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बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी- ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आखिरी के दोनों मुकाबले नहीं खेलेंगे मोहम्मद शमी

Category Archives: खेल

बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी- ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आखिरी के दोनों मुकाबले नहीं खेलेंगे मोहम्मद शमी

बीसीसीआई ने किया अनफिट घोषित

नई दिल्ली। बीसीसीआई ने भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की फिटनेस को लेकर जानकारी दी। मोहम्मद शमी ऑस्ट्रेलिया दौरे पर नहीं जाएंगे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अगले दो टेस्ट के लिए अनफिट घोषित किया है। हाल ही में तीसरे टेस्ट मैच के बाद कप्तान रोहित शर्मा ने राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) के अधिकारियों से शमी की फिटनेस पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा था, और अब भारतीय बोर्ड ने उन्हें अनफिट करार दिया है।

शमी को घुटने की चोट के कारण बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए 18 सदस्यीय भारतीय टीम में शामिल नहीं किया गया था। शमी पिछले साल वनडे विश्व फाइनल के बाद से भारतीय टीम से बाहर चल रहे हैं और उन्होंने रणजी ट्रॉफी के जरिये मैदान पर वापसी की थी। शमी घरेलू क्रिकेट में खेल रहे हैं और बीसीसीआई की मेडिकल टीम लगातार उन पर नजरें रखी हुई थी।

मोहम्मद शमी घरेलू क्रिकेट में कर रहे थे लगातार बॉलिंग

34 साल के मोहम्मद शमी ने मध्य प्रदेश के खिलाफ रणजी ट्रॉफी के एक मुकाबले में 43 ओवर गेंदबाजी की थी। इसके बाद उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के भी सभी 9 मुकाबलों में हिस्सा लिया था। इतना नहीं बल्कि शमी ने बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के लिए भी एक्सट्रा गेंदबाजी की थी। इतनी बॉलिंग के चलते ही उनके घुटने में फिर से थोड़ी सूजन देखी गई है।

विजय हजारे ट्रॉफी में खेलने पर संशय
शमी पिछले सप्ताह दिल्ली के खिलाफ बंगाल के विजय हजारे ट्रॉफी के पहले मुकाबले में नहीं खेले थे। बीसीसीआई ने इस बात की पुष्टि की है कि मेडिकल टीम शमी के वर्कलोड पर लगातार निगरानी रख रही है और उनका विजय हजारे ट्रॉफी वनडे टूर्नामेंट में खेलना इस बात पर निर्भर करेगा कि वह कितनी जल्द ठीक हो रहे हैं। बीसीसीआई ने कहा, शमी बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में मेडिकल स्टाफ की निगरानी में रहेंगे और अपनी गेंदबाजी कार्यभार पर काम करेंगे जिससे वह लंबे प्रारूप के खेल के लिए फिट हो सकें। उनका विजय हजारे ट्रॉफी में खेलना इस बात पर निर्भर करेगा कि उनका घुटना कितनी जल्दी ठीक हो रहा है।

मोहम्मद शमी का करियर

मोहम्मद शमी ने अब तक भारतीय टीम के लिए 64 टेस्ट, 101 वनडे और 23 टी20 मुकाबले खेले हैं। उनके नाम टेस्ट में 229 विकेट, वनडे में 195 विकेट और टी20 में 24 विकेट झटके हैं।


चोटिल हुए भारतीय टीम के कप्तान, 26 दिसंबर से शुरु होने वाले चौथे सीरीज के मुकाबले पर छाया संकट 

नई दिल्ली। भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर प्रैक्टिस करते हुए चोटिल हो गए। उनकी इस चोट ने टीम की चिंता बढ़ा दी है। बैटिंग करने के दौरान गेंद उनके बाएं पैर के घुटने में लगी जिसके बाद वह बाहर चले गए और आइस पैक लगाकर बैठ गए।

भारत ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच टेस्ट मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी इस समय 1-1 की बराबरी पर है। सीरीज का चौथा मैच मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर 26 दिसंबर से शुरू हो रहा है। रोहित के तब तक फिट होनी की पूरी उम्मीद है।

रोहित शर्मा पहले टेस्ट मैच में नहीं खेले थे। वह उस समय भारत में ही थे और अपने बेटे के जन्म के बाद अपनी पत्नी के साथ समय बिता रहे थे। एडिलेड टेस्ट मैच में उन्होंने वापसी की थी। हालांकि, रोहित इस मैच में बतौर कप्तान और बल्लेबाज फेल रहे थे। उनके बल्ले से रन नहीं निकले थे और उनकी कप्तानी में टीम इंडिया जीत नहीं पाई थी। पहले टेस्ट मैच में रोहित की गैरमौजूदगी में जसप्रीत बुमराह ने कप्तानी की थी और टीम को जीत दिलाई थी। अगर रोहित नहीं खेलते हैं तो बुमराह ही कप्तानी करेंगे। हालांकि, रोहित की स्थिति इतनी गंभीर नहीं है कि वह मैच से बाहर हो जाएं। वैसे भी चौथे टेस्ट मैच में अभी चार दिन का समय है।

