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कुमाऊं में मूसलाधार बारिश का कहर, आदि कैलाश के श्रद्धालु रास्ते में फंसे

कुमाऊं में मूसलाधार बारिश का कहर, आदि कैलाश के श्रद्धालु रास्ते में फंसे

पूजा भट्ट
उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में मानसून ने एक बार फिर विकराल रूप दिखाया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने सीमांत जिला पिथौरागढ़ में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। धारचूला और उससे सटे सीमावर्ती क्षेत्रों में भारी बारिश के चलते कई जगह भूस्खलन हुआ है, जिससे चीन सीमा को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हो गया। सड़क बंद होने से करीब 50 से अधिक गांवों का संपर्क तहसील मुख्यालय धारचूला से कट गया है और स्थानीय लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश का सबसे ज्यादा असर टनकपुर-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर देखने को मिला, जहां तवाघाट के पास पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर गिरने के कारण यातायात पूरी तरह रोकना पड़ा। इसके अलावा तवाघाट-लिपुलेख यानी कैलास मानसरोवर मार्ग भी कई स्थानों पर भूस्खलन की चपेट में आ गया है। तवाघाट-सोबला-तिदांग सीमा मार्ग पर भी कई जगह मलबा आने से चीन सीमा तक सड़क संपर्क प्रभावित हो गया है।
आदि कैलाश यात्रा भी इस प्राकृतिक आपदा से अछूती नहीं रही। मलघाट क्षेत्र में लगातार पत्थर गिरने के कारण यात्रा मार्ग बेहद जोखिम भरा हो गया है। सुरक्षा के मद्देनजर कई स्थानों पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है, जिसके चलते आदि कैलाश के श्रद्धालु बीच रास्ते में ही फंस गए हैं। वहीं दारमा और व्यास घाटी की ओर जाने वाले वाहनों को भी तवाघाट क्षेत्र में रोक दिया गया है।
भारी बारिश का असर ग्रामीण इलाकों में भी साफ दिखाई दे रहा है। धारचूला तहसील के घटखोला और सीनियाखोला को जोड़ने वाला पैदल पुल तेज बहाव में बह गया, जिससे ग्रामीणों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। कई गांवों में रोजमर्रा की जरूरतों और आपातकालीन सेवाओं तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है।
मौसम की मार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीती रात पिथौरागढ़ जिले में 82 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ियों से मलबा और पत्थर गिरने का सिलसिला जारी है, जिससे लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
लोक निर्माण विभाग के अनुसार जिले में फिलहाल एक राष्ट्रीय राजमार्ग समेत कुल 13 सड़कें बंद हैं। इनमें कई ग्रामीण मोटर मार्ग भी शामिल हैं, जहां भूस्खलन और मलबा आने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। प्रशासन, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, पीएमजीएसवाई और लोक निर्माण विभाग की टीमें मशीनों के साथ लगातार सड़कों से मलबा हटाने और यातायात बहाल करने में जुटी हुई हैं। हालांकि, लगातार हो रही बारिश राहत और बहाली कार्यों में बड़ी चुनौती बनी हुई है।
मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों में भी भारी बारिश की संभावना जताई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। साथ ही संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।


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