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सर्दियों में रोजाना खाएं अमरूद, इन बीमारियों से रहेंगे दूर

Category Archives: जीवन शैली

सर्दियों में रोजाना खाएं अमरूद, इन बीमारियों से रहेंगे दूर

सर्दियों के मौसम में रोजाना फल का सेवन करना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. हेल्थ एक्सपर्ट भी नियमित फल खाने की सलाह देते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक फल ऐसा है जिसको सर्दियों में रोज खाने से बीमारियों दूर रहती हैं. इस फल का स्वाद बेहद लाजवाब होता है. जिसका नाम अमरूद है।

अन्य फलों के मुताबिक अमरूद में कई गुना अधिक प्रोटीन और फाइबर होता है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होता है. हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक, सर्दियों के मौसम में अमरूद खाने से पाचन तंत्र तो स्वस्थ रहता ही है साथ ही इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन सी शरीर को रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करते हैं. आइए जानते हैं कि सर्दियों मौसम में अमरूद खाने से सेहत के फायदों के बारे में…

सर्दियों मौसम में अमरूद खाने अनगिनत फायदेब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखता है
हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक, सर्दियों के मौसम में अमरूद खाना सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट और पॉलीफेनोल्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो रक्त की मात्रा को कम करने में मदद करते हैं. जो मूत्र में तरल पदार्थ को कम करता है और इससे ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में भी मदद करता है।

कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल रखता है
सर्दियों के मौसम में अमरूद खाना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है. अमरूद में विटामिन सी भरपूर मात्रा में होता है. अमरूद में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट के कारण यह एचडीएल कोलेस्ट्रॉल के अच्छे स्तर को बनाए रखता है. जो कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल रखता है।

त्वचा के लिए फायदेमंद
सर्दियों में गुलाबी या लाल अमरूद खाना स्किन के लिए बेहद फायदेमंद होता है क्योंकि अमरूद में लाइकोपीन भरपूर मात्रा में होता है, जो त्वचा को सूरज की पराबैंगनी किरणों से होने वाले नुकसान से बचाने में रक्षा करता है।

(आर एन एस)


प्रेग्नेंसी के दौरान एक्सरसाइज सही है या नहीं, जानें क्या है पूरा सच

पांच में से एक गर्भवती महिला को कम फिजिकल एक्टिविटी करने की सलाह दी जाती है। भले ही एक्सरसाइज को ज़्यादातर गर्भावस्थाओं के दौरान सुरक्षित और हेल्दी माना जाता है. हालांकि कुछ डॉक्टर कुछ गर्भवती महिलाओं की कंडीशन देखकर फुल बेड रेस्ट करने की सलाह देते हैं. हालांकि, जिन महिलाओं की हेल्दी प्रेग्नेंसी हैं उन्हें एक्सरसाइज करने की सलाह देते हैं। गर्भावस्था के दौरान व्यायाम करने के बारे में कई मिथक हैं. लेकिन व्यायाम आम तौर पर सुरक्षित है और ज़्यादातर महिलाओं के लिए अच्छा होता है।

आपको गर्भावस्था के दौरान व्यायाम शुरू करना चाहिए

गर्भावस्था व्यायाम शुरू करने का एक बढिय़ा समय है. भले ही आपने पहले कभी व्यायाम न किया हो।

व्यायाम बच्चे को नुकसान पहुंचा सकता है
मध्यम व्यायाम आम तौर पर सुरक्षित है और स्वास्थ्य पेशेवरों द्वारा इसकी अनुशंसा की जाती है।

आप उच्च-प्रभाव वाली गतिविधियां नहीं कर सकते
यदि आप गर्भावस्था से पहले सक्रिय थीं, तो आप उच्च-प्रभाव वाली गतिविधियां जारी रख सकती हैं, लेकिन आपको अपने शरीर की बात सुननी चाहिए और ज़रूरत के अनुसार बदलाव करना चाहिए।

पेट की कसरत नहीं कर सकते
गर्भावस्था के दौरान कोर की ताकत महत्वपूर्ण है, और पेल्विक टिल्ट या प्लैंक वेरिएशन जैसे सुरक्षित कोर व्यायाम मदद कर सकते हैं।

आपकी हृदय गति कभी भी 140 बीपीएम से ऊपर नहीं जानी चाहिए
अधिकांश डॉक्टर अब आपको सलाह देते हैं कि आप इस बात पर ध्यान दें कि आप कैसा महसूस कर रही हैं और यदि आप आराम से बातचीत नहीं कर सकती हैं तो व्यायाम करना बंद कर दें।

गर्भावस्था के दौरान व्यायाम करने के लिए यहां कुछ सुझाव दिए गए हैं
व्यायाम कार्यक्रम शुरू करने या जारी रखने से पहले अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से सलाह लें।
अगर आप गर्भावस्था से पहले बहुत सक्रिय नहीं थीं. तो हल्के व्यायाम से शुरुआत करें, जैसे कि टहलना. यह कहने का मतलब है हल्के एक्सरसाइज।


सर्दियों में तमाम लोग नहाते हुए करते हैं ये गलती, डैंड्रफ की है सबसे बड़ी वजह

हर दिन नहाना लाइफस्टाइल से जुड़ी एक आदत है। जब तक आप गंदे या पसीने से तर न हो तब तक नहाने की कोई खास जरूरत है. हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक नहाने से आपकी त्वचा से हेल्दी ऑयल और बैक्टीरिया निकल जाते हैं। इसलिए ज्यादा नहीं नहाना चाहिए। बार-बार नहाने से आपकी त्वचा रूखी और खुजलीदार हो सकती है और खराब बैक्टीरिया फटी त्वचा के ज़रिए आपके शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। जब आप अपने शरीर को सामान्य गंदगी और बैक्टीरिया के संपर्क में लाते हैं. तो यह वास्तव में आपकी इम्युनिटी प्रणाली को मज़बूत करने में मदद करता है।

नहाते वक्त ये गलती भूल से भी न करें
एंटीबैक्टीरियल साबुन बहुत ज़्यादा बैक्टीरिया को मार सकते हैं. जिसमें अच्छे किस्म के बैक्टीरिया भी शामिल हैं. इससे एंटीबायोटिक के प्रतिरोधी खराब बैक्टीरिया त्वचा में प्रवेश कर सकते हैं. कठोर साबुन आपकी त्वचा को रूखा कर सकते हैं. इसलिए अतिरिक्त तेल वाले हल्के साबुन, सौम्य क्लींजर या मॉइस्चराइजऱ वाले शॉवर जेल का इस्तेमाल करें. अगर आपको एक्जिमा या संवेदनशील त्वचा है. तो सुगंधित साबुन आपकी त्वचा को परेशान कर सकते हैं. इसके बजाय सुगंध रहित साबुन का इस्तेमाल करें।

सप्ताह में तौलिए को एक बार जरूर धोएं
नम तौलिए बैक्टीरिया, यीस्ट, फफूंद और वायरस के लिए प्रजनन स्थल होते हैं. गंदे तौलिये से नाखूनों में फंगस, जॉक खुजली, एथलीट फुट और मस्से हो सकते हैं.  इससे बचने के लिए, अपने तौलिये को सप्ताह में कम से कम एक बार बदलें या धोएं और सुनिश्चित करें कि यह उपयोग के बाद सूख जाए. इसे जल्दी सूखने में मदद करने के लिए हुक से लटकाने के बजाय तौलिया बार पर फैलाकर लटकाएं। जब आप बीमार हों और अगर आपका घर नमी वाला हो. जैसे गर्मियों के दौरान, तो तौलिये को ज़्यादा बार धोएं।

लूफा को ऐसे साफ करें
लूफा स्क्रबिंग के लिए बहुत बढिय़ा होते हैं. लेकिन उनके कोने कीटाणुओं के लिए एकदम सही छिपने की जगह होते हैं. आपको अपने लूफा को हर हफ़्ते पांच मिनट के लिए पतला ब्लीच में भिगोकर और अच्छी तरह धोकर साफ़ करना चाहिए. हालांकि अपने लूफा को शॉवर में रखना सुविधाजनक है. लेकिन इसे हिलाकर किसी ठंडी जगह पर टांग देना ज़्यादा सुरक्षित है जहां यह जल्दी सूख जाएगा। आपको प्राकृतिक लूफा को कम से कम हर 3 से 4 हफ़्ते में और प्लास्टिक वाले को हर 2 महीने में बदलना चाहिए।


जंप स्क्वाट्स: जानिए इस एक्सरसाइज का अभ्यास, फायदे और अन्य जरूरी बातें

जंप स्क्वाट्स एक ऐसी एक्सरसाइज है, जो आपके निचले शरीर की ताकत और शक्ति को बढ़ाने में मदद करता है।यह एक्सरसाइज खासकर एथलीटों और फिटनेस प्रेमियों के बीच लोकप्रिय है क्योंकि यह न केवल मांसपेशियों को मजबूत करता है, बल्कि संतुलन भी सुधारता है।जंप स्क्वाट्स करने से आपके पैरों, जांघों और कूल्हों की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं, जिससे आपकी कुल शारीरिक क्षमता में बढ़ोतरी होती है।

जंप स्क्वाट्स कैसे करें
जंप स्क्वाट्स करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं और अपने पैरों को कंधे-चौड़ाई पर रखें। फिर धीरे-धीरे नीचे बैठें जैसे कि आप एक सामान्य स्क्वाट कर रहे हों।जब आप नीचे पहुंचें, तो अपनी एड़ी से जोर लगाकर ऊपर की ओर कूदें। हवा में रहते हुए अपने हाथों को ऊपर उठाएं और फिर धीरे-धीरे वापस जमीन पर आएं।ध्यान दें कि जब आप जमीन पर लौटें तो घुटनों को थोड़ा मोडक़र झटका कम करें।

जंप स्क्वाट्स के फायदे
जंप स्क्वाट्स कई फायदे प्रदान करते हैं।सबसे पहले यह एक्सरसाइज आपके निचले शरीर की मांसपेशियों को मजबूत करता है, खासकर जांघों, कूल्हों और पैरों को। दूसरा, यह आपकी हृदय गति बढ़ाता है, जिससे कार्डियोवस्कुलर स्वास्थ्य में सुधार होता है। तीसरा, जंप स्क्वाट्स करने से कैलोरी बर्न होती हैं, जो वजन घटाने में मदद करती हैं। चौथा, इस एक्सरसाइज से आपका संतुलन बेहतर होता है।

एक्सरसाइज करते समय बरतें ये सावधानियां
जंप स्क्वाट्स करते समय कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए ताकि चोट का खतरा कम हो सके।सबसे पहले सुनिश्चित करें कि आपकी तकनीक सही हो क्योंकि गलत तरीके से करने पर घुटनों या पीठ में दर्द हो सकता है।इसके अलावा एक्सरसाइज से पहले हमेशा वार्मअप करें ताकि मांसपेशियां तैयार रहें और चोट का खतरा कम हो सके।साथ ही अगर आपको किसी प्रकार की चोट या दर्द महसूस होता है तो तुरंत रुक जाएं और डॉक्टर से सलाह लें।

नियमितता बनाए रखें
जंप स्क्वाट्स का अधिकतम लाभ पाने के लिए इसे नियमित रूप से करना जरूरी है।सप्ताह में कम से कम 3 बार इस एक्सरसाइज को शामिल करें ताकि आपकी मांसपेशियां लगातार मजबूत होती रहें और आपका फिटनेस स्तर बढ़ता रहे।साथ ही अन्य प्रकार के एक्सरसाइज जैसे स्ट्रेचिंग या योगा भी शामिल करें ताकि आपका शरीर लचीला बना रहे।इस तरह जंप स्क्वाट्स आपके निचले शरीर की ताकत बढ़ाने का एक बेहतरीन तरीका साबित हो सकते हैं।


सर्दियों के मौसम में इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए करें इन जूस का सेवन, नहीं होंगे बीमार

सर्दियों के मौसम में खुद को ठंड बचाए रखना बहुत जरूरी होता है. सर्दी से बचने के लिए लोग तरह-तरह के खान पान के साथ जूस का सेवन भी करते हैं। जिससे शरीर का इम्यूनिटी स्ट्रॉन्ग बना रहे. इसके लिए जरूरी है कि आप ज्यादा से ज्यादा मात्रा में विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट पोषक तत्व वाले चीजों का सेवन करें.ऐसे में आज हम आपको इस लेख में बताएंगे सर्दी में खुद को ठंड से बचाने के किन -किन फलों के जूस का सेवन करना चाहिए जिससे अपनी इम्यूनिटी स्ट्रॉन्ग रहे. आइए जानते हैं।

चुकंदर, गाजर और अदरक का जूस
हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, सर्दियों के मौसम में बीमारियों से बचने के लिए चुकंदर, गाजर और अदरक का जूस पीना बहुत फायदेमंद होता है.इस मौसम में अदरक का जूस पीने से शरीर गर्म रहता है. अगर आप एक्सरसाइज से पहले और बाद में चुकंदर, गाजर और अदरक का सेवन करते हैं तो इसमें मौजूद विटामिन इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद करते हैं. इनमें पाए जानें वाले आयरन, विटामिन ए और विटामिन सी समस्या को कम करते हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं।

साइट्रिस फ्रूट
सर्दियों में साइट्रिस फ्रूट का सेवन करने से इसमें मौजूद विटामिन सी सूजन और संक्रमण को ठीक करने में मदद करता है. साइट्रिस फल न केवल हमें स्वस्थ रखता है बल्कि ठंड से बीमार होने से भी बचाता है. आप इस मौसम में संतरे, मौसमी और अंगूर का जूस पी सकते हैं।

स्ट्रॉबेरी और कीवी
सर्दियों के मौसम में बीमारियों से बचने के लिए आप स्ट्रॉबेरी और कीवी का सेवन कर सकते हैं. ऐसे में अगर आप स्ट्रॉबेरी और कीवी का जूस बनाकर पीने से आपको कई बीमारियों से बचाने और सेहतमंद रखने में मदद करता है।

टमाटर
सर्दियों के मौसम में टमाटर आपकी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है.टमाटर में प्रचुर मात्रा में फाइबर और विटामिन बी9 होते हैं और यह विटामिन सी का भी अच्छा स्रोत हैं. टमाटर का सेवन संक्रमण से बचाता है और यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।


नवजात बच्चे के लिए बेहद जरूरी है धूप, जान लें सही टाइम और खतरे

हमारे यहां दादी-नानी के जमाने से ही बच्चों को धूप दिखाने की आदत रही है। नवजात बच्चे के लिए सर्दियों की धूप बेहद फायदेमंद मानी जाती है. गुनगुनी धूप से बच्चे के शरीर को ढेर सारे फायदे मिलते हैं। हालांकि, कई महिलाएं अपने बच्चे को धूप में ले जाने से बचती हैं. उन्हें लगता है कि इससे उनकी तबीयत बिगड़ सकती है. अगर आपको भी ऐसा ही लगता है तो यहां जानिए बच्चे को धूप में ले जाने का सही टाइम, इसके फायदे और साइड इफेक्ट्स…

नवजात बच्चों को सर्दियों में धूप जरूर दिखानी चाहिए। शरीर में धूप लगने से कई तरह के इंफेक्शन और बीमारियां से बच्चे बचते हैं। धूप की गर्मी से शरीर में गर्माहट आती है, जिससे बच्चा एनर्जेटिक बना रहता है। ठंड के मौसम में बच्चे को सुबह 9 से 11 बजे तक धूप में ले जा सकते हैं। उनके लिए 15 से 30 मिनट की धूप काफी है। इससे ज्यादा धूप में बच्चो को न रखें. दोपहर के वक्त बच्चे को धूप में ले जाने से बचें।

नवजात बच्चे के लिए धूप कितना जरूरी

1. हड्डियों को मिलती है मजबूती
नवजात शिशु को थोड़ी देर धूप में ले जाने से उनकी हड्डियां मजबूत बनती हैं। उन्हें अच्छी तरह विटामिन डी मिलता है, जो शरीर में कैल्शियम को अवशोषित करने में मदद करता है. समय से पहले जन्मे बच्चों में विटामिन डी की कमी होती है, ऐसे में थोड़ी देर धूप उनके लिए अच्छी हो सकती है।

2. बच्चे का दिमाग बढ़ता है
सर्दियों की धूप दिलाने से नवजात बच्चों के दिमाग की ग्रोथ अच्छी तरह होती है. इससे दिमाग में सेरोटोनर्जिक की एक्टिविटी बढ़ती है. सेरोटोनिन हार्मोन मूड को कंट्रोल करने का काम करता है.  धूप में बच्चे का सेरोटोनिन सही बना रहता है।

3. जॉन्डिस से बच्चे बचेंगे
बच्चे को धूप में ले जाने से जॉन्डिस यानी पीलिया का खतरा कम हो सकता है. कई अध्ययन में बताया गया है कि धूप बिल्रूबिन तोडऩे में मदद मिलती है. इससे त्वचा पीली पड़ जाती है। बच्चे को कुछ समय के लिए धूप में ले जाने से इस बीमारी को कम करने में मदद मिलती है. हालांकि अगर बच्चा बीमार है तो डॉक्टर की सलाह पर ही धूप ले जाएं।

सर्दियों में बच्चों को धूप कैसे दिखाएं
1. बच्चे की त्वचा नाजुक होती है, इसलिए ध्यान रखें धूप से उनकी त्वचा लाल न हो।
2. धूप में डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए बच्चे को ब्रेस्ट फीडिंग करवाएं।
3. धूप में ले जाने से पहले बच्चे को कैप बनाएं ताकि उनकी आंखों और चेहरे पर धूप सीधे न पड़े।
4. बच्चे को धूप में ले जाने से पहले उन्हें आरामदायक कपड़े पहनाएं ताकि सीधी धूप से उनकी त्वचा बचे।
5. अगर धूप में तेज हवा चल रही है तो बच्चे को बाहर न लेकर जाएं।

बच्चे के लिए धूप के साइड इफेक्ट्स
1. ज्यादा धूप की वजह से बच्चे में स्किन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं. इसकी वजह से सनबर्न, स्किन इंफेक्शन या स्किन काला पड़ जाने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
2. ज्यादा धूप से बच्चे को आंखों से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं।


ईयरफोन या हेडफोन्स, किससे होता है ज्यादा नुकसान? वक्त रहते बचाएं अपने कान

वक्त के साथ-साथ इंसान के लाइफस्टाइल में ढेरों बदलाव आएं हैं। बढते टेक्नोलॉजी ने काम को आसान बना दिया है, लेकिन इसके कई नुकसान भी देखने को मिले हैं। आजकल ट्रैवलिंग में या कोई काम कर रहे हो तो गाना सुनने की अलग ही दीवानगी देखने को मिलती है। युवा घंटो-घंटो कान में इसे लगाकर रखते हैं। हेडफोन्स या ईयरफोन का ज्यादा समय तक इस्तेमाल करने से कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं।

सुनने पर हो सकता है असर
ईयरफोन का ज्यादा इस्तेमाल आपके सुनने की क्षमता पर असर डालता है। जबकि हेडफोन कान से चिपके होते हैं इसमें से कोई भी हिस्सा कान के अंदर नहीं पहुचंता है। इसका परिणाम यह है कि इसका नेगेटिव असर सुनने पर होता है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईयरफोन का ईयरपीस कान के अंदर डालने से गंदगी कान के अंदर और गहरे जा सकती है, जिससे सुनने में रुकावट आती है।

कम करें इस्तेमाल
अगर कोई इंसान इसका कभी-कमार इस्तेमाल करता है तब तो ठीक है। लेकिन अगर कोई लंबे समय तक मीटिंग्स, म्यूजिक सुनने या फिल्म देखने के लिए ज्यादा इयरफोन का इस्तेमाल करता है. तो उसे इस्तेमाल कम कर देना चाहिए. लगातार और लंबे समय तक ईयरफोन का इस्तेमाल जब आप हाय वॉल्यूम पर सुनते हैं तो ऐसे में सुनाई देने की क्षमता को घटा सकती है। कभी-कभी कान में दर्द होने लगते हैं. डॉक्टर भी फोन को कान में ज्यादा देर तक लगाकर बात करने से मना करते हैं. ऐसे में अपनी सेहत का ख्याल रखते हुए उन्हें काफी चीजों का ध्यान रखना होगा।


सर्दियों में अपने गले को साफ रखने के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय, नहीं होगी खराश

इन दिनों सर्दी बढ़ रही है और हवाएं अधिक ठंडी होती जा रही हैं। इस मौसम के दौरान ही सबसे अधिक लोग बुखार और जुखाम की चपेट में आते हैं।इसके अलावा सर्दियों में ज्यादातर लोगों का गला सूख जाता है, उसमें बलगम जम जाता है और खराश होने लगती है। अगर आप भी इन परेशानियों से जूझ रहे हैं तो यह लेख आपके काम आएगा।आइए गले को साफ रखने और खराश दूर करने के घरेलू नुस्खे जानते हैं।

भाप लें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, सर्दियों के दौरान चलने वाली हवा सूखी और ठंडी होती है, जो गले को सुखा देती है।इससे निपटने के लिए भाप लेना सबसे प्रभावी नुस्खा हो सकता है। इसके लिए आप हियूमिडिफायर का उपयोग कर सकते हैं या गर्म पानी से भाप ले सकते हैं।एक बर्तन में गर्म पानी लें और अपने चेहरे को तौलिये से ढककर बर्तन की ओर झुकें। इससे आपकी नाक के जरिए भाप गले में जाएगी ओर आपको आराम मिलेगा।

नमक के पानी से गरारे करें
सर्दियों में जब भी आपको लगे की आपके गले में दर्द है, खराश है या गला बैठ गया है, तो गुनगुने पानी से गरारे करें।यह एक सदियों पुराना नुस्खा है, जो गले को साफ करने में मदद करता है।एक गिलास में गर्म पानी लें और उसमें आधा चम्मच नमक मिला दें। अब इस पानी को मुंह में भरें और गरारे करते हुए पी जाएं।ऐसा करने से आपके गले की सिकाई हो जाएगी और आपको दर्द नहीं होगा।

गले को ढककर रखें
सर्दियों के दौरान अगर आप गले की समस्याओं से बचना चाहते हैं तो उसे ढककर रखें। बाहर जाने से पहले गले में मफलर ओढ़ें, बंद गले वाले स्वेटर पहनें या शॉल लपेट लें।इनके जरिए आपके गले में हवा नहीं लगेगी और वह अच्छी तरह से गर्म रहेगा। साथ ही, मफलर आदी पहनने से आपका संपूर्ण लुक भी बेहद आकर्षक बन जाएगा।सर्दियों में गले की सिकाई करने के लिए आप हल्दी वाली कॉफी बनाकर पी सकते हैं।

गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें
सर्दियों में ठंडा पानी या ठंडी चीजों के सेवन से बचना चाहिए, क्योंकि इनके कारण गला खराब हो सकता है। इनके बजाय अपनी डाइट में गर्म पेय पदार्थ शामिल करें।ग्रीन टी, कॉफी, चाय और दूध जैसे गर्म पेय पदार्थों के सेवन से आपके गले की सिकाई होती रहेगी और आप जल्द आराम महसूस करने लगेंगे।इसके अलावा, अपने पास गर्म पानी से भरी बोतल रखें और दिनभर उसका सेवन करते रहें।


पेट का बैंड बजा सकती है खाने की एक गलत आदत, भूलकर भी न करें ऐसी गलती

बिजी लाइफस्टाइल और भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास ठीक से खाने का भी वक्त नहीं है. यही कारण है कि ज्यादातर जल्दी-जल्दी खाना खाकर उठ जाते हैं. जिसका असर खतरनाक हो सकता है. इसकी वजह से शरीर को कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
दरअसल, खाना चबाकर खाने से वह छोटे-छोटे टुकड़ों में टूट जाता है और पेट-आंत में जाकर आसानी से पचता है। इससे लार में मौजूद एंजाइम खाने में मौजूद कार्बोहाइड्रेट को तोडऩे लगते हैं। अगर आप भी किसी वजह से खाना ठीक तरह से चबाकर नहीं खा रहे हैं तो सावधान हो जाइए और यहां जानिए इसके साइड इफेक्ट्स…

खाने को ठीक से न चबाने के कारण
* जल्दबाजी में खाना खाना।
* टीवी या मोबाइल देखते समय खाना खाना।
* खाने की जल्दी में होने से।

खाने को ठीक से न चबाने के नुकसान
1. पाचन की समस्याएं
खाने को ठीक से न चबाने से पाचन समस्याएं हो सकती हैं. इससे खाना सही तरह नहीं पचता है और कई तरह की दिक्कतें हो सकती हैं. इसकी वजह से गैस और अपच जैसी समस्याएं भी परेशान कर सकती हैं।
2. वजन बढऩा
खाने को ठीक से न चबाने से वजन तेजी से बढ़ सकता है. दरअसल जल्दी खाने से दिमाग भूख और पेट भरने के संकेत को सही तर नहीं दे पाता है. शोध में पता चला है कि धीरे-धीरे खाने और सही तरह चबाने से पेट भरने का एहसास कराने वाले हार्मोन एक्टिव होते हैं, जिससे भूख मिटलती है।
3. पोषक तत्वों की कमी
खाने को ठीक से न चबाने से पोषक तत्वों की कमी हो सकती है. इसका असर ओवरऑल हेल्थ पर पड़ता है. इतना ही नहीं खाना सही तरह न चबाने से लार सही तरह नहीं बन पाता है और दांत-मसूड़ों में गंदगी बन रह सकती है।
4. सीने में जलन
अगर आप खाना सही तरह नहीं चबाते हैं तो गैस की समस्या बढ़ जाती है, जिसकी वजह से एसिड रिफ्लक्स हो सकता है और सीने में जलन हो सकता है. इसलिए हमेशा खाना चबाकर ही खाना चाहिए, ताकि शरीर कई तरह की परेशानियों से बच सके और खाना शरीर को फायदा पहुंचा सके।

खाने को ठीक से चबाने के लिए क्या करें
* धीरे-धीरे खाएं।
* खाते समय टीवी या मोबाइल न देखें।
* खाने को छोटे टुकड़ों में ही उठाएं।
* पानी पीने से पहले खाना खाएं यानी खाते समय पानी न पिएं।
* हर निवाले को कम से कम 25 से 40 बार चबाएं।


क्या आपके बच्चों को भी है मीठा खाने की लत? छुड़वाने के लिए अपनाएं ये तरीके

बड़ों के लिए मीठे की लत को दूर करना मुश्किल होता है। हालांकि, जब बात बच्चों में मीठे की लालसा को कम करने की आती है, तो यह और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।बच्चों को टॉफी, चॉकलेट, बिस्कुट और केक जैसे व्यंजन पसंद होते हैं, जिनके सेवन से दांत खराब हो सकते हैं और बच्चे बीमार भी पड़ सकते हैं। अपने बच्चों की देखभाल करने के लिए ये 5 टिप्स अपनाएं, जिनसे उनकी मीठे की लालसा कम हो जाएगी।

प्राकृतिक रूप से मीठे खाद्य पदार्थ खिलाएं
बच्चों के लिए अचानक मीठा खाना बंद कर देना बेहद मुश्किल हो सकता है। ऐसे में आपको पहले उन्हें टॉफी और चॉकलेट आदि की जगह पर ऐसे खाद्य पदार्थ खिलाने चाहिए, जिनमें रिफाइंड चीनी की जगह प्राकृतिक चीनी मौजूद होती हो।आप उन्हें संतरे, बेरी और अनानास आदि जैसे मीठे फल खिला सकते हैं। इन फलों के जरिए उन्हें फाइबर समेत अन्य पोषक तत्व भी मिलेंगे और उनकी मीठा खाने की लालसा भी पूरी हो जाएगी।

जूस जैसे मीठे पेय पदार्थों से दूर रखें
सभी मां-बाप अपने बच्चों को बाजार में मिलने वाले जूस और अन्य पेय पिला देते हैं, क्योंकि ब्रांड इन्हें स्वस्थ बताते हैं। हालांकि, इनमें अधिक मात्रा में चीनी शामिल होती है और ये बच्चों के स्वास्थ्य को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं।आपको अपने बच्चे की मीठे की लत छुड़वाने के लिए उसे पैकेट वाले जूस और चॉकलेट पाउडर वाला दूध आदि नहीं पिलाना चाहिए।इनके बजाय उन्हें ताजे फलों का जूस निकालकर पिलाएं या बिना चीनी वाला दूध दें।

टॉफी-चॉकलेट देना बंद करें

मां-बाप बच्चों से अपनी बात मनवाने के लिए उन्हें टॉफी-चॉकलेट का लालच देते हैं। जब बच्चे कोई अच्छा काम करते हैं या उनकी बात मान लेते हैं, तो वे उन्हें मीठे व्यंजन खिलाकर खुश करने की कोशिश करते हैं।हालांकि, ऐसा करने से बच्चों की आदत बिगड़ती है और वे मीठा खाने के आदी हो जाते हैं। अगर आप अपने बच्चे की डाइट से मीठे व्यंजन कम करना चाहते हैं तो उन्हें टॉफी-चॉकलेट देना बंद करें।

धीरे-धीरे चीनी खिलाना कम करें
अगर आप अचानक अपने बच्चों को मीठे व्यंजन देना बंद कर देंगे, तो वे चिड़चिड़े हो जाएंगे और जिद करने लगेंगे। ऐसे में उनके खान-पान में छोटे-छोटे बदलाव करें और धीरे-धीरे उन्हें चीनी खिलाना कम करें। सबसे पहले उन व्यंजनों में चीनी डालना बंद करें, जिन्हें आपके बच्चे रोज खाते हैं, जैसे दूध, दही या स्मूदी आदी। इसके बाद उन्हें टॉफी या चॉकलेट की जगह पर सूखे मेवे या फल खिलाना शुरू करें।

प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन भी रोकें
आज कल के बच्चे लगभग रोजाना चिप्स, बिस्कुट और इंस्टेंट नूडल्स जैसे व्यंजन खाते हैं। ये खाद्य पदार्थ अधिक प्रोसेस्ड होते हैं और इनमें कोई पोषक तत्व नहीं मौजूद होते हैं।यह सभी व्यंजन चीनी से समृद्ध होते हैं और मीठे की लालसा को बढ़ाने में योगदान दे सकते हैं। ऐसे में आपको बच्चों के खान-पान से ये प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ भी निकाल देने चाहिए।आप मीठे की लालसा को कम करने के लिए ये खाद्य पदार्थ खा सकते हैं।


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