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अलास्का में बड़ा विमान हादसा, 8 लोगों की मौत

Category Archives: अंतर्राष्ट्रीय

अलास्का में बड़ा विमान हादसा, 8 लोगों की मौत

रडार साइट के पास दुर्घटनाग्रस्त हुआ चार्टर प्लेन

वाशिंगटन। अमेरिका के अलास्का में एक दर्दनाक विमान हादसे में 8 लोगों की जान चली गई। दो इंजन वाले एक चार्टर विमान ने एंकोरेज से केप न्यूएनहैम के लिए उड़ान भरी थी, लेकिन पश्चिमी अलास्का में एक दूरदराज रडार साइट के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे की जानकारी सामने आने के बाद बचाव और जांच एजेंसियां मौके पर पहुंचीं।

विमान में सवार थे 8 लोग

अधिकारियों के मुताबिक, विमान में दो पायलट और छह यात्री सवार थे। हादसे के बाद सभी आठ लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। विमान दुर्घटना की जानकारी अमेरिकी सेना और नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) की ओर से दी गई है।

रडार साइट के पास हुआ हादसा

बताया गया कि दो इंजन वाला सेसना चार्टर विमान एंकोरेज से केप न्यूएनहैम की ओर जा रहा था। इसी दौरान पश्चिमी अलास्का में स्थित एक दूरस्थ रडार साइट के पास विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह इलाका काफी दुर्गम है, जिससे राहत और बचाव अभियान में भी चुनौती सामने आई।

जांच एजेंसियां मौके पर पहुंचीं

NTSB के अलास्का कार्यालय के अध्यक्ष क्लिंट जॉनसन के अनुसार, विमान हादसे के बाद NTSB, अलास्का स्टेट ट्रूपर्स और बचाव समन्वय केंद्र की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।

सैन्य क्षेत्र से जुड़ा था गंतव्य

चार्टर विमान गुडन्यूज बे से करीब 40 मील दक्षिण में स्थित केप न्यूएनहैम की ओर जा रहा था। केप न्यूएनहैम में अमेरिकी वायु सेना की एक हवाई पट्टी है, जो लंबी दूरी के रडार स्टेशन तक पहुंच उपलब्ध कराती है। अधिकारियों ने कहा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ हादसे से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी जारी की जाएगी।


कीव पर रूसी मिसाइल हमले में छह लोगों की मौत, 33 घायल

कीव। यूक्रेन की राजधानी कीव में रूसी मिसाइल हमलों ने भारी तबाही मचाई है। रातभर कई इलाकों में धमाकों की आवाजें सुनाई देती रहीं। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, हमले में कम से कम छह लोगों की मौत हुई है, जबकि 33 लोग घायल बताए जा रहे हैं। गुरुवार सुबह तक राजधानी में हवाई हमले का अलर्ट जारी रहा।

यूक्रेन की आपातकालीन सेवाओं के अनुसार, हमले से कीव के कई हिस्से प्रभावित हुए। डार्नीत्स्की, स्वियातोशिन्स्की और सोलोमियांस्की जिलों में करीब 12 स्थानों पर नुकसान की सूचना है। प्रभावित क्षेत्रों में आवासीय इमारतों के अलावा एक चिकित्सा केंद्र और शैक्षणिक संस्थान भी शामिल हैं।

सोलोमियांस्की जिले में नौ मंजिला एक रिहायशी इमारत की ऊपरी दो मंजिलें हमले में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। इमारत के अन्य हिस्सों में भी आग लग गई। इसके अलावा दो अन्य आवासीय इमारतों और एक स्कूल के आश्रय स्थल में लोगों के फंसे होने की सूचना मिली।

आपातकालीन बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव अभियान चलाया। मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला गया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

रिपोर्टों के मुताबिक, रूस ने कीव की हवाई सुरक्षा व्यवस्था को निशाना बनाते हुए मिसाइल हमले तेज किए हैं। यूक्रेन के पास आने वाली मिसाइलों को रोकने वाली सीमित संख्या में प्रणालियां हैं। वहीं, अमेरिकी पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम के लिए जरूरी मिसाइलों की उपलब्धता भी सीमित बनी हुई है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से यूक्रेन को पैट्रियट वायु रक्षा प्रणालियों के उत्पादन के लिए लाइसेंस देने की अनुमति दिए जाने की बात सामने आई थी, लेकिन बाद में इस फैसले को बदल दिया गया।

दूसरी ओर, यूक्रेन ने भी रूस के भीतर मौजूद सैन्य ठिकानों और रणनीतिक लक्ष्यों पर लंबी दूरी के हमले तेज कर दिए हैं। यूक्रेन का उद्देश्य रूस की उन क्षमताओं को कमजोर करना है, जिनके जरिए मॉस्को यूक्रेनी शहरों पर लगातार हमले कर रहा है।

दोनों देशों के बीच हमलों में बढ़ोतरी के बीच कीव में ताजा रूसी हमले ने नागरिक इलाकों में सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा दी है। स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य जारी रखे हुए हैं।


भूकंप से कांपा कोलंबिया, कई इमारतें ढही, 200 से ज्यादा लोगों की मौत

हजारों लोग लापता 

बोगोटा। दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में आए शक्तिशाली भूकंप ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। 7.4 तीव्रता के झटकों से कई इलाकों में इमारतें क्षतिग्रस्त और कुछ भवन ढह गए। शुरुआती रिपोर्टों में 250 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि करीब 3 हजार लोगों के लापता होने की खबर है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान जारी है।

बोगोटा समेत कई इलाकों में महसूस हुए झटके

भूकंप के तेज झटकों के बाद लोग दहशत में अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। राजधानी बोगोटा के अलावा देश के कई हिस्सों में इसका असर महसूस किया गया। पड़ोसी देशों इक्वाडोर और वेनेजुएला तक भी भूकंप के झटके महसूस किए जाने की जानकारी सामने आई है।

7.4 रही भूकंप की तीव्रता

कोलंबिया की नेशनल यूनिट फॉर डिजास्टर रिस्क मैनेजमेंट (UNGRD) के अनुसार, भूकंप का केंद्र सैन होजे डेल पाल्मर के पास बताया गया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक भूकंप जमीन के काफी नीचे आया, जिसके कारण दूर-दराज के क्षेत्रों में भी तेज झटके महसूस किए गए।

क्विबडो में भारी नुकसान

चोको प्रांत की राजधानी क्विबडो में कई इमारतों को नुकसान पहुंचने की सूचना है। अधिकारियों के मुताबिक, हादसे में कई लोग घायल हुए हैं और प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन किया जा रहा है। चोको की गवर्नर नूबिया कोर्डोबा ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए भूकंप के बाद आने वाले आफ्टरशॉक्स की आशंका जताई है।

मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका

भूकंप के कारण कई जगह सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त होने से राहत टीमों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। मलबे में बड़ी संख्या में लोगों के दबे होने की आशंका के चलते बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं। जरूरत के मुताबिक हेलीकॉप्टर और अन्य संसाधनों की मदद भी ली जा रही है।

काली और पेरेइरा में भी नुकसान

करीब 20 लाख की आबादी वाले काली शहर में कई इमारतों के ढहने की जानकारी सामने आई है। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका है। वहीं, पेरेइरा शहर में भी बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने की खबर है।

प्रशासन और आपदा राहत एजेंसियां प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज कर रही हैं। अधिकारियों ने लोगों से क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने और आफ्टरशॉक्स को लेकर सतर्क रहने की अपील की है।


ट्रंप ने ईरान को फिर दी धमकी , बोले- समझौते का ये आखिरी मौका

अमेरिका-ईरान तनाव बरकरार

वाशिंगटन डीसी। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच बातचीत जल्द किसी अहम नतीजे तक पहुंच सकती है। ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर सख्त रुख दोहराते हुए कहा कि तेहरान के पास समझौते का यह अंतिम अवसर है। हालांकि, ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत से इनकार किया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान के साथ चल रहे विवाद के समाधान की दिशा में प्रगति हो रही है और आने वाले दिनों में स्थिति स्पष्ट हो सकती है। उन्होंने कहा कि फिलहाल प्राथमिकता होर्मुज जलडमरूमध्य में सामान्य आवाजाही बहाल करना है, जबकि इसके बाद परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिका का रुख परमाणु हथियारों को लेकर बिल्कुल स्पष्ट है। उनके मुताबिक, ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि यदि तेहरान समझौते के लिए आगे नहीं आता, तो उसके पास विकल्प बेहद सीमित रह जाएंगे। ट्रंप ने इसे ईरान के लिए “बेहतर समझौते का आखिरी मौका” भी बताया।

