Thursday, January 15th, 2026

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बारिश-बर्फबारी न होने से प्रदेशभर में बढ़ी सूखी ठंड, लोग ठिठुरने को हुए मजबूर

Monthly Archives: January 2026

बारिश-बर्फबारी न होने से प्रदेशभर में बढ़ी सूखी ठंड, लोग ठिठुरने को हुए मजबूर

16 से 19 जनवरी के बीच पर्वतीय जिलों में बारिश-बर्फबारी के आसार

देहरादून। प्रदेश में इस बार मौसम का मिजाज बदला-बदला नजर आ रहा है। बारिश और बर्फबारी न होने के चलते मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ों तक सूखी ठंड ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। दिन में धूप राहत दे रही है, लेकिन सुबह-शाम ठंड और कोहरे का असर लगातार बना हुआ है। इसी बीच मौसम विभाग ने पर्वतीय जिलों में मौसम में बदलाव के संकेत दिए हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार फिलहाल प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा। हालांकि देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर के साथ नैनीताल, चंपावत और पौड़ी जिलों में घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। कोहरे के चलते सुबह के समय दृश्यता प्रभावित हो सकती है, जिससे यातायात पर असर पड़ने की संभावना है।

वहीं 16 से 19 जनवरी के बीच उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश होने के आसार जताए गए हैं। इसके साथ ही 3400 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना भी बनी हुई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान प्रदेश के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।

सूखी ठंड का सबसे ज्यादा असर मैदानी इलाकों में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में रात के न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने की आशंका है, जिससे ठंड का असर और बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है।


राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने देहरादून मे सांसद चैंपियनशिप ट्रॉफी का किया शुभारंभ

खिलाड़ियों से हाथ मिलाया, जीत की दी बधाईयां

देहरादून –  ग्राउंड के बहुउद्देश्य हॉल में सांसद चैंपियनशिप ट्रॉफी का जोशीला आगाज हुआ।इस प्रतियोगिता में जिले की विभिन्न विधानसभा के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। ट्रॉफी का अनावरण,खेलो का ध्वजारोहण और मशाल को प्रज्ज्वलित करके प्रतियोगिता का शुभारंभ राज्यसभा सांसद डा. नरेश बंसल ने किया।

उन्होंने खिलाड़ियों से हाथ मिलाकर परिचय प्राप्त किया और उन्हें जीत की बधाई दी। प्रतियोगिता में विभिन्न खेलों में शामिल होने के लिए करीब 350 खिलाड़ी आए हैं।

डा. नरेश बंसल ने बताया कि देहरादून में 23 दिसंबर से खेल महाकुंभ प्रतियोगिता शुरू हो गई थी। सर्वप्रथम न्याय पंचायत स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित हुई, जिसमें जीतने वाले खिलाड़ी विधानसभा स्तर पर मुकाबला करने पहुंचे। विधानसभा में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी सांसद चैंपियनशिप ट्राफी के लिए चयनित हुए। प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए राजपुर रोड, रायपुर, सहसपुर, देहरादून कैंट, मसूरी, डोईवाला, धर्मपुर, विकासनगर, चकराता और ऋषिकेश विधानसभा से खिलाड़ी आए हैं।

डा. नरेश बंसल ने कहा कि सांसद चैंपियनशिप ट्रॉफी में विभिन्न खेल स्पर्धाएं रखी गई हैं, जिनमें आधुनिक खेलों के साथ परंपरागत खेलों को भी शामिल किया गया है।अंडर-14 एवं अंडर-19 बालक-बालिका फुटबाॅल और बैडमिंटन प्रतियोगिता होंगी। एथलेटिक्स में अंडर-14 एवं अंडर-19 बालक-बालिका शामिल होंगी। अंडर-14 बालक-बालिका की कबड्‌डी, वाॅलीबाल, पिट्‌टू, खोखो, रस्साकसी, गोली-कंचा, मुर्गा झपट प्रतियोगिता होगी। जबकि अंडर-19 बालक-बालिका में कबड्‌डी, वॉलीबाल, पिट्‌टू, खोखो, रस्साकसी, गोली-कंचा और मुर्गा झपट शामिल है।डा. नरेश बंसल ने कहा कि सांसद ट्रॉफी जीतने वाली टीम को नगद पुरस्कार राशि मिलेगी।

डा. नरेश बंसल ने कहा कि भाजपा सरकार ने खिलाड़ियों के हित के लिए नीतिगत फैसले किए जिनके बाद देश व राज्य में खेलों को लेकर माहौल बदला और एक खेल संस्कृति विकसित होनी शुरू हुई। उन्होंने कहा कि इस चैंपियनशिप के बाद प्रदेश स्तर के विजेता सरकारी नौकरियों में चार प्रतिशत आरक्षण के हकदार होंगे।

डा. नरेश बंसल ने कहा कि युवा खेलों को टाइम पास के रूप में नहीं बल्कि करियर के रूप में अपनाएं । अगर वें 100% अनुशासन और समर्पण खेल को देंगे तो उन्हें चैंपियन बनने से कोई रोक नहीं सकता।

इस अवसर पर युवा कल्याण अधिकारी प्रमोद पाण्डे जी,जिला क्रीड़ा अधिकारी रविन्द्र भण्डारी जी, आदि ,संबंधित अधिकारीण,कोच व खिलाड़ी उपस्थित रहे।


जन–जन की सरकार शिविर में जिलाधिकारी ने लिए मौके पर फैसले, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

गंगाऊ शिविर में पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी का किया भव्य स्वागत

शिविर में 205 को मिला लाभ

पौड़ी। दूरस्थ क्षेत्रों के भ्रमण के तीसरे दिन जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया बुधवार को विकासखंड थलीसैंण के राजकीय इंटर कॉलेज गंगाऊं पहुँचीं। जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार अभियान के तहत आयोजित न्याय पंचायत पित्रसैंण बहुउद्देश्यीय शिविर में उन्होंने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएँ सुनीं और समाधान की दिशा तय की। शिविर स्थल पर पहुँचते ही ग्रामीणों द्वारा फूल-मालाओं से उनका आत्मीय स्वागत किया गया, जिससे क्षेत्र में प्रशासन की मौजूदगी को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।

शिविर में लगाए गए विभागीय स्टॉलों का अवलोकन करते हुए जिलाधिकारी ने यह सुनिश्चित किया कि योजनाओं की जानकारी केवल कागज़ों तक सीमित न रहे, बल्कि पात्र लाभार्थियों तक वास्तविक रूप में पहुँचे। बालिका जन्मोत्सव कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बच्चों के साथ केक काटा, उन्हें स्नेहपूर्वक केक खिलाया तथा कविता देवी को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट प्रदान की। एक बच्चे का अन्नप्राशन कराते हुए उन्होंने सामाजिक सरोकारों के प्रति प्रशासन की संवेदनशीलता का संदेश भी दिया।

शिविर की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने दर्ज शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि समस्याओं का समाधान फाइलों में नहीं, बल्कि मौके पर दिखना चाहिए। इसी क्रम में जसपुर–चौखाल, धांधणखेत–ग्वारी तथा हस्यूड़ी–धांधणखेत मोटर मार्गों के आपदा से क्षतिग्रस्त होने की शिकायतों पर 31 जनवरी से कार्य आरंभ करने की समयसीमा तय की गई। रौतापानी क्षेत्र में पंपिंग से जुड़ी समस्या पर जल निगम को त्वरित समाधान की जिम्मेदारी सौंपी गई, साथ ही सभी पेयजल योजनाओं में पानी खोलने-बंद करने का समय स्पष्ट रूप से तय करने जिलाधिकारी द्वारा पर जोर दिया गया।

जिलाधिकारी ने राजकीय इंटर कॉलेज गंगाऊं का नाम शहीद स्व. राजे सिंह बंगारी के नाम पर किए जाने के प्रस्ताव को पुनः शासन स्तर पर भेजने को कहा। साथ ही धांधणखेत–द्वारी मार्ग पर टूटे पुश्तों के मामले में पीएमजीएसवाई के माध्यम से शीघ्र कार्य शुरू कराने की पहल की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि छोटे लेकिन जरूरी कार्यों को प्राथमिकता देते हुए तुरंत धरातल पर उतारा जाए।

जिलाधिकारी ने नेटवर्क समस्या को लेकर प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कर रिपोर्ट तैयार करने तथा भीड़ा बाजार से पित्रसैंण झूला पुल तक पैदल मार्ग की मरम्मत का काम शीघ्र शुरू कराने जैसे विषयों पर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। नगर पंचायत थलीसैंण में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्लांट के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने तथा कृषि घेरबाड़ से जुड़ी शिकायतों का स्थल निरीक्षण कर समाधान सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई।

गंगाऊं मिनी स्टेडियम तक संपर्क मार्ग, गंगाऊं-भीड़ा बाजार में पेयजल स्रोत की सफाई, चौरीखाल बाईपास मार्ग की स्थिति, आर्य समाज भवन की मरम्मत, पनाऊ पेयजल योजना तथा जखोला आंगनबाड़ी भवन के भुगतान जैसे मुद्दों पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट समयसीमा के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही और ग्रामीणों से कहा कि यदि तय अवधि में कार्य न हो तो इसकी जानकारी प्रशासन को दें।

इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी द्वारा 20 जनवरी को थलीसैंण में विशेष कैंप लगाकर बीर चंद्र सिंह गढ़वाली एवं दीनदयाल उपाध्याय होमस्टे योजनाओं में आवेदन कराने, पेट्रोल पंप की मांग पर प्रस्ताव भेजने, निर्माण मलबे के लिए डंपिंग ज़ोन चिन्हित करने तथा बकरी पालकों को तत्काल लाभ दिलाने जैसे विषयों पर भी प्रशासनिक पहल तय की गई। साथ ही थलीसैंण स्वास्थ्य केंद्र में रेडियोलॉजी एवं विशेषज्ञ सेवाओं की उपलब्धता को लेकर सीएमओ को नजदीकी केंद्र से साप्ताहिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।

शिविर में बाल विकास, समाज कल्याण, राजस्व, वन, स्वास्थ्य, आयुर्वेदिक-यूनानी, कृषि, उद्यान, एनआरएलएम, रीप सहित कुल 23 विभागों के स्टॉल लगे, जहाँ ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ 205 लोगों को मौके पर ही लाभ भी प्रदान किया गया। शिविर में कुल 610 लोग उपस्थित रहे।

इस अवसर पर ज्येष्ठ प्रमुख मनवर सिंह, कनिष्ठ प्रमुख राज शेखर रावत, डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव, पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, उपजिलाधिकारी कृष्णा त्रिपाठी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिव मोहन शुक्ला, मुख्य शिक्षाधिकारी नागेंद्र बर्तवाल, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित सिंह, आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी शैलेन्द्र पांडे, खंड विकास अधिकारी टीकाराम सहित अन्य अधिकारी और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री धामी ने उत्तरकाशी विंटर टूरिज़्म कॉन्क्लेव में पर्यटन के नए अवसरों पर किया संवाद

मुख्यमंत्री ने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड के पर्यटन क्षेत्र को मिली नई दिशा और गति

उत्तरकाशी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी में आयोजित विंटर टूरिज़्म कॉन्क्लेव में शिरकत की और देवभूमि उत्तराखंड में चल रही शीतकालीन पर्यटन गतिविधियों पर अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर उन्होंने होटल एसोसिएशन, होम-स्टे संचालकों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न प्रतिनिधियों के साथ भी संवाद किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा और गति मिली है। उन्होंने बताया कि शीतकालीन यात्रा से लेकर आदि कैलाश यात्रा तक, बढ़ती आस्था और जनता की भागीदारी राज्य में पर्यटन को नए आयाम दे रही है और प्रधानमंत्री के देवभूमि उत्तराखंड के प्रति विशेष लगाव को दर्शाती है।

धामी ने कहा कि उत्तराखंड का प्रत्येक क्षेत्र अब अपने आप में एक विशिष्ट पर्यटन गंतव्य बन चुका है। राज्य अब केवल छह माह तक सीमित पर्यटन वाला नहीं रहा, बल्कि पूरे वर्ष पर्यटन का आकर्षक केंद्र बन गया है। पर्यटन के इस विस्तार से रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं, राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है और स्थानीय उत्पादों को भी नई पहचान मिली है।

इस अवसर पर राज्य के विधायक सुरेश सिंह चौहान और दुर्गेश्वर लाल भी उपस्थित रहे और पर्यटन विकास के महत्व पर अपने विचार साझा किए। मुख्यमंत्री ने आगामी पर्यटन योजनाओं और स्थानीय उद्योगों के सहयोग से पर्यटन को और सशक्त बनाने पर जोर दिया।


बैंकॉक से उत्तर-पश्चिम जा रही ट्रेन पर क्रेन गिरने से हुआ बड़ा हादसा, 22 लोगों की मौत, कई घायल

थाईलैंड सरकार ने रेल दुर्घटना की जांच के दिये आदेश 

बैंकॉक। थाईलैंड में बुधवार सुबह एक भयानक रेल हादसा हुआ, जिसमें कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई और लगभग 30 लोग घायल हुए। यह दुर्घटना राजधानी बैंकॉक से उत्तर-पश्चिमी प्रांत उबोन रतचथानी जा रही एक ट्रेन पर निर्माणाधीन क्रेन गिरने के कारण हुई। घटना सिखियो जिले में हुई, जो बैंकॉक से लगभग 230 किलोमीटर दूर स्थित है।

हादसे की वजह:
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट के निर्माणाधीन स्थल पर लगी क्रेन अचानक ट्रेन पर गिर गई। इसके चलते ट्रेन पटरी से उतर गई और उसमें आग लग गई। शुरुआती जानकारी में 22 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।

हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिए गए। बचाव दल ने ट्रेन के क्षतिग्रस्त डिब्बों को काटकर घायल यात्रियों को बाहर निकाला। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हादसे वाली ट्रेन में अनुमानित 195 यात्री सवार थे, लेकिन वास्तविक संख्या में थोड़ी भिन्नता हो सकती है।

सरकार की प्रतिक्रिया:
थाईलैंड सरकार ने हादसे की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच का आदेश दे दिया है। अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना की पूरी वजह सामने आने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

स्थिति अब नियंत्रण में:
हादसे के तुरंत बाद लगी आग को बुझा लिया गया है और घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया है। अधिकारियों ने जनता से इलाके से दूर रहने का अनुरोध किया है।


श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाया गया 10वां सशस्त्र बल पूर्व सैनिक दिवस

राज्यपाल गुरमीत सिंह ने पूर्व सैनिकों को बताया राष्ट्र की मजबूत नींव

वेटरन्स डे समारोह में करीब 1000 पूर्व सैनिकों की रही सहभागिता

देहरादून। मुख्यालय उत्तराखंड सब एरिया (HQ UK Sub Area), देहरादून द्वारा 14 जनवरी 2026 को 10वें सशस्त्र बल पूर्व सैनिक दिवस (वेटरन्स डे) का आयोजन पूर्ण गरिमा और श्रद्धा के साथ किया गया। यह दिवस भारत के प्रथम कमांडर-इन-चीफ फील्ड मार्शल के. एम. करिअप्पा की सेवानिवृत्ति वर्षगांठ के उपलक्ष्य में मनाया जाता है, जिनके दूरदर्शी नेतृत्व और 1947 के युद्ध में दिए गए योगदान ने भारतीय सशस्त्र बलों में अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और निस्वार्थ सेवा की मजबूत परंपरा स्थापित की।

समारोह के दौरान सशस्त्र बलों के वीर सैनिकों एवं वीर नारियों —देश की मिट्टी के सच्चे सपूतों— को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा उत्तराखंड के विशिष्ट पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 1,000 पूर्व सैनिकों की भागीदारी रही। सेना, नौसेना और वायु सेना के सेवारत जवानों के साथ एनसीसी कैडेट्स की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा और प्रेरणादायी स्वरूप प्रदान किया।

समारोह को संबोधित करते हुए उत्तराखंड के माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह, पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम, वीएसएम (से.नि.) ने कहा कि पूर्व सैनिक राष्ट्र की सुरक्षा और सशक्तता की मजबूत नींव हैं, जिनका साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा समाज एवं युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। पूर्व सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने राज्य सरकार द्वारा पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण हेतु संचालित विभिन्न योजनाओं और पहलों की जानकारी दी। वहीं मेजर जनरल एमपीएस गिल, वीएसएम, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, उत्तराखंड सब एरिया ने राष्ट्र सेवा में पूर्व सैनिकों के अतुलनीय योगदान और बलिदान को स्मरण करने की आवश्यकता पर बल दिया।

यह आयोजन पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों के कल्याण के प्रति मुख्यालय उत्तराखंड सब एरिया की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पूर्व सैनिकों और सेवारत कार्मिकों की एकजुट उपस्थिति ने फील्ड मार्शल करिअप्पा की गौरवशाली विरासत तथा देश की रक्षा के लिए सदैव तत्पर भारतीय सैनिकों की अडिग भावना को प्रभावी रूप से उजागर किया।


जिला प्रशासन की सख्ती, आदतन अपराधी दिव्यकांत लखेड़ा को डीएम ने किया जिला बदर

बुजुर्ग माता से करता था मारपीट, डर के मारे माता ने छोड़ दिया था घर

मौहल्ले की महिलाओं पर करता था अभद्र टिप्पणी; परेशान होकर मौल्लेवासियों ने डीएम से लगाई थी गुहार

देहरादून। जनपद में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने आदतन अपराधों में संलिप्त एक व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे जिला बदर करने के आदेश जारी किए हैं। गुण्डा नियंत्रण अधिनियम के तहत यह कार्रवाई क्षेत्र में भय और अशांति फैलाने के आरोपों के बाद की गई है।

प्रशासन के अनुसार, ऋषि विहार, माजरी माफी निवासी दिव्यकांत लखेड़ा के खिलाफ लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। जनसुनवाई और जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी अपनी वृद्ध माता के साथ मारपीट करता था, जिससे भयभीत होकर उन्हें घर छोड़ना पड़ा। इसके अलावा, उस पर मोहल्ले की महिलाओं के साथ अभद्रता करने और असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर अपने आवास को नशे के अड्डे के रूप में संचालित करने के आरोप भी सामने आए। इन गतिविधियों के कारण क्षेत्र में लंबे समय से दहशत का माहौल बना हुआ था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने 14 अक्टूबर 2025 को जारी नोटिस की पुष्टि करते हुए गुण्डा नियंत्रण अधिनियम की धारा 3(3) के तहत आरोपी को “गुण्डा” घोषित किया। इसके साथ ही आदेश की तिथि से छह माह की अवधि के लिए उसे देहरादून जनपद की सीमा से बाहर रहने का निर्देश दिया गया है।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इस अवधि के दौरान यदि आरोपी किसी कारणवश जनपद में प्रवेश करना चाहता है, तो उसे जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय से पूर्व अनुमति लेनी होगी। साथ ही, जनपद से बाहर रहते हुए अपने निवास का पूरा पता जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय और थाना नेहरू कॉलोनी को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। आदेश का उल्लंघन करने पर न्यूनतम छह माह से लेकर अधिकतम तीन वर्ष तक के कठोर कारावास और जुर्माने का प्रावधान रखा गया है।

