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आढ़त बाजार, तहसील चौक सड़क चौड़ीकरण परियोजना ने पकड़ी रफ्तार

Category Archives: राष्ट्रीय

आढ़त बाजार, तहसील चौक सड़क चौड़ीकरण परियोजना ने पकड़ी रफ्तार

एमडीडीए की पारदर्शी कार्यशैली, प्रभावितों को मिल रहा समय पर मुआवजा, 52 को लगभग 21 करोड़ का भुगतान, व 34 संपत्ति धारकों की जल्द होगी रजिस्ट्री

देहरादून। देहरादून शहर के यातायात को सुगम और आधुनिक बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का विजन अब जमीन पर उतरता दिखाई दे रहा है। लंबे समय से प्रतीक्षित आढ़त बाजार, तहसील चौक सड़क चौड़ीकरण परियोजना में तेजी आई है और इससे जुड़े प्रभावितों को मुआवजा एवं पुनर्वास की प्रक्रिया भी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ रही है। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा मुख्यमंत्री के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के तहत इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर अमल में लाया जा रहा है।

52 संपत्ति धारकों को 21 करोड़ का भुगतान
परियोजना के तहत प्रभावित होने वाली कुल 410 संपत्तियों में से अब तक 52 संपत्ति धारकों को लगभग 21 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया जा चुका है। मुआवजा प्राप्त करने के बाद इन संपत्ति धारकों ने अपनी प्रभावित परिसंपत्तियों की रजिस्ट्री लोक निर्माण विभाग के नाम कर दी है। यह प्रक्रिया न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता को दर्शाती है, बल्कि प्रभावितों के विश्वास को भी मजबूत कर रही है। कई प्रभावितों ने अपनी संपत्तियों के हिस्सों को हटाने का कार्य भी शुरू कर दिया है, जिससे परियोजना को गति मिल रही है।

34 संपत्ति धारकों की जल्द होगी रजिस्ट्री
एमडीडीए द्वारा शेष संपत्तियों के दस्तावेजों का गहन परीक्षण किया जा रहा है। जिनके दस्तावेज सही हैं उनकी प्राथमिकता के आधार पर रजिस्ट्री की जा रही है। ऐसे ही 34 संपत्ति धारकों के दस्तावेजों का परीक्षण कर लिया गया है। जिनकी रजिस्ट्री की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। संबधित अधिकारियों का दावा है कि सभी पात्र प्रभावितों को शीघ्र मुआवजा प्रदान कर दिया जाएगा। इसके साथ ही भूखंड आवंटन की प्रक्रिया भी समानांतर रूप से आगे बढ़ाई जा रही है, ताकि किसी भी प्रभावित को असुविधा का सामना न करना पड़े। प्राधिकरण का कहना है कि पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है।

नवीन आढ़त बाजार का निर्माण अंतिम चरण में
परियोजना के तहत बनाए जा रहे नवीन आढ़त बाजार में विकास कार्य तेजी से चल रहा है। यहां लगभग 95 प्रतिशत तक पार्किंग व्यवस्था तैयार हो चुकी है, जबकि अन्य विकास कार्य 80 प्रतिशत तक पूरे हो चुके हैं। शेष कार्यों को युद्ध स्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। यह नया आढ़त बाजार न केवल व्यापारियों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा, बल्कि शहर के भीतर यातायात के दबाव को भी कम करेगा।

यातायात सुधार और शहरी विकास को मिलेगी नई दिशा
आढ़त बाजारदृतहसील चौक सड़क चौड़ीकरण परियोजना देहरादून के यातायात तंत्र को सुधारने में अहम भूमिका निभाएगी। इस मार्ग के चौड़ीकरण से जाम की समस्या में कमी आएगी और आम जनता को राहत मिलेगी। इसके साथ ही यह परियोजना शहर के समग्र शहरी विकास को भी नई दिशा देगी। मुख्यमंत्री धामी का फोकस केवल सड़क चौड़ीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से एक सुव्यवस्थित और स्मार्ट शहर की परिकल्पना को साकार करना है।

प्रभावितों का बढ़ता भरोसा, पारदर्शिता बनी आधार
परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें प्रभावितों के हितों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मुआवजा वितरण और पुनर्वास की प्रक्रिया में पारदर्शिता ने लोगों का भरोसा जीता है। कई प्रभावितों ने स्वयं आगे आकर प्रशासन का सहयोग किया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार की नीतियों और कार्यशैली में लोगों का विश्वास बढ़ रहा है।