इस सीरीज में टीम इंडिया का प्रदर्शन उतना अच्छा नहीं रहा है जितना उम्मीद थी। पहले टेस्ट मैच में भारत ने शानदार खेल दिखाया था, लेकिन रोहित के आने के बाद से टीम अपनी लय में नहीं दिखी है। दूसरे टेस्ट मैच में तो टीम का बुरा हाल हुआ था। इसके बाद तीसरे टेस्ट मैच में भी टीम लचर प्रदर्शन की शिकार हुई थी। जसप्रीत बुमराह, आकाशदीप और रवींद्र जडेजा की पारियों ने किसी तरह भारत पर से फॉलोऑन का खतरा टाला था और मैच ड्रॉ कराने में अहम रोल निभाया था।

 

 

 

 


भारत के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा

टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वालों में सातवें स्थान पर हैं रविचंद्रन अश्विन

प्रेस कॉन्फ्रेंस में की घोषणा

नई दिल्ली। भारत के दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपने रिटायरमेंट का एलान कर दिया है। उन्होंने गाबा टेस्ट के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी घोषणा की। अश्विन कप्तान रोहित शर्मा के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंचे थे और वहां इसकी घोषणा की। संन्यास से पहले अश्विन ड्रेसिंग रूम में विराट कोहली के साथ बैठे नजर आए थे। इस दौरान कोहली ने उन्हें गले भी लगाया था। अश्विन एडिलेड डे नाइट टेस्ट में टीम इंडिया का हिस्सा रहे थे।

38 साल का यह स्पिनर भारत के लिए कई रिकॉर्ड बना चुका है। वह टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वालों में सातवें स्थान पर हैं। अश्विन के नाम 106 टेस्ट में 537 विकेट हैं। 59 रन देकर सात विकेट उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी है। इस दौरान उनका औसत 24.00 का और स्ट्राइक रेट 50.73 का रहा है। अश्विन टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय में अनिल कुंबले के बाद दूसरे नंबर पर हैं। कुंबले के नाम 619 टेस्ट विकेट थे। अश्विन का एलान चौंकाने वाला है, क्योंकि वह भारतीय सरजमीं पर भारतीय स्पिन अटैक की धार थे। ऑस्ट्रेलिया आकर अचानक से रिटायरमेंट का फैसला लेना चौंकाने वाला है।

अश्विन के नाम टेस्ट में 37 फाइव विकेट हॉल है, जो कि किसी भारतीय गेंदबाज द्वारा सबसे ज्यादा है। उनके बाद कुंबले का नंबर आता है। कुंबले ने टेस्ट में 35 बार पारी में पांच विकेट लिए थे। ओवरऑल सबसे ज्यादा पारी में पांच विकेट लेने का रिकॉर्ड श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन के नाम है। उन्होंने 67 बार ऐसा किया था। अश्विन शेन वॉर्न के साथ संयुक्त रूप से दूसरे नंबर पर हैं।

अश्विन 106 टेस्ट खेलने के अलावा 116 वनडे और 65 टी20 में भी टीम इंडिया का हिस्सा रहे। उन्होंने वनडे में 156 विकेट और टी20 में 72 विकेट लिए थे। वनडे में उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी 25 रन देकर चार विकेट और टी20 में आठ रन देकर चार विकेट है। वनडे में उनकी इकोनॉमी 4.93 की और टी20 में 6.90 की रही है। हालांकि, इन दोनों में वह एक बार भी पारी में पांच विकेट नहीं ले पाए। इसके अलावा अश्विन ने टेस्ट में काफी रन भी बनाए हैं। उनके नाम टेस्ट में 3503 रन हैं। इस दौरान उनका औसत 25.75 का रहा है। अश्विन के नाम टेस्ट में सर्वोच्च स्कोर 124 रन का रहा है। उन्होंने छह शतक और 14 अर्धशतक लगाए हैं। इसके अलावा वनडे में उन्होंने 16.44 की औसत से 707 रन और टी20 में 114.99 के स्ट्राइक रेट से 184 रन बनाए हैं।

अश्विन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू पांच जून 2010 को हरारे में श्रीलंका के खिलाफ वनडे में किया था। वहीं, टी20 डेब्यू उन्होंने 12 जून 2010 को ही हरारे में जिम्बाब्वे के खिलाफ किया था। अश्विन का टेस्ट डेब्यू 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ दिल्ली में हुआ था। वह टेस्ट में सबसे ज्यादा प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड जीतने वाले खिलाड़ी भी हैं। उन्होंने टेस्ट में 11 बार प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड जीता है। इस मामले में वह मुरलीधरन की बराबरी पर हैं।


