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दिल्ली सरकार ने बुजुर्गों को दिया बड़ा तोहफा, वृद्धा पेंशन फिर से की शुरू 

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दिल्ली सरकार ने बुजुर्गों को दिया बड़ा तोहफा, वृद्धा पेंशन फिर से की शुरू 

कुल पांच लाख 30 हजार बुजुर्गों को मिलेगी पेंशन 

दिल्ली। सरकार ने चुनाव से पहले हजारों बुजुर्गों को बड़ा तोहफा दिया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजन अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के लाखों बुजुर्गों को पेंशन मिलेगी। आज दिल्ली सरकार की और से दिल्ली में 80,000 वृद्धा पेंशन खोली जा रही है। दिल्ली में बुज़ुर्गों की पेंशन हमने फिर से शुरू करा दी है। अब सब रूके हुए काम फिर से शुरू कराएंगे। दिल्ली में बुज़ुर्गों की पेंशन हमने फिर से शुरू करा दी है। अब सब रूके हुए काम फिर से शुरू कराएँगे। एक्स पर पोस्ट करते हुए आम आदमी पार्टी ने लिखा कि बुजुर्गों को उनके बेटे अरविंद केजरीवाल ने तोहफा दिया है। अब दिल्ली के पांच लाख 30 हजार से ज्यादा बुजुर्गों को 2500 रुपये तक की पेंशन मिलेगी। 

दिल्ली के पूर्व सीएम और राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज हम दिल्ली के बुजुर्गों के लिए एक अच्छी खबर लाए हैं। 80 हजार बुजुर्ग पेंशन खुल रही हैं। अब कुल पांच लाख 30 हजार बुजुर्गों को पेंशन मिलेगी। केबिनेट ने इसे पास किया है और दिल्ली सरकार ने इसमें सुधार किया है। बीते 24 घंटे में 10 हजार आवेदन आ चुके हैं। 2015 में सरकार बनने के बाद हमने पेंशन को बढ़ाया है। देश के अंदर सबसे ज्यादा पेंशन दिल्ली के अंदर है।

दिल्ली सरकार ने सरकारी दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम का लिया निर्णय, एडवाइजरी की जारी

मुख्यमंत्री आतिशी ने कक्षा 12वीं तक के स्कूल बंद करने के दिए आदेश 

दिल्ली में ट्रकों के प्रवेश पर लगा प्रतिबंध

नियमों के उल्लंघन करने पर लगेगा 20,000 रुपये का जुर्माना

नई दिल्ली। दिल्ली समेत एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए पाबंदियां लगाई जा रही है। दिल्ली सरकार ने घोषणा की है कि अब सरकारी दफ्तरों में 50 फीसदी कर्मचारी घर से काम करेंगे और 50 फीसदी कार्यालय आएंगे। राजधानी में जैसे जैसे प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है सरकार की ओर से चीजों को लेकर प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। ग्रेप-4 पहले ही लागू हो चुका है। स्कूल-कॉलेजों को बंद कर दिया है। अब कर्मचारियों के स्वास्थ्य को देखते हुए घर से काम करने के लिए कहा है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि प्रदूषण कम करने के लिए दिल्ली सरकार ने सरकारी दफ़्तरो में वर्क फ्रॉम होम का निर्णय लिया है। 50 फीसदी कर्मचारी घर से काम करेंगे। इसके इम्पलिमेंटेशन के लिए सचिवालय में आज दोपहर एक बजे अधिकारियों के साथ बैठक होगी।

वहीं गुरुग्राम में भी बढ़ते एक्यूआई को देखते हुए मंगलवार को जिला प्रशासन ने वर्क फॉर होम के लिए एडवाइजरी जारी कर दी। उपायुक्त अजय कुमार की ओर से जारी इस एडवाइजरी में कॉर्पोरेट और निजी क्षेत्र की कंपनियों से कहा गया है कि 50 फीसदी कर्मचारियों को घर से ही काम करने की अनुमति दी जाए। इसके साथ ही उपायुक्त ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की भौतिक उपस्थिति पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है।

दिल्ली में वायु प्रदूषण अति गंभीर श्रेणी में पहुंचते ही दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने कक्षा 12वीं तक के स्कूल बंद करने के आदेश दिए। सभी कक्षाएं ऑनलाइन चलेंगी। साथ ही एनसीआर के जिलों में से फरीदाबाद, गाजियाबाद, गुरुग्राम, नोएडा में भी प्रशासन ने 12वीं तक के स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया है। वहीं कॉलेजों की बात करें तो जामिया मिलिया इस्लामिया, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ने भी ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित करने का फैसला किया।

जीआरएपी 4 प्रतिबंधों के तहत सबसे प्रमुख उपायों में दिल्ली में ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध शामिल है। जिसमें आवश्यक वस्तुओं को ले जाने वाले वाहनों को अपवाद के रूप में रखा गया है। इसके अलावा, एलएनजी, सीएनजी, बीएस-VI डीजल या इलेक्ट्रिक पावर जैसे स्वच्छ ईंधन पर चलने वाले वाणिज्यिक वाहनों को प्रतिबंधों से छूट दी गई है। इस बीच, दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-जरूरी हल्के वाणिज्यिक वाहनों पर भी प्रतिबंध है, सिवाय सीएनजी, इलेक्ट्रिक पावर और बीएस-VI डीजल से चलने वाले वाहनों के। GRAP 4 के तहत, दिल्ली में पंजीकृत मध्यम और हल्के वाणिज्यिक वाहन जो डीजल या बीएस-IV पर चलते हैं, उन पर भी प्रतिबंध है, सिवाय जरूरी वस्तुओं को ले जाने वाले वाहनों के। निजी वाहनों पर कोई नया प्रतिबंध नहीं है।

ये प्रतिबंध सिर्फ दिल्ली में ही नहीं, बल्कि गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर जैसे आसपास के इलाकों में भी लागू होंगे। जो लोग नियमों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उन्हें 20,000 रुपये का जुर्माना देना होगा। अन्य सभी निजी वाहन जिनके पास BS-IV पेट्रोल और BS-VI डीजल प्रमाणन और उससे ऊपर है, उन्हें इस अवधि के दौरान बिना किसी प्रतिबंध के शहर में चलने की अनुमति होगी।


दिल्ली- एनसीआर में वायु प्रदूषण चरम पर, एयर क्वालिटी इंडेक्स ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंचा

दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण अपनी चरम सीमा पर पहुंच चुका है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली की हवा अब ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज की जा रही है। इससे पहले यह ‘बहुत खराब’ कैटेगरी में थी, लेकिन अब दिल्ली ने पाकिस्तान के लाहौर को पीछे छोड़ते हुए दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में पहला स्थान हासिल कर लिया है।

बढ़ते प्रदूषण से लोग परेशान
दिल्ली की हवा इतनी जहरीली हो चुकी है कि लोगों को घर से बाहर निकलने में भी कठिनाई हो रही है। कई लोग सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं। अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है, और डॉक्टरों का कहना है कि वायु प्रदूषण का सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है।

दिल्ली का AQI 500 के पार
दिल्ली का 24 घंटे का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) हर शाम 4 बजे मापा जाता है। सोमवार को यह 418 दर्ज किया गया, लेकिन शाम तक यह 500 से अधिक हो गया। यह आंकड़ा ‘गंभीर’ श्रेणी का है, जो हवा की खतरनाक स्थिति को दर्शाता है।

एयर क्वालिटी इंडेक्स को समझें
AQI 100 से कम होने पर हवा को ‘संतोषजनक’ माना जाता है। 200 तक का AQI ‘खराब’ और 400-500 के बीच ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। यदि AQI 1000 से ऊपर पहुंच जाए, तो यह ‘खतरनाक’ श्रेणी में होता है।

एयर प्यूरीफायर और मास्क की बिक्री में उछाल
वायु प्रदूषण के बढ़ने के साथ ही एयर प्यूरीफायर और मास्क की बिक्री में तेजी आई है। व्यापारियों का कहना है कि अब लोग बड़ी संख्या में इन उत्पादों को खरीद रहे हैं। इंदिरापुरम स्थित एक डीलर ने बताया कि पहले जहां वे रोज़ाना 20 एयर प्यूरीफायर बेचते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 40 हो गई है।

फ्लाइट्स और ट्रेनों पर असर
प्रदूषण के कारण विजिबिलिटी में भारी गिरावट आई है। इसका असर हवाई यात्रा पर भी पड़ा है। कई फ्लाइट्स रद्द कर दी गई हैं, और कुछ के रूट्स बदल दिए गए हैं। ट्रेनों के शेड्यूल में भी गड़बड़ी हो रही है, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सरकार और जनता से अपील
सरकार और विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। साथ ही प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कार पूलिंग, सार्वजनिक परिवहन के उपयोग और अन्य उपायों को अपनाने का सुझाव दिया गया है।


राजधानी दिल्ली में खतरनाक स्तर पर पहुंचा वायु प्रदूषण, छठी से 11वीं कक्षा को ऑनलाइन पढ़ाने का लिया गया फैसला

ग्रैप का चौथा चरण आज से किया गया लागू

अति गंभीर श्रेणी की दहलीज में पहुंचा वायु प्रदूषण 

50 फीसदी कर्मचारियों के लिए घर से काम करने के निर्देश जारी

नई दिल्ली। राजधानी में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ऐसे में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का चौथा चरण आज से लागू हो गया। यह सुबह आठ बजे से प्रभावी हुआ। वायु प्रदूषण को बढ़ता देख वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने यह फैसला लिया है। ऐसे में भारी वाहनों के आवागमन की पाबंदी है। हालांकि, जरूरी सामान वाले ट्रकों को प्रवेश की अनुमति मिलेगी।

दूसरी ओर सरकारी और निजी ऑफिस में 50 फीसदी कर्मचारियों के लिए घर से काम करने के निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही, दिल्ली और एनसीआर राज्यों की सरकारों को छठी से लेकर 11वीं कक्षा तक की ऑनलाइन पढ़ाई करने की सिफारिश की है।

उधर, दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण स्तर को देखते हुए दिल्ली सरकार ने छठी से 11वीं कक्षा को ऑनलाइन चलाने का फैसला लिया है। फैसले के तहत 10वीं और 12वीं कक्षा पहले की तरह ही चलेगी। ऑनलाइन कक्षाएं अगले आदेश तक जारी रहेगी।

दिल्ली में ट्रकों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। हालांकि, केवल जरूरी सामान लेकर आने वाले ट्रकों और एलएनजी, सीएनजी और इलेक्ट्रिक ट्रकों को आने की अनुमति रहेगी। साथ ही, ग्रैप-4 के तहत प्रदूषण फैलाने वाले ट्रक, वाणिज्यिक चार पहिया वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। इस दौरान दिल्ली के आसपास के अन्य राज्यों से केवल सीएनजी, इलेक्ट्रिक, बीएस-6 वाहनों को एंट्री की इजाजत मिलेगी।

वायु प्रदूषण अति गंभीर श्रेणी की दहलीज में पहुंच गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के तहत आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) अति गंभीर श्रेणी में बना रह सकता है। एक्यूआई के 450 से ऊपर रहने को अति गंभीर माना जाता है और ऐसा होने पर ग्रैप का चौथा चरण लागू होता है। इसमें दिल्ली में ट्रकों के प्रवेश पर रोक, सिर्फ जरूरी सामान की आपूर्ति वाले सीएनजी वाहनों को प्रवेश मिलता है। दिल्ली में डीजल के हल्के और भारी माल वाहकों पर प्रतिबंध रहता है।

यह रहेगा प्रतिबंध
– दिल्ली के बाहर से आने वाले सभी ट्रकों को प्रवेश पर पाबंदी रहेगी। हालांकि, जरूरी सामान लाने वाले व सीएनजी और इलेक्ट्रिक ट्रकों पर पाबंदी से छूट दी गई है।
– दिल्ली में पंजीकृत मध्यम व भारी डीजल संचालित माल वाहनों पर प्रतिबंध। जरूरी सामान वाले वाहनों को छूट मिलेगी।
– एनसीटी दिल्ली व एनसीआर में डीजल चलित चार पहिया वाहनों पर रोक रहेगी। हालांकि, आपातकालीन वाहनों को छूट दी गई है। इस श्रेणी में केवल बीएस-6 वाहन चल सकते हैं।

– एनसीआर में उद्योगों पर पाबंदी। जहां पीएनजी ईंधन की सुविधा नहीं है और सरकार द्वारा अधिकृत सूची से बाहर के ईंधन का उपयोग किया जा रहा है तो रोक लगेगी। हालांकि, दूध व डेयरी उत्पादों और मेडिकल उपकरणों से जुड़े उद्योगों को छूट दी जाएगी।
– निर्माण व विध्वंस गतिविधियों पर रोक। इसके अलावा फ्लाईओवर, राजमार्ग, पुल व पाइपलाइन समेत अन्य गतिविधियों पर रोक। केंद्र सरकार केंद्रीय कर्मचारियों को घरों से काम करने की छूट दे सकती है।

– एनसीआर राज्य सरकारें सार्वजनिक, निगम और निजी दफ्तरों में 50 फीसदी क्षमता के साथ घरों से काम करने की छूट दे सकती है।
– राज्य सरकारें स्कूल व कॉलेज को बंद करने के साथ गैर आपातकालीन वाणिज्यिक गतिविधियों को बंद कर सकती है।

– राज्य सरकार लागू कर सकती है ऑड-ईवन योजना
– डीजल जनरेटर सेट पर प्रतिबंध

वायु गुणवत्ता इंडेक्स के मानक
एक्यूआई 0-50 के बीच ‘अच्छा’, 51-100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101-200 के बीच ‘मध्यम’, 201-300 के बीच ‘खराब’, 301-400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401-500 के बीच ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है।

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण स्तर को देखते हुए दिल्ली सरकार ने छठी से 11वीं कक्षा को ऑनलाइन चलाने का फैसला लिया है। फैसले के तहत 10वीं और 12वीं कक्षा पहले की तरह ही चलेगी। दिल्ली के मुख्यमंत्री आतिशी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि दिल्ली में ग्रैप 4 के प्रतिबंध लागू हो गए हैं। इसे देखते हुए 11वीं कक्षा तक मंगलवार से ऑनलाइन कक्षाएं चलेंगी। ऑनलाइन कक्षाओं से 10वीं और 12वीं के छात्र इसे बाहर रहेंगे। इन्हें पहले की तरह पढ़ाया जाएगा। ऑनलाइन कक्षाएं अगले आदेश तक जारी रहेगी।


दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए GRAP-3 लागू, आज से कई गतिविधियों पर प्रतिबंध

दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी और एनसीआर में लगातार बढ़ते प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए गुरुवार को ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP-3) लागू करने की घोषणा की गई है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 450 के पार पहुंचने के कारण दिल्ली-एनसीआर गैस चैम्बर में तब्दील हो चुका है। इसके चलते सांस संबंधी मरीजों की संख्या बढ़ रही है और धुंध के कारण विमान और ट्रेनों के संचालन में देरी हो रही है। इसी के मद्देनजर दिल्ली सरकार ने GRAP-3 लागू करने का निर्णय लिया है, जो 15 नवंबर से प्रभावी होगा।

GRAP-3 लागू होने का उद्देश्य और समय
GRAP में चार चरण होते हैं, जो मध्यम से लेकर गंभीर प्रदूषण स्तर के अनुसार अलग-अलग कदम उठाते हैं। GRAP-3 तब लागू किया जाता है जब वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) गंभीर श्रेणी (AQI 401-450) में पहुंच जाता है। यह कदम वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) द्वारा प्रदूषण को नियंत्रित करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए उठाया गया है।

GRAP-3 के तहत लगे प्रतिबंध

निर्माण और डिमोलिशन कार्यों पर रोक: दिल्ली-एनसीआर मेंआज से गैर-आवश्यक निर्माण और डिमोलिशन का कार्य बंद रहेगा। हालांकि, स्वास्थ्य, राष्ट्रीय सुरक्षा, मेट्रो, रेलवे और अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं के कार्य जारी रहेंगे।

पुराने वाहनों पर प्रतिबंध: BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल वाहनों पर रोक लगाई जाएगी। इन वाहनों के सड़कों पर चलने पर सख्त कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाएगा।

औद्योगिक गतिविधियों पर नियंत्रण: कुछ प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को बंद रखने का निर्देश दिया जाएगा, जबकि आवश्यक उद्योगों को संचालन की अनुमति होगी।

कचरे का जलना प्रतिबंधित: प्रदूषण फैलाने वाले कचरे और अन्य सामग्री को जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।

खनन पर रोक: खनन से जुड़ी गतिविधियां बंद रहेंगी और प्रमुख सड़कों पर प्रदूषण कम करने के लिए पानी का छिड़काव किया जाएगा।

जनता के लिए निर्देश: लोगों को जरूरत होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है और निजी वाहनों की बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया है।

इन सख्त नियमों का उद्देश्य प्रदूषण स्तर को नियंत्रित करना और दिल्ली-एनसीआर के नागरिकों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखना है।


दिल्ली की हवा में नहीं कोई सुधार, AQI 352 के पार, प्रदूषण से बढ़ीं स्वास्थ्य समस्याएं

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 352 तक पहुंच गया है, जिससे हवा ‘बेहद खराब’ श्रेणी में बनी हुई है। जहरीली हवा के कारण दिल्लीवासियों के लिए घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। खासकर बच्चे और बुजुर्ग सांस लेने में परेशानी का सामना कर रहे हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, दिल्ली के कई इलाकों में AQI 400 के पार मापा गया है, जैसे आनंद विहार में 425, बवाना में 412, मुंडका में 419, और वजीरपुर में 421। वहीं, एनसीआर के गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे शहरों में भी AQI खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।

अधिकतर इलाकों में AQI 300-400 के बीच
दिल्ली के विभिन्न इलाकों में भीषण प्रदूषण देखने को मिल रहा है। अलीपुर में AQI 372, अशोक विहार में 398, बुराड़ी क्रॉसिंग में 370, और जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 315 दर्ज किया गया। बढ़ते वायु प्रदूषण के चलते लोग पाचन संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे हैं।

प्रदूषण से स्वास्थ्य पर गंभीर असर
डॉक्टरों के अनुसार, दिल्ली में वायु प्रदूषण के कारण पाचन समस्याएं, जैसे इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) और इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज (IBD) के मामले बढ़ रहे हैं। गुरुग्राम के नारायणा हॉस्पिटल के डॉ. सुकृत सिंह सेठी ने बताया कि वायु प्रदूषण के कारण गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और मेटाबोलिक सिंड्रोम जैसी स्थितियों में बढ़ोतरी हो रही है।

दिल्ली में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए प्रशासन से कड़े कदम उठाने की मांग की जा रही है।


दिल्ली के नौ वर्षीय भाविक गर्ग का ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में चयन

अमिताभ बच्चन के सामने हॉट सीट पर पहुंचे भाविक गर्ग 

नई दिल्ली। दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-24 में रहने वाले नौ साल के भाविक गर्ग ने प्रतिष्ठित शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (केबीसी) में चयनित होकर अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। पांचवीं कक्षा के छात्र भाविक, जो डॉ. एस.के. अग्रवाल और डॉ. प्रियंका के पुत्र हैं, ने इस शो में जूनियर प्रतिभागी के तौर पर अमिताभ बच्चन के सामने हॉट सीट पर बैठकर सवालों का सामना किया। भाविक 6 नवंबर के एपिसोड में नजर आए और आज 7 नवंबर के एपिसोड में भी दिखाई देंगे।

इंटरव्यू और ऑडिशन से होकर पहुंचे केबीसी तक
भाविक ने बताया कि केबीसी में शामिल होने के लिए उन्हें कई राउंड के इंटरव्यू और ग्राउंड ऑडिशन से गुजरना पड़ा। देश भर के सैकड़ों छात्रों के बीच से 10 बच्चों का चयन हुआ, जिनमें भाविक भी एक हैं। भाविक का चयन रैंडमली किया गया और इसके बाद कई टेस्ट और इंटरव्यू के बाद उन्हें हॉट सीट पर बैठने का अवसर मिला।

भाविक के माता-पिता का गर्व
भाविक के पिता डॉ. एसके अग्रवाल ने कहा, “यह हमारे लिए लाइफटाइम अवसर था। हमने कभी नहीं सोचा था कि हमें अपने बच्चे के साथ मुंबई जाने और सदी के महानायक अमिताभ बच्चन से मिलने का मौका मिलेगा। यह अनुभव हमारे लिए बहुत खास था।”

भाविक के आत्मविश्वास में हुआ इजाफा
भाविक के माता-पिता ने कहा कि इस सफर में टीचर्स का सहयोग और केबीसी टीम की मेहनत का अहम योगदान रहा। केबीसी टीम ने भाविक को हर कदम पर मार्गदर्शन दिया और इस अनुभव से उनका आत्मविश्वास पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है।

भाविक का प्रदर्शन उनके आत्मविश्वास को दर्शाता है, और उनके माता-पिता और केबीसी टीम का योगदान इस सफलता में बहुत महत्वपूर्ण रहा।


मुख्यमंत्री धामी ने ‘उत्तराखण्ड निवास’ का नई दिल्ली में किया लोकार्पण

राज्य की संस्कृति, लोक कला और वास्तुकला समावेश

श्री अन्न उत्पादों और जैविक उत्पादों के लिए उत्तराखण्ड निवास में लगेगा विशेष काउंटर

यह भवन राष्ट्रीय राजधानी में हमारे प्रदेश की गरिमा का प्रतीक बनेगा-सीएम

आने वाले बजट सत्र में राज्य में एक सख्त भू-कानून लाया जायेगा- मुख्यमंत्री

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को नई दिल्ली के चाणक्यपुरी में उत्तराखण्ड राज्य अतिथि गृह ‘उत्तराखण्ड निवास’ का लोकार्पण किया। इस भव्य उत्तराखण्ड निवास का निर्माण लगभग 120 करोड़ 52 लाख की लागत से किया गया है। इस अवसर पर सबसे पहले मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जनपद के मार्चुला बस दुर्घटना में दिवंगत आत्माओं की शांति और उनके परिवारजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज हम सब उत्तराखण्ड निवास के लोकार्पण के ऐतिहासिक पल के साक्षी बन रह हैं। उत्तराखण्ड निवास में राज्य की संस्कृति, लोक कला और वास्तुकला का समावेश किया गया है। उत्तराखण्ड की अद्वितीय कला की छाप उत्तराखण्ड निवास संजोये हुए है। इसकी दीवार पारंपरिक रूप से पहाड़ी शैली के सुंदर पत्थरों से निर्मित है, जो हमारी सांस्कृतिक धरोहर को भी जीवंत करने का का कार्य करती है। यह भवन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक पंरपराओं को एक नई ऊंचाई प्रदान करने के साथ ही उत्तराखण्ड और देश-विदेश से आने वाले अतिथियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आरामदायी आवास व्यवस्था तथा उत्तराखण्ड की संस्कृति की झलक को समेटे यह भवन राष्ट्रीय राजधानी में हमारे प्रदेश की गरिमा का प्रतीक बनेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड निवास में हमारे पारंपरिक व्यंजनों की व्यवस्था की जाए। श्री अन्न उत्पादों और जैविक उत्पादों की बिक्री के लिए भी यहां पर एक विशेष काउंटर की व्यवस्था की जाए। उत्तराखण्ड की पहचान टोपी, पिछोड़ा, शॉल, जैकेट एवं राज्य के प्रसिद्ध उत्पादों की बिक्री की भी व्यवस्था हो। राज्य की महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा उच्च गुणवत्ता के उत्पाद बनाये जा रहे हैं। यह हमारे आने वाले अतिथियों के लिए एक विशेष प्रकार का अनुभव होगा। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड भवन के निर्माण में योगदान देने वाले सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। सभी श्रमिकों के समर्पण भाव की भी उन्होंने सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 09 नवम्बर को हम उत्तराखण्ड राज्य की रजत जयंती वर्ष में प्रवेश करने जा रहे हैं। ऐसे में उत्तराखण्ड भवन का लोकार्पण श्रेष्ठ उत्तराखण्ड बनाने का हमारे संकल्प को मजबूती प्रदान करेगा और राज्य को आगे बढ़ाने में हम सबको प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि राज्य के समग्र विकास के लिए पिछले सालों में कई महत्वपूर्ण योजनाएं और नीतियां लागू की गई हैं। यही कारण है कि नीति आयोग द्वारा इस वर्ष जारी सतत विकास के लक्ष्यों की रैंकिंग में उत्तराखण्ड को देश प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। ईज ऑफ डुइंग बिजनेस में राज्य को एचीवर्स और स्टार्टप में लीडर्स की श्रेणी प्राप्त हुई है। जीएसडीपी में 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। उत्तराखण्ड युवाओं को रोजगार देने में भी अग्रणी राज्य बना है। एक वर्ष में बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत कमी लाई गई है। फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी सबसे अनुकूल राज्य होने के लिए भी उत्तराखण्ड को देश में प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने राज्यहित में अनेक निर्णय लिये हैं। समान नागरिक संहिता की दिशा में कदम उठाने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है। जल्द ही यूसीसी राज्य में लागू करने की दिशा में कार्य किये जा रहे हैं। राज्य में देश का सबसे प्रभावी नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। जिससे प्रदेश के युवाओं में नया आत्मविश्वास जगा है। हर जनपद से युवाओं का चयन हो रहा है। विगत तीन वर्षों में राज्य में 18500 सरकारी पदों पर नियुक्तियां दी गई हैं। राज्य में धर्मान्तरण को रोकने के लिए सख्त कानून लागू किया गया है।

जो देवभूमि की पवित्रता और संस्कृति की रक्षा करेगा। 05 हजार से भी अधिक सरकारी जमीन जो गैरकानूनी रूप से कब्जे में थी, उसको अतिक्रमण से मुक्त कराया है। प्रदेश में लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी घटिया मानसिकता के खिलाफ भी कड़ा रूख अपनाते हुए सख्त कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले बजट सत्र में एक सख्त भू-कानून भी लाया जायेगा। जिसकी काफी लंबे समय से प्रतिक्षा है। राज्य सरकार उत्तराखण्ड के अंतिम छोर के व्यक्ति तक विकास की धारा से जोड़ने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल, गणेश जोशी, डॉ. धन सिंह रावत, सासंद एवं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, सांसद अजय भट्ट, राज्यसभा सांसद और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, राज्यसभा सासद डॉ. कल्पना सैनी, विधायकगण, सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु एवं सचिवगण उपस्थित थे।


राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में दिवाली पर जमकर हुई आतिशबाजी, वायु गुणवत्ता पहुंची ‘बहुत खराब’ श्रेणी में

नई दिल्ली: गुरुवार, 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत पूरे देश में दिवाली का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। हालांकि पटाखों पर प्रतिबंध के बावजूद, कई राज्यों में जमकर आतिशबाजी हुई, जिससे हवा में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। राजधानी दिल्ली में भी प्रतिबंध के बावजूद आतिशबाजी की गई, जिसके चलते एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (AQI) ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में पहुंच गई है।

दिल्ली के प्रदूषण स्तर में खतरनाक वृद्धि
आतिशबाजी के चलते दिल्ली के प्रमुख इलाकों का AQI खतरनाक स्तर तक बढ़ गया। आनंद विहार में AQI 393, अशोक विहार में 359, बवाना में 366 और पंजाबी बाग में 380 तक पहुंच गया। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों जैसे अलीपुर में 318, द्वारका में 357 और नॉर्थ कैंपस डीयू में 340 दर्ज किया गया।

दिल्ली-एनसीआर में भी प्रदूषण का असर
दिल्ली के साथ-साथ नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद में भी हवा की गुणवत्ता खराब रही। नोएडा में AQI 281, ग्रेटर नोएडा में 251, गुरुग्राम में 300 और गाजियाबाद में 265 रिकॉर्ड किया गया।

2023 की दिवाली रही सबसे साफ
पिछले साल 2023 की दिवाली के दौरान AQI 218 दर्ज किया गया था, जो अपेक्षाकृत साफ था। वहीं 2022 में AQI 312 और 2021 में 382 दर्ज किया गया था।


Vande Bharat: 4.45 घंटे में होगा दिल्ली से देहरादून का सफर, पीएम ने उत्तराखंड को दिया पहला वंदे भारत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देहरादून से दिल्ली के बीच पहली वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दिल्ली और देहरादून के बीच चलने वाली यह वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन देश की राजधानी को तेज गति से जोड़ेगी. इस ट्रेन से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। इस सफर को सुखद बनाने वाली हैं ट्रेन में ये सुविधाएं: Continue reading Vande Bharat: 4.45 घंटे में होगा दिल्ली से देहरादून का सफर, पीएम ने उत्तराखंड को दिया पहला वंदे भारत →


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