जल्द पूरा होगा आढ़त बाजार निर्माण- बंशीधर तिवारी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के तहत आढ़त बाजारदृतहसील चौक सड़क चौड़ीकरण परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रभावितों को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से मुआवजा प्रदान किया जा रहा है, जिससे लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। तिवारी ने कहा कि अब तक 52 संपत्ति धारकों को लगभग 21 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है और शेष प्रभावितों को भी शीघ्र मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि नवीन आढ़त बाजार का निर्माण तेजी से किया जा रहा है और जल्द ही सभी सुविधाओं के साथ इसे व्यापारियों के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा।

शेष संपत्तियों के दस्तावेजों का परीक्षण जारी- मोहन सिंह बर्निया
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत शेष संपत्तियों के दस्तावेजों का परीक्षण तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी पात्र प्रभावितों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। बर्निया ने यह भी बताया कि नवीन आढ़त बाजार में पार्किंग और अन्य विकास कार्य अंतिम चरण में हैं और शेष कार्यों को जल्द पूरा करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारू रूप से संपन्न किया जाएगा।


आढ़त बाजार, तहसील चौक सड़क चौड़ीकरण परियोजना ने पकड़ी रफ्तार

एमडीडीए की पारदर्शी कार्यशैली, प्रभावितों को मिल रहा समय पर मुआवजा, 52 को लगभग 21 करोड़ का भुगतान, व 34 संपत्ति धारकों की जल्द होगी रजिस्ट्री

देहरादून। देहरादून शहर के यातायात को सुगम और आधुनिक बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का विजन अब जमीन पर उतरता दिखाई दे रहा है। लंबे समय से प्रतीक्षित आढ़त बाजार, तहसील चौक सड़क चौड़ीकरण परियोजना में तेजी आई है और इससे जुड़े प्रभावितों को मुआवजा एवं पुनर्वास की प्रक्रिया भी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ रही है। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा मुख्यमंत्री के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के तहत इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर अमल में लाया जा रहा है।

52 संपत्ति धारकों को 21 करोड़ का भुगतान
परियोजना के तहत प्रभावित होने वाली कुल 410 संपत्तियों में से अब तक 52 संपत्ति धारकों को लगभग 21 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया जा चुका है। मुआवजा प्राप्त करने के बाद इन संपत्ति धारकों ने अपनी प्रभावित परिसंपत्तियों की रजिस्ट्री लोक निर्माण विभाग के नाम कर दी है। यह प्रक्रिया न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता को दर्शाती है, बल्कि प्रभावितों के विश्वास को भी मजबूत कर रही है। कई प्रभावितों ने अपनी संपत्तियों के हिस्सों को हटाने का कार्य भी शुरू कर दिया है, जिससे परियोजना को गति मिल रही है।

34 संपत्ति धारकों की जल्द होगी रजिस्ट्री
एमडीडीए द्वारा शेष संपत्तियों के दस्तावेजों का गहन परीक्षण किया जा रहा है। जिनके दस्तावेज सही हैं उनकी प्राथमिकता के आधार पर रजिस्ट्री की जा रही है। ऐसे ही 34 संपत्ति धारकों के दस्तावेजों का परीक्षण कर लिया गया है। जिनकी रजिस्ट्री की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। संबधित अधिकारियों का दावा है कि सभी पात्र प्रभावितों को शीघ्र मुआवजा प्रदान कर दिया जाएगा। इसके साथ ही भूखंड आवंटन की प्रक्रिया भी समानांतर रूप से आगे बढ़ाई जा रही है, ताकि किसी भी प्रभावित को असुविधा का सामना न करना पड़े। प्राधिकरण का कहना है कि पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है।

नवीन आढ़त बाजार का निर्माण अंतिम चरण में
परियोजना के तहत बनाए जा रहे नवीन आढ़त बाजार में विकास कार्य तेजी से चल रहा है। यहां लगभग 95 प्रतिशत तक पार्किंग व्यवस्था तैयार हो चुकी है, जबकि अन्य विकास कार्य 80 प्रतिशत तक पूरे हो चुके हैं। शेष कार्यों को युद्ध स्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। यह नया आढ़त बाजार न केवल व्यापारियों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा, बल्कि शहर के भीतर यातायात के दबाव को भी कम करेगा।

यातायात सुधार और शहरी विकास को मिलेगी नई दिशा
आढ़त बाजारदृतहसील चौक सड़क चौड़ीकरण परियोजना देहरादून के यातायात तंत्र को सुधारने में अहम भूमिका निभाएगी। इस मार्ग के चौड़ीकरण से जाम की समस्या में कमी आएगी और आम जनता को राहत मिलेगी। इसके साथ ही यह परियोजना शहर के समग्र शहरी विकास को भी नई दिशा देगी। मुख्यमंत्री धामी का फोकस केवल सड़क चौड़ीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से एक सुव्यवस्थित और स्मार्ट शहर की परिकल्पना को साकार करना है।

प्रभावितों का बढ़ता भरोसा, पारदर्शिता बनी आधार
परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें प्रभावितों के हितों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मुआवजा वितरण और पुनर्वास की प्रक्रिया में पारदर्शिता ने लोगों का भरोसा जीता है। कई प्रभावितों ने स्वयं आगे आकर प्रशासन का सहयोग किया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार की नीतियों और कार्यशैली में लोगों का विश्वास बढ़ रहा है।

जल्द पूरा होगा आढ़त बाजार निर्माण- बंशीधर तिवारी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के तहत आढ़त बाजारदृतहसील चौक सड़क चौड़ीकरण परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रभावितों को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से मुआवजा प्रदान किया जा रहा है, जिससे लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। तिवारी ने कहा कि अब तक 52 संपत्ति धारकों को लगभग 21 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है और शेष प्रभावितों को भी शीघ्र मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि नवीन आढ़त बाजार का निर्माण तेजी से किया जा रहा है और जल्द ही सभी सुविधाओं के साथ इसे व्यापारियों के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा।

शेष संपत्तियों के दस्तावेजों का परीक्षण जारी- मोहन सिंह बर्निया
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत शेष संपत्तियों के दस्तावेजों का परीक्षण तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी पात्र प्रभावितों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। बर्निया ने यह भी बताया कि नवीन आढ़त बाजार में पार्किंग और अन्य विकास कार्य अंतिम चरण में हैं और शेष कार्यों को जल्द पूरा करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारू रूप से संपन्न किया जाएगा।


नारी शक्ति अधिनियम के समर्थन में भाजपा का जागरूकता अभियान

देहरादून। भाजपा ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए जन जागरूकता की दृष्टि से पदयात्रा, स्कूटी रैली एवं मानव श्रृंखला आदि कार्यक्रमों का आयोजन किया है।

परेड ग्राउंड स्थित पार्टी महानगर कार्यालय से महिला और युवा मोर्चा के नेतृत्व में इन कार्यक्रमों का आयोजनों किया गया। जिसमें जनता विशेषकर महिलाओं को कानून के फायदे और अधिकारों को लेकर जागरूक किया गया। कार्यक्रमों का उद्देश्य है कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक इस महत्वपूर्ण अधिनियम की जानकारी पहुंचाना एवं महिलाओं में बढ़ती भागीदारी के प्रति जागरूकता फैलाना रहा। इस अवसर पर परैड ग्राउंड में महानगर कार्यालय से पद यात्रा, स्कूटी रैली एवं मानव श्रृंखला का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ परैड ग्राउंड से हुआ, जहां एक विशेष हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। जिसमें उपस्थित लोगों ने हस्ताक्षर कर नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।

इस अवसर महिला मोर्चा की राष्ट्रीय महामंत्री और भाजपा प्रदेश महामंत्री श्रीमती दीप्ति रावत ने कहा कि यह अधिनियम एक लंबे समय से महिलाओं की मांग रहा है और ये बहुत ही हर्ष की बात है कि मोदी सरकार द्वारा अब इस मांग को पूरा किया जा रहा है। अब पार्टी कार्यकर्ताओं, समाजसेवियों और बुद्धिजीवी आदि सभी जागरूक लोगों की जिम्मेदारी है कि जन जन में कानून की जानकारी पहुंचाएं। ताकि संविधान निर्माण में मातृ शक्ति की भागेदारी का संदेश देश में नई ऊर्जा का सृजन करे।

वहीं कार्यक्रम में उपस्थित महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती रूचि भट्ट ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की महिलाओं को राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह अधिनियम केवल आरक्षण का प्रावधान नहीं, बल्कि महिलाओं को निर्णय लेने की मुख्यधारा में लाने का सशक्त माध्यम है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को जो सम्मान और अवसर मिला है, वह अभूतपूर्व है। उसपर यह अधिनियम उसी सोच का विस्तार है, जिसके लिए हम उनका हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं। पार्टी का महिला मोर्चा जनजागरण अभियान के माध्यम से हर घर तक मातृ शक्ति के इस संदेश को पहुंचाने का कार्य कर रहा है।

मोर्चा प्रदेश मीडिया प्रभारी डाक्टर दिव्या नेगी ने जानकारी दी कि इस जनजागरण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं, युवतियों, महिला सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्वयं सहायता समूह की बहनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और महिला सशक्तिकरण के इस अभियान को मजबूती प्रदान की। रैली में हजारों वाहनों और पदयात्रियों ने मिलकर हस्ताक्षर अभियान से अधिनियम के पक्ष में समर्थन जुटाया। कार्यक्रम में सभी नागरिकों से आह्वान किया गया कि वे इस प्रकार के जनजागरण अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाकर महिला सशक्तिकरण के इस महायज्ञ को सफल बनाएं।

कार्यक्रम में प्रदेश एवं जिला स्तर के अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत, प्रदेश अध्यक्ष महिला मोर्चा श्रीमती रुचि भट्ट, प्रदेश मंत्री नेहा जोशी, महिला मोर्चा से प्रदेश महामंत्री हिमानी वैष्णव, प्रदेश मंत्री नेहा शर्मा, प्रदेश मंत्री कविता शाह, मोर्चा प्रदेश मीडिया प्रभारी डाक्टर दिव्या नेगी, कार्यालय सह प्रभारी बबली चौहान, गढ़वाल सह संयोजक अर्चना बागड़ी, प्रदेश प्रवक्ता जानकी नोटियाल, युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष विपुल मेंदोली, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रगति, महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष सुमन सिंह, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष कुलदीप पंत, मंडल अध्यक्ष सुषमा कुकरेती, मंडल अध्यक्ष पूनम शर्मा एवं महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष वैजयंती माला प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री धामी ने आगामी 05 वर्षों के कार्यों से संबंधित मास्टर प्लान पुस्तिका का किया विमोचन

राज्य सरकार बुनियादी ढांचे के विकास में नवाचार को प्राथमिकता दे रही है- मुख्यमंत्री 

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग द्वारा तैयार की गई आगामी 05 वर्षों ( 2026 – 2031 ) के कार्यों से संबंधित मास्टर प्लान पुस्तिका का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लोक निर्माण विभाग द्वारा आगामी 05 वर्षों के विजन पर आधारित मास्टर प्लान पुस्तिका का विमोचन किया जाना सराहनीय पहल है। यह पुस्तिका राज्य में बुनियादी ढांचे को विकसित करने, सशक्त और सुरक्षित, भविष्य को सुनिश्चित करने का मार्ग है। उन्होंने कहा राज्य में विकास की संभावनाओं एवं विकसित भारत 2047 के संकल्पों को पूरा करने में यह मास्टर प्लान पुस्तिका अहम भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर के कार्य तेजी से बढ़े हैं। बीते सालों में राज्य में व्यापक स्तर पर सड़कों का निर्माण हुआ है। उन्होंने कहा राज्य सरकार बुनियादी ढांचे के विकास में नवाचार को प्राथमिकता दे रही है। भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा हमारा संकल्प है कि राज्य को तय लक्ष्यों के साथ आगे बढ़ाया जाए और विजन के साथ विकास किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड राज्य, पर्यटन हब के रूप में उभर रहा है, ऐसे में पर्यटकों की आवश्यकताओं को देखते हुए हम विकास कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं। राज्य में टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन के माध्यम से इंफ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा दी जा रही है। उन्होंने कहा यह पुस्तिका निश्चित ही राज्य को आगे बढ़ाने का विजन तय करेगी।

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि लोक निर्माण विभाग स्पष्ट विजन के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है। हम राज्य में कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर निरंतर कार्य कर रहे हैं। साथ ही भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए विकास योजनाएं तैयार की जा रही हैं। उन्होंने कहा विकास के लिए कनेक्टिविटी बेहद महत्वपूर्ण है, जिसपर निरंतर कार्य किया जा रहा है।

सचिव लोक निर्माण विभाग डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि मास्टर प्लान पुस्तिका में 100 से अधिक प्रोजेक्ट के विजन को रखा गया है। उन्होंने कहा समय की आवश्यकता अनुसार पुस्तिका में संशोधन किए जाएंगे। उन्होंने बताया पुस्तिका में रोड कनेक्टिविटी इकनॉमी हब कनेक्टिविटी , ब्रिज डेवलपमेंट एवं सेफ्टी, सड़क सुरक्षा एवं स्लोप प्रोटेक्शन, टेक्नोलॉजी, वित्तीय प्रबंधन एवं पॉलिसी जैसे विभिन्न प्राथमिकताओं पर विभाग का विजन रखा गया है।

इस दौरान उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद् विश्वास डाबर, प्रमुख अभियंता राजेश चन्द्र शर्मा, मुख्य अभियंता रणजीत रावत, राजेन्द्र सयाना, अधीक्षण अभियंता मनोज बिष्ट,अरूण पाण्डेय, अधिशासी अभियंता बी.एन द्विवेदी, राजेश कुमार, नीरज त्रिपाठी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।


ऑपरेशन प्रहार- दून पुलिस की शातिर बदमाश के साथ हुई मुठभेड़, आरोपी गिरफ्तार

शातिर बदमाश पुलिस चेकिंग के दौरान पुलिस को देखकर मौके से हो रहा था फरार

पीछा करने पर अभियुक्त ने पुलिस टीम पर की थी फायरिंग, आत्मरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग में अभियुक्त हुआ घायल

देहरादून। देहरादून में पुलिस के ऑपरेशन ‘प्रहार’ के तहत चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के दौरान देर रात एक संदिग्ध कार का पीछा करते हुए पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़ हो गई। आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में आरोपी घायल हो गया, जिसे गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस के अनुसार मध्य रात्रि कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि हर्रावाला क्षेत्र के पीली कोठी के पास एक संदिग्ध सफेद रंग की स्विफ्ट कार (UK08TA-9193) घूम रही है। सूचना पर चौकी हर्रावाला पुलिस मौके पर पहुंची तो चालक पुलिस को देखकर कार लेकर हाईवे की ओर भाग निकला। बैरियर पर रोकने की कोशिश के बावजूद उसने स्लाइडिंग बैरियर को टक्कर मारते हुए हरिद्वार की ओर तेज रफ्तार से फरार हो गया।

घटना की जानकारी मिलते ही एसएसपी देहरादून ने सभी चेक पोस्ट अलर्ट कर घेराबंदी के निर्देश दिए। पुलिस टीम ने पीछा जारी रखा। इसी दौरान कुआंवाला से करीब एक किलोमीटर आगे आरोपी की कार हाईवे किनारे लगे एनएच बोर्ड से टकरा गई। इसके बाद आरोपी जंगल की ओर भागा और पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी।

पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी घायल हो गया। मौके से उसके कब्जे से एक 315 बोर का देशी तमंचा, दो खोखा कारतूस और एक जिंदा कारतूस बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपी की पहचान क्रान्तानाथ (26 वर्ष), निवासी सपेरा बस्ती, घिस्सुपुरा, थाना पथरी, जिला हरिद्वार के रूप में हुई।

घायल आरोपी को तत्काल दून चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। एसएसपी देहरादून भी अस्पताल पहुंचे और अधिकारियों से घटना की जानकारी ली।

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले से ही डोईवाला और रानीपोखरी थानों में दर्ज कई मामलों में वांछित था। उसके खिलाफ चोरी और आर्म्स एक्ट समेत कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस पर फायरिंग और अवैध हथियार बरामद होने के आधार पर उसके खिलाफ डोईवाला कोतवाली में नया मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।


