पत्नी, मारिया क्लाउडिया तराजोना ने सोशल मीडिया के माध्यम से भावुक अपील की। उन्होंने लिखा, “मिगुएल जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कृपया ईश्वर से प्रार्थना करें कि वे उन्हें जीवनदान दें और डॉक्टरों को सही दिशा दें।”

राजनीतिक गलियारों में हलचल
घटना को लेकर देशभर में आक्रोश और शोक की लहर है। राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने इस हमले की निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र पर हमला करार दिया और राजनीतिक हिंसा की संस्कृति को अस्वीकार्य बताया। पूर्व राष्ट्रपति अल्वारो उरीबे ने भी गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उरीबे टर्बे को “कोलंबिया की उम्मीद” कहा।

सुरक्षा एजेंसियां सतर्क, जांच जारी
बोगोटा के मेयर कार्लोस फर्नांडो गैलन ने बताया कि हमलावर को तत्काल पकड़ लिया गया और पूछताछ की जा रही है। रक्षा मंत्री पेड्रो सांचेज ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस हमले की साजिश में शामिल अन्य लोगों की जानकारी देने वालों को 3 बिलियन कोलंबियाई पेसो का इनाम घोषित किया है।

कोलंबिया के अतीत की छाया
इस हमले ने 20वीं सदी के अंत में हुई उन राजनीतिक हत्याओं की याद दिला दी है, जब लुइस कार्लोस गैलन और कार्लोस पिजारो जैसी हस्तियों की जान ली गई थी। विशेषज्ञ इसे लोकतांत्रिक मूल्यों पर एक बड़ा खतरा मान रहे हैं। सरकार ने अब आगामी चुनावों के मद्देनजर सभी उम्मीदवारों की सुरक्षा के लिए नए प्रोटोकॉल तैयार करने की बात कही है।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp