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पेंशन को तरसे 20 हजार बुजुर्ग

पेंशन को तरसे 20 हजार बुजुर्ग

पेंशन को तरसे 20 हजार बुजुर्ग

आयुषी

उत्तराखंड में हजारों बुजुर्ग पिछले तीन महीने से अपनी वृद्धावस्था पेंशन का इंतजार कर रहे हैं। उम्र के इस पड़ाव में, जब पेंशन ही उनके जीवनयापन का सबसे बड़ा सहारा होती है, तब उन्हें बार-बार बैंकों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि सरकार की ओर से बजट उपलब्ध होने के बावजूद करीब 20 हजार बुजुर्गों के बैंक खातों में अब तक पेंशन की राशि ट्रांसफर नहीं की गई है।जानकारी के अनुसार, जनपद में 20,427 बीपीएल श्रेणी के वृद्ध पेंशनधारक ऐसे हैं, जिन्हें अप्रैल और मई माह की पेंशन अब तक नहीं मिल सकी है। पहले केंद्र सरकार से बजट जारी नहीं होने के कारण भुगतान लंबित था, लेकिन अब बजट मिलने के बाद भी राशि लाभार्थियों के खातों तक नहीं पहुंच पाई है। इससे संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।पेंशन नहीं आने से बुजुर्ग लगातार अपने बैंक खातों की जानकारी लेने पहुंच रहे हैं।

कई लाभार्थी पिछले तीन महीनों में कई बार बैंक जाकर लौट चुके हैं, लेकिन खाते में राशि न आने के कारण उन्हें हर बार मायूस होकर वापस लौटना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों के कई बुजुर्गों को बैंक तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे उन्हें अतिरिक्त आर्थिक और शारीरिक परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा है।समाज कल्याण विभाग के माध्यम से जनपद के 1 लाख 19 हजार से अधिक वृद्धजनों को हर महीने 1,500 रुपये की वृद्धावस्था पेंशन प्रदान की जाती है। वर्तमान व्यवस्था के तहत यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी जाती है।इन लाभार्थियों में से 20,427 बुजुर्ग बीपीएल श्रेणी के हैं।

इस श्रेणी के पेंशनधारकों के लिए केंद्र सरकार भी राज्य सरकार को बजट उपलब्ध कराती है, जबकि अन्य लाभार्थियों की पेंशन का खर्च राज्य सरकार वहन करती है।बताया जा रहा है कि बीपीएल श्रेणी के लाभार्थियों के लिए अप्रैल और मई की सहायता राशि का बजट केंद्र सरकार से समय पर जारी नहीं हुआ था। इसी वजह से पेंशन का भुगतान लंबित रहा। हालांकि अब बजट उपलब्ध हो चुका है, लेकिन विभागीय स्तर पर राशि जारी करने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। नतीजतन हजारों बुजुर्गों को अब भी पेंशन का इंतजार है।अधिकांश बुजुर्ग अपनी मासिक जरूरतों, दवाइयों, इलाज और घरेलू खर्चों के लिए इसी पेंशन पर निर्भर रहते हैं। लगातार तीन महीने तक पेंशन नहीं मिलने से कई परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। बुजुर्गों का कहना है कि महंगाई के दौर में पेंशन का समय पर मिलना उनके लिए बेहद जरूरी है।

लाभार्थियों और उनके परिजनों ने प्रशासन से लंबित पेंशन राशि तत्काल जारी करने की मांग की है। उनका कहना है कि बजट उपलब्ध होने के बाद भी भुगतान में देरी होना गंभीर लापरवाही है। यदि जल्द राशि खातों में नहीं पहुंचती, तो हजारों बुजुर्गों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।अब सभी की निगाहें समाज कल्याण विभाग पर टिकी हैं कि आखिर तीन महीने से लंबित पेंशन का भुगतान कब तक पूरा किया जाएगा और हजारों बुजुर्गों |


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