सूबे के पाॅलिटेक्निक काॅलेजों में दाखिले की प्रक्रिया शुरू

आगामी 15 मई तक छात्र कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन

बीटेक पाठ्यक्रमों में लैटरल एन्ट्री से द्वितीय वर्ष में मिल सकेगा प्रवेश

देहरादून। प्राविधिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्रदेशभर में संचालित राजकीय एवं निजी पाॅलिटेक्निक काॅलेजों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिये दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो गई है। विभाग द्वारा विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु इच्छुक छात्र-छात्राओं से आॅनलाइन आवेदन मांगे हैं, आवेदन की अंतिम तिथि आगामी 15 मई 2026 निर्धारित की गई है। इसके साथ ही विभाग ने पाॅलिटेक्निक डिप्लोमा उत्तीर्ण छात्रों को बीटेक पाठ्यक्रमों में सीधे द्वितीय वर्ष में प्रवेश हेतु लैटरल एंट्री की भी सुविधा प्रदान की है।

प्राविधिक शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक मुकेश पाण्डे ने जानकारी देते हुए बताया कि “पॉलिटेक्निक चलो अभियान-2026” के तहत युवाओं को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर प्रवेश प्रक्रिया संचालित की जा रही है। इसके अंतर्गत प्रदेश के सभी राजकीय एवं निजी पॉलिटेक्निक संस्थानों में विभिन्न तकनीकी पाठ्यक्रमों में दाखिले के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि इच्छुक छात्र-छात्राएं निर्धारित अंतिम तिथि 15 मई 2026 तक विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.ubterjeep.co.in पर आॅनलाइन आवेदन कर संयुक्त प्रवेश परीक्षा (पाॅलिटेक्निक) में प्रतिभाग कर सके।

अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की भांति अभ्यर्थियों के लिए केमिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, सूचना प्रौद्योगिकी, सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन एंड रोबोटिक्स, कम्युनिकेशन एंड कंप्यूटर नेटवर्किंग तथा फार्मेसी सहित 40 डिप्लोमा स्तरीय रोजगारपरक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के अवसर उपलब्ध हैं। इसके साथ ही विभाग ने पॉलिटेक्निक डिप्लोमा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को बीटेक पाठ्यक्रमों में लैटरल एंट्री के माध्यम से सीधे द्वितीय वर्ष में प्रवेश की सुविधा भी प्रदान की है, इसके अलावा 12वीं अथवा आईटीआई उत्तीर्ण छात्रों को भी सीधे द्वितीय वर्ष मे प्रवेश दिया जायेगा। जिससे विद्यार्थियों का समय एवं संसाधन दोनों की बचत होगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कुल 71 राजकीय 1 अनुदानित तथा 85 निजी पाॅलिटेक्निक संस्थान हैं जिनमें छात्राओं के लिये प्रत्येक वर्ग में 30 फीसदी आरक्षण का भी प्रावधान है, साथ ही अधिकांश राजकीय व अनुदानित पाॅलिटेक्निक काॅलेजों में महिला छात्रावास की भी सुविधा उपलब्ध है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि पाॅलिटेक्निक संस्थानों से उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं के लिये प्रत्येक वर्ष रोजगार मेलों का आयोजन करवाया जा रहा हे ताकि छात्र अपनी योग्यता के अनुसार प्रतिष्ठित उद्योगों में आकर्षक वेतन प्राप्त कर सके। विभाग ने सभी इच्छुक अभ्यर्थियों से निर्धारित तिथि के भीतर ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है, ताकि वे तकनीकी शिक्षा के माध्यम से अपने उज्ज्वल भविष्य की दिशा में कदम बढ़ा सकें।

बयान-
प्रदेश के अधिक से अधिक युवा तकनीकी शिक्षा ग्रहण कर सके, इसके लिये पॉलिटेक्निक कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। सभी छात्र-छात्राओं से अपील है कि वह निर्धारित समयावधि के भीतर विभागीय वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर, पाॅलिटेक्निक की संयुक्त प्रवेश परीक्षा में प्रतिभाग करें। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का प्रत्येक युवा तकनीकी रूप से सक्षम बने और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए। – डाॅ. धन सिंह रावत, तकनीकी शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड।


एसएसपी दून ने पुलिस लाइन देहरादून में किया परेड का निरीक्षण

परेड के निरीक्षण के दौरान पुलिस कर्मियों के साथ स्वंय भाग दौड कर परखी कर्मियों की दक्षता, शारीरिक तथा मान्सिक रूप से स्वस्थ रहने का दिया संदेश

पुलिस लाइन में स्थित शस्त्रागार का निरीक्षण कर उपलब्ध शस्त्रों की समय-समय पर साफ-सफाई करने के दिये निर्देश

देहरादून। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा पुलिस लाइन देहरादून में परेड की सलामी लेते हुए परेड का निरीक्षण किया गया तथा पुलिस कर्मियों को मानसिक व शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने के लिए परेड को महत्वपूर्ण बताते हुए नियमित रूप से पुलिसकर्मियों की परेड करवाने के निर्देश दिए गए।

परेड के उपरांत एसएसपी देहरादून द्वारा पुलिस लाइन स्थित आरमरी (शस्त्रागार) के निरीक्षण के दौरान मालखाने मे रखे शस्त्र एंव मालों व सरकारी सम्पत्ति के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त करते हुए प्रतिसार निरीक्षक पुलिस लाइन को आरमरी (शस्त्रागार) में रखे शस्त्रों की नियमित रूप से साफ-सफाई करवाने तथा अधीनस्थ नियुक्त अधिकारियों/कर्मचारियों को उनकी हैण्डलिंग का अभ्यास कराने के निर्देश दिये गये।

पुलिस लाइन के स्टोर कार्यालय के निरीक्षण के दौरान एसएसपी देहरादून द्वारा एन्टीराइड उपकरणों, बुलेटप्रूफ जैकेट सहित अन्य विभिन्न साजो-सामान का भौतिक निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार एन्टी राइड उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये, साथ ही स्टोर में रखे रजिस्टरों का अवलोकन कर अन्य राजकीय सम्पत्तियों के सम्बंध में जानकारी प्राप्त की गई।

आवासीय परिसर, बैरकों तथा भोजनालय के निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई की व्यवस्था दुरस्त रखने तथा रखरखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये गये, साथ ही भोजनालय में कर्मचारियों के बनने वाले भोजन की गुणवत्ता उच्च कोटी की रखने हेतु सम्बन्धित अधिकारी को निर्देशित किया गया। पुलिस लाइन में स्थित पुलिस मार्डन स्कूल का निरीक्षण के दौरान उपस्थित अध्यापकों से उनके अध्यापन कार्याे के सम्बंध में जानकारी प्राप्त करते हुए छात्र हितो को सर्वाेपरि रखते हुए कार्य करने के निर्देश दिये गये।

पुलिस लाइन की परिवहन शाखा के भ्रमण के दौरान एसएसपी देहरादून द्वारा उपलब्ध वाहनों की साफ-सफाई एवं फिटनेस का जायजा लेते हुए राजकीय वाहनों के रखरखाव/मैंटिनेंश के सम्बंध में आवशयक निर्देश दिए गये। इस दौरान पूर्ण कर्तव्यनिष्ठा के साथ करने वाले 03 कर्मियों  राजेश जोशी, रमेश रावत तथा सूरज सिंह को उत्साहवर्धन हेतु पुरुस्कृत किया गया।

पुलिस लाइन की अन्य शाखाओं के भ्रमण के दौरान एसएसपी देहरादून द्वारा कार्यालय में रखे अभिलेखों का अवलोकन करते हुए सभी अभिलेखों को नियमित रूप से अध्यावधिक करने हेतु निर्देशित किया गया। निरीक्षण के पश्चात एसएसपी देहरादून द्वारा अधिकारियो/कर्मचारियो के साथ गोष्ठी कर उनसे उनकी समस्याओं के सम्बंध में जानकारी लेते हुए उनके समयबद्व निस्तारण के लिये अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देशित किया गया।


जन शिकायत की पड़ताल करने मौके पर पहुंचे सीएम, वीडियो कॉल के जरिए अधिकारियों को दिखाई स्थिति

सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायत की पड़ताल करने खुद मौके पर पहुंचे सीएम धामी

देहरादून। सीएम हेल्पलाइन पर आई शिकायत को फाइलों में हल करने के बजाय, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को खुद मौके पर जाकर जन समस्याओं की पड़ताल की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कार्य में लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए, अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

देहरादून के जाखन निवासी विवेक मदान ने, राजपुर रोड पर विद्युत लाइन अंडरग्राउंड किए जाने के कारण फुटपाथ को हुए नुकसान की शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज कराई थी। मदान ने शिकायत में उल्लेख किया था कि जाखन में पहले सड़क किनारे फुटपाथ बनाया गया, बाद में यूपीसीएल ने इस फुटपाथ को खोदकर, अंडरग्राउंड लाइन बिछा डाली। लेकिन इस दौरान मिट्टी का भरान ठीक से नहीं किया गया, जिस कारण फुटपाथ की टाइल्स बैठ गई हैं। इससे फुटपाथ का पूरा लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है।

शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करनी थी, लेकिन सीएम ने समीक्षा बैठक से पहले शिकायत की पड़ताल करने सीधे जाखन का रुख किया।

अपने मोबाइल से अधिकारियों को दिखाई हकीकत
मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ता विवेक मदान को साथ लेकर अपने मोबाइल से ही अधिकारियों को वीडियो कॉल के जरिए फुटपाथ की स्थिति दिखाई। मुख्यमंत्री ने स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि अंडरग्राउंड होने के बावजूद कई जगह बिजली लाइन ऊपर दिखाई दे रही है। जिस कारण जन सामान्य को खतरा पैदा हो सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी प्लानिंग के साथ काम करें, वरना बार बार कार्य होने से एक और पब्लिक को परेशानी का सामना करता है, वहीं धन की भी बर्बादी होती है।

प्रदेश भर में चलाएं अभियान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वे प्रदेश भर के आगामी दौरों पर इसी तरह नियमित निरीक्षण करेंगे। उन्होंने मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन को निर्देश दिए कि प्रदेश में यदि कहीं और भी इस तरह की शिकायत आ रही है तो उन्हें दूर किया जाए, इसके लिए प्रदेश भर में अभियान चलाया जाए। मुख्यमंत्री इस दौरान स्थानीय दुकानदारों और निवासियों से भी बातचीत की।


मदरसों में बाहरी राज्यों से बच्चों को लाए जाने का मामला, चार जिलों के सभी मदरसों की जांच के आदेश

जिलाधिकारियों को मदरसों की विस्तृत रिपोर्ट जल्द सौंपने के आदेश

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश के चार जिलों—देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल—में संचालित मदरसों की व्यापक जांच के आदेश जारी किए हैं। यह निर्णय राज्य सरकार के संज्ञान में आए उन मामलों के बाद लिया गया है, जिनमें बाहरी राज्यों से बच्चों को मदरसों में लाए जाने की बात सामने आई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा, पारदर्शिता और नियमों का पालन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते के अनुसार, संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मदरसों में व्यापक सत्यापन अभियान चलाकर वास्तविक स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराएं। जांच के दौरान बच्चों के आगमन के स्रोत, अभिभावकों की सहमति और उन्हें लाने वाले व्यक्तियों की भूमिका की भी गहन पड़ताल की जाएगी।

सरकार ने यह कदम सोशल मीडिया के माध्यम से मिली सूचनाओं के आधार पर उठाया है, जिनमें बाहरी राज्यों से बच्चों को उत्तराखंड के मदरसों में लाए जाने की बात कही गई है। पूरे मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट जल्द मांगी गई है।

प्रदेश में वर्तमान में 452 पंजीकृत मदरसे संचालित हैं। राज्य सरकार ने वर्ष 2025 में लागू किए गए उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम के तहत एक जुलाई 2026 से मदरसा बोर्ड को समाप्त करने का निर्णय लिया है। इसके बाद सभी मदरसों को उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड से संबद्धता लेनी होगी और नई व्यवस्था के तहत उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता प्राप्त करना अनिवार्य होगा।


श्रीनगर पहुंचे सीडीएस अनिल चौहान, देवलगढ़ के राजराजेश्वरी मंदिर में की पूजा-अर्चना

श्रीनगर। देश के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) अनिल चौहान का श्रीनगर गढ़वाल दौरा खासा चर्चा में रहा। सुबह वे गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर स्थित हेलीपैड पर पहुंचे, जहां स्थानीय प्रशासन और सेना के अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

चौरास से सीडीएस अनिल चौहान अपने पैतृक गांव गवाणा के लिए रवाना हुए। इस दौरान उन्होंने देवलगढ़ स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ राजराजेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना की। मंदिर में उन्होंने क्षेत्र की सुख-समृद्धि और देश की सुरक्षा के लिए प्रार्थना की।

सीडीएस के आगमन को लेकर स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में लोगों की भीड़ उमड़ी रही। ग्रामीणों ने उनका स्वागत कर गर्व और खुशी व्यक्त की। उनके साथ उनकी पत्नी अनुपमा चौहान भी मौजूद रहीं।


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