राष्ट्रीय ‘इब्सा’ इंडियन ब्लाइंड स्पोर्ट्स में उत्तराखंड ने जीते कई मेडल

नादियाड,गुजरात। राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ की ओर से एक पांच सदस्यीय टीम ने 23वीं राष्ट्रीय ‘इब्सा’ इंडियन ब्लाइंड स्पोर्ट्स एसोशिएशन द्वारा नादियाड गुजरात में आयोजित खेल प्रतियोगिता में कई पदक जीते। आशीष सिंह नेगी के नेतृत्व में टीम ने उत्तराखण्ड राज्य की झोली में 12 पदक डाले।

खिलाड़ियों ने उत्तराखण्ड राज्य और राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ का नाम रोशन किया । संघ के महासचिव पीताम्बर सिंह चौहान और अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह भंडारी ने खिलाड़ियों को बधाई और हार्दिक शुभकामनाएं दी। साथ ही राज्य सरकार से इन दृष्टिहीन खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित करने की मांग की।

Narendra Singh Bhandari T13 – 800mtr gold 1500mtr gold 5000mtr gold

Arab Singh T13- 800mtr silver 1500mtr silver 5000mtr silver

Shefali Rawat T12 girl
800mtr gold 1500mtr gold

Ashish Singh Negi F12
Shotput silver
Discus Bronze

Devender Singh Rana F12
Long Jump Bronze
Javline Throw Bronze


ऑस्ट्रेलिया ने भारत को दूसरे टेस्ट मुकाबले में 10 विकेट से हराया

ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज में 1-1 से की बराबरी 

नई दिल्ली। बॉर्डर गावस्कर सीरीज के दूसरे मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 10 विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज में वापसी की है और पांच मैचों की सीरीज को फिलहाल 1-1 से बराबर कर दिया है। भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। पहले बैटिंग करते हुए टीम इंडिया ने 180 रन बनाए थे। जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में 337 रन बनाए और 157 रन की बढ़त हासिल की। भारत की दूसरी पारी 175 रन पर समाप्त हुई और रोहित एंड कंपनी ने 18 रन की बढ़त हासिल की। 19 रन के लक्ष्य को ऑस्ट्रेलिया ने बिना कोई विकेट गंवाए हासिल कर लिया। उस्मान ख्वाजा नौ रन और मैकस्वीनी 10 रन बनाकर नाबाद रहे। सीरीज का तीसरा मुकाबला ब्रिस्बेन में 14 दिसंबर से खेला जाएगा। पहला टेस्ट भारतीय टीम ने 295 रन से अपने नाम किया था।

रोहित की कप्तानी में लगातार चौथी हार
रोहित की कप्तानी में टीम इंडिया की यह टेस्ट में लगातार चौथी हार है। इस सीरीज के पहले टेस्ट में बुमराह ने कप्तानी की थी। रोहित ने न्यूजीलैंड के खिलाफ व पिछली सीरीज में कप्तानी की थी। कीवियों ने भारत को उसके घर में 3-0 से हराया था। इसी के साथ रोहित पहली बार लगातार चार टेस्ट हारे हैं। इस मामले में उन्होंने विराट कोहली और धोनी की बराबरी कर ली। इन दोनों ने भी लगातार चार टेस्ट गंवाए थे।

भारत की दूसरी पारी
टीम इंडिया ने रविवार को पांच विकेट पर 128 रन से आगे खेलना शुरू किया और 47 रन बनाने में बाकी बचे पांच विकेट गंवा दिए। टीम इंडिया को रविवार को ऋषभ पंत के रूप में पहला और ओवरऑल छठा झटका लगा। वह 28 रन बना सके। पंत तीसरे दिन के पहले ओवर में स्टार्क का शिकार बने। इसके बाद अश्विन कुछ खास नहीं कर सके और सात रन बनाकर पवेलियन चलते बने। हर्षित राणा खाता नहीं खोल सके और कमिंस का शिकार बने। नीतीश रेड्डी ने छोटी मगर उपयोगी पारी खेली। वह एक बार फिर अर्धशतक से चूक गए और 47 गेंद में छह चौके और एक छक्के की मदद से 42 रन बनाए। वह टीम इंडिया की ओर से हाईएस्ट स्कोरर रहे। वहीं, बोलैंड ने सिराज को हेड के हाथों कैच करा कर भारतीय पारी को 175 रन पर समेट दिया। ऑस्ट्रेलिया की ओर से कप्तान कमिंस ने पांच विकेट लिए, जबकि बोलैंड को तीन विकेट मिले। वहीं, स्टार्क ने दो विकेट लिए। इससे पहले शनिवार को टीम इंडिया ने पांच विकेट गंवाए थे। यशस्वी जायसवाल 24 रन, केएल राहुल सात रन, शुभमन गिल 28 रन, विराट कोहली 11 रन और कप्तान रोहित शर्मा छह रन बनाकर आउट हुए थे।

ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी
ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में 337 रन बनाए। उस्मान ख्वाजा को शुक्रवार को बुमराह ने आउट किया था। शनिवार को कंगारुओं ने एक विकेट पर 86 रन से आगे खेलना शुरू किया और 251 रन बनाने में आखिरी के नौ विकेट गंवा दिए। शनिवार को पहले सत्र में मैकस्वीनी (39), स्टीव स्मिथ (2) और मार्नस लाबुशेन के रूप में तीन विकेट गंवाए। लाबुशेन ने 64 रन बनाए। मैकस्वीनी और स्मिथ को बुमराह ने आउट किया, जबकि लाबुशेन को नीतीश रेड्डी ने आउट किया। इसके बाद दूसरे सत्र में ऑस्ट्रेलिया के लिए ट्रेविस हेड ने खूब रन बनाए और टेस्ट करियर का आठवां शतक जड़ा। यह भारत के खिलाफ उनका तीसरा टेस्ट रहा। उन्होंने 141 गेंद में 17 चौके और चार छक्के की मदद से 140 रन की पारी खेली। मिचेल मार्श नौ रन, एलेक्स कैरी 15 रन बनाकर आउट हुए। ऑस्ट्रेलिया को आठवां झटका पैट कमिंस के रूप में लगा। बुमराह ने पैट कमिंस को क्लीन बोल्ड किया। कमिंस 12 रन बना सके। डिनर ब्रेक के बाद मिचेल स्टार्क भी 18 रन बनाकर आउट हो गए। वहीं, सिराज ने बोलैंड (0) कर ऑस्ट्रेलिया की पारी को खत्म किया। भारत की ओर से जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज ने चार-चार विकेट लिए। बुमराह और सिराज के अलावा नीतीश रेड्डी और अश्विन को एक-एक विकेट मिला।

भारत की पहली पारी
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया की पहली पारी 180 रन पर सिमट गई। भारतीय टीम की शुरुआत खराब रही थी। यशस्वी मैच की पहली ही गेंद पर एल्बीडब्ल्यू आउट हो गए थे। वह खाता नहीं खोल सके। इसके बाद केएल राहुल और शुभमन गिल के बीच दूसरे विकेट के लिए 69 रन की साझेदारी हुई। इस साझेदारी को स्टार्क ने तोड़ा। उन्होंने राहुल को पवेलियन भेजा। राहुल 37 रन बना सके। उनके आउट होते ही विकेट की झड़ी लग गई। विराट कोहली सात रन, शुभमन गिल 31 रन और कप्तान रोहित शर्मा तीन रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद ऋषभ पंत ने टिकने की कोशिश की, लेकिन कमिंस ने उन्हें भी पवेलियन भेज दिया। पंत ने 21 रन बनाए। जहां भारत का स्कोर एक वक्त एक विकेट पर 69 रन था, वो कुछ देर बाद पांच विकेट पर 87 रन हो चुका था। यानी 18 रन बनाने में भारत ने चार और विकेट गंवा दिए थे।

अश्विन ने नीतीश रेड्डी के साथ पारी संभालने की कोशिश की और सातवें विकेट के लिए 32 रन की साझेदारी निभाई। स्टार्क ने फिर एकबार खलल डाला और अश्विन को चलता किया। वह 22 रन बना सके। हर्षित राणा और जसप्रीत बुमराह खाता खोले बिना आउट हुए। नीतीश आखिरी विकेट के रूप में 54 गेंद में तीन चौके और तीन छक्के की मदद से 42 रन बनाकर स्टार्क के छठे शिकार बने। स्टार्क के अलावा पैट कमिंस और बोलैंड को दो-दो विकेट मिले। स्टार्क ने 48 रन देकर छह विकेट लिए जो उनके करियर के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी आंकड़े हैं। उनके टेस्ट करियर का यह 15वां फाइव विकेट हॉल रहा।


कल होगा भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच टेस्ट मैचों की सीरीज का दूसरा मुकाबला

एडिलेड के ऐतिहासिक मैदान पर खेला जाएगा मैच 

भारत की ओर से ओपनिंग पर बना सस्पेंस 

नई दिल्ली। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जा रही पांच टेस्ट मैचों की सीरीज का दूसरा मुकाबला अब 24 घंटे से भी कम की दूरी पर है। मुकाबला 6 दिसंबर को एडिलेड के ऐतिहासिक मैदान पर खेला जाएगा। ये एक पिंक बॉल टेस्ट होगा और डे नाइट में खेला जाएगा। इस बीच मैच से पहले तक इस बात को लेकर सस्पेंस बना हुआ था कि भारत के लिए इस मैच में ओपनिंग कौन करेगा। लेकिन कप्तान रोहित शर्मा ने मैच से ठीक एक दिन पहले आकर इस बात का करीब करीब खुलासा कर दिया है। उन्होंने केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल की जोड़ी को लेकर बड़ी बात कही है।

बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के पहले मैच में रोहित शर्मा गैरहाजिर थे। उस मैच में कप्तानी की जिम्मेदारी जसप्रीत बुमराह ने निभाई थी। केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल ने भारत के लिए ओपनिंग की। ये जोड़ी मैच की पहली पारी में तो कुछ खास नहीं कर पाई, लेकिन दूसरी पारी में इन दोनों ने मिलकर 200 से ज्यादा रनों की साझेदारी कर नए नए कीर्तिमान बनाने का काम किया है। अब जबकि दूसरे मैच में रोहित शर्मा की बतौर कप्तान वापसी हो गई है। ऐसे में पिछले कई दिन से यही सवाल सभी के जेहन में था कि अब ओपनिंग कौन करेगा। एक ओपनर तो यशस्वी जायसवाल रहेंगे ही, लेकिन उनके साथ कौन उतरेगा।

मैच से एक दिन पहले यानी गुरुवार को जब कप्तान रोहित शर्मा मीडिया से रूबरू हुए तो सबसे बड़ा सवाल यही था। इस पर रोहित शर्मा ने साफ साफ जवाब दिया। रोहित शर्मा ने कहा है कि केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल ने हमारे लिए मैच जिताने वाली साझेदारी की है। ऐसे में नहीं लगता कि इसमें बदलाव की कोई भी जरूरत है। टीम के हित में यही है और ये बहुत आसान फैसला है। यानी इसका मतलब यही है कि अगले मैच में भी यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल ओपनिंग करते हुए दिखाई देंगे, रोहित शर्मा मिडल आर्डर में बल्लेबाजी के लिए आएंगे। नंबर 5 या फिर 6 पर।

रोहित शर्मा ने आखिरी बार साल 2018 में टीम इंडिया के लिए टेस्ट में मीडिल आर्डर में खेले थे। इसके बाद साल 2019 में जब साउथ अफ्रीका की टीम भारत के दौरे पर आई तो रोहित शर्मा ने वहां से ओपनिंग की जिम्मेदारी संभाली और तब से लेकर अब तक वे ओपन ही करते आए हैं। यानी अगर इसे दिनों में बदला जाए तो 2172 दिन बाद रोहित शर्मा अब टेस्ट में मिडल आर्डर में बल्लेबाजी करते हुए नजर आएंगे। ये एक पिंक बॉल टेस्ट होगा और जब तक रोहित बैटिंग के लिए आएंगे तो उम्मीद है कि बॉल की चमक यानी शाइन कुछ कम हो चुकी होगी।

टीम की तारीख करते हुए रोहित शर्मा ने कहा कि यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत, शुभमन गिल नई पीढ़ी के खिलाड़ी हैं। रोहित शर्मा ने याद दिलाया कि जब वे खुद पहली बार ऑस्ट्रेलिया आए थे, तब उनकी सोच यही होती थी कि स्कोर कैसे करना है, लेकिन अब जो नए खिलाड़ी हैं, वो मैच जीतने के बाद में सोच रहे हैं। नए प्लेयर्स के लिए जीत काफी ज्यादा अहम है। अगला मुकाबला भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों टीमों के लिए काफी ज्यादा अहम रहने वाला है। देखना होगा कि टीमें और खिलाड़ी कैसा प्रदर्शन करने में कामयाब होते हैं।


भारत ने ऑस्ट्रेलिया को पहले टेस्ट मैच में 295 रनों से हराया

नई दिल्ली। भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को पहले टेस्ट मैच में 295 रनों से मात देकर इतिहास रच दिया। टीम इंडिया ने पर्थ में 16 साल बाद पहला टेस्ट मैच जीता है। इससे पहले भारत ने साल 2008 में कुंबले की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया को हराया था। हालांकि, यह मैच पर्थ के ऑप्टस स्टेडियम में खेला गया। बुमराह की कप्तानी में भारतीय टीम ने उम्दा प्रदर्शन किया। भारतीय टीम पहली विजटिंग टीम भी बनी जिसने ऑस्ट्रेलिया को पर्थ में धूल चटाई है।

टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया के सामने 534 रन का लक्ष्य रखा था। जवाब में कंगारू टीम 238 रन पर सिमट गई। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने पहली पारी में 150 रन बनाए थे। जवाब में ऑस्ट्रेलिया की टीम पहली पारी में 104 रन पर सिमट गई। भारत को पहली पारी के आधार पर 46 रन की बढ़त मिली थी। दूसरी पारी भारत ने छह विकेट पर 487 रन बनाकर घोषित कर दी थी और कुछ बढ़त 533 रन की हासिल की थी।

चौथे दिन के पहले सत्र में भारतीय स्टैंड-इन कप्तान जसप्रीत बुमराह ने भारत को पहली सफलता दिलाई। ऑस्ट्रेलिया के खतरनाक बल्लेबाज ट्रेविस हेड को 89 के स्कोर पर आउट कर बड़ा झटका दिया। इसके बाद नीतीश रेड्डी ने 47 के स्कोर पर मिचेल मार्श को आउट कर ऑस्ट्रेलिया की रही सही उम्मीद खत्म कर दी। इसके बाद वाशिंगटन सुंदर ने एक ही ओवर में दो विकेट लेकर काम तमाम कर दिया। इसके बाद हर्षित राणा ने एलेक्स कैरी को आउट कर आखिरी कील ठोक दी।

बल्ले और गेंद से चमके खिलाड़ी
भारतीय टीम ने तीसरे दिन शानदार बल्लेबाजी की। दूसरे दिन नाबाद लौटे यशस्वी जायसवाल ने शतक जमाया। वह 161 रन बनाकर आउट हुए। केएल राहुल ने भी 77 रन की पारी खेली। इसके बाद विराट कोहली ने ऑस्ट्रेलिया में अपना छठा शतक पूरा किया। कोहली ने 143 गेंद पर नाबाद 100 रन की पारी खेली। भारत ने कुल 533 की बढ़त हासिल करते ही दूसरी पारी 487/6 रन पर घोषित कर दी और ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 534 रन का टारेगट दिया। तीसरे दिन का खेल खत्म होने से पहले भारत ने ऑस्ट्रेलिया के तीन विकेट चटका दिए थे। बुमराह ने दो तो सिराज ने एक विकेट निकाल कर जीत की नींव रख दी थी। ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी 238 रन बनाकर सिमट गई।

शीर्ष पर पहुंचा भारत

पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को हराकर भारत अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गया है। उनका अंक प्रतिशत भी 58.33 से सुधरकर 61.11 का हो गया है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया 13 मैचों में चौथी शिकस्त के साथ दूसरे पायदान पर खिसक गया। उनका अंक प्रतिशत 57.69 का हो गया। यह भारत की  बता दें कि, इस मैच से पहले भारत को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के फाइनल में पहुंचने के लिए 4-0 से सीरीज जीतनी थी। पहला मैच जीतने के बाद अब टीम को तीन और मुकाबले अपने नाम करने होंगे। यह भारत की 15 मैचों में नौवीं जीत है। अब उनके खाते में 110 अंक हो गए। तीसरे स्थान पर 55.56 अंक प्रतिशत के साथ श्रीलंका है, जबकि चौथे और पांचवें पायदान पर क्रमश: न्यूजीलैंड (54.55) और दक्षिण अफ्रीका (54.17) है।


कल से शुरू होगा भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहला टेस्ट, जाने मैच से जुडी बातें

नई दिल्ली।  भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी की शुरुआत शुक्रवार से होने जा रही है। दोनों टीमों के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जानी है। भारतीय टीम की नजरें ऑस्ट्रेलिया में लगातार तीसरी टेस्ट सीरीज जीतने पर लगी होंगी, जबकि पैट कमिंस की अगुआई वाली कंगारू टीम भी पलटवार के लिए तैयार होगी। भारत ने 2018-19 और 2020-21 दौरों पर ऑस्ट्रेलिया को हराया था।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच इस बहुप्रतिक्षित टेस्ट  सीरीज का इंतजार दोनों टीमों के प्रशंसकों को रहता है। 2018 से पहले भारत ने ऑस्ट्रेलिया में कभी टेस्ट सीरीज नहीं जीती थी, लेकिन पिछले दो दौरों पर वह कंगारू टीम पर हावी रही है। नियमित भारतीय कप्तान रोहित शर्मा शुरुआती मैच के लिए भले ही उपलब्ध नहीं होंगे, लेकिन वह सीरीज के शेष चार मैचों में टीम की कमान संभालेंगे। भारत को हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 0-3 से हार का सामना करना पड़ा था। भारत का मनोबल इससे जरूर गिरा होगा, लेकिन वह अतीत में किए गए प्रदर्शन से प्रेरणा लेकर इस सीरीज में उतरेगी।

रोहित की अनुपस्थिति और गिल की चोट ने बढ़ाई चिंता
कप्तान रोहित पहले ही इस मैच के लिए उपलब्ध नहीं थे, लेकिन इसके बाद शुभमन गिल भी चोटिल हो गए जिससे भारत की चिंता बढ़ गई। गिल कुछ दिन पहले इंट्रा स्क्वाड मैच के दौरान चोटिल हो गए थे और उनका इस मुकाबले में नहीं खेलना लगभग तय है। हालांकि, गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने बुधवार को कहा था कि गिल के बारे में कोई भी फैसला शुक्रवार की सुबह मैच शुरू होने से पहले लिया जाएगा। गिल तीसरे स्थान पर बल्लेबाजी के लिए उतरते हैं, ऐसे में भारतीय टीम प्रबंधन उनकी अनुपस्थिति में किस खिलाड़ी को लेगा यह देखना दिलचस्प होगा। माना जा रहा है कि गिल की जगह देवदत्त पडिक्कल तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतर सकते हैं।

केएल राहुल करेंगे ओपनिंग?
रोहित की अनुपस्थिति में केएल राहुल यशस्वी जायसवाल के साथ पारी का आगाज करने उतर सकते हैं। राहुल ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ अनौपचारिक टेस्ट में ओपनिंग की थी। राहुल भारत ए के लिए भी प्रभावशाली प्रदर्शन नहीं कर सके थे और उन्होंने पहली पारी में चार रन और दूसरी पारी में 10 रन बनाए थे। राहुल हालांकि पिछले कुछ समय से खराब फॉर्म से गुजर रहे हैं जिस कारण उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ पिछले दो टेस्ट मैच से बाहर रखा गया था। ऑस्ट्रेलिया में ओपनर के तौर पर राहुल का रिकॉर्ड बेहतर नहीं है। उन्होंने चार मैचों की सात पारियों में 26.14 के औसत और 45.29 के स्ट्राइक रेट से 183 रन बनाए हैं जिसमें एक शतक शामिल है। राहुल हालांकि, सीरीज शुरू होने से पहले अभ्यास सत्र के दौरान जमकर पसीना बहाते नजर आए थे।

नीतीश को मिल सकता है डेब्यू का मौका
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट मुकाबले के लिए 21 वर्षीय ऑलराउंडर नीतीश रेड्डी को प्लेइंग-11 में शामिल होने मौका मिल सकता है। मोर्कल ने नीतीश को अवसर मिलने के संकेत दिए थे। अगर नीतीश प्लेइंग-11 में जगह बनाने में सफल रहे तो वह इस मैच से लाल गेंद के प्रारूप में डेब्यू करेंगे। नीतीश ने आईपीएल 2024 सीजन से प्रभाव छोड़ना शुरू किया था जिस कारण उन्हें टी20 अंतरराष्ट्रीय में डेब्यू करने का मौका मिला। नीतीश ने 23 प्रथम श्रेणी मैच ही खेले हैं, लेकिन मध्यम गति से गेंदबाजी करना और निचले क्रम में महत्वपूर्ण रन बनाने की उनकी क्षमता भारत के लिए विदेशी परिस्थिति में अहम साबित हो सकती है।

डब्ल्यूटीसी फाइनल के लिहाज से अहम है दौरा
न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले भारत के लिए रिकॉर्ड तीसरी बार विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल में प्रवेश लगभग तय लग रहा था, लेकिन अब मंजिल काफी दूर नजर आ रही है। भारत को इसके लिए ऑस्ट्रेलिया को हर हाल में 4-0 से हराना होगा। भारतीय खिलाड़ियों को भी पता है कि यह इतना आसान नहीं होने वाला है इसलिए वे इस सीरीज में अपनी पूरी ताकत के साथ उतरेंगे।

कोच गंभीर के लिए बड़ी चुनौती
न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू मैदान पर मिली करारी हार के बाद मुख्य कोच गौतम गंभीर सबसे ज्यादा निशाने पर आए थे और उनके लिए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज काफी महत्वपूर्ण है। विराट कोहली और रोहित के साथ ही गंभीर के लिए यह सीरीज काफी मायने रखती है क्योंकि एक और हार उनके लिए आगे का सफर काफी मुश्किल बना सकती है।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मैच शुक्रवार यानी 22 नवंबर से खेला जाएगा। पहला मैच पर्थ के पर्थ स्टेडियम पर खेला जाएगा। मुकाबला भारतीय समयानुसार सुबह 7:50 बजे से शुरू होगा। टॉस इससे आधे घंटे पहले यानी सुबह 7:20 बजे होगा। टेस्ट सीरीज के प्रसारण का अधिकार स्टार स्पोर्ट्स के पास है। मैच को ऑनलाइन डिज्नी हॉटस्टार एप पर देखा जा सकता है।


चौथे टी20 मुकाबले में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 135 रनों से हराया, 3-1 से सीरीज की अपने नाम 

नई दिल्ली।  भारत ने दक्षिण अफ्रीका को चौथे टी20 मैच में 135 रनों से हरा दिया। इसी के साथ भारतीय टीम ने 3-1 से सीरीज पर कब्जा जमा लिया। जोहान्सबर्ग में खेले गए इस मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने संजू सैमसन और तिलक वर्मा की शतकीय पारियों की बदौलत 20 ओवर में एक विकेट पर 283 रन बनाए। जवाब में दक्षिण अफ्रीका 18.2 ओवर में 10 विकेट पर 148 रन ही बना सकी।

भारत ने दर्ज की तीसरी सबसे बड़ी जीत

रनों के हिसाब से यह दक्षिण अफ्रीका की सबसे बड़ी शिकस्त है। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें 2023 में 111 रन से हराया। वहीं, यह भारत की रनों के हिसाब से सबसे बड़ी जीत है। पिछले साल भारतीय टीम ने अपने घर में न्यूजीलैंड को 168 रन से हराया था। इससे पहले 2018 में आयरलैंड को 143 रन से मात दी थी। अब टीम ने 135 रनों से हराकर टी20 की अपनी तीसरी सबसे बड़ी जीत दर्ज कर ली। भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 31 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में 18वीं जीत दर्ज की। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने 25 मैचों में इस टीम को 17 बार हराया था।

सात बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके
लक्ष्य का पीछा करते हुए दक्षिण अफ्रीका की टीम की शुरुआत काफी खराब रही और उसने पावरप्ले में ही चार विकेट गंवा दिए थे। मेजबान टीम के लिए ट्रिस्टन स्टब्स और डेविड मिलर ने सधी हुई पारी खेल टीम को संभालने की कोशिश की, लेकिन इन दोनों बल्लेबाजों के आउट होने के बाद दक्षिण अफ्रीका की टीम वापसी नहीं कर सकी और विशाल स्कोर के सामने घुटने टेक दिए। दक्षिण अफ्रीका के लिए स्टब्स ने सबसे ज्यादा 43 रन बनाए, जबकि मिलर ने 36 रनों की पारी खेली। मार्को यानसेन 12 गेंदों पर दो चौकों और तीन छक्कों की मदद से 29 रन बनाकर नाबाद रहे। वहीं, सात बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके। भारत के लिए अर्शदीप ने तीन विकेट झटके, जबकि वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल को दो-दो विकेट मिले। हार्दिक पांड्या, रमनदीप सिंह और रवि बिश्नोई ने एक-एक विकेट अपने नाम किया।

संजू-तिलक के बीच हुई 210* रन की साझेदारी
इस मैच में भारतीय टीम की शुरुआत शानदार हुई। संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा के बीच पहले विकेट के लिए 73 रनों की साझेदारी हुई, जिसे लुथो सिपामला ने तोड़ा। उन्होंने छठे ओवर में अभिषेक को निशाना बनाया और क्लासेन के हाथों कैच कराया। वह 200 के स्ट्राइक रेट से 36 रन बनाकर पवेलियन लौटे। इसके बाद मोर्चा तिलक वर्मा ने संभाला। उन्होंने विकेटकीपर बल्लेबाज संजू के साथ दूसरे विकेट के लिए 210* रनों की साझेदारी की। दोनों की शतकीय पारियों की बदौलत भारत का स्कोर 280 के पार पहुंचा। संजू ने 56 गेंदों में छह चौके और नौ छक्के की मदद से 109 रन बनाए जबकि तिलक वर्मा ने 47 गेंदों का सामना किया और 120 रन बनाए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 255.31 का रहा। उनके बल्ले से नौ चौके और 10 छक्के निकले। इस मैच में संजू ने अपने टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का तीसरा और तिलक ने दूसरा शतक जड़ा। दोनों ने इस सीरीज में दो-दो शतक लगाए।


तीसरे टी20 मुकाबले में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 11 रनों से हराया, सीरीज में 2-1 की बनाई बढ़त

नई दिल्ली।  भारतीय टीम ने रोमांचक मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को 11 रनों से हराकर चार मैचों की टी20 सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली है। भारत ने तिलक वर्मा के शतक की मदद से 20 ओवर में छह विकेट पर 219 रन बनाए थे। जवाब में दक्षिण अफ्रीका की टीम निर्धारित ओवर में सात विकेट पर 208 रन ही बना सकी और उसे हार का सामना करना पड़ा। दक्षिण अफ्रीका के लिए मार्को यानसेन ने शानदार बल्लेबाजी की और 17 गेंदों पर चार चौकों और पांच छक्कों की मदद से 54 रन की पारी खेली।

यानसेन ने महज 16 गेंदों पर अर्धशतक जड़ा जो उनके टी20 करियर का पहला पचासा है। यानसेन ने टीम को जीत दिलाने की पूरी कोशिश की, लेकिन अंतिम ओवर में अर्शदीप ने उन्हें आउट कर दक्षिण अफ्रीका की अंतिम उम्मीद भी तोड़ दी। दक्षिण अफ्रीका के लिए हेनरिच क्लासेन ने 22 गेंदों पर एक चौके और चार छक्कों की मदद से 41 रन बनाए। क्लासेन को भी अर्शदीप ने अपना शिकार बनाया। भारत की ओर से अर्शदीप ने तीन विकेट लिए, जबकि वरुण चक्रवर्ती को दो और हार्दिक पांड्या तथा अक्षर पटेल को एक-एक विकेट मिला।

अर्शदीप सिंह इसके साथ ही भारत के दूसरे सबसे सफल गेंदबाज बन गए हैं। अर्शदीप ने क्लासेन को आउट करने के साथ ही भुवनेश्वर कुमार को पीछे छोड़ दिया था। अर्शदीप के नाम 92 विकेट हो गए हैं और उन्होंने जसप्रीत बुमराह और भुवनेश्वर कुमार को पीछे छोड़ दिया है। उनके आगे अब स्पिनर युजवेंद्र चहल हैं जिन्होंने इस प्रारूप में 96 विकेट लिए हैं।

इससे पहले, भारतीय टीम ने तिलक वर्मा के 107 रनों की शतकीय पारी और अभिषेक शर्मा के अर्धशतक के दम पर दक्षिण अफ्रीका के सामने तीसरे टी20 मैच में 220 रनों का लक्ष्य रखा। भारत के लिए तिलक ने टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का अपना पहला शतक जड़ा जिससे भारतीय टीम 200 रनों का आंकड़ा पार करने में सफल रही। इस साल यह आठवीं बार है जब भारत ने टी20 में 200 से ज्यादा का स्कोर बनाया है।


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