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पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय में मत्स्य पालको का एक्सपोजर विजिट

Category Archives: मथुरा

पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय में मत्स्य पालको का एक्सपोजर विजिट

सतीश मुखिया

मथुरा। उत्तर प्रदेश पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंधान संस्थान मथुरा के मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) द्वारा मत्स्य पालकों के लिए एक एक्सपोजर विजिट का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी प्रो. देश दीपक सिंह ने बताया कि कार्यक्रम में पूर्वोत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से कुल 25 मत्स्य पालक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ए.के. मदान ने सभी को संबोधित किया और मत्स्य पालकों को एकीकृत मत्स्य पालन (इंटीग्रेटेड फिश फॉर्मिंग) अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम में एनसीडीसी गुरुग्राम की उपनिदेशक श्वेता कुजुर भी उपस्थित रही। मत्स्य पलको ने महाविद्यालय के शैक्षणिक तालाबों एवं हेचरी यूनिट का अवलोकन किया, साथ ही महाविद्यालय में चल रही समस्त मत्स्य गतिविधियों से अवगत भी कराया गया। अधिष्ठाता, मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय, डॉ नित्यानंद पांडे ने मत्स्य पालन का पूर्वोत्तर भारत में सामाजिक एवं आर्थिक विकास हेतु एक महत्वपूर्ण योगदान, साथ हो मत्स्य क्षेत्र में आय के विभिन्न श्रोत भी बताए। विभागाध्यक्ष, जलजीव पालन विभाग ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।


शुद्धिकरण में लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं- श्रीकांत शर्मा

सतीश मुखिया

मथुरा। मथुरा -वृंदावन के विधायक श्री कांत शर्मा ने शुक्रवार सुबह मसानी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से चक्र तीर्थ घाट विश्राम घाट ध्रुव घाट का निरीक्षण किया। विधायक ने वॉच ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण कर कार्य की गुणवत्ता देखी। यमुना शुद्धिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नगर निगम, जल निगम और सिंचाई विभाग के उपस्थित समस्त संबंधित अधिकारियों से कहा कार्य में कोई भी ढिलाई या लापरवाही सहन नहीं की जाएगी।प्रत्येक कार्य की प्रगति की नियमित रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाए।
योजनाओं को धरातल पर उतारा जाए। संबंधित विभाग यह सुनिश्चित करें कि नालों का गंदा पानी बिना ट्रीटमेंट के यमुना में न गिरे। जल निगम सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की नियमित मॉनिटरिंग करे।

नगर निगम यमुना किनारे की सफाई व्यवस्था को मजबूत करे। श्री कांत शर्मा ने कहा नगर निगम, जल निगम, सिंचाई विभाग सहित सभी संबंधित विभाग अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार के साथ पूर्ण समन्वय स्थापित कर कार्य की प्रगति की नियमित समीक्षा और रिपोर्टिंग सुनिश्चित करें।इस दौरान अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार, राजकुमार लावानिया,

शाहजेब इकबाल, नरेश कुमार,महेश काजू, नमामि गंगे बृज संयोजक पंकज चतुर्वेदी, विजय शर्मा, श्याम शर्मा, कुंज बिहारी भारद्वाज, हेमंत खंदौली, नरेश शर्मा बब्बू ,राजेश आदि मौजूद थे।


वंचित वर्ग को छत्रपति शाहूजी महाराज ने समाज में दिलाया सम्मान- धनंजय जायसवाल

सतीश मुखिया

मथुरा। अखिल भारतीय समता फाउंडेशन द्वारा दिनेश आनंद पापे की अध्यक्षता में तथा नरेश कुमार के संचालन में छत्रपति शाहूजी महाराज के 151 वें जन्म दिवस पर डॉ अंबेडकर पार्क ग्राम पंचायत अरहेरा ब्लॉक मथुरा में भव्य पुष्पांजलि सभा एवं प्रतिभा प्रोत्साहन कार्यक्रम एवं संगोष्ठी का आयोजन राजेंद्र कुमार बीडीसी के संयोजन में किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि धनंजय जायसवाल जिला पंचायत राज अधिकारी ने सर्वप्रथम छत्रपति शाहूजी महाराज के चित्र पर प्रतीकात्मक पुष्पांजलि अर्पित की तत्पश्चात और रक्तदाताओं और मेधावी छात्र-छात्राओं का स्मृति चिन्ह एवं मैडल देकर प्रोत्साहित किया।इस मौके पर उन्होंने कहा की छत्रपति शाहूजी महाराज ने भारतीय समाज में समुचित वर्गों की हिस्सेदारी को सुनिश्चित किया हमें आज भी उनके बताएं मार्ग पर चलकर प्रतिभाशाली लोगों को प्रेरित कर अवसर मुहैया करना चाहिए।

राजवीर सिंह अध्यक्ष सोहेलदेव भारतीय समाज पार्टी मथुरा एवं एडवोकेट अरविंद कुमार सिंह ने वर्तमान परिपेक्ष में रोजगार परक शिक्षा और स्वरोजगार के लिए शिक्षा अर्जित कर रहे युवाओं को आवाहन किया। प्रोफेसर विनय कुमार,अजय सनवाल बहादुर सिंह ने किया। कार्यक्रम में रमेश सैनी, राम प्रकाश सूबेदार, कुलदीप कुमार, बृजेश कुमार, सत्येंद्र कुमार, रामबाबू ,रामहेत,ओमपाल सैनी,विवेक कुमार,करण कुमार,पल्लवी राही, गीता देवी, ओमवती देवी, शांति देवी, छिन्गो देवी ,गुड्डी देवी, सुमित कुमार,राम श्री, खुशी कुमारी,रिया कुमारी, अदिति सनवाल,कंचन कुमारी ,एकता, रोहतास कुमार, विवेक कुमार, आशीर्वाद राही,कौशल कुमार ,कप्तान सिंह ,सुनील कुमार ,आकाश बाबू आदि मौजूद रहे।


जैत थाने में मुकदमे में पाबंद खड़े टैंकर में लगी आग

सतीश मुखिया

मथुरा । चौमुहां में हाइटेंशन लाइन का तार टूटकर गिरने से थाना जैंत के सामने कबाड़ में खड़े डीजल के खाली टैंकर में आग लग गई। आग की खबर लगते ही पुलिसकर्मियों में अफरा तफरी मच गई। आनन फानन में फायर ब्रिगेड की गाड़ी बुलाकर आग पर काबू पाया गया। गनीमत यह रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया। वरना अन्य वाहनों में आग लगती तो बड़ा हादसा हो सकता था।थाना जैंत के सामने मुकदमें में पावंद वाहन खड़े रहते हैं। जहां वाहन खड़े थे उसके ऊपर से हाइटेंशन लाइन जा रही है। शुक्रवार करीब 11 बजे किन्हीं कारणों से हाइटेंशन लाइन का तार टूटकर थाने के पास कबाड़ में खड़े डीजल के खाली टैंकर के ऊपर गिर गया। जिससे अचानक से टैंकर में आग लग गई। टायर धूं धूं कर जलने लगे।

थाना प्रभारी जैंत अश्वनी कुमार पुलिस बल के साथ आग बुझाने में जुट गए। सूचना पर जीएलए विश्व विद्यालय से एक व मथुरा से एक फायर ब्रिगेड की गाड़ी आग बुझाने पहुंची। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो अन्य वाहनों में भी आग लग सकती थी। जिससे बड़ा हादसा होने का अंदेशा रहता। सीओ सदर संदीप कुमार सिंह ने बताया शॉर्ट सर्किट के चलते आग लगी थी। समय रहते आग पर काबू पा लिया गया।


घर के सामने सोते युवक को मारी गोली

सतीश मुखिया ,मथुरा ब्यूरो

मथुरा : थाना जमुनापार क्षेत्र के तैयापुर की शिवनगर कालोनी में बृहस्पतिवार रात पुरानी रंजिश को लेकर प्लॉट पर सो रहे युवक पर नामजद युवकों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग आए तो नामजद हवाई फायरिंग करते हुए भाग गए। सूचना मिलने पर एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात रमेश उर्फ पप्पू 48 वर्ष अपने घर के समीप खाली प्लॉट में चारपाई पर सो रहे थे। आरोप है कि यहां छोटू, महेश और आकाश पहुंचे। तीनों ने रमेश से गाली गलोज करना शुरू कर दिया। विरोध करने पर छोटू ने रमेश पर तमंचा से फायरिंग कर दी। फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग घटना स्थल की ओर दौड़ पड़े। लोगों को देखते ही हमलावर हवाई फायरिंग करते हुए भाग निकले। गोली लगने से गंभीर रूप से घायल रमेश को परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां चिकित्सको ने उसे उसे मृत घोषित कर दिया। मौके पर पहुंचे एसपी सिटी ने रात को ही फॉरेंसिक टीम को वारदात स्थल पर बुला लिया फॉरेंसिक टीम ने वारदात स्थल से एकत्रित किए हैं। मृतक के परिजन की तहरीर पर पुलिस ने छोटू, महेश आकाश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।

रमेश के बेटे राहुल चौधरी ने बताया कि कुछ दिन पहले आरोपियों से झगड़ा हुआ था। जिसमें राजीनामा भी हो गया था लेकिन वह लोग लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे थे। इसकी शिकायत थाने में की गई थी लेकिन पुलिस के द्वारा कोई भी एक्शन नहीं लिया। यदि पुलिस सही समय पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करती तो आज उसके पिता जिंदा होते।

एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि हत्या के पीछे के कर्म की जांच की जा रही है साथ ही हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमों का गठन किया गया है जल्द ही हत्यारोपी गिरफ्तार हो जाएंगे।


परफॉर्मेंस ग्रांट, भ्रष्टाचार और विकास की दौड़ में पीछे छूटती पंचायते

सतीश मुखिया

मथुरा: भारत गांव का देश है और आज भी 70% आबादी गांव में निवास करती है। देश में लगभग 6.50 लाख गांव है। गांव के लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण जनों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने हेतु बहुआयामी योजनाएं संचालित की जा रही है। भारत सरकार के पंचायती राज विभाग और उत्तर प्रदेश सरकार के पंचायती राज विभाग द्वारा जिन पंचायत ने पिछली पंचवर्षीय योजनाओ में अच्छा काम किया था उन पंचायत को वर्ष 2021 में परफॉर्मेंस ग्रांट के तहत अलग से अनुदान राशि दी थी जो कि राज्यों के हिसाब से अलग-अलग रही। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लगभग 793.92 करोड़ राशि का आवंटन ग्राम पंचायत को किया। जिसमें भगवान श्री कृष्ण की नगरी मथुरा को 77 करोड की धनराशि का आवंटन हुआ, यह राशि इस पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत मिलने वाले अनुदानों के अलावा इन पंचायत को दी गई। जिससे कि यह पंचायते अपनी ग्राम पंचायत का विकास करके अपने आप को एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत कर सकें और अन्य पंचायत के लिए प्रेरणा बन सके लेकिन इन पंचायतो का परफॉर्मेंस ग्रांट के तहत चयन होना ही अपने आप में अभिशाप बन गया। इन पंचायतो में मथुरा जनपद से ततरोता(22cr), पैंगांव(19.74cr), अड़ीग(37.21cr), तोश (6.13cr) और नगला हुमायूं देह(4.05cr)लगभग राशि सहित पंचायत का चयन हुआ।

इन पंचायत में सरकार द्वारा तय मानकों के अनुरूप लगभग 20 बिंदुओं पर प्रधान के द्वारा कार्यों को कराया जाना था। जिसकी कार्य योजना सरकार प्रधान की सहमति से निर्धारित की गई थी। जिसमें अमृत सरोवर योजना, अंत्येष्टि स्थल का निर्माण, प्रधानमंत्री आवास योजना( ग्रामीण), मनरेगा के तहत कार्य, सामुदायिक केंद्र,खेल का मैदान, ओपन जिम ,बच्चों के लिए पुस्तकालय ,सामुदायिक शौचालय, आरसीसी सेंटर, नालियों का निर्माण, स्वास्थ्य केदो की स्थापना, सोलर लाइट, स्वच्छ जल की व्यवस्था,पंचायत भवन का निर्माण, साफ सफाई,आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण, खेल का मैदान, स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायत को स्वच्छ बनाना आदि शामिल थे लेकिन कार्य प्रणाली में परिवर्तन किए बिना प्रधानों से अधिक उम्मीद करना ही उन पर भारी पड़ गया। सरकार द्वारा प्रचुर मात्रा में फंड की व्यवस्था इन पंचायत के लिए की गई लेकिन जिला पंचायत कार्यालय, खंड विकास अधिकारी कार्यालय और ग्राम पंचायत सचिव व प्रधान के मध्य आपसी सामंजस्य का संतुलन ना बैठने के कारण इन पंचायतो में विकास का पहिया आगे बढ़ने की बजाय पीछे की ओर खिसकता हुआ दिखा, आपसी द्वेषभाव,भाई भतीजावाद,जातिवाद और स्थानीय राजनीति इन पंचायत के विकास में बाधा बन गया। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं को 50% आरक्षण की व्यवस्था देकर उनके जीवन स्तर में व्यापक बदलाव की आस जगाई थी लेकिन वर्तमान में यह केवल फाइलों में ही नजर आ रहा है, जमीनी स्तर पर इसमें बदलाव होने में अभी काफी समय लगेगा।हम लोगों ने ग्राम पंचायतो में जाकर देखा कि जिन पंचायतो में प्रधान महिला है उनकी प्रधानी उसके पति,पुत्र ,देवर या कहे कि कोई अन्य ही प्रतिनिधि कर रहा है।

अब ऐसे तो महिलाओं के जीवन स्तर में बदलाव हो नहीं सकता कि आप उनको अधिकार दे दें और उनको अधिकारों का प्रयोग न करने दें। ऐसा नहीं है कि जिला स्तर के अधिकारियों को इन सब का पता नहीं है लेकिन आपसी सामंजस्य और भ्रष्टाचार की मिठाई के कारण कोई एक दूसरे के खिलाफ मुंह नहीं खोलना चाहता जिस कारण पंचायतो का विकास अधर में लटक गया है। पंचायती राज विभाग द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि प्रत्येक पंचायत में प्रतिवर्ष लगभग तीन मीटिंग खुले में की जाएगी और जो भी विकास का प्रस्ताव लाया जाएगा उस प्रस्ताव को इस मीटिंग में रखा जाएगा और पंचों की सहमति से उस पर आगे कार्य कराया जाएगा लेकिन जब हम लोगों ने ग्रामीणों से विभिन्न जगहों पर बात की तब यह निकल कर आया कि प्रधान पतियों और प्रतिनिधियों द्वारा कोई भी मीटिंग नहीं की जाती, जिससे गांव के अंदर होने वाले विकास कार्यों के बारे में हम लोगों को पता नहीं चलता जब हम लोग इस बारे में प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी से जानने की कोशिश करते हैं तब यह लोग बड़े ही तानाशाही और असभ्य तरीके का व्यवहार करते हैं जैसे कि यही देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति हो। देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी कहां करते थे कि असली भारत गांव में बसता है और जिसने गांव नहीं देखा उसने कुछ नहीं देखा लेकिन केंद्र सरकार और राज्य सरकार के विभिन्न प्रयासों के बावजूद ग्रामीण स्तर में उस तरह से परिवर्तन होता नजर नहीं आ रहा है जिस तरह की उम्मीद सरकार ने अपनी कार्य योजनाओं में लगा रखी है, प्राइमरी सेक्टर में काम हो रहा है लेकिन उस रफ्तार से नहीं हो रहा जिस रफ्तार से होना चाहिए।

इसमें सरकार को कार्य योजनाओं की क्रियावनन में अधिक ध्यान रखने की आवश्यकता है कि जिन योजनाओं को आम जन के लिए लागू किया जाता है ,क्या उन योजनाओं का सही तरीके से क्रियावनन जमीनी स्तर पर हो रहा है। जब हमारी टीम के सदस्यो ने ग्राम सचिवों से इन ग्राम पंचायतो की कार्य योजना की सूची मांगी तब उन लोगों ने तरह-तरह के बहाने बना दिए और कार्य योजना की सूची उपलब्ध नहीं कराई। ऐसा नहीं है कि सभी प्रधान पंचायत का विकास नहीं करना चाहते वह कुछ अलग करना चाहते हैं लेकिन अफसर शाही, स्थानीय राजनीति और सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार उनको रोकता है जिस कारण वह खुलकर पंचायत का विकास नहीं कर पाते,कुछ प्रधानों ने दबी जुबान में बताया कि हम लोग क्या करें हमारे पास कोई वित्तीय अधिकार नहीं है, वित्तीय अधिकार ग्राम विकास अधिकारी के पास हैं हमको उसके कहे अनुसार भी कई बार कार्य करना पड़ता है अन्यथा 5 साल प्रधानी चलाना बहुत मुश्किल कार्य है , नहीं तो आप करके देख लीजिए!


दान में मिली जमीन पर मुफ्त इलाज का वादा,चला रहे निजी अस्पताल….

सतीश मुखिया मथुरा- देश को आजाद हुए लगभग 75 वर्ष बीत चुके हैं लेकिन आज भी आम जनता मूलभूत समस्याओं से ग्रसित है जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा मुख्य रूप से शामिल हैं केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने हेतु अस्पतालों को 99 साल के लिए पट्टे पर जमीने दी जिसका कुछ दबंग और पूंजी पतियों ने फायदा उठाते हुए इन जमीनों के फर्जी तरीके से पट्टे अपने नाम करवा लिए जबकि वह उसके हकदार नहीं थे।

उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था नियमावली 1952 के नियम 115 D में अन्य आबादी स्थल आवंटन हेतु निम्न वत व्यवस्था वर्णित है: नियम 115D अन्य आबादी स्थल (१) 115 ट में निर्दिष्ट आबादी स्थलों को छोड़कर जो ग्राम सभा में निहित हैं वे निवास के प्रयोजनार्थ तथा चैरिटेबल उद्देश्यों या कुटीर उद्योग के गृह निर्माण के लिए निम्नलिखित वरीयता क्रम में आवंटित किए जा सकते हैं। भूमिहीन, खेतीहर मजदूर या ग्रामीण कारीगर जो इस गांव में रहता हो, भूमि धर या असामी जो गांव में रहता हो और जिसके पास 3.1 25 एकड़ से कम भूमि हो, गांव में रहने वाला कोई अन्य व्यक्ति (२)इस नियम के अंतर्गत आने वाले प्रत्येक आवंटी को भूमि के मोसूरी दर से लगान का 40 गुना धनराशि जमा करना होगा जो धनराशि गांव निधि के लेखा में जाएगी परंतु दान उत्तर(दान) उद्देश्य के लिए आवंटित स्थल के संबंध में कोई प्रीमियम नहीं लिया जाएगा।

इन तीनों निर्धारित वरीयता क्रम में संबंधित गांव का निवासी होना अनिवार्य है लेकिन ऊपर लिखे तीनों वरीयता क्रम में कहीं पर भी किसी ट्रस्ट को भूमि आवंटित करने हेतु व्यवस्था नहीं है बल्कि भूमिहीन ,खेतिहर मजदूर, कारीगर, भूमिधर,अनुसूचित जाति या गांव में रहने वाला कोई अन्य व्यक्ति को ही दानोत्तर प्रयोजन या कुटीर उद्योग हेतु पात्र माना गया है।

उस समय के प्रधान और ट्रस्ट के मध्य हुए एग्रीमेंट के अनुसार ट्रस्ट की प्रबंध कमेटी में दो व्यक्ति ग्राम सभा के सदस्य होंगे और उसमें यह भी उल्लेखित है कि इस अस्पताल में उक्त ग्राम के समस्त मूल निवासियों को आजीवन मुफ्त में इलाज दिया जाएगा और मुफ्त इलाज किए जाने की व्यवस्था बायलॉज में भी है लेकिन स्थल पर ग्राम वासियों ने बताया कि इस अस्पताल में मुफ्त में इलाज की सुविधा न देकर फीस ली जाती है हम तो हमेशा से इस अस्पताल में फीस देते आए हैं और यह स्पष्ट है उक्त अस्पताल चैरिटेबल ना होकर व्यावसायिक रूप से चल रहा है। इस अस्पताल के पास एक एकड़ जमीन है ।

उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम 1950 की धारा 122 ग के अधीन आवास स्थल हेतु आवंटित भूमिका केवल प्रपत्र 49 च में पट्टा विलेख दिए जाने का प्रावधान है राजस्व अभिलेखों में पट्टे दार का नाम अंकित किए जाने की कोई व्यवस्था नहीं है लेकिन नियम विपरीत खतौनी में ट्रस्ट का नाम अंकित कर दिया गया है जो नियम विरुद्ध है। अब सवाल यह उठता है कि जब यह स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि जमीन ग्राम के मूल निवासी को ही मिलनी चाहिए तब शहर के पूंजी पति को किस तरह से इस भूमि का आवंटन हो गया यह समझ से बाहर है।

एक तरफ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े हुए व्यक्ति के विकास हेतु विभिन्न कार्य योजनाओं का संचालन कर रहे हैं लेकिन यह कार्य योजनाएं धरातल पर उतरने में असमर्थ दिखाई देती है। गरीबों के लिए आवंटित जमीनों को कैसे सरमायदारो द्वारा अपने प्रभाव और अधिकारियों व कर्मचारियों से मिली भगत करके कैसे उन पर कब्जा कर लिया है, यह सब जांच का विषय है। इस पूरे प्रकरण की देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा जांच कराई जानी चाहिए।क्या ऐसे होगा समाज के अंतिम व्यक्ति का विकास….


शहर को स्वच्छ व प्रदूषण मुक्त रखना प्रथम लक्ष्य: नगर आयुक्त

सतीश मुखिया मथुरा-  नगर निगम मथुरा वृंदावन को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त रखने हेतु जग प्रवेश, नगर आयुक्त द्वारा भरसक प्रयास किये जा रहे हैं उनके द्वारा हर रोज सुबह जमीनी स्तर पर जाकर जमीनी सच्चाई की जांच की जा रही है और अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिए कि आप शहर की साफ सफाई की व्यवस्था में कोई कोर कसर न छोड़ें। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारी सड़कों के किनारे से नियमित रूप से कचरा, धूल एवं मिट्टी हटाने का कार्य सही तरीके से करें और वार्ड सुपरवाइजर सभी कर्मचारियों को नियमित रूप से ड्यूटी पर बुलाए।

इसी कड़ी में आज नगर आयुक्त द्वारा वार्ड :42, मनोहरपुरा का औचक निरीक्षण किया गया। जिसमें मौके पर उन्होंने सफाई व्यवस्था का जायजा लिया और सफाई कर्मियों की उपस्थिति पंजिका में गड़बड़ी पाए जाने पर सुपरवाइजर के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के निर्देश अधिनस्थों को दिए। उन्होंने कहा कि सभी सफाई कर्मी समय से ड्यूटी पर आए और सभी नियमित रूप से नगर निगम द्वारा निर्धारित यूनिफॉर्म में अपनी ड्यूटी को निभाएं। आप सबको मैं यह स्पष्ट बता देना चाहता हूं कि काम में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जो लोग नियमों का उल्लंघन करेंगे उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही की जाएगी। उनके साथ डॉक्टर गोपाल बाबू गर्ग ,नगर स्वास्थ्य अधिकारी अभिलाष चौधरी, प्रोजेक्ट हेड,नेचर ग्रीन प्राइवेट लिमिटेड आदि लोग मौके पर मौजूद रहे।
प्लास्टिक मुक्त बृज का दिया संदेश

 

आज भूतेश्वर जोन के वार्ड: 39, महाविद्या कॉलोनी के चौराहा कल्पना सिंह चौहान, सहायक नगर आयुक्त द्वारा RRR सेंटर के माध्यम से सिंगल यूज प्लास्टिक के उन्मूलन हेतु आम जनता को जागरूक किया और उन्होंने प्लास्टिक मुक्त ब्रिज बनाने का संदेश जनता को दिया। यहां पर आम लोगों व नागरिकों को कपड़े के थैले वितरित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और प्लास्टिक की थैलियां ना उपयोग करने हेतु अपील की।


शहर से लेकर गांव कस्बों में मना योग दिवस

सतीश मुखिया

मथुरा: जिला पंचायत अध्यक्ष एवं केएम विश्वविद्यालय के कुलाधिपति किशन चौधरी ने 11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विवि के मेडीकल डाक्टरों, कर्मचारियों संग योगाभ्यास किया और योग दिवस की शुभकामनाएं दी तथा रोजाना योग के लिए आधा घंटे का समय निकालने का सुझाव दिया। विश्व हमे विश्वगुरु मानता है, आज योग पूरे विश्व के लोगों की जीवन शैली बन चुका है। योगा करने के बाद शरीर से सारी बीमारियां निकल जाती है। योग हमें मानसिक एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाता है, योग से आप स्वस्थ होंगे तो देश भी स्वस्थ होगा। इसलिए आधा घंटे हर व्यक्ति को योग करना चाहिए।

योगाभ्यास के दौरान मेडीकल कालेज के प्रिंसिपल डा. पीएन भिसे, विवि के डिप्टी रजिस्ट्रार डा. प्रीति सिंह, डा. सुनाली, डा. पात्रों, डा. उमंग, डा. अभिषेक डा. जायत्री, डा. मानसी, डा. गायत्री, डा. वैष्णवी, डा. जया, डा. श्रृष्टी, डा. मोनिका के अलावा विश्वविद्यालय और हॉस्पिटल के अधिकारी/कर्मचारी सहित मेडीकल कालेज के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। वही मथुरा महानगर सहित जनपद के स्कूल, महाविद्यालयों,  पंचायत भवन, नगर पंचायत, पार्क और कालोनियों में योग हुआ। दीनदयाल धाम में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने योगाभ्यास करके जीवन में निरंतर योग करने का संकल्प लिया।

आज बीएसए कॉलेज मैदान में कॉलेज के तत्वावधान में आयोजित योग शिविर में सैकड़ों प्रतिभागियों ने भाग लिया। योग प्रशिक्षक व पतंजलि जिला सह प्रभारी जनवेद सिंह के नेतृत्व में सूर्य नमस्कार, कपालभाति, भुजंगासन, अनुलोम-विलोम जैसे अभ्यास कराए गए। एनसीसी, एनएसएस, एलआईसी कर्मचारी, शिक्षक, विद्यार्थी, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आर.सी.ए.  गल्र्स कॉलेज मथुरा में आज से योग सप्ताह का प्रारंभ राष्ट्रीय सेवा योजना अधिकारी डॉ. सुषमा अग्रवाल के निर्देशन में प्रारंभ हुआ। प्रथम दिवस “अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का महत्व”  विषय पर निबंध प्रतियोगिता, द्वितीय दिवस “एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिए योग” विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता और तृतीय दिवस “सूर्य नमस्कार: स्वास्थ्य से सरोकार” विषय पर आभासी माध्यम से व्याख्यान का आयोजन किया गया । जिसमें मुख्य वक्ता पतंजलि योगपीठ के प्रशिक्षित अध्यापक देशराज सिंह ने सूर्य नमस्कार के 12 आयाम पर प्रकाश डाला।


मथुरा रिफाइनरी ने मनाया 11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

सतीश मुखिया

मथुरा : अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के वैश्विक समारोह का हिस्सा बनते हुए मथुरा रिफाइनरी ने 11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बड़े उत्साह के साथ मनायाl रिफाइनरीकर्मियों ने योग आसनों का अभ्यास शारीरिक मजबूती, मानसिक स्थिरता और आध्यात्मिक शांति के लिए किया।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने और भारत की प्राचीन कला के बारे में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से योग के प्रोटोकॉल अभ्यास करने के लिए कम्यूनिटी सेंटर, रिफाइनरी नगर में एक सामूहिक योग सत्र का आयोजन किया गया| इस विशेष अवसर पर सभी को संबोधित करते हुए मथुरा रिफाइनरी के कार्यकारी निदेशक और रिफाइनरी प्रमुख मुकुल अग्रवाल ने प्रतिभागियों के जुनून की सराहना की और शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक व आध्यात्मिक कल्याण के लिए सही मुद्रा का अभ्यास करने पर जोर दिया। इस अवसर पर रिफाइनरी के वरिष्ठ अधिकारी, ओफ़ीसर्स एसोसिएशन व कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के साथ साथ, रिफाइनरीकर्मियों, महिलाओं और बच्चों ने योग अभ्यास किया |

कार्यक्रम के योग शिक्षक, राजेश अग्रवाल ने योग आसनों को प्रदर्शित किया | उनके साथ तारेश डागर ने भी योग आसान व योग साधना के बारे में सभी को अवगत कराया|सभी प्रतिभागियों ने दिशा- निर्देशों का ठीक से पालन किया और एक साथ कॉमन योगा प्रोटोकॉल का अभ्यास किया|


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