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राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के विकास और तीर्थयात्रियों की सुचारू यात्रा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध- महाराज

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राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के विकास और तीर्थयात्रियों की सुचारू यात्रा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध- महाराज

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज से आईटीबीपी के महानिरीक्षक मनु महाराज और उप महानिरीक्षक शैलेन्द्र जोशी ने की शिष्टाचार भेंट 

देहरादून। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज से आज देहरादून स्थित उनके कैम्प कार्यालय में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के महानिरीक्षक मनु महाराज और उप महानिरीक्षक शैलेन्द्र जोशी ने शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने और पर्यटन विभाग व आईटीबीपी के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए आईटीबीपी द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी समीक्षा की गई। इस दौरान तीर्थयात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और व्यवस्थाओं को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के विकास और श्रद्धालुओं की निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।


विकास का धामी मॉडल : मियावाला में तालाब बना खूबसूरत पार्क, लोगों को मिली नई सैर की जगह

देहरादून- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) जनहित से जुड़ी योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतार रहा है। खास तौर पर शहर के पुराने प्राकृतिक तालाबों, जल स्रोतों और पार्कों के संरक्षण व सौंदर्यीकरण की दिशा में प्राधिकरण की पहल अब साफ तौर पर नजर आने लगी है। इसी कड़ी में देहरादून के मियावाला क्षेत्र में एक पुराने प्राकृतिक तालाब को विकसित कर लगभग 3.30 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं से युक्त आकर्षक तालाब तथा पार्क के रूप में तैयार किया गया है, जो पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधा का बेहतरीन उदाहरण बनकर उभरा है।

मियावाला पंचायत घर गन्ना सेंटर के समीप जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पड़े पुराने प्राकृतिक तालाब के कायाकल्प के बाद तैयार इस पार्क का लोकार्पण आज रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ ने किया। इस अवसर पर स्थानीय पार्षद, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे। कार्यक्रम में एमडीडीए के प्रभारी अधीक्षण अभियंता अतुल गुप्ता सहित हॉर्टिकल्चर अनुभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित रहे। सभी ने लगभग 3.30 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस परियोजना को क्षेत्र के विकास और पर्यावरण एवं जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया और प्राधिकरण की कार्यशैली की सराहना की। तेजी से शहरीकरण के दौर में जहां प्राकृतिक जल स्रोत और हरित क्षेत्र लगातार सिमटते जा रहे हैं, वहीं एमडीडीए द्वारा इन संसाधनों के संरक्षण और पुनर्जीवन की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

पार्क में आधुनिक सुविधाओं का समावेश
नए विकसित पार्क में आमजन की सुविधा के लिए कई आधुनिक व्यवस्थाएं की गई हैं। पार्क का मुख्य द्वार उत्तराखंड की पारंपरिक पहाड़ी शैली में बनाया गया है, जो स्थानीय संस्कृति की झलक प्रस्तुत करता है। इसके अलावा पार्क में योग डेक, योग से संबंधित मूर्तिकला, कैन्टीन, स्वच्छ शौचालय, सुरक्षा के लिए रेलिंग, आकर्षक गज़ीबो, व्यवस्थित वॉकिंग ट्रैक, गार्डन बेंच और हरियाली से भरपूर खुले क्षेत्र विकसित किए गए हैं।

शहर की सुंदरता और हरियाली को मिलेगा बढ़ावा
एमडीडीए द्वारा इस तरह की परियोजनाएं न केवल शहर की सुंदरता को बढ़ा रही हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी अहम भूमिका निभा रही हैं। जलाशयों के संरक्षण से भूजल स्तर बनाए रखने में मदद मिलेगी, वहीं हरित क्षेत्रों के विस्तार से प्रदूषण नियंत्रण में भी सहायता मिलेगी। प्राधिकरण का कहना है कि इसी तर्ज पर अन्य स्थानों पर भी पार्कों और जल स्रोतों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है, जिससे देहरादून को एक स्वच्छ, हरित और सुव्यवस्थित शहर के रूप में विकसित किया जा सके। मियावाला में विकसित यह पार्क न केवल एक विकास परियोजना है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि यदि योजनाओं को सही दिशा और दृष्टि के साथ लागू किया जाए, तो विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं। एमडीडीए की यह पहल देहरादून के लिए एक मॉडल बन सकती है, जिसे आने वाले समय में अन्य शहरों में भी अपनाया जा सकता है।

प्राकृतिक धरोहरों को नया जीवन देने की पहल- उमेश शर्मा काऊ
रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ ने मियावाला में विकसित किए गए इस पार्क का लोकार्पण करते हुए एमडीडीए की कार्यशैली की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण ने जिस संवेदनशीलता और दूरदृष्टि के साथ प्राकृतिक तालाब को संरक्षित करते हुए उसे जनसुविधा से जोड़ने का कार्य किया है, वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल एक पार्क नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जनहित के बीच संतुलन का उत्कृष्ट उदाहरण है। काऊ ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में विकास कार्यों को नई दिशा मिल रही है और एमडीडीए उसी सोच को जमीन पर उतार रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इसी तरह की योजनाएं अन्य क्षेत्रों में लागू होंगी, जिससे लोगों को बेहतर जीवन स्तर और स्वच्छ वातावरण मिल सकेगा।

पुराने जल स्रोत को मिला नया जीवन- बंशीधर तिवारी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य करना नहीं, बल्कि पर्यावरण के साथ सामंजस्य स्थापित करते हुए विकास को आगे बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि मियावाला परियोजना इसी सोच का परिणाम है, जहां एक पुराने जल स्रोत को संरक्षित करते हुए उसे आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा गया है। एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में ऐसे कई अन्य स्थलों की पहचान की गई है, जहां इसी तरह के कार्य किए जाएंगे। उनका कहना है कि इन परियोजनाओं से शहर की सुंदरता के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन भी मजबूत होगा।

प्रकृति और विकास का संगम- मोहन सिंह बर्निया
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण द्वारा सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता और पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि मियावाला पार्क का निर्माण निर्धारित समयसीमा और मानकों के अनुरूप पूरा किया गया है। एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि भविष्य में भी जनहित को प्राथमिकता देते हुए इस तरह की योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि शहरवासियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।


‘सूर्य देवभूमि चैलेंज’ का समापन, मुख्यमंत्री धामी ने प्रतिभागियों को किया सम्मानित

200 प्रतिभागियों ने केदार-बदरी ट्रेल के 113 किलोमीटर लंबे दुर्गम मार्ग को किया सफलतापूर्वक पूरा

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय सेना और उत्तराखंड पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘सूर्य देवभूमि चैलेंज’ के दूसरे संस्करण के समापन समारोह में गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया।

इस साहसिक प्रतियोगिता में भारतीय सेना के 100 जांबाज़ जवानों समेत देशभर से आए करीब 200 प्रतिभागियों ने केदार-बदरी ट्रेल के 113 किलोमीटर लंबे दुर्गम मार्ग को सफलतापूर्वक पूरा किया। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए उनके साहस और समर्पण की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं में अनुशासन, साहस, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करते हैं। साथ ही, ये आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में भी सहायक हैं और सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन के जरिए रोजगार के नए अवसर पैदा करते हैं।

समापन समारोह में अनिंद्य सेनगुप्ता, पुष्पेंद्र सिंह, ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज विजेंदर सिंह, विधायक विनोद कंडारी और भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।


गरुड़चट्टी-नीलकंठ मोटर मार्ग का पैचवर्क हर हाल में 15 मई तक पूरा करें अधिकारी— डीएम

जोगियाणा को वेलनेस डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में कार्य तेज, डीएम ने आयुर्वेद विलेज के निर्माण कार्यों का किया स्थालीय निरीक्षण

जोगियाणा (मोहनचट्टी) आयुर्वेदिक विलेज के रूप में हो रहा विकसित, योग, ध्यान व पंचकर्म सुविधाओं को मिलेगा बढ़ावा

पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने यमकेश्वर के मोहनचट्टी स्थित विकसित किए जा रहे आयुर्वेदिक विलेज जोगियाणा में निर्माणाधीन योगा हॉल एवं पंचकर्म यूनिट के साथ-साथ गरुड़चट्टी–नीलकंठ मोटर मार्ग का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आयुर्वेदिक विलेज की परिकल्पना के अनुरूप कार्यों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण करने, वेलनेस गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा मोटर मार्ग पर पैचवर्क एवं जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने निर्माणदायी संस्था ग्रामीण निर्माण विभाग को निर्देशित किया कि योगा हॉल एवं पंचकर्म यूनिट का निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि जोगियाणा (मोहनचट्टी) को आयुर्वेदिक विलेज के रूप में विकसित किए जाने की कड़ी में योगा हॉल एवं पंचकर्म केंद्र जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं स्थापित की जा रही हैं। इसके विकसित होने से क्षेत्रीय नागरिकों को बेहतर आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होने के साथ-साथ यह स्थल एक प्रमुख वेलनेस एवं पर्यटन केंद्र के रूप में भी स्थापित होगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आर्थिकी को भी बढ़ावा मिलेगा।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने राजस्व उपनिरीक्षक को निर्देशित किया कि चिकित्सालय से संबंधित भूमि की समस्याओं के समाधान हेतु सरकारी भूमि का सीमांकन शीघ्र सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि योगा हॉल एवं पंचकर्म यूनिट के सुचारू संचालन हेतु आवश्यक उपकरणों एवं सामग्री की विस्तृत सूची तैयार कर जिला योजना में प्रस्तावित किया जाए।

इसके साथ ही जिलाधिकारी ने निर्माणदायी संस्था को निर्देशित किया कि पंचकर्म यूनिट एवं योगा हॉल का निर्माण इस प्रकार किया जाए कि परिसर सुव्यवस्थित, खुला एवं आकर्षक प्रतीत हो। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि प्रवेश द्वार को टाइल्स के स्थान पर सौंदर्यपरक एवं थीम आधारित डिज़ाइन, जैसे स्टोन फिनिश तथा वुडन लुक के अनुरूप विकसित किया जाए, जिससे चिकित्सालय का वातावरण अधिक सुसंगत एवं आकर्षक बन सके। जिलाधिकारी ने चिकित्सालय के पीछे कि ओर से गुजर रही गूल (नहर) को कवर करने के भी निर्देश दिए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

इसके अलावा उन्होंने औषधि वितरण केंद्र, शल्यशालाक्य कक्ष एवं पुरुष वार्ड का निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने चिकित्सालय परिसर में पड़े ठोस अपशिष्ट को तत्काल हटाने तथा परिसर में हर्बल गार्डन का निर्माण किया जाए जिसमें औषधीय पौधे तथा उनके उपयोग के बारे में जानकारी हो। तत्पश्चात्‌ इसका उचित ढंग से रख रखाव भी सुनिश्चित किया जाए।

इसके उपरांत जिलाधिकारी ने गरुड़चट्टी–नीलकंठ मोटर मार्ग का स्थलीय निरीक्षण करते हुए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी 15 मई तक मार्ग पर आवश्यक पैचवर्क व इंटरलॉकिंग टाइल्स का कार्य पूर्ण कर उसकी फोटोग्राफ्स सहित प्रगति आख्या उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने उप जिलाधिकारी को भी निर्देश दिए कि 15 मई को उक्त मोटर मार्ग का पुनः निरीक्षण कर विस्तृत निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

जिलाधिकारी ने रत्तापानी क्षेत्र के समीप स्थित काजवे (पुलिया) की समुचित सफाई कराने तथा वर्षा जल के सड़क पर बहाव को रोकने हेतु जल निकासी की प्रभावी एवं व्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए, ताकि आवागमन सुरक्षित एवं सुचारू बना रहे।

इस अवसर पर जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. शैलेंद्र पांडे, नायब तहसीलदार वैभव जोशी, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. तृप्ति नेगी, अधिशासी अभियंता ग्रामीण निर्माण विभाग श्रीपति डोभाल, राजस्व उपनिरीक्षक अतुल बलोदी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


महिला आरक्षण पर विरोध करने वालों को जनता सिखाएगी सबक- रेखा आर्या

काशीपुर। काशीपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करने वाले विपक्षी दलों पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आधी आबादी के अधिकारों का विरोध करने वालों को जनता आने वाले चुनावों में करारा जवाब देगी।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए रेखा आर्या ने कहा कि कांग्रेस, सपा और तृणमूल कांग्रेस जैसे दलों ने महिला आरक्षण का विरोध कर न केवल महिलाओं का अपमान किया है, बल्कि अपने राजनीतिक चरित्र को भी उजागर किया है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल राजनीति का नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों का है।

उन्होंने भरोसा जताया कि देश की महिलाएं इस अपमान को भूलेगी नहीं और लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व में विपक्ष को सबक सिखाएंगी।

मंत्री ने दोहराया कि भारतीय जनता पार्टी संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण देने के अपने संकल्प पर पूरी तरह अडिग है।

नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश ने देखा है कि उनकी सरकार में असंभव भी संभव होता है। महिला आरक्षण को लागू कराना भी इसी दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा।

इस अवसर पर राज्य मंत्री सीमा चौहान, राज्य मंत्री मनजीत सिंह राजू, मेयर दीपक बाली, प्रदेश प्रवक्ता गुरविंदर सिंह, जिला महामंत्री सुशील शर्मा, पूर्व मेयर उषा चौधरी, राम मल्होत्रा, ब्लॉक प्रमुख चंद्रप्रभा आदि उपस्थित रहे।


श्रीमद्भागवत जीवन को देती है सही दिशा और सकारात्मक ऊर्जा- मुख्यमंत्री धामी

धर्म और विकास का संगम: सीएम धामी ने भागवत कथा में लिया भाग, योजनाओं का किया उल्लेख

पौड़ी। यमकेश्वर स्थित वानप्रस्थ आश्रम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत भगवान श्रीकृष्ण का सजीव स्वरूप है, जो मानव को धर्म, ज्ञान और भक्ति के मार्ग पर अग्रसर करते हुए जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करती है। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न महत्वपूर्ण एवं दूरगामी कदमों का भी उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री के जनपद आगमन पर जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने भागवत कथा के श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं सहयोग से चारधाम यात्रा मार्गों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के कारण यात्रा अब अधिक सुगम, सुरक्षित एवं सुविधाजनक हो गई है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश में धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न महत्वाकांक्षी एवं जनकल्याणकारी परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कालसी-हरीपुर क्षेत्र में यमुना नदी के तट पर घाटों के निर्माण कार्य, शारदा कॉरिडोर, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर तथा दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे प्रदेश की आर्थिकी एवं सांस्कृतिक पहचान को मजबूत किया जा रहा है।

स्थानीय विधायक रेनू बिष्ट ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार के निरंतर प्रयासों एवं प्रभावी कार्यशैली के परिणामस्वरूप यमकेश्वर क्षेत्र में विकास कार्यों को नई गति मिली है, जिससे क्षेत्रवासियों को व्यापक एवं प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हो रहा है।

इस अवसर पर व्यास पीठ से भागवत कथा का वाचन कर रहे पूज्य गोविन्द देव गिरी जी महाराज ने श्रीमद्भागवत के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं नैतिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, आस्था एवं सत्कर्म के मार्ग पर चलने का प्रेरणादायी संदेश दिया।

परमार्थ आश्रम के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि भागवत कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह समाज को नैतिक मूल्यों, सेवा भाव एवं मानवता के उच्च आदर्शों की ओर प्रेरित करने का एक सशक्त माध्यम है।


मुख्यमंत्री की घोषणाओं को मिली धरातल पर गति, कोटद्वार में सड़क व सेतु नेटवर्क सुदृढ़

पौड़ी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणाओं के अनुरूप जनपद पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र में सड़क एवं सेतु विकास से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण परियोजनाएं पूर्ण कर ली गयी हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि इन कार्यों के पूरा होने से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था मजबूत हुई है तथा बड़ी आबादी को सुरक्षित, सुगम एवं आवागमन की सुविधा प्राप्त हो रही है।

लोक निर्माण विभाग, दुगड्डा द्वारा मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत चिल्लरखाल–सिगड्डी–कोटद्वार–पाखरौ मोटर मार्ग के 12 किमी हिस्से का सुदृढ़ीकरण ₹1825.35 लाख की लागत से किया गया। यह मार्ग औद्योगिक क्षेत्र सिगड्डी सहित किशनपुर, झण्डीचौड़, हल्दूखाता, मोटाढांग, दुर्गापुरी जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों को कोटद्वार शहर से जोड़ता है। साथ ही, यह मार्ग कोटद्वार-नजीबाबाद मार्ग के अवरुद्ध होने की स्थिति में हरिद्वार के लिए वैकल्पिक संपर्क मार्ग के रूप में भी उपयोगी है, जिससे लगभग 80 हजार की आबादी को सीधा लाभ मिल रहा है।

इसी क्रम में हल्दूखाता-सिगड्डी मार्ग पर तेलीस्रोत में 30 मीटर स्पान का आरसीसी सेतु एवं कल्वर्ट ₹236.31 लाख की लागत से निर्मित किया गया है। इस सेतु के बनने से औद्योगिक एवं आवासीय क्षेत्रों के बीच संपर्क और अधिक सुगम हुआ है तथा लगभग 80 हजार की आबादी को वर्षभर सुरक्षित आवागमन की सुविधा सुनिश्चित हुई है।

इसके अतिरिक्त विकासखंड दुगड्डा के लालपानी–सनेह मार्ग पर चार स्थानों पर पुलियों का निर्माण ₹369.60 लाख की लागत से पूर्ण किया गया। पूर्व में वर्षा ऋतु के दौरान इन स्थानों पर जलभराव के कारण आवागमन बाधित रहता था और दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी, किन्तु पुलियों के निर्माण से अब यह मार्ग सुरक्षित हो गया है। इस कार्य से लालपानी, बिशनपुर, कुम्भीचौड़, ग्रास्टनगंज सहित आसपास के क्षेत्रों की आबादी लाभान्वित हो रही है।


उधमपुर में बड़ा सड़क हादसा: यात्रियों से भरी बस गहरी खाई में गिरी, कई लोगों के मारे जाने की आशंका

जम्मू। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में सोमवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जहां यात्रियों से भरी एक बस गहरी खाई में जा गिरी। इस दर्दनाक हादसे में कई लोगों के मारे जाने की संभावना जताई जा रही है। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और राहत-बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बस उधमपुर से अपने गंतव्य की ओर जा रही थी, तभी अचानक चालक का संतुलन बिगड़ गया और वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया। सूचना मिलते ही पुलिस, सेना और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और घायलों को रेस्क्यू कर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया। घायलों में कई की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।

प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। साथ ही घायलों को हर संभव इलाज मुहैया कराने का आश्वासन दिया गया है।

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने घटना पर दुख जताते हुए बताया कि उन्होंने उधमपुर के उपायुक्त (डीसी) मिंगा शेरपा से बात की है। डॉ. सिंह ने बताया कि उन्हें लगभग एक घंटे पहले कानोटे गांव में बस दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद से ही बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है।


पिरूल आधारित बायोमास उद्योग से मिलेगा महिलाओं को रोजगार- रेखा आर्या

पड़ोलिया में किया पिरूल आधारित बायोमास प्लांट का शुभारंभ

अल्मोड़ा। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अल्मोड़ा के पड़ोलिया में पिरूल आधारित बायोमास प्रोडक्शन यूनिट का उद्घाटन किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि इस यूनिट के लगने से आसपास क्षेत्र की महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि जो महिलाएं पिरुल एकत्रित करके उद्योगों को बेचेंगी, उनके हित सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार पहले ही नीति बना चुकी है । कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि इससे न सिर्फ जंगलों की आग रोकने में मदद मिलेगी, साथ-साथ पहाड़ी क्षेत्र में उद्योगों को ऊर्जा के नए विकल्प उपलब्ध होंगे।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि कांग्रेस व अन्य विपक्षी पार्टियों ने महिलाओं को उनके अधिकार से वंचित किया है और आगामी चुनाव में आधी आबादी विपक्षी दलों को इसका मुंह तोड़ जवाब देगी।

इस अवसर पर अनिल सिंह शाही, मंडल अध्यक्ष सुंदर सिंह राणा, प्लांट के निदेशक बालम भाकुनी, विधायक प्रतिनिधि भुवन जोशी, पवन भाकुनी आदि उपस्थित रहे।


महिला आरक्षण विधेयक का विपक्ष द्वारा विरोध,देश की नारी शक्त्ति का अपमान:डा. नरेश बंसल

देश कि नारी कभी विपक्ष को माफ नही करेगी:डा. नरेश बंसल

देहरादून- भाजपा रार्ष्टीय सहकोषाध्यक्ष एवं सांसद राज्यसभा डा. नरेश बंसल कहा कि लोकसभा में जो हुआ,वह लोकतांत्रिक मर्यादाओं और नारी सम्मान की भावना के प्रतिकूल है।

डा. नरेश बंसल ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के नेतृव मे केन्द्र सरकार द्वारा महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने हेतु लाया गया संविधान संशोधन विधेयक, जो नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम सिद्ध हो सकता था, उसे विपक्षी दलों द्वारा समर्थन न दिया जाना अत्यंत खेदजनक है।

डा. नरेश बंसल ने कहा कि यह केवल एक विधेयक का विरोध नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी की आकांक्षाओं, अधिकारों और प्रतिनिधित्व के अवसरों की उपेक्षा का संकेत है।

डा. नरेश बंसल ने कहा कि आदरणीय प्रधानसेवक नरेन्द्र मोदी की सरकार की सोच है कि महिलाओं की सशक्त भागीदारी से ही लोकतंत्र अधिक समावेशी और प्रभावी बनता है, ऐसे में इस प्रकार का रुख निश्चय ही चिंताजनक है।

डा. नरेश बंसल ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार निरंतर नारी शक्ति के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध रही है और इस दिशा मे ठोस कदम उठाए गए है।

डा. नरेश बंसल ने कहा कि विपक्ष द्वारा इस महत्वपूर्ण विधेयक का विरोध न केवल उनकी नारी विरोधी सोच को परिलक्षित करता है अपितु राष्ट्रहित के कार्यों में बाधा उत्पन्न करने की पुरानी नीयत और नीति को भी उजागर करता है, भारत की मातृशक्ति विपक्ष के इस जघन्य अपराध को कभी माफ नहीं करेगी।


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