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मानव-वन्यजीव संघर्ष पर कड़ा कदम: गुलदार को पकड़ने के साथ ही नष्ट करने के आदेश

Category Archives: उत्तराखंड

मानव-वन्यजीव संघर्ष पर कड़ा कदम: गुलदार को पकड़ने के साथ ही नष्ट करने के आदेश

बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम, वन-राजस्व टीमें रहेंगी तैनात

पौड़ी। विकासखंड पोखड़ा क्षेत्र में बढ़ती मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने त्वरित एवं कड़े कदम उठाए हैं। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक द्वारा जनसुरक्षा, विशेष रूप से स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संबंधित क्षेत्र में सक्रिय गुलदार को पकड़ने के साथ ही आवश्यक होने और उसे नष्ट करने की अनुमति भी प्रदान की गयी है।

डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव ने बताया कि क्षेत्र की संवेदनशील परिस्थितियों को देखते हुए आवश्यक अनुमति का अनुरोध किया गया था। वन संरक्षक, गढ़वाल वृत्त द्वारा दी गयी संस्तुति के आधार पर मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक द्वारा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (संशोधित 2022) की धारा 11(1)(क) के अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए गुलदार को पिंजरे में कैद करने, ट्रैंक्युलाईज कर पकड़ने की अनुमति दी गयी है। साथ ही सभी प्रयासों के बावजूद गुलदार के पकड़ में न आने की स्थिति में अंतिम विकल्प के रूप में उसे नष्ट करने की भी अनुमति प्रदान की गयी है।

डीएफओ ने स्पष्ट किया कि यह अनुमति केवल चिन्हित गुलदार के लिए ही मान्य होगी तथा आदेश जारी होने की तिथि से एक माह तक प्रभावी रहेगा। उन्होंने बताया कि गुलदार की गतिविधियों पर सतत निगरानी के लिए क्षेत्र में तीन पिंजरे और बीस ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही दो लाइसेंसधारी शिकारियों की तैनाती की गयी है तथा आधुनिक तकनीक जैसे ड्रोन और अन्य निगरानी साधनों का उपयोग किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम हेतु व्यापक जन-जागरुकता अभियान भी संचालित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में 6 अप्रैल तक विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है। विद्यालय खुलने के बाद बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वन और राजस्व विभाग के संयुक्त दल द्वारा उन्हें घर से विद्यालय तक लाने और वापस छोड़ने की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग द्वारा पालतू मवेशियों के लिए चारा-पत्ती की व्यवस्था भी की जा रही है। यह व्यवस्थाएं तब तक जारी रहेंगी जब तक गुलदार को पकड़ा या मार गिराया नहीं जाता, ताकि क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल हो सके।


मुख्यमंत्री धामी ने पुलिस लाइन देहरादून में प्रशिक्षण ले रहे पुलिस कांस्टेबलों को किया संबोधित

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को पुलिस लाइन देहरादून में प्रशिक्षण ले रहे पुलिस कांस्टेबलों को संबोधित किया। उन्होंने युवा कांस्टेबलों का उत्साहवर्धन करते हुए राज्य की कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने, आपदा प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभाने तथा ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड पहाड़ी राज्य होने के कारण प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है, इसलिए पुलिसकर्मियों को आपदा प्रबंधन में निपुण बनना आवश्यक है। उन्होंने कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए जनता के साथ समन्वय बनाए रखने तथा अपराध नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। ट्रैफिक व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने तथा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कांस्टेबलों को आधुनिक प्रशिक्षण ग्रहण कर जनसेवा के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया।


मुख्यमंत्री धामी ने किया “दून बुक फेस्टिवल-2026” का शुभारंभ

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देहरादून में आयोजित “दून बुक फेस्टिवल-2026” का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर विभिन्न प्रकाशकों द्वारा लगाये गये स्टॉल का अवलोकन और गढ़वाली एवं कुमांऊनी पुस्तकों का विमोचन भी किया। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार और उत्तराखण्ड सरकार के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने देशभर से आए साहित्यकारों, कलाकारों एवं साहित्य प्रेमियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह महोत्सव साहित्य, संस्कृति और कला का अद्भुत संगम है, जो समाज में ज्ञान और विचारों के आदान-प्रदान को नई दिशा प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस 9 दिवसीय महोत्सव में विभिन्न सत्रों, संवाद कार्यक्रमों, पुस्तक परिचर्चाओं तथा “लेखक से मिलिए” जैसे आयोजनों के माध्यम से साहित्यिक विमर्श को समृद्ध किया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों के लिए स्थापित “चिल्ड्रेन पवेलियन” को सराहनीय पहल बताते हुए कहा कि इससे नई पीढ़ी में पठन-पाठन की रुचि विकसित होगी।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की समृद्ध साहित्यिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि देवभूमि की इस पावन भूमि ने अनेक महान साहित्यकारों को जन्म दिया है और यह प्रदेश सदैव ज्ञान, संस्कृति एवं सृजन का केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार साहित्य एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

“उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान”, “साहित्य भूषण” तथा अन्य पुरस्कारों के माध्यम से साहित्यकारों को सम्मानित किया जा रहा है, साथ ही विभिन्न भाषाओं में ग्रंथ प्रकाशन हेतु अनुदान भी प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में साहित्य ग्रामों की स्थापना की जा रही है, जिससे साहित्यकारों को सृजन के लिए अनुकूल वातावरण मिल सकेगा तथा उत्तराखंड को साहित्यिक पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पुस्तकों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पुस्तकें केवल शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि ज्ञान का स्थायी स्रोत हैं, जो पीढ़ी दर पीढ़ी समाज को दिशा प्रदान करती हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे विभिन्न अवसरों पर उपहार स्वरूप पुस्तकों एवं पौधों को प्रोत्साहित करें, जिससे समाज में ज्ञान और पर्यावरण दोनों के प्रति जागरूकता बढ़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को पुनः प्रतिष्ठित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार भी उत्तराखंड की साहित्यिक धरोहर के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने महोत्सव के सफल आयोजन के लिए सभी आयोजकों को शुभकामनाएं दीं और विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन प्रदेश की साहित्यिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, आचार्य बालकृष्ण, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अध्यक्ष प्रो. मिलिन्द मराठी, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के निदेशक युवराज मलिक, देवभूमि उत्तराखण्ड युनवर्सिटी के उपाध्यक्ष अमन बंसल मौजूद थे।


जिला सहकारी बैंकों की 290 शाखाओं ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में कमाया 269.72 करोड़ का मुनाफा

कुशल वित्तीय प्रबंधन से 39.88 करोड़ कम हुआ बैंकों का एनपीए

देहरादून। सूबे के राज्य सरकारी एवं जिला सहकारी बैंकों की 290 शाखाओं ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में उल्लेखनीय प्रदर्शन कर अपनी वित्तीय मजबूत कर 269.72 करोड़ का लाभ अर्जित किया है। एनपीए नियंत्रण के मोर्च पर भी बैकों ने सख्त वित्तीय अनुशासन दिखाते हुये 39.88 करोड़ का एनपीए कम किया है, जोकि विगत वित्तीय वर्ष की तुलना में 6 फीसदी से अधिक कम हुआ है।

