Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 665 टेंपो और ई रिक्शा का मथुरा ट्रैफिक पुलिस ने किया चालान

Category Archives: मथुरा

यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 665 टेंपो और ई रिक्शा का मथुरा ट्रैफिक पुलिस ने किया चालान

सतीश मुखिया

मथुरा- मथुरा ट्रैफिक पुलिस द्वारा बढ़ती दुर्घनाओं की रोकथाम और मथुरा वृन्दावन को जाम मुक्त करने हेतु विशेष अभियान चलाकर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले टेंपो और ई-रिक्शाओं का 665 का एमवी एक्ट में चालान किया और 18 ई-रिक्शा व टेम्पो को सीज किया गया तथा फुटपाथ खाली कराया गया


वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मथुरा के निर्देशन में आज पुलिस अधीक्षक यातायात ,समस्त क्षेत्राधिकारी, प्रभारी निरीक्षक यातायात व समस्त प्रभारी निरीक्षक / थानाध्यक्ष मय चौकी प्रभारी /उ0नि0 यातायात व जनपद मथुरा द्वारा बढ़ती दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु शहर क्षेत्र एवं ग्रामीण क्षेत्र में सघन अभियान चलाकर विभिन्न प्रकार से यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले ई-रिक्शा व टेम्पो के विरुद्ध दोष पूर्ण नम्बर प्लेट,विना नम्बर प्लेट, विना ड्राइविंग लाइसेंस, विना परमिट, विना फिटनेस,सड़क पर ई-रिक्शा व टेम्पो खड़ा करके सवारी बैठाना, ओवर लोड सवारी बैठाने वाले ई-रिक्शा व टेम्पो के विरुद्ध एम0 वी0 एक्ट में कार्यवाही की गयी तथा, जिसमें 665 ई रिक्शा व टेम्पो का ई-चालान किया गया, 18 ई-रिक्शा व टेम्पो को सीज किया गया तथा तथा फुटपाथ खाली कराया गया और वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने हेतु जागरूक किया गया


गोचर जमीनों पर चारे की जगह उगी रंग बिरंगी बिल्डिंगे, गौमाता सड़कों पर भटकने को मजबूर……

गोधन भटकने को हुआ मजबूर,जिम्मेदार मौन..?

कूड़ा कचरे में मुंह मारकर मिटा रहा अपनी भूख

सतीश मुखिया

मथुरा: भगवान श्री कृष्ण की नगरी मथुरा और ब्रज किसी भी पहचान का मोहताज नहीं है। ब्रज की संस्कृति और भारतीय इतिहास में गायों का विशेष महत्व है। हम सभी जानते हैं कि भगवान श्री कृष्ण ने बाल रूप में बृज के 84 कोष क्षेत्र में कैसे बाल्यपन में अपनी लीलाए की। भारतीय धर्म ग्रंथो और हिंदू धर्म में भी गाय का विशेष महत्व बताया गया है और बिना गोधन के भारतीय संस्कृति की परिकल्पना करना बहुत ही मुश्किल है। जब वर्ष 1947 में देश आजाद हुआ तो गोधन के लिए सरकार के द्वारा गोचर जमीने छोड़ी गई जिससे इन जमीनों पर गोधन के लिए चारा उगाने और उनके रखरखाव के लिए इस्तेमाल किया जाना था लेकिन आज आजादी के 75 वर्ष बाद इन गोचारण ,गोचर जमीनों पर अस्तित्व का संकट मंडरा रहा है और यह अपने आप को बचाने के लिए जूझ रही है। मथुरा धार्मिक नगरी है और यहां साल भर श्रद्धालुओं व पर्यटकों का आवागमन बना रहता है।

दिल्ली के नजदीक होने और आवागमन की सुलभ सुविधा उपलब्ध होने के कारण यह क्षेत्र विकास की ओर अग्रसर है। जिस कारण श्रद्धालु भगवान श्री कृष्ण की नगरी मथुरा और ब्रज में अपना एक आशियाना बनाना चाहता है जिसका फायदा उठाया भूमि के क्रय विक्रय करने वाले बिल्डरों और भू माफियाओं ने, वर्ष 2017 में नगर पालिका से नगर निगम मथुरा वृंदावन बनने के बाद और शहरी क्षेत्र में 18 से 20 पंचायत के शामिल होने के बाद मथुरा शहर का क्षेत्रफल काफी मात्रा में बढ़ गया जिससे इसके आसपास के क्षेत्र में कच्ची कॉलोनी का विकास होने लगा। इन लोगों के द्वारा श्रद्धालुओं को जिले भर में जहां-तहां खाली पड़ी गोचर जमीन और अन्य नजूल की जमीनों को राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ मिली भगत करके खुर्द बुर्ध करना शुरू कर दिया। जबकि इन जमीनों का ना तो मूल रूप में परिवर्तन किया जा सकता है अगर करना है तो यह कार्य जिले के जिलाधिकारी द्वारा ही किया जा सकता है। जिन जमीनों पर गोधन के लिए चार उगाया जाना था उन जमीनों पर बड़ी-बड़ी बिल्डिंग, अस्पताल और विद्यालय का निर्माण हो चुका है लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग में आज भी यह जमीने खसरा खतौनियों में गोचर जमीन के रूप में दर्ज हैं लेकिन वर्तमान में इनका भौतिक रूप बदल चुका है और शहर के अंदर इन जमीनों को खोजने बहुत मुश्किल काम है।