हालांकि, ट्रंप के इन दावों के विपरीत ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की वार्ता होने से साफ इनकार कर दिया। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि न तो किसी अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करने की कोई योजना है और न ही किसी तरह की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष बातचीत जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल दोनों देशों के बीच संवाद की कोई प्रक्रिया नहीं चल रही है।

इससे पहले भी ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए ईरानी नेतृत्व से समझौता करने या फिर कड़े परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान सार्वजनिक तौर पर बातचीत से इनकार कर रहा है, जबकि पर्दे के पीछे समाधान तलाशने की कोशिश कर रहा है।

ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यह समुद्री मार्ग वैश्विक व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना अमेरिका की प्राथमिकता है। ट्रंप के अनुसार, इस क्षेत्र में समुद्री गतिविधियों पर अमेरिका की मजबूत निगरानी बनी हुई है और भविष्य की रणनीति भी इसी आधार पर तय की जाएगी।

दूसरी ओर, ईरान लगातार यह दोहरा रहा है कि वह किसी दबाव में बातचीत नहीं करेगा। ऐसे में दोनों देशों के विरोधाभासी बयानों के बीच यह देखना अहम होगा कि आने वाले दिनों में कूटनीतिक स्तर पर कोई नई पहल होती है या तनाव और बढ़ता है।


भारत-यूके व्यापार समझौता: तीसरे देशों से सस्ते आयात पर लगेगी रोक, सरकार ने जारी किए नए नियम

भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बीच होने वाले कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (CETA) के लागू होने से पहले केंद्र सरकार ने रूल्स ऑफ ओरिजिन को अधिसूचित कर दिया है। इन नियमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि व्यापार समझौते का लाभ केवल उन्हीं वस्तुओं को मिले, जिनका वास्तविक उत्पादन भारत या यूके में हुआ हो।

सरकार के अनुसार, यदि किसी उत्पाद में तीसरे देश से आयातित सामग्री का उपयोग किया गया है, तो उसे निर्धारित स्थानीय मूल्य संवर्धन और निर्माण प्रक्रिया की शर्तों को पूरा करना होगा। ऐसा नहीं होने पर उस उत्पाद को समझौते के तहत मिलने वाली शुल्क छूट का लाभ नहीं मिलेगा।

नए नियमों का मुख्य उद्देश्य तीसरे देशों द्वारा भारत-यूके व्यापार समझौते का गलत फायदा उठाने की संभावनाओं को रोकना है। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि केवल पात्र उत्पाद ही रियायती शुल्क व्यवस्था के दायरे में आएं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस व्यवस्था से व्यापार में पारदर्शिता बढ़ेगी, घरेलू उद्योगों को सुरक्षा मिलेगी और भारत तथा यूके के बीच आयात-निर्यात अधिक संतुलित और भरोसेमंद बनेगा। साथ ही, नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन से दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है.


हेमकुंड यात्रा मार्ग पर हुए विवाद में गिरफ्तार लोगों को न्यायालय से मिली जमानत

क़ानून व्यवस्था बनाये रखने और सरकार की निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई से सभी पक्ष संतुष्ट

चमोली/देहरादून – हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान कर्णप्रयाग क्षेत्र में स्थानीय लोगों और कुछ श्रद्धालुओं के बीच वाहन पार्किंग को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। घटना में दोनों पक्षों के लोगों को चोटें आईं, जिसके बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचे तथा हालात पर नियंत्रण पाया। पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और आरोपितों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया था कि कानून व्यवस्था भंग करने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध समान रूप से कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने तथा अफवाहों से दूर रहने की अपील की। नगरासू गुरुद्वारा प्रकरण को शांतिपूर्ण तरीके से निपटाया गया। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि हेमकुंड साहिब यात्रा और अन्य धार्मिक गतिविधियां प्रभावित न हों।

इसी मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों को शनिवार को न्यायालय से जमानत मिल गई। इसके साथ ही मामले की आगे की सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया न्यायालय के समक्ष निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जारी रहेगी।

पुलिस का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच निष्पक्ष रूप से की जा रही है और जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप करेंगे भारत का दौरा, तैयारियों में जुटा ट्रंप प्रशासन

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दी जानकारी 

वॉशिंगटन। भारत और अमेरिका के रणनीतिक रिश्तों को नई मजबूती मिलने के संकेत हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्तावित भारत दौरे की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि वह स्वयं इस दौरे की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए जल्द भारत आएंगे।

