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व्हाट्सएप में जल्द आएगा नया फीचर, अब इमोजी ही नहीं, स्टिकर से भी दे सकेंगे रिएक्शन

Category Archives: बिजनेस

व्हाट्सएप में जल्द आएगा नया फीचर, अब इमोजी ही नहीं, स्टिकर से भी दे सकेंगे रिएक्शन

नई दिल्ली मेटा के स्वामित्व वाला मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप यूजर्स के चैटिंग अनुभव को और भी इंटरैक्टिव बनाने की दिशा में लगातार नए फीचर्स पर काम कर रहा है। दिसंबर 2024 में इमोजी रिएक्शन फीचर पेश करने के बाद अब व्हाट्सएप एक और दिलचस्प फीचर लाने की तैयारी में है। व्हाट्सएप अब ऐसे फीचर पर काम कर रहा है, जिससे यूजर्स किसी मैसेज पर स्टिकर के जरिए भी प्रतिक्रिया दे सकेंगे। अभी तक यूजर्स केवल इमोजी का उपयोग करके मैसेज पर रिएक्ट कर सकते थे, लेकिन नया फीचर चैटिंग को और ज्यादा मजेदार और पर्सनल बनाने वाला है। इस फीचर की टेस्टिंग फिलहाल बीटा वर्जन में चल रही है और जल्द ही इसे आम यूजर्स के लिए रोलआउट किया जा सकता है। माना जा रहा है कि शुरुआत में यह अपडेट Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध कराया जाएगा। स्टिकर रिएक्शन फीचर उन यूजर्स के लिए खास फायदेमंद साबित हो सकता है जो इमोजी की तुलना में स्टिकर से अपनी भावनाएं अधिक बेहतर तरीके से व्यक्त करना पसंद करते हैं। व्हाट्सएप के इस कदम से यह साफ है कि कंपनी यूजर्स की जरूरतों और ट्रेंड्स को ध्यान में रखते हुए अपने प्लेटफॉर्म को लगातार बेहतर बनाने में जुटी है।

व्हाट्सएप ने दिसंबर 2024 में इमोजी रिएक्शन फीचर पेश किया था, जिससे यूजर्स किसी मैसेज पर इमोजी के जरिए प्रतिक्रिया दे सकते हैं, लेकिन अब मेटा के स्वामित्व वाले इस प्लेटफॉर्म पर एक और दिलचस्प फीचर आने वाला है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, व्हाट्सएप अब ऐसे फीचर पर काम कर रहा है जिससे यूजर्स स्टिकर के जरिए भी मैसेज पर रिएक्शन दे सकेंगे।

यह केवल मौजूदा फीचर का विस्तार नहीं, बल्कि यूजर एक्सपीरियंस को और भी अधिक मजेदार और अभिव्यक्तिपूर्ण बनाने की कोशिश है। गौरतलब है कि मेटा के दूसरे प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर यह फीचर पहले से मौजूद है, हालांकि अभी केवल iOS यूजर्स के लिए। वहीं व्हाट्सएप का नया स्टिकर रिएक्शन फीचर एंड्रॉयड और iOS दोनों के लिए आने वाला है, जैसा कि WABetaInfo की रिपोर्ट में बताया गया है।

नई अपडेट के बाद, यूजर्स किसी भी मैसेज या मीडिया पर स्टिकर के साथ रिएक्शन दे सकेंगे। इसके लिए यूजर्स व्हाट्सएप के स्टिकर कीबोर्ड से स्टिकर चुन सकेंगे, चाहे वह व्हाट्सएप के ऑफिशियल स्टिकर स्टोर से डाउनलोड किया गया हो या थर्ड पार्टी ऐप्स से इंपोर्ट किया गया हो। पहले से सेव किए गए स्टिकर भी इस फीचर में काम आएंगे। यह सुविधा खासतौर पर उन मौकों पर बेहद काम आएगी जहां साधारण इमोजी भावनाओं को पूरी तरह से व्यक्त नहीं कर पाते। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई ग्रुप में फनी वॉयस नोट या मीम भेजता है, तो एक मजेदार एनिमेटेड स्टिकर, जैसे कि जोर-जोर से हंसते हुए किसी कैरेक्टर का स्टिकर भेजकर बातचीत को और भी दिलचस्प बनाया जा सकता है। फिलहाल यह फीचर डेवलपमेंट स्टेज में है और भविष्य के व्हाट्सएप अपडेट के साथ रोलआउट होने की उम्मीद है।


सेंसेक्स 4.16%  से गिरकर 72,222.87 के स्तर पर, जानिए निफ्टी का हाल 

नई दिल्ली। वैश्विक व्यापार युद्ध की चिंता और अमेरिका में मंदी की बढ़ती आशंकाओं के बीच पूरी दुनिया के शेयर बाजार में भारी बिकवाली दिखी। भारतीय बाजार भी इससे अछूता नहीं रहा और सेंसेक्स व निफ्टी जैसे प्रमुख सूचकांक चार फीसदी से ज्यादा टूट गए। सुबह 12 बजकर 15 मिनट पर सेंसेक्स 3,141.82  अंक यानी 4.16% गिरकर 72,222.87 के स्तर पर आ गया। दूसरी ओर, निफ्टी 1,012.41 अंक या 4.42% कमजोर होकर 21,892.05 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। इस दौरान क्षेत्रवार सूचकांकों में 8% तक की बड़ी गिरावट दिखी और निवेशकों को करीब 19 लाख करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।

भारतीय बाजार में बिकवाली के बीच क्या चल रहा है?

सोमवार को घरेलू बाजार में हुई भीषण बिकवाली के बीच कुछ बड़ी कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट दिखी। रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर अपने 52 हफ्तों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया और 5% से अधिक की गिरावट के साथ बीएसई पर 1144.90 रुपये के भाव पर कारोबार करता दिखा। बीते छह दिनों में कंपनी के मार्केट कैप में करीब दो लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई है। एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, इंफोसिस, लार्सन एंड टूब्रो, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के शेयरों पर भी भारी बिकवाली का असर दिखा। मेटल सेक्टर के शेयरों का हाल सबसे खराब रहा।

दूसरी ओर, बीएसई पर टाटा स्टील का शेयर 11.56 प्रतिशत, नेशनल एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड का 11.22 प्रतिशत, एपीएल अपोलो ट्यूब्स का 10 प्रतिशत, सेल का 9.99 प्रतिशत, जेएसडब्ल्यू स्टील का 9.92 प्रतिशत तथा जिंदल स्टेनलेस का 9.91 प्रतिशत टूट गया। हिंदुस्तान जिंक के शेयरों में 9.83 प्रतिशत, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज में 8.95 प्रतिशत, एनएमडीसी में 8.48 प्रतिशत तथा जिंदल स्टील एंड पावर में 8.19 प्रतिशत की गिरावट आई। बीएसई धातु सूचकांक 6.52 प्रतिशत गिरकर 26,594.09 पर आ गया। अमेरिका में ट्रम्प प्रशासन की ओर से अपेक्षा से अधिक जवाबी टैरिफ लगाए जाने से मंदी की आशंकाएं और वैश्विक आर्थिक विकास के प्रति चिंताएं बढ़ गई हैं, जिसके कारण धातु शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई।  शुक्रवार को धातु कंपनियों के शेयरों में 8 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई थी।

30 शेयरों के सूचकांक सेंसेक्स में आई अब तक की बड़ी गिरावट

बीएसई पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 19.4 लाख करोड़ रुपये घटकर 383.95 लाख करोड़ रुपये रह गया। सभी प्रमुख सेक्टर लाल निशान में रहे, निफ्टी आईटी में 7% से अधिक की गिरावट आई। निफ्टी ऑटो, रियल्टी और ऑयल एंड गैस में 5% से अधिक की गिरावट आई। व्यापक बाजार में, स्मॉल-कैप और मिड-कैप सूचकांक क्रमशः 10% और 7.3% तक गिरे। भारत बाजार में उतार-चढ़ाव को मापने वाला इंडिया VIX 59% चढ़कर 21.94 अंकों पर पहुंच गया। बाजार में बढ़े भय के माहौल के कारण इंडिया VIX में पहली बार एक दिन में इतना तेज उछाल दिखा। बाजार की गिरावट के बीच वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड में भी बड़ी गिरावट दिखी और यह 2.74 प्रतिशत गिरकर 63.78 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

एशियाई, यूरोपीय और अमेरिकी बाजार का क्या हाल?

ट्रंप टैरिफ के बाद शेयर बाजार में आए भूचाल से एशियाई और अमेरिकी बाजारों में भी बड़ी बिकवाली आई है। एशियाई बाजारों में, हांगकांग का हैंगसेंग लगभग 11 प्रतिशत तक गिर गया है। टोक्यो का निक्केई 225 लगभग 7 प्रतिशत तक टूटा है वहीं, शंघाई एसएसई कम्पोजिट सूचकांक 6 प्रतिशत से की गिरावट के साथ कारोबार करता दिख रहा है। दक्षिण कोरिया के कोस्पी सूचकांक में भी पांच प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। ट्रम्प के टैरिफ के कारण मंदी की आशंका से यूरोपीय शेयर बाजार 16 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गए।पैन-यूरोपीय STOXX 600 में शुक्रवार को कोविड-19 महामारी के बाद से सबसे बड़ी एक दिवसीय गिरावट दिखी और यह 5.8% तक गिर गया। अमेरिकी बाजारों का हाल भी ऐसा ही रहा। एसएंडपी500 शुक्रवार को 5.97 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। दूसरी ओर, नैस्डैक कंपोजिट में 5.82 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और डॉव 5.50 प्रतिशत तक फिसल गया।

बीते कुछ समय में कैसी रही भारतीय बाजार की चाल?

पहले से विदेशी निवेशकों की ओर से बिकवाली की मार झेल रहे भारतीय बाजार के लिए डोनाल्ड ट्रंप की ओर से घोषित जवाबी टैरिफ नया संकट बनकर सामने आया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 3,483.98 करोड़ रुपये मूल्य की इक्विटी बेची। इस दौरान, सेंसेक्स 930.67 अंक या 1.22 प्रतिशत गिरकर 75,364.69 पर बंद हुआ। निफ्टी 345.65 अंक या 1.49 प्रतिशत गिरकर 22,904.45 पर बंद हुआ। पिछले सप्ताह सेंसेक्स में 2,050.23 अंक या 2.64 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि एनएसई निफ्टी में 614.8 अंक या 2.61 प्रतिशत की गिरावट आई।

अब कब करवट लेगा बाजार? जानकारों की राय क्या?

रिलायंस सिक्योरिटीज के शोध प्रमुख विकास जैन के अनुसार चीन और जापान दोनों सूचकांक में क्रमशः 10 प्रतिशत और 8 प्रतिशत की गिरावट आई है। वैश्विक व्यापार युद्ध और संभावित मंदी से जुड़ी चिंताएं बढ़ गई हैं और इससे निवेशकों की धारणा प्रभावित हो रही है। शुक्रवार को, यूएस एसएंडपी 500 में 6 प्रतिशत की गिरावट आई और डॉव जोन्स 2000 से अधिक अंक गिर गया। कोविड संकट के बाद से बाजार के लिए पिछला सप्ताह सबसे खराब साबित हुआ। दूसरी ओर, अमेरिकी टैरिफ के जवाब में चीन ने भी 10 अप्रैल से सभी अमेरिकी आयातों पर 34 प्रतिशत का जवाबी टैरिफ लगाने का एलान कर दिया है। इसे देखते हुए ऐसा लग रहा है अमेरिका और चीन की ओर से उठाए गए कदमों से मुद्रास्फीति और वैश्विक व्यापार में तनाव बढ़ सकता है। ऐसे में बाजार में तेज खरीदारी लौटने में थोड़ा समय लग सकता है।

2020 के कोविड क्रैश के बाद से सिर्फ दूसरी बार भारतीय बाजार एक ही दिन में 5% से ज्यादा गिरे हैं। निफ्टी अब अपने शिखर से 17% नीचे है। बेंचमार्क इंडेक्स आधिकारिक तौर पर 21,022 पर बियर मार्केट क्षेत्र में प्रवेश करने से अब महज 1,000 अंक से भी कम दूर है। स्टॉककार्ट के निदेशक और सीईओ प्रणय अग्रवाल ने कहा, “आज के ब्लैक मंडे ने भारतीय बाज़ारों को हिलाकर रख दिया है, लेकिन निवेशकों और व्यापारियों को शांत रहना चाहिए। अस्थिरता अवसर लाती है, लेकिन केवल मजबूत जोखिम प्रबंधन के साथ… याद रखें, यह भी बीत जाएगा।”

क्या देश की जीडीपी पर भी असर पड़ने का खतरा है?

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के संजीव प्रसाद और उनकी टीम के विश्लेषकों के अनुसार, “पारस्परिक टैरिफ, भले ही अस्थायी हों पर इससे कंपनियों और निवेशकों के लिए अनिश्चितता बढ़ी है।” प्रसाद ने कहा, “अगले कुछ सप्ताहों में भारतीय बाजारों का प्रदर्शन इस बात पर निर्भर करेगा कि हितधारक देशों की ओर से टैरिफ की आग में पानी डाला जाता है या घी। इसके अलावे, भारत के खुदरा व घरेलू संस्थागत निवेशकों का व्यवहार भी बाजार की धारणा को प्रभावित करेगा। विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि घटते रिटर्न और बढ़ती अस्थिरता घरेलू इक्विटी की मांग घटा सकती है।”

कई ब्रोकरेज फर्मों को टैरिफ के कारण भारत के वित्त वर्ष 2026 के जीडीपी आंकड़ों पर असर पड़ने का जोखिम दिख रहा है। हालांकि, सरकार से जुड़े सूत्रों ने सोमवार को दावा किया है भारत के लिए चालू वित्त वर्ष के लिए अनुमानित वृद्धि पर कोई असर नहीं दिखेगा। इस बीच, एसएमसी ग्लोबल में खुदरा इक्विटी के अनुसंधान के सहायक उपाध्यक्ष सौरभ जैन के अनुसार मार्च तिमाही में कंपनियों की कॉर्पोरेट आय के नरम रहने की संभावना है। इसे देखते हुए निफ्टी50 इस गिरावट के दौर में 21,500-21,800 के महत्वपूर्ण समर्थन स्तर तक पहुंचकर कारोबार करता दिख सकता है।

(साभार)


यूपीआई लेनदेन की सुरक्षा और प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए नए नियम किए जारी, आज से होंगे लागू 

मोबाइल नंबर बंद तो नहीं मिलेंगी यूपीआई की सेवाएं

नई दिल्ली। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने यूपीआई लेनदेन की सुरक्षा और प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए नए नियम जारी किए हैं। यह नियम एक अप्रैल से लागू हो रहे हैं। इसके मुताबिक, अगर आप अपने मोबाइल नंबर का 90 दिनों तक इस्तेमाल नहीं करते हैं, तो दूरसंचार कंपनी वह नंबर किसी दूसरे व्यक्ति को दे सकती है।

इसका मतलब है कि अगर आपने पुराने मोबाइल नंबर से यूपीआई लिंक किया है और वह नंबर बंद हो गया है, तो आपकी यूपीआई आईडी भी काम नहीं करेगी। यानी आप यूपीआई सेवाओं का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। एक अप्रैल से बैंक और यूपीआई एप ग्राहकों के मोबाइल नंबर रिकॉर्ड को सप्ताह में कम-से-कम एक बार जांचेंगे और अपडेट करेंगे, ताकि बदले गए मोबाइल नंबरों के कारण गलत लेनदेन न हो।

यूपीआई यूजर्स को करने होंगे ये काम 
बैंक में अपना मोबाइल नंबर अपडेट करें ताकि यूपीआई सेवाएं चालू रहें।
अगर हाल ही में नंबर बदला है, तो जल्द बैंक में नया नंबर रजिस्टर करें।
बैंक रजिस्टर्ड नंबर का इस्तेमाल करते रहें ताकि वह निष्क्रिय न ही और यूपीआई सेवाएं प्रभावित न हो।

एनपीसीआई ने धोखाधड़ी को कम करने के लिए हाल ही में कलेक्ट पेमेंट फीचर को हटाने की प्रक्रिया शुरू की है। अब यह फीचर सर्फ बड़े और वेरिफाइड व्यापारियों तक सीमित रहेगा। व्यक्तिगत लेनदेन में इसकी सीमा 2,000 रुपये कर दी जाएगी।


अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा सोना, कीमत में दर्ज की गई 700 रुपये की बढ़ोतरी

नई दिल्ली। शादी के सीजन से पहले बढ़ती खरीदारी और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण सोने की कीमत में 700 रुपये की बढ़ोतरी हुई और यह बुधवार को नई ऊंचाई 91,950 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। यह अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। मंगलवार को यह 91,250 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई थी। शादी और त्योहारों के सीजन से पहले स्थानीय सर्राफा कारोबारियों की ओर से की गई खरीदारी की गई है। वहीं मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव और अमेरिका की आर्थिक सुस्ती की आशंका भी इसकी वजह है।

वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में बुधवार को एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे यह अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें 3000 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस के स्तर से ऊपर बनी रहीं। मामले में मनीष मोदी, सीनियर एनालिस्ट, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने कहा, ‘वैश्विक व्यापार युद्ध और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण निवेशक अन्य वित्तीय संपत्तियों को लेकर सतर्क हैं, जिससे सोने की मांग लगातार बढ़ रही है।’

पिछले 210 दिनों में सोने की कीमतें 2,500 डॉलर प्रति औंस से बढ़कर 3,000 डॉलर प्रति औंस हो गई हैं। आमतौर पर, सोने की कीमत में इतनी बढ़ोतरी होने में लगभग 1,700 दिन लगते हैं, लेकिन इस बार तेजी से उछाल देखने को मिला है। विश्व गोल्ड काउंसिल की एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया, ‘सोने की कीमतों में थोड़ी गिरावट आ सकती है, लेकिन भू-राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितता, बढ़ती महंगाई, ब्याज दरों में कटौती और कमजोर अमेरिकी डॉलर के कारण सोने में निवेश जारी रहेगा।’

शेयर बाजार में अस्थिरता के कारण अमीर निवेशक फिजिकल गोल्ड खरीदने की बजाय गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स में निवेश कर रहे हैं। साल 2025 में गोल्ड ईटीएफ में रिकॉर्ड निवेश देखा गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि लोग सोने को एक सुरक्षित निवेश मान रहे हैं।


घरेलू शेयर बाजार में लगातार आठ दिन से जारी गिरावट का सिलसिला थमा 

नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार में लगातार आठ दिन से जारी गिरावट का सिलसिला सोमवार को थम गया और प्रमुख शेयर सूचकांक सेंसेक्स 57.65 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ। एचडीएफसी बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी प्रमुख कंपनियों के शेयरों में खरीदारी के कारण यह तेजी आई।

कारोबार के आखिरी सत्र में खरीदारी से 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 57.65 अंक या 0.08 प्रतिशत चढ़कर 75,996.86 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 644.45 अंक या 0.84 प्रतिशत गिरकर 75,294.76 अंक पर आ गया। एनएसई निफ्टी 30.25 अंक या 0.13 प्रतिशत बढ़कर 22,959.50 पर पहुंच गया।

30 शेयरों वाले ब्लू-चिप शेयरों में बजाज फिनसर्व, पावर ग्रिड, इंडसइंड बैंक,अदाणी पोर्ट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचडीएफसी बैंक, जोमैटो और टाटा मोटर्स प्रमुख लाभार्थी रहे। महिन्द्रा एंड महिन्द्रा, भारती एयरटेल, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, आईसीआईसीआई बैंक और आईटीसी सबसे ज्यादा पिछड़ने वाले शेयर रहे। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने शुक्रवार को 4,294.69 करोड़ रुपये मूल्य की इक्विटी बेची।

डिपॉजिटरी के आंकड़ों से पता चलता है कि 2025 में अब तक एफपीआई की ओर से कुल 99,299 करोड़ रुपये यानी करीब 1 लाख करोड़ रुपये की निकासी की गई है। अमेरिका की ओर से आयात पर टैरिफ लगाए जाने के एलान के बाद बढ़े वैश्विक तनाव के कारण इस महीने के पहले दो हफ्तों में एफपीआई ने 21,272 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। इससे पहले जनवरी में एफपीआई की ओर से 78,027 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की गई थी।

एशियाई बाजारों में सियोल, टोक्यो और शंघाई सकारात्मक दायरे में बंद हुए, जबकि हांगकांग में गिरावट दिखी। इस दौरान, यूरोपीय बाजार बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। शुक्रवार को अमेरिकी बाजार ज्यादातर गिरावट के साथ बंद हुए।

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.21 प्रतिशत बढ़कर 74.90 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। शुक्रवार को बीएसई का सेंसेक्स 199.76 अंक या 0.26 प्रतिशत गिरकर 75,939.21 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी 102.15 अंक या 0.44 प्रतिशत गिरकर 22,929.25 अंक पर बंद हुआ। पिछले आठ कारोबारी सत्रों में बीएसई बेंचमार्क 2,644.6 अंक या 3.36 प्रतिशत नीचे गिरा और वहीं निफ्टी 810 अंक या 3.41 प्रतिशत टूटा है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 16 पैसे गिरकर 86.87 पर बंद हुआ

विदेशी पूंजी की भारी निकासी और अमेरिकी डॉलर सूचकांक में कारोबार के दौरान निचले स्तर से सुधार के कारण सोमवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 16 पैसे कमजोर होकर 86.87 (अनंतिम) पर बंद हुआ।

विदेशी मुद्रा व्यापारियों ने कहा कि भारतीय रुपया नकारात्मक रुख के साथ कारोबार कर रहा है, क्योंकि विदेशी बैंक डॉलर की खरीद पर उतारू हैं और आयातक डॉलर को सुरक्षित करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें वैश्विक अनिश्चितता के बीच आगे मूल्यह्रास की आशंका है।

इस बीच, आरबीआई ने शुक्रवार को कहा कि 7 फरवरी को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 7.654 अरब डॉलर बढ़कर 638.261 अरब डॉलर हो गया। यह लगातार तीसरा सप्ताह है जब कोष में उछाल आया है। 31 जनवरी को समाप्त सप्ताह में कोष 1.05 अरब अमेरिकी डॉलर बढ़कर 630.607 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया था।

(साभार)


खाद्य व किराना डिलीवरी कंपनी जोमैटो का नाम बदलकर हुआ ‘इटरनल’

जोमैटो के निदेशक मंडल ने प्रस्ताव को दी मंजूरी 

कॉर्पोरेट वेबसाइट zomato.com से eternal.com में बदली 

नई दिल्ली। खाद्य व किराना डिलीवरी कंपनी जोमैटो के निदेशक मंडल ने कंपनी का नाम बदलकर इटरनल लिमिटेड करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। कंपनी के संस्थापक और सीईओ दीपिंदर गोयल ने कंपनी के शेयरधारकों को लिखे पत्र में लिखा, “हमारे बोर्ड ने आज इस बदलाव को मंजूरी दे दी है और मैं अपने शेयरधारकों से भी इस बदलाव का समर्थन करने का अनुरोध करता हूं।

अगर और जब हमें नियामकीय मंजूरी मिल जाती है, तो हमारी कॉर्पोरेट वेबसाइट zomato.com से eternal.com में बदल जाएगी।” उन्होंने कहा, “हम अपने स्टॉक टिकर को भी ज़ोमैटो से बदलकर इटरनल कर देंगे। इटरनल में चार प्रमुख व्यवसाय शामिल होंगे, जिनके नाम हैं जोमैटो, ब्लिंकिट, डिस्ट्रिक्ट और हाइपरप्योर।”


शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 323.76 अंक से चढ़कर 75,689.93 अंक पर पहुंचा

घरेलू शेयर बाजार मंगलवार को हरे निशान पर खुला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 323.76 अंक चढ़कर 75,689.93 अंक पर पहुंचा, जबकि निफ्टी 77.25 अंक चढ़कर 22,906.40 अंक पर पहुंच गया। इसके अलावा शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 24 पैसे गिरकर 86.55 डॉलर पर आ गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) सोमवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने शुद्ध रूप से 5,015.46 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

ऐसी रही बाजार की चाल
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के बैंकिंग प्रणाली में नकदी बढ़ाने के उपायों की घोषणा के बाद बैंकिंग शेयरों में भारी खरीदारी से मंगलवार को घरेलू बाजारों सेंसेक्स और निफ्टी ने सकारात्मक रुख के साथ कारोबार की शुरुआत की। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 382.53 अंक या 0.51 प्रतिशत चढ़कर 75,748.70 अंक पर पहुंच गया। एनएसई निफ्टी 55.90 अंक या 0.24 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,885.05 अंक पर रहा।

किसे फायदा-किसे नुकसान?
सेंसेक्स में सूचीबद्ध 30 कंपनियों में से इंफोसिस, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, जोमैटो, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, इंडसइंड बैंक और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। वहीं सन फार्मास्यूटिकल्स, एनटीपीसी, पावरग्रिड, अडानी पोर्ट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट, रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईटीसी के शेयरों में गिरावट आई।

आरबीआई की घोषणा के बारे में जानिए
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकिंग प्रणाली में तरलता (नकदी) बढ़ाने के लिए तीन किस्तों में 60,000 करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियां खरीदने और कई अन्य कदमों की सोमवार को घोषणा की। आरबीआई ने बैंकिंग नकदी की स्थिति के प्रबंधन उपायों के तहत 31 जनवरी 2025 को छह महीने की अवधि के लिए पांच अरब डॉलर के अमेरिकी डॉलर या रुपये की खरीद या बिक्री अदला-बदली नीलामी की भी घोषणा की है।

रुपया शुरुआती कारोबार में गिरा
तेल आयातकों की ओर से डॉलर की निरंतर मांग के बीच रुपया मंगलवार को शुरुआती कारोबार में 26 पैसे कमजोर होकर 86.57 प्रति डॉलर पर आ गया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 86.53 पर खुला और फिर फिसलकर 86.57 प्रति डॉलर पर आ गया, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले 26 पैसे की गिरावट दर्शाता है। रुपया सोमवार को नौ पैसे कमजोर होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 86.31 पर बंद हुआ था।

(साभार)


विमानन कंपनी गो फर्स्ट को अपनी संपत्ति बेचकर चुकाना होगा कर्ज, एनसीएलटी ने दिया आदेश

वित्तीय संकट में फंसी विमानन कंपनी गो फर्स्ट

गो फर्स्ट के 54 विमानों का पंजीकरण किया रद्द

एनसीएलटी ने परिसमापन का दिया आदेश 

नई दिल्ली। वित्तीय संकट में फंसी विमानन कंपनी गो फर्स्ट अब उड़ान नहीं भर सकेगी। राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने सोमवार को 17 साल तक करोड़ों लोगों को हवाई सफर कराने वाली गो फर्स्ट के परिसमापन का आदेश दिया है। इसका मतलब है कि कंपनी को अपनी संपत्तियां बेचकर कर्ज चुकाना होगा। वित्तीय समस्याओं के कारण विमानन कंपनी ने मई, 2023 में स्वैच्छिक रूप से दिवालिया समाधान प्रक्रिया के लिए आवेदन किया था। गो फर्स्ट का परिचालन तीन मई, 2023 यानी करीब दो साल से बंद है।एनसीएलटी ने 15 पन्नों के आदेश में कहा, वह कंपनी गो एयरलाइंस (इंडिया) लि. के परिसमापन का आदेश दे रहा है।

अब कर्जदाताओं की समिति (सीओसी) को अपने गठन के बाद और समाधान योजना की पुष्टि से पहले किसी भी समय गो फर्स्ट के परिसमापन का निर्णय लेने का अधिकार है। एनसीएलटी ने कहा, कॉरपोरेट देनदार के परिसमापन के प्रस्ताव को सीओसी ने 100 फीसदी वोटिंग के साथ मंजूरी दी थी। इसलिए, सीओसी के वाणिज्यिक विवेक में हस्तक्षेप करने की कोई योग्यता नहीं दिखती है। इससे दो महीने पहले सुप्रीम कोर्ट ने 7 नवंबर, 2024 को दिवालिया कार्यवाही मामले में बड़ा फैसला देते सुनाते हुए जेट एयरवेज के परिसमापन का आदेश दिया था। जेट एयरवेज ने आखिरी बार अप्रैल, 2019 में उड़ान भरी थी।

एनसीएलटी ने दिनकर तिरुवनंदपुरम वेंकटसुब्रमण्यम को परिसमापक (लिक्विडेटर) नियुक्त किया है, जिन्हें कॉरपोरेट देनदार के वित्तीय मामलों की जांच जारी रखने के लिए कहा गया है। आदेश के मुताबिक, परिसमापक को परिसमापन प्रक्रिया के दौरान उनके निपटान के लिए लंबित आवेदनों का भी पालन करना होगा। परिसमापन को 75 दिन के भीतर एनसीएलटी को एक प्रारंभिक रिपोर्ट देनी होगी।

दिवालिया समाधान प्रक्रिया के दौरान कम-से-कम दो बोलीदाता स्पाइसजेट के प्रमुख अजय सिंह के साथ बिजी बी एयरवेज और शारजाह स्थित विमानन कंपनी स्काई वन सामने आए थे। यात्रा पोर्टल ईजमाईट्रिप के सह-संस्थापक निशांत पिट्टी बिजी बी एयरवेज में बहुलांश शेयरधारक हैं। हालांकि, कर्ज समाधान प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई थी। इसके बाद एनसीएलटी ने गो फर्स्ट के परिसमापन का आदेश दिया है। दिवालिया प्रक्रिया के दौरान नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने गो फर्स्ट के 54 विमानों का पंजीकरण भी रद्द कर दिया। विमानन कंपनी ने 2005-06 में मुंबई से अहमदाबाद के लिए पहली उड़ान के साथ घरेलू परिचालन शुरू किया था। 2018-19 में अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू की थी।


कारोबारी सप्ताह के दूसरे दिन हरे निशान पर खुला शेयर बाजार

नई दिल्ली। कारोबारी सप्ताह के दूसरे दिन शेयर बाजार हरे निशान पर खुला। सेंसेक्स खुलने के कुछ ही मिनट में 400 अंक से अधिक की तेजी के साथ 78,000 के स्तर को पार कर गया।  शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 422.62 अंक उछलकर 78,387.61 पर पहुंचा। वहीं निफ्टी 160.2 अंक चढ़कर 23,776.25 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

सेंसेक्स में सूचीबद्ध 30 कंपनियों में से टाइटन, अदाणी पोर्ट्स, इंडसइंड बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एशियन पेंट्स, पावर ग्रिड और टाटा मोटर्स के शेयर सबसे अधिक फायदे में रहे। केवल जोमैटो का शेयर नुकसान में रहा।

एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी तथा जापान का निक्की फायदे में रहा, जबकि चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में रहे। अमेरिकी बाजार सोमवार को सकारात्मक रुख के साथ बंद हुए थे। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 0.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76.19 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा।

शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) सोमवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने शुद्ध रूप से 2,575.06 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

(साभार)


पेटीएम मनी ने लॉन्च किया ‘पे लेटर’, निवेशकों को मिलेगा लो-कॉस्ट ट्रेडिंग का विकल्प

जयपुर। भारत के घरेलू वेल्थ टेक ऐप पेटीएम मनी ने पे लेटर मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी शुरू की है, जिससे निवेशक कुल मूल्य का केवल एक अंश अग्रिम भुगतान करके स्टॉक खरीद और उसमें निवेश कर सकते हैं। प्लेटफ़ॉर्म बाकी राशि का भुगतान करेगा और पे लेटर (एमटीएफ) के ज़रिए इसे एग्जीक्यूट किया जाएगा जिस पर हर महीने 1% का इंट्रोडक्ट्री इंटरेस्ट लगेगा।

यह निवेशकों की बाजार के अवसरों का लाभ उठाने की क्षमता को बढ़ाता है और यह सुनिश्चित करता है कि निवेशक केवल उन फंडों के लिए भुगतान करें जिनका वो असल में इस्तेमाल करते हैं। पेटीएम मनी पर पे लेटर (एमटीएफ) की शुरुआत से ट्रेडर्स और निवेशकों को फायदा होगा, क्योंकि इससे ट्रेडिंग ज़्यादा आसान और लचीली हो जाएगी, खासकर उन लोगों के लिए जो पूरी पूंजी लगाए बिना शेयर बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना चाहते हैं। इसके अलावा, यह शेयर बाजार में भागीदारी को लोकतांत्रिक बनाता है, जिससे देश भर के खुदरा निवेशकों के लिए यह आसान और अधिक किफायती हो जाता है।

एक आसान अनुभव प्रदान करने के अपने कमिटमेंट के हिस्से के रूप में, पेटीएम मनी ने पे लेटर (एमटीएफ) की एक्टिवेशन प्रक्रिया को सरल और यूजऱ-फ्रेंडली बनाया है। निवेशक सीधे अपनी अकाउंट सेटिंग के ज़रिए कुछ ही मिनटों में पे लेटर (एमटीएफ) को आसानी से एक्टिवेट कर सकते हैं। इसके अलावा, यूजर्स किसी ऐसे स्टॉक, जिनके लिए वो योग्य है का ऑर्डर देते समय मार्जिन विकल्प का चुनाव करके और ऑर्डर पेज पर नियमों और शर्तों से सहमत होकर पे लेटर (एमटीएफ) को एक्टिवेट कर सकते हैं। पेटीएम मनी के एमडी और सीईओ राकेश सिंह ने कहा, हम निवेश को आसान बनाने और वित्तीय पहुंच बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारी पे लेटर (मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी) निवेशकों की खरीदने की शक्ति को बढ़ाती है, खासकर उन लोगों की जो बिना पूरी पूंजी लगाए शेयर बाजार में अपना निवेश बढ़ाना चाहते हैं। यह पहल वित्तीय विकास को लोकतांत्रिक बनाने के हमारे लक्ष्य के अनुरूप है, जिससे शेयर बाजार में निवेश ज़्यादा किफायती और बड़े पैमाने पर लोगों के लिए उपलब्ध हो सकें। इस प्लेटफॉर्म ने सीमित समय के लिए 1% प्रति माह की किफायती ब्याज दर शुरू की है, जो 31 मार्च 2025 तक वैध रहेगी। तकरीबन 1,000 एमटीएफ- इनेबल्ड स्टॉक और प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों (कॉम्टिटिव इंटरेस्ट रेट) के साथ, यह व्यापारियों और निवेशकों को कम पैसों के साथ अपने निवेश के मौकों को ऑप्टिमाइज़ (अनुकूलित) करने में सक्षम बनाएगा। पेटीएम मनी ‘मार्जिन प्लेज’ भी देता है जिसके ज़रिए व्यापारी अपने स्टॉक होल्डिंग्स का इस्तेमाल अपने ट्रेडों के लिए लीवरेज प्राप्त करने के लिए कर सकते हैं।

पे लेटर (एमटीएफ) के साथ, व्यापारियों के पास लीवरेज की शक्ति का इस्तेमाल करने की एक और सुविधा है। इसने अपनी सेवाओं की व्यापक रेंज को भी विस्तार दिया है जिसमें बीएसई फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (बीएसई एफ एंड ओ) ट्रेडिंग सेवा का शुभारंभ शामिल है, जो व्यापारियों को सेंसेक्स और बैंकेक्स ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट्स का ट्रेड करने का विकल्प देता है उल्लेखनीय रूप से, पेटीएम मनी ने हाल ही में निवेश को आसान बनाने और उपयोगकर्ताओं के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए एक बड़े बदलाव के साथ एक नया डिज़ाइन किया गया ऐप लॉन्च किया है। नए सिरे से बनाए गए ऐप में एक सहज इंटरफ़ेस, पर्सनल डैशबोर्ड और हर कदम पर निवेशकों को सशक्त बनाने के लिए स्मार्ट टूल हैं। बेहतर पोर्टफोलियो अंतर्दृष्टि, बेहतर ट्रांजेक्शन फ्लो और स्टॉक व एफ एंड ओ ट्रेडिंग के लिए कार्रवाई योग्य डैशबोर्ड के साथ, नया ऐप मॉर्डन निवेशकों की उभरती ज़रूरतों को पूरा करता है।

(आर एन एस )


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