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देहरादून की हवा फिर बिगड़ी, एक्यूआई बहुत खराब श्रेणी में किया गया दर्ज

Category Archives: उत्तराखंड

देहरादून की हवा फिर बिगड़ी, एक्यूआई बहुत खराब श्रेणी में किया गया दर्ज

सीपीसीबी की रिपोर्ट में 242 शहरों का आकलन, देहरादून 15 प्रदूषित शहरों में शामिल

ऋषिकेश की हवा में राहत, एक्यूआई मध्यम श्रेणी में दर्ज

देहरादून। राजधानी देहरादून की आबोहवा लगातार बिगड़ती जा रही है। शहर में वायु प्रदूषण का स्तर चिंताजनक स्थिति में पहुंच गया है और एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) बहुत खराब श्रेणी में दर्ज किया गया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार देहरादून का एक्यूआई 329 तक पहुंच गया, जिससे लोगों की सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा जारी रिपोर्ट में देश के 242 शहरों की वायु गुणवत्ता का आकलन किया गया है। इस रिपोर्ट में 15 शहर ऐसे पाए गए हैं, जहां हवा की गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में है, जिनमें देहरादून भी शामिल है। इससे पहले बुधवार को देहरादून का एक्यूआई 318 और 28 दिसंबर को 301 दर्ज किया गया था, जो लगातार बढ़ते प्रदूषण की ओर इशारा करता है।

वहीं ऋषिकेश की हवा की स्थिति देहरादून के मुकाबले बेहतर बनी हुई है। सीपीसीबी की रिपोर्ट के अनुसार बुधवार को ऋषिकेश का एक्यूआई 136 रहा, जिसे मध्यम श्रेणी में रखा गया है। काशीपुर शहर की ताजा रिपोर्ट उपलब्ध नहीं हो सकी, हालांकि 30 दिसंबर को वहां एक्यूआई 182 दर्ज किया गया था।

विशेषज्ञों के अनुसार ठंड के मौसम, वाहनों की बढ़ती संख्या और निर्माण कार्यों के कारण वायु गुणवत्ता में गिरावट देखी जा रही है। प्रशासन द्वारा लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की जा रही है।


नींबूवाला में शहीद पार्क का लोकार्पण, एमडीडीए के विकास प्रयासों को नई पहचान

शहरी सौंदर्यीकरण और हरित क्षेत्रों के विकास पर एमडीडीए का फोकस

देहरादून। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) प्राधिकरण क्षेत्र के समग्र और संतुलित विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। जनहित से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देते हुए एमडीडीए द्वारा शहरी सौंदर्यीकरण, हरित क्षेत्रों के विकास, सार्वजनिक स्थलों के उन्नयन और आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में तेज़ी से कार्य किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों के क्रम में देहरादून के नींबूवाला क्षेत्र में स्थित शहीद पार्क का विधिवत लोकार्पण विधायक देहरादून कैंट श्रीमती सविता कपूर द्वारा किया गया। यह शहीद पार्क देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सपूतों की स्मृति में विकसित किया गया है। पार्क में विशेष रूप से कारगिल युद्ध में शहीद शिव चरण प्रसाद, जम्मू-कश्मीर युद्ध में शहीद मेजर संजय सिंह तथा द्रास सेक्टर में ऑपरेशन विजय रक्षक के दौरान शहीद देवेंद्र सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पार्क में स्थापित स्मृति चिह्न, हरित परिदृश्य, बैठने की समुचित व्यवस्था तथा प्रकाश व्यवस्था इसे एक गरिमामय और प्रेरणादायी स्थल बनाती है। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा इस पार्क के सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों को योजनाबद्ध तरीके से पूर्ण किया गया है। पार्क को न केवल स्मारक स्वरूप दिया गया है, बल्कि इसे स्थानीय नागरिकों के लिए एक स्वच्छ, सुरक्षित और उपयोगी सार्वजनिक स्थल के रूप में भी विकसित किया गया है, जहां आने वाली पीढ़ियां वीर शहीदों के बलिदान से प्रेरणा ले सकें।

विधायक देहरादून कैंट सविता कपूर का बयान
लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान विधायक श्रीमती सविता कपूर ने कहा कि शहीद पार्क केवल एक उद्यान नहीं, बल्कि देशभक्ति, सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह स्थल क्षेत्रवासियों के लिए गर्व का विषय है और आने वाले समय में यह बच्चों एवं युवाओं को देश के प्रति कर्तव्य और समर्पण की प्रेरणा देगा। उन्होंने एमडीडीए द्वारा किए गए विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्राधिकरण द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में हरित एवं सार्वजनिक स्थलों का विकास किया जा रहा है, जिससे शहरी जीवन की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो रहा है। एमडीडीए द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में सड़कों के सुधार, पार्कों के विकास, अवैध निर्माणों पर कार्रवाई, योजनाबद्ध विकास एवं पर्यावरण संतुलन को ध्यान में रखते हुए अनेक कार्य किए जा रहे हैं। नागरिकों की सुविधाओं को केंद्र में रखकर तैयार की जा रही योजनाओं का उद्देश्य देहरादून और मसूरी को एक सुव्यवस्थित, स्वच्छ और आधुनिक शहरी क्षेत्र के रूप में विकसित करना है।

उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण जनहित और जनभावनाओं को सर्वोपरि रखते हुए विकास कार्य कर रहा है। शहीद पार्क जैसे प्रोजेक्ट केवल शहरी सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये हमारे वीर शहीदों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का प्रयास है कि शहर में अधिक से अधिक हरित और सार्वजनिक स्थल विकसित किए जाएं, ताकि नागरिकों को बेहतर वातावरण मिल सके। आने वाले समय में भी एमडीडीए इसी सोच के साथ योजनाबद्ध विकास को आगे बढ़ाएगा।

सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि शहीद पार्क का विकास कार्य निर्धारित समय और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण किया गया है। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण द्वारा जनसुविधाओं, हरित क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एमडीडीए की प्राथमिकता है कि विकास कार्य टिकाऊ, पर्यावरण अनुकूल और नागरिकों की आवश्यकताओं के अनुरूप हों। एमडीडीए का संकल्प है कि भविष्य में भी जनहित से जुड़े विकास कार्यों को इसी प्रतिबद्धता और पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि मसूरी–देहरादून क्षेत्र एक आदर्श, सुव्यवस्थित और संवेदनशील शहरी क्षेत्र के रूप में विकसित हो सके।

लोकार्पण कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण के अधिकारी, क्षेत्रीय गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके बलिदान को स्मरण किया गया। क्षेत्रवासियों ने शहीद पार्क के निर्माण और सौंदर्यीकरण के लिए माननीय विधायक श्रीमती सविता कपूर एवं एमडीडीए का आभार व्यक्त किया। शहीद पार्क का विकास न केवल नींबूवाला क्षेत्र, बल्कि पूरे देहरादून के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह पार्क आने वाले समय में सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक गतिविधियों का भी केंद्र बनेगा। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा किए जा रहे ऐसे प्रयास यह दर्शाते हैं कि प्राधिकरण केवल संरचनात्मक विकास ही नहीं, बल्कि सामाजिक और भावनात्मक मूल्यों को भी समान महत्व देता है।


सीएम धामी ने नववर्ष 2026 पर सभी प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

डबल इंजन सरकार 2026 में भी सेवा और सुशासन को देगी मजबूती- सीएम

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आंग्ल नववर्ष 2026 के अवसर पर सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व और जन-जन के सहयोग से राज्य में डबल इंजन सरकार वर्ष 2026 में भी सेवा, सुशासन और संवेदनशीलता के संकल्प को और अधिक सशक्त रूप से आगे बढ़ाएगी।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य विकास की धारा को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, चाहे वह दूरस्थ पहाड़ी गांव हो या सीमांत क्षेत्र। उन्होंने कहा कि युवाओं को सशक्त बनाना, मातृशक्ति को आत्मनिर्भर करना और पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन, कृषि व उद्योग को संतुलित गति देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

सीएम धामी ने कहा कि इन उद्देश्यों को हासिल करने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है और नववर्ष में विकास व जनकल्याण के प्रयासों को और तेज किया जाएगा।


नए साल पर उत्तराखंड के आईएएस-आईपीएस अफसरों को प्रमोशन का तोहफा

डीजी से लेकर सचिव स्तर तक प्रमोशन, सरकार ने जारी की सूची

देहरादून। राज्य सरकार ने आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की पदोन्नति के आदेश जारी करते हुए उन्हें बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी हैं। कार्मिक विभाग और गृह विभाग द्वारा जारी आदेशों के तहत कई अधिकारियों को उच्च पदों और वेतनमान में पदोन्नत किया गया है, जिससे प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

कार्मिक विभाग की ओर से जारी आदेशों के अनुसार वर्ष 2010 बैच के आठ आईएएस अपर सचिवों को सचिव पद पर पदोन्नत किया गया है। इनमें डॉ. अहमद इकबाल, सोनिका, रंजना राजगुरु, ईवा आशीष श्रीवास्तव, आनंद स्वरूप, देवकृष्ण तिवारी, उमेश नारायण पांडेय और राजेंद्र कुमार शामिल हैं। प्रतिनियुक्ति पर तैनात ईवा आशीष श्रीवास्तव को परफॉर्मा पदोन्नति दी गई है। इसके अलावा, 2001 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आर. मीनाक्षी सुंदरम को लेवल-15 ग्रेड में पदोन्नत किया गया है।

राज्य सरकार ने अन्य बैच के अधिकारियों को भी वेतनमान में उन्नयन का लाभ दिया है। 2013 बैच के आईएएस अधिकारियों मयूर दीक्षित, वंदना, विनीत कुमार, रीना जोशी और डॉ. आनंद श्रीवास्तव को चयन वेतनमान लेवल-13 प्रदान किया गया है। वहीं, 2017 बैच के आईएएस अधिकारियों को कनिष्ठ प्रशासनिक वेतनमान लेवल-12 में पदोन्नत किया गया है। इस सूची में नमामि बंसल, गौरव कुमार, संदीप तिवारी, रवनीत चीमा, विनोद गिरी गोस्वामी, प्रशांत कुमार आर्या, आशीष कुमार भटगाई, प्रकाश चंद्र, दीप्ति सिंह और निधि यादव शामिल हैं। इसके साथ ही 2022 बैच के आईएएस दीपक रामचंद्र सेठ, राहुल आनंद और आशिमा गोयल को वरिष्ठ वेतनमान लेवल-11 दिया गया है।

इसी क्रम में गृह विभाग ने भी आईपीएस अधिकारियों की पदोन्नति के आदेश जारी किए हैं। एडीजी अभिनव कुमार को डीजी रैंक में पदोन्नत किया गया है। वहीं, डीआईजी निवेदिता कुकरेती, पी. रेणुका देवी और बरिंदरजीत सिंह को आईजी पद पर पदोन्नति दी गई है। इसके अतिरिक्त, प्रहलाद नारायण मीणा, प्रीति प्रियदर्शिनी और यशवंत सिंह को एसएसपी से डीआईजी पद पर पदोन्नत किया गया है।

अन्य पदोन्नतियों में आईपीएस तृप्ति भट्ट और रामचंद्र राजगुरु को सेलेक्शन ग्रेड लेवल-13, आईपीएस अर्पण यदुवंशी को जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड तथा आईपीएस निशा यादव और जितेंद्र चौधरी को वरिष्ठ वेतनमान लेवल-11 प्रदान किया गया है। सभी पदोन्नति आदेश एक जनवरी से प्रभावी होंगे।


चमोली में बड़ा हादसा: सुरंग के भीतर आमने-सामने भिड़ीं दो लोको ट्रेनें, कई लोग घायल

टनल हादसे के बाद त्वरित रेस्क्यू, सभी घायल सुरक्षित बाहर निकाले गए

चमोली।अलकनंदा नदी पर निर्माणाधीन विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की सुरंग के भीतर एक हादसा हो गया। परियोजना की सुरंग के भीतर शिफ्ट परिवर्तन के दौरान दो लोको ट्रेनों के आमने-सामने टकरा जाने से अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में बड़ी संख्या में मजदूर और कर्मचारी घायल हो गए, जिन्हें तुरंत उपचार के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

घटना पीपलकोटी के समीप मायापुर गांव क्षेत्र में बनी लगभग सात किलोमीटर लंबी सुरंग में हुई। टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन द्वारा संचालित इस परियोजना में सुरंग के भीतर आवाजाही और सामग्री ढुलाई के लिए लोको ट्रेनों का उपयोग किया जाता है। हादसे के समय एक ट्रेन श्रमिकों व अधिकारियों को लेकर जा रही थी, जबकि दूसरी ट्रेन निर्माण सामग्री से लदी हुई थी।

प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, टक्कर के समय दोनों ट्रेनों में कुल 109 लोग सवार थे। हादसे में करीब 60 मजदूर और कर्मचारी घायल हुए। राहत एवं बचाव दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी घायलों को सुरक्षित सुरंग से बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल 10 लोगों को जिला अस्पताल गोपेश्वर रेफर किया गया, जबकि अन्य घायलों का उपचार पीपलकोटी के विवेकानंद अस्पताल और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में किया गया।

चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था सीआईएसएफ के अधीन है और सभी घायलों का इलाज जारी है। प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी या आपसी संचार में चूक की आशंका जताई जा रही है।

देर रात हुए इस हादसे के बाद परियोजना प्रबंधन, जिला प्रशासन और बचाव दल ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। सुरंग के भीतर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में स्थानीय कर्मचारियों और रेस्क्यू टीम की अहम भूमिका रही।

घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिलाधिकारी चमोली से फोन पर वार्ता कर स्थिति की जानकारी ली और घायलों को हर संभव बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही आवश्यकता पड़ने पर घायलों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर करने को कहा गया।


यमकेश्वर में शीला–काण्डई मोटर मार्ग पर 24 मीटर स्टील ट्रस पुल के निर्माण को मिली मंजूरी

पुल निर्माण को स्वीकृति मिलने पर क्षेत्रीय जनता ने जताया सीएम धामी व लोनिवि मंत्री का आभार

यमकेश्वर (पौड़ी)। जनपद के विधानसभा क्षेत्र यमकेश्वर के अन्तर्गत शीला काण्डई मोटर मार्ग पर बनने वाले 24 मीटर स्टील ट्रस सेतु के निर्माण कार्य की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है। क्षेत्रीय जनता एवं जनप्रतिनिधियों ने यमकेश्वर के अन्तर्गत शीला काण्डई मोटर मार्ग में 158.17 लाख (रुपये एक करोड़ अठावन लाख सत्रह हजार मात्र) की लागत से बनने वाले 24 मीटर स्टील ट्रस सेतु के निर्माण कार्य की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज का आभार व्यक्त किया है।

यमकेश्व क्षेत्र की जनता एवं जनप्रतिनिधियों ने राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद पौड़ी गढ़वाल के विधानसभा क्षेत्र यमकेश्वर के अन्तर्गत शीला काण्डई मोटर मार्ग में पर 158.17 लाख (रुपये एक करोड़ अठावन लाख सत्रह हजार मात्र) की लागत से बनने वाले 24 मीटर लम्बे स्टील ट्रस सेतु के निर्माण कार्य की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज का आभार व्यक्त किया है।

लोनिवि मंत्री महाराज ने कहा कि अधिकारियों को पुल के निर्माण का कार्य गुणवत्ता पूर्ण और तय समय पर पूरा करने के निर्देश दे दिए गए हैं। शीघ्र ही टेंडर प्रक्रिया के पश्चात निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जायेगा। पुल के बन जाने पर लोगों काफी सुविधा और राहत मिलेगी।


अवैध निर्माणों पर एमडीडीए का सख़्त प्रहार, सहस्त्रधारा रोड क्षेत्र में दो बड़े निर्माण सील

प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत नियमों से खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त- बंशीधर तिवारी

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत अवैध निर्माणों के विरुद्ध निरंतर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में सहस्त्रधारा रोड क्षेत्र में बिना स्वीकृति एवं मानचित्र के विपरीत किए जा रहे अवैध निर्माणों पर सीलिंग की कार्रवाई अमल में लाई गई। यह कदम शहरी नियोजन, जनसुरक्षा तथा सुव्यवस्थित विकास को सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया है।

प्राधिकरण द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि सहस्त्रधारा रोड क्षेत्र में कुछ भवन निर्माण नियमों का उल्लंघन कर अवैध रूप से किए जा रहे हैं। संबंधित प्रकरणों में नियमानुसार नोटिस एवं प्रक्रिया के उपरांत सीलिंग की कार्रवाई की गई। एमडीडीए का स्पष्ट रुख है कि प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध, अनियोजित अथवा नियम विरुद्ध निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा।

इस कार्रवाई के अंतर्गत कैलाशवीर सिंह द्वारा गंगा इन्क्लेव, सहस्त्रधारा रोड, देहरादून में किए गए अवैध बहुमंज़िला निर्माण को सील किया गया। इसके साथ ही भरत सिंह द्वारा कुलहान, सहस्त्रधारा रोड, देहरादून में किए गए अवैध व्यवसायिक निर्माण पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई। दोनों ही मामलों में निर्माण बिना वैध स्वीकृति के तथा स्वीकृत मानचित्र के विपरीत पाया गया।

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि अवैध निर्माण शहर की आधारभूत संरचना, यातायात व्यवस्था, पर्यावरण संतुलन और आपदा प्रबंधन के लिए गंभीर चुनौती बनते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राधिकरण का उद्देश्य दंडात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि सुनियोजित और नियमबद्ध विकास सुनिश्चित करना है। बावजूद इसके, यदि कोई व्यक्ति नियमों की अनदेखी करता है तो उसके विरुद्ध सख़्त कार्रवाई की जाएगी। आने वाले समय में भी ऐसे अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान और तेज़ किया जाएगा।

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने जानकारी देते हुए बताया कि सहस्त्रधारा रोड क्षेत्र में की गई यह सीलिंग की कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार एवं सक्षम प्राधिकारी के निर्देशों के अनुरूप की गई है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण द्वारा आमतौर पर भवन स्वामियों को नियमों के पालन हेतु अवसर प्रदान किए जाते हैं, किंतु इसके बावजूद अवैध निर्माण जारी रहने पर कार्रवाई अनिवार्य हो जाती है। सचिव ने आम नागरिकों, भवन स्वामियों एवं डेवलपर्स से अपील की कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पूर्व मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण से आवश्यक अनुमति अवश्य प्राप्त करें। इससे न केवल कानूनी जटिलताओं से बचा जा सकता है, बल्कि शहर का नियोजित विकास भी सुनिश्चित होगा।

उक्त सीलिंग की कार्रवाई संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों के अनुपालन में सम्पन्न की गई। कार्रवाई सहायक अभियन्ता शैलेन्द्र सिंह रावत, अवर अभियन्ता गौरव तोमर, संबंधित सुपरवाइज़र तथा पुलिस बल की उपस्थिति में शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से पूर्ण की गई। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के विरुद्ध यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। एमडीडीए का लक्ष्य देहरादून एवं मसूरी क्षेत्र में पारदर्शी, सुरक्षित और सुनियोजित शहरी विकास सुनिश्चित करना है, जिसमें आमजन का सहयोग अपेक्षित है।


स्व. उमेश अग्रवाल की जयंती पर सीएम धामी ने दी श्रद्धांजलि, मातृ-पितृ भक्ति दिवस में हुए शामिल

सीएम धामी ने वरिष्ठ नागरिकों को बताया समाज की धरोहर

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को जी.एम.एस रोड, देहरादून में स्व. उमेश अग्रवाल की 66वीं जयन्ती के अवसर पर आयोजित मातृ-पितृ भक्ति दिवस कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वर्गीय उमेश अग्रवाल की जयंती पर उन्हें श्रंद्धाजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन संगठन, समाज और राष्ट्रसेवा को समर्पित रहा। स्व. उमेश ने देहरादून में भाजपा विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते हुए संगठन को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने हमेशा जनसेवा और विकास को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाए रखा। उन्होंने प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के कार्यकारी अध्यक्ष तथा दून उद्योग व्यापार मंडल के संरक्षक के रूप में व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर संघर्ष किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठजन हमारे परिवार के संरक्षक के साथ संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों के जीवंत वाहक भी होते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए भी कार्य कर रही है। वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह ₹ 1500 पेंशन प्रदान की जा रही है। जिसके अंतर्गत राज्य के लगभग 6 लाख वृद्धजनों को पेंशन दी जा रही है। इसमें पात्र, पति और पत्नी दोनों को अलग-अलग पेंशन का लाभ भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा केंद्र सरकार के सहयोग से रुद्रपुर में मॉडल वृद्धाश्रम का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा राज्य में पहली बार वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल के लिए मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में जेरियाट्रिक केयर गिवर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है। जिसमें करीब 20 मास्टर ट्रेनर तैयार किए गए। उन्होंने कहा इस वर्ष प्रत्येक जनपद में कम से कम 50 व्यक्तियों को मास्टर ट्रेनर बनाने के साथ ही 150 व्यक्तियों को जेरियाट्रिक केयर गिवर प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क मोतियाबिंद सर्जरी की सुविधा भी प्रदान कर रही है। इस वर्ष 1,300 वरिष्ठ नागरिकों की निशुल्क सर्जरी कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सरकार ने बदलते समय के साथ रिश्तों में आई चुनौतियों को देखते हुए वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा हेतु राज्य में माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम भी लागू किया है। जिसके तहत बुजुर्गों को यह कानूनी अधिकार प्राप्त हो जाता है कि वे अपने बच्चों या कानूनी उत्तराधिकारियों से भरण-पोषण की मांग कर सकें।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, महामंत्री संगठन अजेय कुमार, विधायक सविता कपूर, खजान दास, उमेश शर्मा काऊ, अध्यक्ष महानगर सिद्धार्थ अग्रवाल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।


हर व्यक्ति का विकास सरकार की प्राथमिकता- रेखा आर्या

नैनीताल जनपद में कैबिनेट मंत्री ने सुनी जन समस्याएं

नैनीताल। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने नैनीताल जनपद के रातीघाट स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में जन समस्याओं की सुनवाई की। उन्होंने मौके से ही कई विभागीय अधिकारियों को फोन करके जन समस्याओं का निस्तारण कराया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश सरकार अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक का विकास करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर नागरिक तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे, इसके लिए भाजपा सरकार कोई कसर बाकी नहीं रखेगी।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश को विकसित राज्यों की श्रेणी में खड़ा करने के लिए महिलाओं और युवाओं का सशक्तिकरण बेहद जरूरी है और प्रदेश सरकार इस दिशा में तेजी से काम कर रही है।

इस दौरान लोगों ने सड़क, पेयजल, स्कूल की मरम्मत और राशन कार्ड आदि की समस्याएं उठाई। जिस पर कैबिनेट मंत्री ने मौके से ही विभागीय अधिकारियों को फोन करके समस्याओं का निस्तारण कराया।

कार्यक्रम में विधायक नैनीताल सरिता आर्या, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रताप बिष्ट, मंडल अध्यक्ष नीरज बिष्ट, दिनेश आर्य, नवीन वर्मा, दिलीप बोहरा, घनश्याम बिष्ट, प्रताप बो


मुख्यमंत्री के अधिकारियों को सख्त निर्देश -राज्य में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले तत्वों पर करें सख्त कार्रवाई

नववर्ष के दृष्टिगत पर्यटकों की सुविधा, सुरक्षा और सुगमता को लेकर पुख्ता व्यवस्थाएं हों, चैकिंग के लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाय- मुख्यमंत्री

यातायात प्रबंधन, रात्रिकालीन गश्त एवं अतिक्रमण हटाने पर विशेष फोकस

प्रदेश में स्वच्छता, प्लास्टिक मुक्ति एवं शीतकालीन यात्रा प्रबंधन के लिए ठोस व्यवस्था के निर्देश

देहरादून। 30 दिसम्बर 2025 से 05 जनवरी 2026 तक प्रदेश में यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए। प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था के साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि पर्यटकों और आगन्तुकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। पुलिस द्वारा नियमित रात्रिकालीन गश्त की जाए। पुलिस के उच्चाधिकारी भी कानून व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए समय-समय पर विभिन्न क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करें। प्रदेश में कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। ये निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में नव वर्ष 2026 के अवसर पर आवागमन को सुगम बनाने, पर्यटकों की सुविधा, यातायात प्रबंधन एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा की बैठक के दौरान अधिकारियों को दिये।

मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये कि राज्य में कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखा जाए। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में आपराधिक कृत्य करने वालों को बख्शा नहीं जायेगा। राज्य के प्रमुख पर्यटक स्थलों, अधिक आवागमन तथा भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में समुचित सुरक्षा व्यवस्था करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये हैं। नव वर्ष के अवसर पर सभी जनपदों में यातायात प्रबंधन के साथ मूलभूत सुविधाओं तथा पार्किंग की समुचित व्यवस्था, वाहनों के अनियंत्रित संचालन तथा शराब पीकर गाड़ी चलाने पर विशेष निगरानी के साथ ही शराब के ठेकों के आसपास भी सुरक्षा की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिये गये हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि देवभूमि उत्तराखण्ड में आने वाले सभी पर्यटकों की सुरक्षा, सुविधा एवं आतिथ्य का पूरा ध्यान रखा जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित हो कि चैकिंग के नाम पर आम जनता एवं पर्यटकों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाय।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में जिन स्थानों पर सड़कों पर अतिक्रमण की समस्याएं आ रही हैं, उन्हें सख्ती से हटाया जाए। जिला प्रशासन, नगर निगम, पुलिस, परिवहन तथा एमडीडीए टास्क फोर्स बनाकर सड़कों से निरंतर अतिक्रमण हटायें। अन्य जनपदों में भी जहां सड़कों पर अतिक्रमण की समस्या है, इस पर निरंतर कार्रवाई की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर होटल और रिसार्ट्स में भी फायर सेफ्टी और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को देखा जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी प्रकार की घटना की स्थिति में पुलिस 5 मिनट के अन्दर मौके पर पहुंच जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि शीतकालीन यात्रा के दृष्टिगत भी सभी व्यवस्थाएं सुचारू रखी जाएं। पर्यटकों की सुविधा के लिए जानकारी केन्द्रों की समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। जन सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए स्ट्रीट लाइट एवं शीतकाल के दृष्टिगत अलाव की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सफाई व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिए जाने तथा प्लास्टिक मुक्ति के लिए अभियान चलाए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि इस मुहिम में सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक संगठनों के साथ ही आम लोगों से भी सहयोग लिया जाए।

बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, गढ़वाल कमिश्नर एवं सचिव विनय शंकर पाण्डेय, सचिव धीराज गर्ब्याल, अपर पुलिस महानिदेशक वी. मुरूगेशन, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, शासन एवं पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा वर्चुअल माध्यम से आईजी कुमांऊ रिद्धिम अग्रवाल, सभी जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तथा पुलिस अधीक्षक उपस्थित थे।


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