सूबे के सहकारिता मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि राज्य सरकार की पारदर्शी नीतियों के चलते प्रदेश में सहकारी बैंकों का वित्तीय प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में दस जनपदों के जिला सहकारी बैंकों व राज्य सहकारी बैंकों की 290 शाखाएं लाभ की स्थिति में पहुंच गई है जबकि पिछले वित्तीय वर्ष यह संख्या 280 थी। डाॅ. रावत ने बताया कि इस अवधि में सहकारी बैंकों ने 269.72 करोड़ का लाभ अर्जित कर 150.82 करोड़ का शुद्ध मुनाफा कमाया है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 28.96 करोड़ अधिक है। विभागीय मंत्री ने बताया कि सहकारी बैंकों की बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता, ऋण वितरण में सुधार तथा डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया। एनपीए की समयबद्ध वसूली के परिणामस्वरूप बैंकों की वित्तीय स्थिति लगातार सुदृढ़ हो रही है साथ ही एनपीए में भी उल्लेखनीय कमी आई है। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष बैंकों का सकल एनपीए जहां 690.11 करोड़ था वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह कम होकर 650.23 करोड़ रहा गया है यानी विगत वर्ष के मुकाबले 6.22 फीसदी सकल एनपीए में कमी दर्ज की गई है। जिसके चलते बैंकों का शुद्ध एनपीए जहां विगत वर्ष 183.87 करोड़ था वह घटकर अब 173.65 करोड़ रह गया है। डाॅ. रावत ने बताया कि सहकारी बैंकों का वित्तीय प्रदर्शन प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिये बेहद सकारात्मक संकेत हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की सख्त एनपीए वसूली नीति और पारदर्शी व्यवस्था का लाभ आम लोगों को मिल रहा है। डाॅ. रावत ने कहा कि प्रदेश में सहकारी क्षेत्र को और मजबूत बनाने के लिये डिजिटल बैंकिंग, आधुनिक तकनीक और वित्तीय प्रबंधन पर और बेहतर ढंग से काम किया जायेगा, ताकि सहकारी बैंक ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़ बन सके।

लाभ की स्थिति में 290 बैंक शाखाएं

सहकारिता मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने बताया कि सहकारी बैकों में बेहतर वित्तीय प्रबंधन के चलते वित्तीय वर्ष 2025-26 में 290 बैंक शाखाएं लाभ की स्थिति में आ गई है। जिसमें जनपद देहरादून की 21, कोटद्वार 29, चमोली 30, उत्तरकाशी 17, हरिद्वार 22, ऊधमसिंह नगर 32, नैनीताल 36, टिहरी 37, पिथौरागढ़ 26 तथा अल्मोड़ा की 28 बैंक शाखाओं सहित राज्य सहकारी बैंक की 12 शाखाएं शामिल है। जबकि प्रदेश भी की 41 सहकारी बैंक शाखाएं घाटे में रही। डाॅ. रावत ने कहा कि इन बैंक शाखाओं को घाटे से उभारने के लिये पृथक से और प्रयास करने पड़ेंगे इसके लिये उन्होंने विभागीय अधिकारियों को ठोस रणनीति बनाने के भी निर्देश दिये।

मजबूत वित्तीय प्रबंधन से सहकारी बैंकों ने कमाया मुनाफा

वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य एवं जिला सहकारी बैंकों ने बेहतर वित्तीय प्रदर्शन कर अच्छा 269.28 करोड़ का लाभ अर्जित किया है। जिसमें देहरादून जनपद में जिला सहकारी बैंकों ने 29.11 करोड़ का सकल लाभ उठाया। इसी प्रकार कोटद्वार में 30 करोड़, चमोली 31.79, उत्तरकाशी 25.12, हरिद्वार 9.32, ऊधमसिंह नगर 25.24, नैनीताल 22.65, टिहरी 31.12, पिथौरागढ़ 21.65 तथा अल्मोड़ा में 16.91 करोड़ जबकि राज्य सहकारी बैंकों ने 26.37 करोड़ का सकल लाभ अर्जित किया।


पेंशन योजनाओं में पारदर्शिता की पहल, 15 जून तक होगा लाभार्थियों का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन

शहरी क्षेत्रों में उप जिलाधिकारी व ग्रामीण क्षेत्रों में खंड विकास अधिकारी की निगरानी में होगा सत्यापन

15 जून तक हर हाल में पूरा हो सत्यापन, सीडीओ का सख्त निर्देश

देहरादून। समाज कल्याण एवं महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न पेंशन योजनाओं में पारदर्शिता एवं शुद्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लाभार्थियों का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन अनिवार्य किया गया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के क्रम में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जनपद में सभी पेंशन प्राप्तकर्ताओं का समयबद्ध सत्यापन कर अपात्र एवं मृत पेंशनरों को सूची से हटाया जाए।

विभाग द्वारा संचालित वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान, तीलू रौतेली, बौना पेंशन तथा 0 से 18 वर्ष तक के दिव्यांग बच्चों हेतु पेंशन योजनाओं के अंतर्गत लाभान्वित सभी व्यक्तियों का सत्यापन किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ केवल पात्र व्यक्तियों तक ही पहुंचे और किसी भी अपात्र को भुगतान न हो।

मुख्य विकास अधिकारी ने सत्यापन कार्य हेतु शहरी क्षेत्रों में उपजिलाधिकारी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में खण्ड विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया है। अधिकारियों को अपने अधीनस्थ पटवारी/लेखपाल तथा ग्राम विकास अधिकारी/ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के माध्यम से सत्यापन कार्य पूर्ण कराने के निर्देश जारी किए गए है। सत्यापन के दौरान यदि कोई पेंशनर मृत पाया जाता है तो उसकी मृत्यु तिथि तथा अपात्र पाए जाने पर उसका कारण स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाएगा।

सीडीओ ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सत्यापन कार्य पूर्ण कर उसकी रिपोर्ट 15 जून 2026 तक अनिवार्य रूप से संबंधित सहायक समाज कल्याण अधिकारी को उपलब्ध कराएं। इसके पश्चात जिला समाज कल्याण अधिकारी एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा प्राप्त सूचनाओं के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

देहरादून जनपद में समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत वृद्धावस्था पेंशन के 76,128, दिव्यांग पेंशन के 11,596, 0-18 वर्ष आयु वर्ग के दिव्यांग पेंशन के 1,121 तथा किसान पेंशन के 672 लाभार्थी शामिल हैं। इसी प्रकार, महिला कल्याण विभाग के अंतर्गत विधवा पेंशन के 32,011 तथा परित्यक्ता पेंशन के 8,140 लाभार्थी सम्मिलित हैं।

पेंशनरों की ग्रामवार एवं वार्डवार सूची विभागीय वेबसाइट ssp.uk.gov.in पर उपलब्ध कराई गई है। साथ ही आवश्यक जानकारी के लिए विभाग के नामित कम्प्यूटर ऑपरेटर के मोबाइल नंबर 7906905177 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

मुख्य विकास अधिकारी ने इस कार्य को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता न बरती जाए। समयबद्ध सत्यापन से जहां अपात्र लाभार्थियों को बाहर किया जाएगा, वहीं पात्र पेंशनरों को समय पर और सुचारू रूप से पेंशन का लाभ मिल सकेगा।


महाराज ने आदमखोर गुलदार को शीघ्र मारने के दिए निर्देश

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने दृष्टि की मृत्यु पर गहरी संवेदना व्यक्त कर उनके पिता को ढांढस बंधाया

पौड़ी। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एवं चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने अपने विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कुंजखाल/भतकोट में गुलदार के हमले मारी गई भतकोट गाँव निवासी 4 वर्षीय बच्ची दृष्टि की मृत्यु पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उनके पिता हरेंद्र सिंह को ढांढस बंधाया। उन्होंने प्रभागीय वनाधिकारी पौड़ी को निर्देश दिए हैं कि आदमखोर गुलदार को पकड़ने के लिए पर्याप्त पिंजरे लगाने के साथ-साथ शीघ्र उसे मार कर स्थानीय लोगों की सुरक्षा की जाये।

प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एवं चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने अपने विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कुंजखाल/भतकोट में गुलदार के हमले मारी गई भतकोट गाँव निवासी 4 वर्षीय बच्ची दृष्टि पुत्री हरेंद्र सिंह की मृत्यु पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उनके परिवार को ढांढस बंधाया और प्रभागीय वनाधिकारी पौड़ी को निर्देश दिए कि वह आदमखोर गुलदार को पकड़ने के लिए अपनी टीम को मुस्तैद रखने के साथ-साथ पिंजरों की संख्या बढाने के अलावा आदमखोर गुलदार को शीघ्र मार कर स्थानीय लोगों की सुरक्षा की जाये। प्रभागीय वनाधिकारी पौड़ी ने महाराज के निर्देशों का संज्ञान लेते हुए पिंजरों की संख्या बढ़ाने के अलावा आदमखोर गुलदार को मारने की विधिवत् स्वीकृति ले ली गई है। स्थानीय लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शीघ्र ही उसको ढूंढ कर शूट कर दिया जाएगा।


कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अरुणाचल प्रदेश के कृषि मंत्री गेब्रियल डी. वांगसू से की शिष्टाचार भेंट

चाय उत्पादन, प्राकृतिक खेती और उद्यानिकी पर हुई विस्तृत चर्चा

देहरादून/ईटानगर। उत्तराखंड के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में राज्य के कृषि मंत्री गेब्रियल डी. वांगसू से शिष्टाचार भेंट की।

इस दौरान दोनों नेताओं के बीच चाय उत्पादन, प्राकृतिक खेती, एरोमेटिक पौधों और उद्यानिकी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में विशेष रूप से पहाड़ी राज्यों की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप कृषि तकनीकों के आदान-प्रदान पर जोर दिया गया।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने विश्वास जताया कि उत्तराखंड और अरुणाचल प्रदेश के बीच आपसी समन्वय और आधुनिक तकनीकों के साझा उपयोग से किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। साथ ही, इस सहयोग से दोनों राज्यों के बीच संबंध और अधिक मजबूत होंगे।


“विकास भी और विरासत भी” को ध्यान में रखते हुए कार्य कर रही राज्य सरकार- मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री ने जुगमन्दर हॉल के नवीनीकरण कार्य का किया लोकार्पण

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नगर निगम देहरादून में निगम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण एवं संवर्धन के अंतर्गत 02 करोड़ 32 लाख 50 हजार रुपये की लागत से जुगमन्दर हॉल के जीर्णोद्धार एवं नवीनीकरण कार्य का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने केदारपुरम स्थित ए.बी.सी. सेंटर में कैनालों के निर्माण एवं नगर निगम क्षेत्रांतर्गत 06 स्थानों पर पार्कों के विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का शिलान्यास भी किया।

मुख्यमंत्री ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार “विकास भी और विरासत भी” को ध्यान में रखते हुए कार्य कर रही है। आज हमारा देहरादून अपनी समृद्ध पहचान और सांस्कृतिक धरोहर को संजोते हुए आगे बढ़ रहा है। तेज विकास के साथ-साथ अपनी संस्कृति और पहचान को सहेजने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के शहरी क्षेत्रों को सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाने के लिए व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से देश के शहरों, कस्बों और नगरों में स्वच्छता की एक नई संस्कृति विकसित हुई है।

अमृत योजना के माध्यम से शहरों में जल आपूर्ति, सीवरेज व्यवस्था और हरित क्षेत्रों के विकास की दिशा में भी अनेक कार्य किए जा रहे हैं। स्मार्ट सिटी मिशन के माध्यम से देशभर के शहरों को आधुनिक, सुविधायुक्त और भविष्य के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से लाखों गरीब परिवारों का स्वयं का घर होने का सपना साकार हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने तथा अन्य क्षेत्रों में भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किए जा रहे हैं। देहरादून को स्वच्छ, सुंदर और विकसित शहर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से शहरों में ठोस कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाया जा रहा है।

स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, ओडीएफ अभियान और लीगेसी वेस्ट प्रबंधन जैसी योजनाओं के माध्यम से नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी स्थापित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून को आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने के लिए 1400 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं पर व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं।

कचरा प्रबंधन के लिए आधुनिक मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन का निर्माण किया गया है। कूड़ा वाहनों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना भी की गई है। हरित और स्वस्थ देहरादून के निर्माण के लिए शहर में 35 पार्कों का निर्माण कराया गया है। केदारपुरम में योगा थीम पर आधारित शहर का सबसे बड़ा पार्क विकसित किया गया है। वीर बलिदानियों की स्मृति में विशेष स्मृति पार्कों के माध्यम से 50 हजार वर्ग मीटर से अधिक हरित क्षेत्र विकसित किया गया है। जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए जलभराव वाले चिन्हित स्थानों पर रिचार्ज पिट बनाए जा रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए शहर में 30 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है। निजी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 11 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए गए हैं।
नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के अंतर्गत स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में देहरादून ने देशभर में 19वां स्थान प्राप्त किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का शुभारंभ करेंगे। इससे आवागमन और तेज होगा। इन संभावित चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए पार्किंग, पेयजल एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में देहरादून को देश के शीर्ष स्वच्छ शहरों की श्रेणी में शामिल करने के लिए और अधिक मेहनत करनी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए रिस्पना और बिंदाल नदियों के ऊपर एलिवेटेड रोड निर्माण की योजना भी तैयार की जा रही है।
पिछले एक वर्ष में नगर निगम देहरादून द्वारा किए गए कार्यों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम ने राजस्व संग्रहण को लगभग 52 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 73 करोड़ रुपये तक पहुंचाया है, जिससे राजस्व में 40 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पहले जहां लगभग 190 से 200 वाहन डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण में लगे थे, आज उनकी संख्या बढ़कर लगभग 300 हो गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण न हो, यह राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है। सरकारी और निगम की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करना नगर निगम की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

उन्होंने नगर निगम के सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से इस पर सक्रिय कार्रवाई की अपेक्षा की। उन्होंने जनता से देहरादून को स्वच्छ, सुंदर और आधुनिक शहर बनाने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, रामसिंह कैड़ा, खजान दास, मेयर सौरभ थपलियाल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, श्रीमती सविता कपूर, सहदेव सिंह पुंडीर, नगर आयुक्त देहरादून श्रीमती नमामि बंसल एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।


आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता- महेंद्र भट्ट

रुड़की में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, महेंद्र भट्ट ने किया शुभारंभ

हरिद्वार। रुड़की में आमजन को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं।

रुड़की में आयोजित इस स्वास्थ्य शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर स्वास्थ्य जांच और विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श का लाभ उठाया। शिविर का उद्देश्य क्षेत्र के लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना रहा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के शिविर समाज के कमजोर वर्ग तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस अवसर पर उन्होंने सहयोग देने वाले चिकित्सकों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वस्थ समाज ही मजबूत राष्ट्र की नींव होता है और इसी सोच के साथ जनसेवा के कार्य लगातार किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, श्याम वीर सैनी, जिला अध्यक्ष डॉ. मधु सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी और पूर्वी मंडल अध्यक्ष अमरीश शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।


शहर के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों और पार्कों में चला दून पुलिस का चेकिंग अभियान

मार्निंग वॉक पर जाने वाले बुजुर्गों, महिलाओं व बच्चों तथा अपने काम पर जाने वाली महिलाओं को सुरक्षा का अहसास दिलाने गौरा पुलिस तथा यातायात पुलिस द्वारा की गई सघन चेकिंग

देहरादून। देहरादून में आमजन की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जनपदभर में दिन-रात सघन चेकिंग और सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।

देहरादून पुलिस द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से सभी थाना क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर चेकिंग अभियान जारी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशों के तहत पुलिस टीमें लगातार रात्रि और दिन में सक्रिय रहते हुए संदिग्ध व्यक्तियों की जांच कर रही हैं और आवश्यकतानुसार वैधानिक कार्रवाई भी की जा रही है।

इसी क्रम में शुक्रवार सुबह पुलिस अधीक्षक यातायात के नेतृत्व में थाना पुलिस और यातायात पुलिस की अलग-अलग टीमों ने शहर के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों और पार्कों के आसपास सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों और अपने कार्यस्थलों की ओर जा रहे नागरिकों से पुलिसकर्मियों ने संवाद स्थापित कर उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया।

चेकिंग के दौरान अनावश्यक रूप से घूम रहे और संदिग्ध प्रतीत होने वाले व्यक्तियों से पूछताछ की गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह अभियान आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से लगातार जारी रहेगा।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि जनपद में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस तरह के सघन चेकिंग अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेंगे।


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