यह काम केवल भू माफियाओं द्वारा नहीं किया गया इसको संपन्न कराने में नेता नगरी और कार्यपालिका के कुछ कट्टर ईमानदार कर्मचारी अप्रत्यक्ष रूप से इसमें शामिल है जो की मिठाई रूपी सेवा लेने के उपरांत इन जमीनों को खुर्द बुर्ध करने में अपनी मुख्य भूमिका निभा रहे हैं जब कोई जागरूक नागरिक इनके गलत कार्यों की विभाग में शिकायत करता है तब यह लोग उसका फोन नंबर और नाम इन लोगों को बता देते हैं और उसके बाद उसको विभिन्न तरीकों से प्रताड़ित करवाते हैं। अब सवाल यह उठता है कि जिस गोधन के लिए इन जमीनों की व्यवस्था की गई थी वह यहां वहां गलियों में भटकते हुए कूड़ा कचरा व अपशिष्ट में अपना मुंह मारती हुई दिखाई पड़ती है और उनके बछड़े,बछिया गंदगी में से अपना भोजन प्राप्त करते हुए दिखाई पड़ते हैं, क्या यह हिंदू धर्म और संस्कृति का पतन नहीं है कि जिस गाय की हम पूजा करते है वह गोधन अपना पेट भरने के लिए यहां वहां कचरे में अपना मुंह मारती हुई घूम रही है। अभी 2 दिन पहले मथुरा को स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्वच्छता को लेकर देश में 11वां स्थान प्राप्त हुआ है लेकिन हकीकत क्या है यह सब आप, हम और बृजवासी अच्छी तरह से जानते हैं।एक तरफ केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार सबका साथ, सबका विकास का वादा करते हैं लेकिन हमारे हिंदू धर्म की धुरी गोधन आज विचलित, व्यथित और भूख से तड़प रही हैं और अपना जीवन यापन करने के लिए संघर्ष कर रही है।

सरकार और धार्मिक ट्रस्टों द्वारा मथुरा वृंदावन में विभिन्न गौशालाएं संचालित की जा रही है लेकिन यह गौशालाएं किस तरह से कार्य कर रही है उसकी निगरानी की आवश्यकता है की इन गायों के लिए कार्य करने वाली गौशालाएं और धार्मिक टेस्ट दिनों दिन तरक्की कर रहे हैं लेकिन गए आज भी सड़कों पर भटकती हुई दिखाई पड़ती है।उनके लिए केंद्र सरकार द्वारा व्यवस्था की गई गोचर जमीनों पर हरे भरे चारे की जगह बड़ी-ऊंची रंग बिरंगी बिल्डिंग उग चुकी है, क्या शासन प्रशासन को यह दिखाई नहीं देता या जानबूझकर अपनी आंखों पर पट्टी बांधे हुए हैं। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सावन के महीने में शिव भक्तों का वर्णन के लिए विशेष व्यवस्थाएं कर रहे हैं क्या वह इन गोचर जमीनों पर हुए कब्जे को इन भू माफिया से मुक्त कराएंगे या वह भी सिस्टम के आगे आत्म समर्पण कर देंगे।


हत्या के मामले में वांछित 04 अभियुक्तगणों को थाना जैंत पुलिस ने मुठभेड़ के बाद किया गिरफ्तार

एक अभियुक्त पैर में गोली लगने से हुआ घायल

सतीश मुखिया 

 मथुरा-  वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मथुरा के दिशा निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध मुक्त जनपद अभियान के तहत मुखबिर खास की सूचना पर थाना जैत पुलिस व रिवार्डेड टीम की थाना जैत पर पंजीकृत मु0अ0स0-343/2025 धारा – 191(2),191(3),190,109,126(2),115(2),352,61 B.N.S. में वांछित अभियुक्तगण रुस्तम राघव पुत्र ओमप्रकाश निवासी छटीकरा थाना जैत मथुरा उम्र करीब 29 वर्ष ,रवि पुत्र बृजविहारी निवासी छटीकरा थाना जैत मथुरा उम्र करीब 21 वर्ष ,चन्द्रपाल पुत्र बलवीर सिंह उर्फ बल्लो निवासी थोक मनी चौमुहा थाना जैत मथुरा उम्र करीब 21 वर्ष ,मनोज उर्फ मुकेश पुत्र खजान सिंह निवासी थोक मनी चौमुहा थाना जैत मथुरा उम्र करीब 22 वर्ष से एनएच-19 हाईवे से प्रियकांतजू मन्दिर जाने वाले रजवाहे की पटरी पर हुई मुठभेड़, दौरान पुलिस मुठभेड़ एक अभियुक्त रुस्तम राघव उपरोक्त दाहिने पैर में घुटने के नीचे गोली लगने से हुआ घायल सहित 04 अभियुक्तगण उपरोक्त गिरफ्तार,

 

गिरफ्तारशुदा अभियुक्तगण के कब्जे से 01 अदद नाजायज तमंचा .315 बोर व 02 अदद खोखा व 03 अदद जिन्दा कारतूस .315 बोर, नगद 49200 रू0 व एक कार टाटा कर्व रजिस्ट्रेशन नम्बर UP85CX5807 बरामद किया गया और घायल अभियुक्त रुस्तम राघव को उपचार हेतु संयुक्त जिला चिकित्सालय वृन्दावन भेजा गया।इन अभियुक्तगण के विरूद्ध अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है और अन्य आपराधित इतिहास के बारे में जानकारी की जा रही है।


वन खंड की जमीन,अवैध निर्माण और सरमायदार…?

सतीश मुखिया

मथुरा: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों पर चलते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति के विकास हेतु प्रयासरत है लेकिन कार्यपालिका में कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी ही उनके इन प्रयासों को बट्टा लगाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं।मथुरा भगवान श्री कृष्ण की जन्मस्थली रही है और इन दिनों ब्रिज में 07 दिवसीय मुड़िया पूर्णिमा मेला की धूम है।

देश-विदेश से भक्तजन श्री गिरराज महाराज( गोवर्धन बाबा) की 21 किलोमीटर परिक्रमा लगाने हेतु आ रहे हैं और जिला प्रशासन व्यवस्थाओं को संभालने में व्यस्त है। इसी का फायदा उठाते हुए कुछ सरमायदार और पूंजी पति लोग खसरा संख्या :19 और 22 ,सराय आजमाबाद में वन खंड की इन जमीनों पर धड़ल्ले से अवैध भवनों का निर्माण खुले आम कर रहे हैं। यह जमीन उत्तर प्रदेश के राजस्व विभाग में वन खंड के रूप में दर्ज हैं और इन पर किसी भी तरह का अतिक्रमण भारतीय न्याय संहिता के अनुसार दंडनीय अपराध है लेकिन इन पूंजी पतियों द्वारा सिस्टम और व्यवस्था में कट्टर ईमानदार कर्मचारियों से जुगाड़ बनाकर इन जमीनों के ऊपर यह बिना डरे और बेखौफ होकर धड़ल्ले से ऊंचे ऊंचे भवनों का निर्माण कर रहे हैं। जिससे उत्तर प्रदेश सरकार को भारी मात्रा में राजस्व की हानि हो रही है। मथुरा वृंदावन में जब से बिल्डरों की नजर इस पवित्र धरती पर पड़ी है शहर और देहात क्षेत्र की जमीनों की कीमतों में भारी वृद्धि हो गई है।

नगर निगम मथुरा वृंदावन की सीमा बढ़ने के बाद इसमें लगभग 18 से 20 अन्य गांव शामिल किए गए जिसमें ग्राम पंचायत की खाली पड़ी हुई बेस कीमती मथुरा शहर में शामिल हो गई। जिस पर भू माफिया और उनके गुर्गे अपनी निगाह लगाकर बैठे हुए हैं। इन जमीनों के पट्टे उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2010 में खारिज/ निलंबित कर दिए गए और जिन लोगों का इन जमीनों पर कब्जा है उनसे इन जमीनों को पीपी एक्ट के तहत खाली कराने हेतु निर्देश दे दिए गए लेकिन भारतीय सिस्टम के आगे सब फेल हैं और जिन लोगों के पट्टे खारिज हुए वह आज भी इन जमीनों के ऊपर अपना कब्जा जमा कर बैठे हुए हैं और निर्माण की रोक के बावजूद यह लोग बिना किसी रोक टोक के अवैध निर्माण कर रहे हैं, अगर कोई गरीब व्यक्ति घर बनाता है तब उसको विभिन्न विभागों से कई तरह की परमिशन लेनी पड़ती है लेकिन हम देख सकते हैं कि कैसे बिना कोई परमिशन लिए वार्ड संख्या: 12 राधेश्याम कॉलोनी में निर्माण चल रहा है। क्या इनके द्वारा मथुरा विकास प्राधिकरण सहित अन्य विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल किया गया है, अब सवाल यह उठता है जब इन जमीनों के पट्टे खारिज कर दिए गए तब सरकार के द्वारा इन पट्टे को वापस क्यों नहीं लिया गया जांच का विषय यह भी है क्या यह लोग इन पट्टे के वास्तविक हकदार थे क्योंकि सरकार द्वारा यह स्पष्ट है कि गरीब तबके के दलित,वंचित ,भूमिहीन, कारीगर मजदूर ,खेतिहर ,असामी जो कि उस गांव का निवासी है उसी को पट्टा आवंटित किया जाएगा , सामान्य वर्ग के व्यक्ति को नहीं लेकिन भारत देश में कुछ चले ना चले जुगाड़ अवश्य चलता है इसी का फायदा उठाकर इन पूंजी पति लोगों के द्वारा अपने परिवार के लोगों के नाम से उस समय के वर्चस्व वाले लोगों से फर्जी पट्टे करवा लिए।

