Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

एमडीडीए की अवैध निर्माणों पर सीलिंग और प्लॉटिंग स्थलों पर ध्वस्तीकरण की बड़ी कार्रवाई

एमडीडीए की अवैध निर्माणों पर सीलिंग और प्लॉटिंग स्थलों पर ध्वस्तीकरण की बड़ी कार्रवाई

एमडीडीए की अवैध निर्माणों पर सीलिंग और प्लॉटिंग स्थलों पर ध्वस्तीकरण की बड़ी कार्रवाई

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी बोले – अवैध निर्माण या अवैध प्लॉटिंग नहीं की जाएगी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त

नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई तय – मोहन सिंह बर्निया

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने राजधानी देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से फैल रही अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण गतिविधियों पर निर्णायक कार्रवाई शुरू कर दी है। गुरुवार को प्राधिकरण की टीमों ने कई स्थानों पर अभियान चलाकर अवैध निर्माणों पर सील लगाई, प्लॉटिंग स्थलों पर ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की और नियमों का उल्लंघन करने वालों को कड़ी चेतावनी दी। इस संयुक्त कार्रवाई को अब तक के सबसे बड़े ऑपरेशनों में से एक माना जा रहा है, जिसमें प्राधिकरण पूरी सख्ती के साथ मैदान में उतरा। यह अभियान राजधानी में तेजी से फैल रही अवैध प्लॉटिंग और निर्माण गतिविधियों पर निर्णायक प्रहार है। आने वाले दिनों में इसी प्रकार की सख्त कार्रवाइयाँ और तेज की जाएँगी।

पहली बड़ी कार्रवाई कैनाल रोड (विकासनगर) स्थित टाइम्स वर्ल्ड स्कूल के सामने की गई, जहां गुरमीत सिंह, डॉ. अमित राणा एवं अन्य भू-स्वामियों द्वारा लगभग 08 बीघा क्षेत्र में बिना किसी स्वीकृत मानचित्र के अवैध प्लॉटिंग, सड़क निर्माण और भूखंडों की मार्किंग की जा रही थी। एमडीडीए की टीम मौके पर पहुंची और अवैध रूप से तैयार की गई सीमांकन रेखाओं और अस्थाई निर्माण को ध्वस्त करते हुए पूरे क्षेत्र को सील कर दिया। प्राधिकरण द्वारा संबंधित धाराओं के तहत कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया गया कि जब तक विधिसम्मत स्वीकृति नहीं मिलती, यहां किसी भी प्रकार की प्लॉटिंग या निर्माण गतिविधि नहीं चलेगी।

सेलाकुई के डांडापुर–हसनपुर क्षेत्र में भी एमडीडीए ने सख्त कार्रवाई की। यहां लगभग 100 बीघा भूमि पर बड़े पैमाने पर अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी। टीम ने मौके पर मौजूद निर्माण सामग्री हटवाई, बनाया जा रहा सड़क मार्ग रुकवाया और अवैध सीमांकन को ध्वस्त कर दिया। प्राधिकरण का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर अवैध डेवलपमेंट आम नागरिकों के लिए भविष्य में गंभीर संकट पैदा करता है। इसलिए इस स्थान को “उच्च संवेदनशील श्रेणी” में रखते हुए कड़ी कार्रवाई की गई है।

ए.पी. टावर, मेन चकराता रोड, सेलाकुई में भी एमडीडीए ने बड़ा कदम उठाया है। यहां स्वीकृत मानचित्र से विचलन कर पार्किंग क्षेत्र में दो अवैध दुकानों का निर्माण किया गया था, और चौथे तल पर टिनशेड बनाकर अवैध रेस्टोरेंट संचालित किया जा रहा था। प्राधिकरण ने मौके पर पहुंचकर दोनों दुकानों को सील कर दिया और अवैध रेस्टोरेंट संचालन को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया। अधिकारियों के अनुसार व्यावसायिक भवनों में पार्किंग में छेड़छाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी, क्योंकि इससे ट्रैफिक प्रबंधन और सार्वजनिक सुरक्षा प्रभावित होती है।

रानीपोखरी क्षेत्र में मनमोहन सिंह रावत द्वारा स्वीकृत मानचित्र से विचलन कर किए गए निर्माण के मामले में भी ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई है। प्राधिकरण ने पहले जारी किए गए कारण बताओ नोटिस को आगे बढ़ाते हुए अवैध हिस्सों को गिराने का निर्देश दिया। मौके पर पहुंचकर एमडीडीए की टीम ने अवैध निर्माण हटवाया और शेष निर्माण को रोक दिया।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने इस व्यापक कार्रवाई पर कहा कि प्राधिकरण जनहित में सख्त रुख अपनाए हुए है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि अवैध निर्माण, मानचित्र विचलन या अवैध प्लॉटिंग किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तिवारी ने कहा देहरादून का योजनाबद्ध और सुरक्षित विकास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान आगे भी चलाया जाएगा और जहां भी जरूरत होगी, सीलिंग व ध्वस्तीकरण दोनों किए जाएंगे।

सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने टिप्पणी करते हुए कहा कि नियमों का उल्लंघन कर बनाई गई कॉलोनियां भविष्य में नागरिकों के लिए बड़ी समस्याएं पैदा करती हैं। इसलिए ऐसे विकास कार्यों पर रोक और कार्यवाही अनिवार्य है। उन्होंने सभी डेवलपर्स व भू-स्वामियों को चेतावनी दी कि वे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही मानचित्र स्वीकृति प्राप्त करें, अन्यथा प्राधिकरण द्वारा कठोर कार्रवाई की जाएगी।


Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp