Wednesday, October 21, 2026
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मुख्यमंत्री धामी ने स्पर्श हिमालय महोत्सव-2025 के समापन सत्र में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री धामी ने स्पर्श हिमालय महोत्सव-2025 के समापन सत्र में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री धामी ने स्पर्श हिमालय महोत्सव-2025 के समापन सत्र में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री ने कहा- लेखक गांव में आयोजित यह महोत्सव एक नई सृजन-यात्रा का आरंभ है

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को लेखक गांव, थानों में आयोजित स्पर्श हिमालय महोत्सव-2025 के समापन सत्र में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने लेखक गांव स्थित मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-शांति की कामना की।

मुख्यमंत्री ने राज्य स्थापना की रजत जयंती वर्ष पर सभी राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि लेखक गांव की परिकल्पना उन विचारों का प्रतीक है, जो समाज को दिशा देते हैं और आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ते हुए भविष्य का निर्माण करना सिखाते हैं। उन्होंने कहा कि लेखक गांव में आयोजित यह महोत्सव एक नई सृजन-यात्रा का आरंभ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं प्रोत्साहन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान के माध्यम से उत्कृष्ट साहित्यकारों को सम्मानित किया जा रहा है तथा विभिन्न भाषाओं में ग्रंथ प्रकाशन हेतु वित्तीय सहायता भी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य के उत्कृष्ट साहित्यकारों को साहित्य भूषण और लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है, जिसमें पाँच लाख रुपये तक की धनराशि प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा पीढ़ी को साहित्य के प्रति आकर्षित करने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएँ और कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उत्तराखंड को देश का सर्वोत्तम राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार विकल्प रहित संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि साहित्यकारों, कलाकारों, विद्वानों और संस्कृति साधकों के सहयोग से यह लक्ष्य अवश्य प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रजत जयंती वर्ष पर विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित किया है और आगामी 9 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उत्तराखंड आ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे सांस्कृतिक रूप से समृद्ध प्रदेश में लेखक गांव स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने के साथ विश्व के साहित्यिक मानचित्र पर राज्य को नई पहचान दिला रहा है। आने वाले समय में लेखक गांव भारत की प्राचीन परंपराओं को आधुनिक दृष्टिकोण से जोड़ने का कार्य करेगा।

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, पूर्व रक्षा सचिव डॉ. योगेन्द्र नारायण, लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) अनिल कुमार भट्ट, पद्मश्री डॉ. हरमोहिन्दर सिंह बेदी, विदुषी निशंक सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


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