थानाध्यक्ष, थाना नेहरू कॉलोनी को निर्देश दिए गए हैं कि आदेश की प्रति आरोपी को तामील कराते हुए 24 घंटे के भीतर उसे जनपद की सीमा से बाहर भेजना सुनिश्चित करें और अनुपालन रिपोर्ट जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय को प्रेषित करें।

जिला प्रशासन ने दोहराया है कि जनपद में असामाजिक तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति लागू है और नागरिकों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।


‘एवेंजर्स: डूम्स डे’ का एक और टीजर रिलीज, वकांडा पहुंचा फैंटास्टिक फोर का सुपरहीरो

मार्वल स्टूडियो की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘एवेंजर्स: डूम्स डे’ को लेकर दर्शकों का उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। बड़े पैमाने पर तैयार की जा रही इस फिल्म में कई लोकप्रिय सुपरहीरोज की वापसी और नई एंट्री देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में जारी किए गए नए टीजर ने फैंस की उत्सुकता और बढ़ा दी है, जिसमें वकांडा और फैंटास्टिक फोर से जुड़े अहम किरदारों की झलक दिखाई गई है।

टीजर में दिखी सुपरहीरोज की नई जुगलबंदी
नए टीजर में फैंटास्टिक फोर का एक सुपरहीरो वकांडा पहुंचता नजर आता है, जहां उसकी मुलाकात वहां के लोगों से होती है। इसके बाद वकांडा और फैंटास्टिक फोर के सुपरहीरोज एक टीम के रूप में एकजुट होते दिखाई देते हैं। इससे पहले जारी टीजर में एक्स-मैन फ्रेंचाइज़ी के चर्चित किरदार प्रोफेसर जेवियर और मैग्नेटो की एंट्री ने भी दर्शकों को हैरान कर दिया था।

सुपरहीरोज की वापसी से बढ़ा रोमांच
फिल्म में कैप्टन अमेरिका के रूप में क्रिस इवांस की वापसी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। अलग-अलग मार्वल यूनिवर्स के सुपरहीरोज को एक साथ देखने की संभावना ने फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज पैदा कर दिया है। सोशल मीडिया पर टीजर को लेकर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

रिलीज डेट का हुआ खुलासा
मेकर्स ने नए टीजर के साथ फिल्म की रिलीज डेट भी घोषित कर दी है। ‘एवेंजर्स: डूम्स डे’ 18 दिसंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। हालांकि रिलीज में अभी समय है, लेकिन टीजर ने ही यह साफ कर दिया है कि यह फिल्म मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स की सबसे बड़ी पेशकशों में से एक होने वाली है।

(साभार)


घुघुतिया त्यार व मकर संक्रांति पर कुर्मांचल परिषद के सदस्यों ने गणेश जोशी को दी शुभकामनाएं

मंत्री गणेश जोशी ने ऐसे पर्व समाज में आपसी सौहार्द, भाईचारे और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करते हैं

देहरादून। घुघुतिया त्यार एवं मकर संक्रांति के पावन अवसर पर कुर्मांचल परिषद के सदस्यों ने मंत्री गणेश जोशी को घुघुति की माला पहनाकर शुभकामनाएं दीं। इस दौरान परिषद सदस्यों ने लोक पर्वों के महत्व पर चर्चा करते हुए उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया।

मंत्री गणेश जोशी ने सभी को मकर संक्रांति, उत्तरायणी एवं घुघुती त्यार की बधाई देते हुए कहा कि ये लोक पर्व प्रदेश की लोक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और प्रकृति से जुड़ाव का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे पर्व समाज में आपसी सौहार्द, भाईचारे और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करते हैं।

उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपने लोक पर्वों को पूरे उत्साह के साथ मनाएं और आने वाली पीढ़ियों तक उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने के लिए सामूहिक प्रयास करें।


महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव- बीएमसी समेत 29 निगमों में कल होगा मतदान

16 जनवरी को आएंगे नतीजे, महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा होगी तय

मुंबई। महाराष्ट्र में लंबे इंतजार के बाद नगर निकाय चुनावों की तस्वीर साफ हो गई है। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) समेत राज्य के 29 नगर निगमों में तीन साल की देरी से चुनाव कराए जा रहे हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और राजनीतिक दलों ने भी उम्मीदवारों की घोषणा के साथ चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दे दिया है। अब प्रदेश की सियासत की दिशा तय करने वाले इस अहम चुनाव पर सबकी नजरें टिकी हैं।

एक चरण में होगा मतदान
महाराष्ट्र में बीएमसी सहित 29 नगर निगमों के लिए 15 जनवरी 2026 को एक ही चरण में मतदान कराया जाएगा। मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने मतदान दिवस पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। ग्रेटर मुंबई क्षेत्र में सभी मतदान केंद्रों पर सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक वोट डाले जाएंगे। चुनाव परिणाम 16 जनवरी को घोषित किए जाएंगे।

नामांकन से लेकर अंतिम सूची तक पूरी प्रक्रिया संपन्न
नगर निकाय चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया 23 दिसंबर 2025 से शुरू हुई थी, जो 30 दिसंबर तक चली। उम्मीदवारों को 2 जनवरी 2026 तक नाम वापस लेने का मौका दिया गया। इसके बाद 3 जनवरी को चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी की गई। अब सभी दल पूरी ताकत के साथ प्रचार में जुटे हुए हैं।

बीएमसी में 1.03 करोड़ से अधिक मतदाता
देश के सबसे बड़े नगर निगम बीएमसी के 227 वार्डों में 1.03 करोड़ से ज्यादा मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। महाराष्ट्र के कुल 29 नगर निगमों में बीएमसी का राजनीतिक और प्रशासनिक महत्व सबसे अधिक माना जाता है, इसलिए यहां का चुनाव राज्य की राजनीति के लिए बेहद अहम है।

गठबंधनों के बीच कड़ा मुकाबला
बीएमसी चुनाव में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन पूरी मजबूती के साथ मैदान में है। इस गठबंधन में भाजपा और शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) शामिल हैं। भाजपा 137 सीटों पर जबकि शिवसेना 90 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। वहीं, गठबंधन की सहयोगी एनसीपी ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला करते हुए 94 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं।

दूसरी ओर कांग्रेस भी मजबूती से चुनावी मैदान में है। कांग्रेस ने 143 सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं और उसे वंचित बहुजन अघाड़ी का समर्थन प्राप्त है, जिसने 42 सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए हैं। कांग्रेस की सहयोगी राष्ट्रीय समाज पक्ष भी छह सीटों पर चुनाव लड़ रही है।

तीसरे मोर्चे की भी ताकत आजमाइश
तीसरे गठबंधन में शिवसेना (उद्धव ठाकरे), एनसीपी (शरद पवार) और मनसे (राज ठाकरे) शामिल हैं। इस गठबंधन में शिवसेना (उद्धव गुट) 150 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि एनसीपी 11 सीटों पर मैदान में है। मनसे शेष सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारकर अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने की कोशिश कर रही है।

कुल मिलाकर, बीएमसी और अन्य नगर निगमों के ये चुनाव न केवल शहरी शासन की दिशा तय करेंगे, बल्कि महाराष्ट्र की भविष्य की राजनीति पर भी गहरा असर डालने वाले साबित होंगे।


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