व्हाइट हाउस में दिए एक इंटरव्यू के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ट्रंप प्रशासन अगले वर्ष की शुरुआत में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा की योजना पर काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि इस साल के अंत तक वह भारत का दौरा करेंगे और राष्ट्रपति की यात्रा से जुड़े कार्यक्रमों एवं तैयारियों की समीक्षा करेंगे।

रुबियो ने कहा कि हाल के महीनों में भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय संबंध और मजबूत हुए हैं। जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार, रणनीतिक सहयोग और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक प्रगति हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देश जल्द ही द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप दे सकते हैं।

अमेरिकी विदेश मंत्री ने भारत को अमेरिका का एक प्रमुख और भरोसेमंद साझेदार बताते हुए कहा कि दोनों देशों के नेताओं के बीच बेहतर व्यक्तिगत संबंध भी कूटनीतिक सहयोग को नई गति दे रहे हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि क्वाड देशों की अगली बैठक को लेकर भी जल्द चर्चा हो सकती है।

गौरतलब है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इससे पहले फरवरी 2020 में भारत का दौरा किया था। उस दौरान उन्होंने अहमदाबाद में आयोजित ‘नमस्ते ट्रंप’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया था और नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी की थी। अब ट्रंप के संभावित भारत दौरे को दोनों देशों के बीच रक्षा, व्यापार, तकनीक और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

वहीं, भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने भी दोनों देशों को स्वाभाविक रणनीतिक साझेदार बताते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन निवेश, रक्षा, प्रौद्योगिकी और उभरते क्षेत्रों में सहयोग को और आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।


फिलीपींस के एक स्कूल में फायरिंग, तीन छात्रों की मौत, कई घायल

सैन जोस नेशनल हाई स्कूल में हुई गोलीबारी

मनीला। फिलीपींस में एक स्कूल परिसर में हुई गोलीबारी की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। सोमवार को टैकलोबान शहर स्थित एक हाई स्कूल में दो हमलावरों ने फायरिंग कर दी, जिसमें तीन छात्रों की जान चली गई, जबकि पांच अन्य घायल हो गए। घटना के बाद स्कूल और आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गोलीबारी सैन जोस नेशनल हाई स्कूल में हुई। हमले की सूचना मिलते ही सुरक्षा बल और आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंचीं तथा घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि मृतकों और घायलों में अधिकांश छात्र शामिल हैं।

प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इनमें से एक आरोपी उसी स्कूल का छात्र बताया जा रहा है, जहां यह घटना हुई। हालांकि, हमले के पीछे की मंशा और दोनों आरोपियों की भूमिका को लेकर जांच अभी जारी है।

घटना के बाद स्कूल परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया और छात्रों तथा अभिभावकों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

पुलिस और जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि गोलीबारी के पीछे कोई व्यक्तिगत विवाद था या फिर इसके अन्य कारण थे। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़े सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाएगा। फिलहाल पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और मामले की गहन जांच जारी है।


दक्षिणी फिलीपींस में 7.8 तीव्रता का भूकंप, पांच लोगों की मौत

तटीय इलाकों को खाली करने के निर्देश

फिलीपींस। दक्षिणी फिलीपींस के मिंडानाओ क्षेत्र में सोमवार सुबह आए शक्तिशाली भूकंप ने पूरे प्रशांत क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है। रिक्टर पैमाने पर 7.8 तीव्रता दर्ज किए गए इस भूकंप के बाद फिलीपींस, इंडोनेशिया, जापान और अन्य तटीय देशों में सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम पांच लोगों की मौत हुई है, जबकि कई इलाकों में संपत्ति को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आ रही हैं।

भूकंप के तेज झटके स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 7:37 बजे महसूस किए गए। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक इसका केंद्र मिंडानाओ तट के पास जमीन के भीतर अपेक्षाकृत कम गहराई पर स्थित था, जिससे झटकों का प्रभाव व्यापक क्षेत्र में महसूस किया गया। कई लोगों ने घबराकर घरों और कार्यालयों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों का रुख किया।

तटीय इलाकों में बढ़ी चिंता

भूकंप के तुरंत बाद प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र और स्थानीय आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने समुद्र तट के नजदीक रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। विशेषज्ञों का अनुमान है कि कुछ क्षेत्रों में एक मीटर से अधिक ऊंची लहरें उठ सकती हैं, जिससे तटीय बस्तियों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है।

फिलीपींस की ज्वालामुखी एवं भूकंप विज्ञान एजेंसी (PHIVOLCS) ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी आपात स्थिति का इंतजार किए बिना ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। एजेंसी ने चेतावनी दी है कि समुद्री लहरों की गतिविधि अगले कई घंटों तक जारी रह सकती है।

इंडोनेशिया में भी अलर्ट

भूकंप के असर को देखते हुए इंडोनेशिया ने भी अपने कई तटीय क्षेत्रों के लिए सुनामी चेतावनी जारी की है। मौसम एवं भूभौतिकी एजेंसी के अनुसार बोर्नियो, कालीमंतन और सुलावेसी के कुछ हिस्सों में तीन मीटर तक ऊंची लहरें उठने की आशंका है। स्थानीय प्रशासन को एहतियातन तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

इमारतों को नुकसान, लोगों में भय

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार फिलीपींस के जनरल सैंटोस शहर में एक इमारत का हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर गिर गया। इसके अलावा कई स्थानों पर भवनों में दरारें आने और कुछ मकानों के ढहने की खबरें भी मिली हैं। हालांकि नुकसान का पूरा आकलन अभी जारी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप के बाद आने वाले आफ्टरशॉक्स का खतरा भी बना रहता है, इसलिए प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। वहीं जापान, ताइवान, गुआम, पापुआ न्यू गिनी और पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र के अन्य द्वीपीय देशों में भी छोटी सुनामी लहरों की संभावना को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है।


अमेरिका में ‘ऑपरेशन चेकमेट’ के तहत 30 भारतीय ट्रक चालक गिरफ्तार

न्यूयॉर्क। अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की गई है। अमेरिकी सीमा सुरक्षा एजेंसियों ने एक विशेष अभियान में कई अवैध प्रवासियों को हिरासत में लिया है, जिनमें बड़ी संख्या भारतीय नागरिकों की बताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए अधिकांश लोग व्यावसायिक ट्रक चालक के रूप में काम कर रहे थे और अब उनके खिलाफ निर्वासन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा एजेंसी (CBP) ने जानकारी दी है कि मई महीने में एरिजोना के युमा सेक्टर में चलाए गए विशेष अभियान ‘ऑपरेशन चेकमेट’ के दौरान कुल 52 लोगों को हिरासत में लिया गया। जांच में सामने आया कि इनमें से कई लोग अमेरिका में वैध आव्रजन स्थिति के बिना रह रहे थे और व्यावसायिक वाहनों का संचालन कर रहे थे।

अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार किए गए लोगों में 36 व्यक्ति ट्रक चालक थे, जिनमें 30 भारतीय नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा कुछ अन्य देशों के नागरिक भी इस कार्रवाई की जद में आए हैं। जांच के दौरान पाया गया कि कई लोगों के पास विभिन्न अमेरिकी राज्यों से जारी कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस थे, जबकि कुछ के पास वैध ड्राइविंग दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं थे।

एजेंसी का कहना है कि कई गिरफ्तार व्यक्तियों के रोजगार संबंधी दस्तावेजों की वैधता समाप्त हो चुकी थी, इसके बावजूद वे व्यावसायिक गतिविधियों में संलग्न थे। इसी आधार पर उनके खिलाफ संघीय कानूनों के तहत कार्रवाई की गई है।

सीबीपी के अनुसार ‘ऑपरेशन चेकमेट’ का उद्देश्य ऐसे लोगों की पहचान करना है जो आव्रजन नियमों का उल्लंघन करते हुए व्यावसायिक वाहन चला रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि इससे सड़क सुरक्षा और कानून व्यवस्था दोनों को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

युमा सेक्टर के अधिकारियों ने कहा कि अभियान का मकसद सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना और ऐसे चालकों को चिन्हित करना है जो वैध दस्तावेजों के बिना सड़कों पर भारी वाहन चला रहे हैं। वहीं, अमेरिकी प्रशासन पहले भी विदेशी नागरिकों को व्यावसायिक वाहन संचालन के लिए लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को लेकर सख्त रुख अपना चुका है।

हाल के वर्षों में अमेरिका में भारी वाहनों से जुड़े कई सड़क हादसों के मामलों में विदेशी मूल के चालकों के नाम सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी और जांच अभियान तेज कर दिए हैं। इसी कड़ी में यह कार्रवाई भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


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