नगर निगम मथुरा वृंदावन के अंदर सरकारी जमीनों पर अवैध बिल्डिंगों का निर्माण होना कोई नई बात नहीं है, राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या : 02 पर राधा वैली के बराबर में बिना कुरा बंटवारे के( रेलवे लाइन के बराबर) में मन्नत रेजिडेंशियल के निर्माण पर इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा अस्थाई रूप से रोक लगाई गई है लेकिन सूत्रों ने बताया कि यहां पर आज भी चोरी छुपे कार्य करवाया जा रहा है।जब कार्यपालिका ही न्यायपालिका की बात को नहीं मानेगी तब आम आदमी से क्या उम्मीद की जा सकती है अगर एक गरीब व्यक्ति कुछ गलत करता है तब प्रशासन उस पर हावी हो जाता है।अब यह देखना लाजमी होगा कि नगर निगम मथुरा वृंदावन और मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण इन अवैध बिल्डिंगों के निर्माण पर क्या विभागीय कार्यवाही करते हैं या मौन साथ कर आत्मसमर्पण कर देते हैं।


परफॉर्मेंस ग्रांट मिलने के बावजूद मॉडल पंचायत ना बन सका ग्राम ततरोता

सतीश मुखिया

ग्रामीणों ने पंचायत में विकास कार्य न होने के लगाए आरोप

परफॉर्मेंस ग्रांट की धनराशि गबन का आरोप , जनता बोली सरकार करे जांच

मथुरा: उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही विकास योजनाओं को किस तरह उनके ही अधीनस्थ पलीता लगा रहे हैं इसका जीता जागता प्रमाण हमें परफॉर्मेंस ग्रांट के तहत चयनित ग्राम पंचायत: ततरोता, विकासखंड: बल्देव ,तहसील: महावन, जनपद :मथुरा उत्तर प्रदेश में देखने को मिला। इस पंचायत की वर्तमान प्रधान सरोज देवी हैं और यह (SC ) वर्ग के लिए आरक्षित है तथा इसकी आबादी लगभग 3000 के आसपास है इसमें नगला अर्जुन ,नगला भाल आदि सहित कई छोटे मजरे शामिल हैं।यह जिला मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी और राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या :19 से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर यमुना नदी किनारे स्थित है। हमारी टीम ने जमीनी धरातल पर पंचायत के अंतर्गत हुए विकास कार्यों का जायजा लिया तब यह देखने को मिला कि पंचायत द्वारा जो कार्य योजना पेश की गई और वास्तविक धरातल पर जो कार्य हुए हैं उनमें जमीन आसमान का अंतर है ।जब हम लोगों ने प्रधान को फोन लगाया तब फोन उनके पति दिनेश कुमार( बंटी बोहरे )ने उठाया और बातचीत के दौरान बताया कि हम लोग गांव में नहीं रहते हैं ,आगरा रहते हैं रोज गांव आ जाते हैं ,पंचायत में सभी कार्य पूर्ण हो गए हैं और जगह की उपलब्धता न होने के कारण बारात घर का काम अभी रूका हुआ है जैसे ही जगह मिलेगी इसका निर्माण करवा दिया जाएगा ,हमने उनसे मिलने की इच्छा जान जाहिर की तब उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। जिस पर हम लोगों ने ग्राम विकास अधिकारी सुरेश कुमार को दूरभाष पर संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि आज तो मेरी घरवाली का ऑपरेशन है, आज नहीं मिल सकता और कार्य योजना में आपको घर पहुंच कर भिजवा दूंगा ।इसके बाद कई बार सुरेश कुमार से फोन पर संपर्क किया गया लेकिन उन्होंने कार्य योजना ना तो भिजवाई, ना ही मना किया और वह लगातार गुमराह करते रहे।

मनरेगा के अंतर्गत कुल 1217 जॉब कार्ड बने हैं जिसमें (एससी) वर्ग के 478 , एसटी(03) व 736 अन्य वर्ग के हैं। मनरेगा के अंतर्गत हुए कार्यों की जांच भी स्थानीय लोगों ने की ।इस पंचायत को वर्ष 2021-22 के अंतर्गत कुल Rs 16 करोड़ की धनराशि परफॉर्मेंस ग्रांट अन्य मिलने वाले फंड के अलावा आवंटित हुई। जिसको प्रधान प्रतिनिधि द्वारा विभिन्न कार्यों पर दिल खोलकर खर्च किया। ई ग्राम स्वराज पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार अंत्येष्टि स्थल पर Rs 25.54 लाख, पानी के संरक्षण Rs13.54 ,TTSP कंस्ट्रक्शन Rs 27 लाख,RO वाटर एटीएम Rs13.80 ,सोलर प्लांट Rs 46 लाख (नगला अर्जुन और तत्त्रोता) ,सांस्कृतिक कार्यक्रमों Rs14.22 लाख , एमआरएफ सेंटर Rs16.24 लाख ,गौशाला में टीन शेड शेड Rs 29.66 लाख, पंचायत भवन निर्माण Rs 26.67 लाख ,शिक्षा का प्रचार प्रसार Rs 55 लाख और पंचायत में सीसी रोड बनवाने पर करोड़ों की धनराशि इन्होंने खर्च की।

वर्ष 2021-22 में पंचायत के प्रबंधन पर खर्च किए 01 करोड़ 61 लाख रुपए
इन्होंने वर्ष 2021-22 में एडमिनिस्ट्रेशन खर्चे के रूप में Rs1,60,96,300/ धनराशि दिखाई जो कि स्वराज पोर्टल पर कार्य योजना में दर्ज बिल क्रमांक 07(Rs42,000),75 (Rs9,000),79(Rs1,59,90,300), 83(Rs15,000),100(Rs 10,000), 101 (Rs 15,000)और 113(Rs15,000) में दर्ज हैं। एडमिनिस्ट्रेशन एक्सपेंस में यह खर्चा पंचायत को अगले 4 वर्ष में प्राप्त हुई धनराशि से Rs 36 लाख अधिक रहा। ग्राम पंचायत ततरोता को पंचायत राज विभाग, मथुरा द्वारा वर्ष 2022 में Rs 26,48,660/-,2023 Rs 22, 22 ,759/-, 2024 Rs 36,99,143/- ,2025 Rs 38,54,391/- की कुल धनराशि प्राप्त हुई जो कि Rs1.25 करोड़ है और इन्होंने वर्ष 2021-22 में Rs1.60 करोड़ सिर्फ एडमिनिस्ट्रेशन एक्सपेंस पर ही खर्च कर दिए जो कि अगले 4 वर्षों में मिलने वाले फंड से 36 लाख ज्यादा रहे जो कि कई पंचायत को इस पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत मिलने वाले फंड से कई गुना ज्यादा रहा।इस पंचायत द्वारा अगले 4 वर्षों में प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रचार प्रसार पर Rs2.70 लाख, सामुदायिक शौचालय के निर्माण पर Rs 8 लाख, आंगनबाड़ी के निर्माण पर Rs4.50 लाख, जन जागरण Rs8 लाख और एडमिनिस्ट्रेशन एक्सपेंस पर भी Rs10 लाख सहित अन्य कार्यों पर खर्च किए गए।अब सवाल यह उठता है कि प्रधान द्वारा पंचायत के प्रबंधन में ऐसा कौन सा कार्य किया गया जिस में वर्ष 2021-22 एक करोड़ 61 लाख की धनराशि खर्च हो गई और अगले 4 वर्षों में यह मात्र Rs10 लाख के आसपास, कही यह कोकस के बीच धनराशि के बंटवारे का नतीजा तो नहीं जिसको एडमिनिस्ट्रेशन एक्सपेंस के रूप में दर्शा दिया गया।

प्रधान के परिवारजन पहले भी रहे हैं ग्राम प्रधान
ग्रामीणों ने बताया कि प्रधान के पिता गुलजारी लाल, पूर्व बेसिक शिक्षा अधिकारी रहे हैं और इनके भाई भी पहले एक बार प्रधानी कर चुके हैं। हम लोगों के द्वारा बड़ी उम्मीद से इनको प्रधान का चुनाव जितवाया था लेकिन जब स्वयं के लोग ही दलित,वंचित और शोषित लोगों का हक मार लेंगे तब हम किस से उम्मीद करें, कोई भी काम तरीके से नहीं हुआ है। सभी ग्रामीण जन को पता है कि पंचायत को बड़ी धनराशि आवंटित हुई लेकिन वह धनराशि कहां खर्च कर दी गई इसकी जिला पंचायत राज अधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी मथुरा, उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार द्वारा जांच कराई जानी चाहिए लेकिन आप कितनी भी खबर कर लीजिए कोई फायदा होने वाला नहीं है और ना ही कोई जांच होगी क्यों कि इनके रिश्तेदार प्रशासन में उच्च पदों पर आसीन है और यह लोग दबंग प्रवृति के लोग हैं और यह गरीब लोगो को डरा धमका कर चुप करा देते हैं। हम लोगों का तो शोषण होना ही है पहले पूर्व प्रधान द्वारा किया गया और अब वर्तमान प्रधान प्रतिनिधि द्वारा किया जा रहा है।

काहे का मॉडल और काहे का आदर्श पंचायत
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सबका साथ, सबका विकास का वादा कर रहे है और डबल इंजन की सरकार होने का दम भरते हैं लेकिन यहां ना डबल, ना ट्रिपल ,ना सिंगल, यहां कोई इंजन ही नहीं है। आज भी इस ग्राम पंचायत को आजादी के 75 वर्ष बाद भी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं है। पोखर में गंदगी जमी हुई है, नालियां भरी पड़ी है , तालाब आधा खुदा हुआ पड़ा है और विभिन्न कार्य योजना में लीपापोती करके उनको पूरा कर दिया गया है, कई कार्य अधूरे दिखाई पड़ते हैं और बच्चों की शिक्षा का क्या कहना आप स्वयं जाकर प्राथमिक विद्यालय में देख लीजिए। हम लोगो को इस पंचायत में हुए विकास कार्यों में भ्रष्टाचार की बू आ रही है ,”का ऐसी मॉडल पंचायत होबत है तो हमें ना चाहे भैया , हमाई तो पहले वारी ही ठीक थी।

श्मशान ,सोलर प्लांट और वाटर एटीएम हुए लापता
सचिव द्वारा कार्य योजना में अंकित अंत्येष्टि स्थल,वाटर एटीएम, सौर ऊर्जा प्लांट मौके से लापता नजर आए, ग्रामीणों ने पूछने पर बताया कि भैया जन्हा पे कोई शमशान ,फमशान नाय बनो, यन्हा तो मुर्दाए जमुना पे जराय आवे और अब जी तो सरकार ही जाने कि कहां बनायो है श्मशान और कहां लगाई है पाईं की मशीन (RO वाटर ATM) हां ,इन खम्मन पर रात में बिजरी जरूर जरत है, सौर ऊर्जा ,फुर्जा तो हमने देको नाय। सब पीछे बात बनावे, प्रधान ते सामने तो कोई बोले नाय, पहले प्रधान ने हाथी बारे कू जे जमुना की जमीन बेच दई और जेयू बेच रो है , सबन ने ऊपर बारे कू हिसाब देनो परेगो। हम तो जेई कहवे जोगी ते एक बार आके
देखे तो सही कौन का काम कर रो है।

धनराशि मिलने पर भी विकास कार्यों में लापरवाही क्यों 
अब मूल सवाल यही है कि जब पंचायती राज विभाग, ग्रामीण विकास मंत्रालय और केंद्र सरकार पंचायतो के विकास के लिए भारी भरकम धनराशि आवंटित कर रही है तब यह धनराशि विकास कार्यों में इस्तेमाल न होकर कहां पर इस्तेमाल की जा रही है यह जांच का विषय है, क्या इन योजनाओं की सही तरीके से निगरानी करने की आवश्यकता है ,यह प्रश्न हमेशा विचारणीय बना रहेगा और क्या ऐसे होगा सबका साथ, सबका विकास!


ग्राम ऐंच में हुई हत्या का थाना कोसीकला पुलिस ने किया खुलासा

मिया,बीवी और …. मे गई, पति परमेश्वर की जान

पत्नी ने आशिक से कराया पति का बेरहमी से कत्ल

सतीश मुखिया

मथुरा: थाना कोसीकला अंतर्गत ग्राम ऐंच में रात्रि से समय हुई हत्या के संबंध में पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए हत्या करने वाले अभियुक्त गुंजार उर्फ गुलजार उर्फ भोले पुत्र पुष्कर निवासी गांव ऐंच ,थाना कोसीकलां, जनपद: मथुरा उम्र 37 को आज गांव चौडरस से 100 मीटर पहले थाना कोसीकलां, जनपद मथुरा से हत्या में प्रयुक्त एक अदद धारदार बांक और अभियुक्त की टी शर्ट व एक अदद एन्ड्रायड मोबाइल सहित गिरफ्तार कर लिय गया। अभियुक्त से मौके पर Vivo कम्पनी का मोबाइल फोन माडल V2204 जिसका IMEI *78970 613738, IMEI ,78970613738* और उसमे संचालित नंबर 93196** जब्त किया।

इस हत्याकांड में शामिल अभियुक्त की प्रेमिका को भी उसको उसके घर से गिरफ्तार किया गया।उक्त घटना के संबंध में पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गांव ऐंच में रात्रि के समय हुई हत्या के संबंध में थाना कोसीकला में धारा 103(1) बीएनएस 2023 पंजीकृत हुया था , जिसका सफल खुलासा करते हुये थाना कोसीकलां पुलिस टीम द्वारा मृतक गोविन्द की हत्या करने वाले अपराधी गुंजार उर्फ गुलजार उर्फ भोले और अभियुक्त की प्रेमिका जो कि मृतक गोविन्द की पत्नी अभियुक्ता को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त गुंजार उर्फ गुलजार उर्फ भोले ने पूंछताछ में बताया कि उसका उसके गांव के ही मृतक गोविन्द की पत्नी के साथ काफी दिनों से प्रेम सम्बन्ध थे जिसके बारे में अभियुक्ता के पति मृतक गोविन्द को पता चल गया था।

मृतक गोविन्द को रास्ते से हटाने के लिये मैंने मृतक गोविन्द की पत्नी के कहने पर मौका पाकर रात्रि में कृष्णा भट्टा की पथेर राजवीर के खेत में धारदार बांक से गोविन्द की हत्या कर दी थी और उसके बाद मौके से भाग गया। हमारे और गोविंद की पत्नी के बीच प्रेम प्रसंग है जिसका वह विरोध करता था। जिस कारण आए दिन घर में गृह क्लेश होता था। अतः हम लोगों ने एक दिन मन बनाकर उसको रास्ते से हटाने का प्लान बनाया और मौका पाकर उसको रास्ते से हटा दिया। इनके विरुद्ध आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है और इनको गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक अरविन्द कुमार निर्वाल,उ0नि0 विपिन कुमार चौकी प्रभारी शाहपुर उ0नि0 किरनपाल सिह, उ0नि0 अरविन्द कुमार चौकी प्रभारी कोटवन ,उ0नि0अंकित मलिकचौकी प्रभारी बठैन गेट, उ0नि0 अमरपाल तोमर ,उ0नि0 उत्तम चौहान चौकी प्रभारी जिंदल चौराहा थाना कोसीकलां मथुरा और म0उ0नि0 श्री पलक सोलंकी थाना कोसीकलां मथुरा सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।


भाई व भतीजी की निर्मम हत्या करने वाले अभियुक्त को मुठफेड के बाद पुलिस ने किया गिरफ्तार

सतीश मुखिया  मथुरा।  थाना गोविंद नगर अंतर्गत श्री कृष्ण जन्मभूमि के समीप रात को खाना खाते समय हुए आपसी विवाद में भाई व भतीजी की चाकू के द्वारा गोद कर की गई निर्मम हत्या के आरोप में वांछित चल रहे अभियुक्त को आज रात पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया।इस घटना के संबंध में गोविंद नगर थाने में रिपोर्ट पंजीकृत होने के बाद उच्च स्तर पर इस घटना की विभाग द्वारा जांच की जा रही थी जिसमें खिल्लन पुत्र शंकरलाल निवासी कटरा केशवदेव टी पोइन्ट वाली गली कटरा केशव देव गेट नं0 3 जन्मभूमि थाना गोविन्दनगर जनपद मथुरा उम्र करीब 32 वर्ष को चैकिंग के दौरान मुखबिर खास की सूचना पर माहेश्वरी चौराहे पर बने जयसिंहपुरा बस स्टैण्ड के पास ( गोकुल रेस्टोरेंट के पास ) हुई मुठभेड़ के बात गिरफ्तार किया।

इस दौरान अभियुक्त ने पुलिस पर फायर भी ओपन किया और पुलिस टीम द्वारा आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्यवाही में फायर किया गया जिसमें शातिर बदमाश के दाहिने पैर में गोली लगने से घायल/गिरफ्तार हुआ। उसके कब्जे से अवैध असलाह कारतूस व एक अदद नाजायज चाकू/छुर्रा बरामद किया गया और घायल अभियुक्त को उपचार हेतु जिला अस्पताल भेजा गया।इस अभियुक्त के अन्य आपराधिक इतिहास के बारे में जानकारी की जा रही है।

इस मुठफेड पर भूषण वर्मा, उपाधीक्षक नगर मथुरा ने बताया कि पुलिस टीम द्वारा रात्रि के समय वाहनों की चेकिंग की जा रही थी जिस पर यह अभियुक्त भागने लगा और पुलिस ने पड़कर इसकी पहचान की गई जिसमें यह पाया गया कि अभियुक्त थाना गोविंद नगर अंतर्गत हुए डबल मर्डर में वांछित है और पुलिस द्वारा आगे की विधि कार्रवाई की जा रही है।


डकैती,हत्या में वांछित अभियुक्त को पुलिस ने पकड़ा

वारदात में इस्तेमाल (रॉड/सरिया) सहित किया गिरफ्तार

सतीश मुखिया

मथुरा: असर इको इंडस्ट्रीज, छाता में गेटमैन की हुई हत्या के मामले में वांछित चल रहे अभियुक्त अनिल पुत्र पंचम सिंह निवासी संजय नगर थाना हजीरा जनपद ग्वालियर मध्य प्रदेश उम्र 27 वर्ष को उसके घर से गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और विभिन्न राज्यों के थानों में 13 से 14 मुकदमे लंबित हैं और जानकारी अभियुक्त के बारे में पता की जा रही है।अभियुक्त छाता क्षेत्र की एक फैक्ट्री में कुछ दिन पहले गेटमैन की निर्मम हत्या के मामले में वांछित चल रहा था और अभियुक्त की निशादेही पर उसके द्वारा असर इको फैक्टरी मे अपने साथियो के साथ गेटमेन की हत्या करने पर प्रयुक्त की गयी रॉड/सरिया को पुलिस टीम द्वारा मौके से बरामद किया। अभियुक्त के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्यवाही की गई और न्यायालय की समक्ष पेश किया गया ।

अभियुक्त को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में प्र0नि0 कमलेश सिंह, उ0नि0 हरेन्द्र सिंह ,उ0नि0 सुरेन्द्र पाल सिंह ,उ0नि0 अक्षय कुमार थाना छाता मथुरा आदि पुलिसकर्मी शामिल रहे।


नाबालिग से बलात्कार के मामले में वांछित अभियुक्त को किया गिरफ्तार

थाना बल्देव की घटना

सतीश मुखिया मथुरा।  नाबालिक लड़की को भगा कर ले जाने और बलात्कार के मामले में फरार चल रहे अभियुक्त को आज मुखबिर की सूचना पर थाना बलदेव पुलिस ने आज गिरफ्तार कर लिया। घटना के संबंध में थाना बलदेव पर वादी द्वारा अपने साले की नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर ले जाने के सम्बन्ध मे दर्ज मुकदमे में वांछित अभियुक्त आकाश शर्मा पुत्र संतराम नि0 निवाली थाना बागपत जिला बागपत उम्र करीब 23 वर्ष को कचनऊ चौराहे थाना बलदेव के पास से गिरफ्तार किया गया और उक्त अभियोग से सम्बन्धित पीडिता को सकुशल बरामद करते हुये अभियोग मे साक्ष्य संकलन की कार्यवाही पूर्ण करते हुये पंजीकृत अभियोग में धारा 64 बीएनएस व 3/ 4 पोक्सो एक्ट की बढोत्तरी की गयी और अभियुक्त के विरुद्ध विधिक कार्यवाही की गई। इनको गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम
प्र0नि0 रंजना सचान ,निरी0 प्रमोद कुमार, उ0नि0 कमल सिंह थाना बलदेव मथुरा सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।


अपमिश्रित पनीर निर्माण की शिकायत पर डेयरी संचालक को बरसाना पुलिस ने किया गिरफ्तार

सतीश मुखिया मथुरा।  खाने पीने की चीजों में मिलावट को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा चलाई जा रहे अभियान के तहत थाना बरसाना पुलिस टीम ने अभियुक्त चरन सिंह पुत्र कमल सिंह निवासी यादव मौहल्ला कस्वा व थाना बरसाना मथुरा को पुलिस टीम द्वारा शनिदेव मंदिर के पास चिकसौली तिराहा बरसाना मथुरा से आज सुबह गिरफ्तार कर लिया गया और अभियुक्त के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की गई। खाद्य सुरक्षा विभाग के खाद्य सुरक्षा अधिकारी जितेन्द्र सिंह (FSO) मय खाद्य सुरक्षा टीम धीरेन्द्र प्रताप सिंह ( सहायक आय़ुक्त खाद्य ) , ज्ञानपाल सिंह (मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी)- ,  दलबीर सिंह (खाद्य सुरक्षा अधिकारी) , अरुण कुमार (खाद्य सुरक्षा अधिकारी) ने स्वयं थाना में उपस्थित आकर एक प्रार्थना पत्र अभियुक्त खाद्य प्रतिष्ठान भोला डेरी संचालक चरन सिंह पुत्र  कमल सिंह निवासी यादव मोहल्ला बरसाना रुरल थाना बरसाना जनपद मथुरा के खिलाफ दिया था। जिसमें इन्होंने आरोप लगाया कि अभियुक्त द्वारा अपने प्रतिष्ठान पर खाद्य एवं अखाद्य सामिग्री का प्रयोग कर अपमिश्रित पनीर का निर्माण करता है।

जिस कारण आम जनमानस के स्वास्थ्य को हानि पहुंच सकती है और इस मिलावटी पनीर को उपयोग करने के बाद बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। इसकी बार-बार विभाग को शिकायत आ रही है और यह लगातार मिलावटी पनीर का उत्पादन कर रहा है। यह दबंग प्रवृत्ति का व्यक्ति है और खाद्य सुरक्षा विभाग की सुनने को तैयार नहीं है। इसको गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक विनोद बाबू मिश्रा,महिला उ0नि0 कुन्जन चौधरी थाना बरसाना मथुरा आदि पुलिसकर्मी शामिल रहे।


Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp