Saturday, September 19th, 2026

Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

10,709 निर्माण श्रमिक लाभार्थियों के खातों में 18.49 करोड़ रूपये की सहायता राशि हस्तांतरित

10,709 निर्माण श्रमिक लाभार्थियों के खातों में 18.49 करोड़ रूपये की सहायता राशि हस्तांतरित

10,709 निर्माण श्रमिक लाभार्थियों के खातों में 18.49 करोड़ रूपये की सहायता राशि हस्तांतरित

स्वास्थ्य जांच में बीमारी सामने आने वाले श्रमिकों के उपचार की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए – मुख्यमंत्री

त्योहारी सीजन में विभागीय योजनाओं के माध्यम से अधिक से अधिक जनसुविधा और जनसेवा के कार्य किए जाएं- मुख्यमंत्री

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के तहत 10,709 पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में 18 करोड़ 49 लाख रुपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की। मुख्यमंत्री ने एक क्लिक के जरिए यह राशि लाभार्थियों के खातों में भेजी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि निर्माण श्रमिक राज्य के विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। सरकार का उद्देश्य श्रमिकों और उनके परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का लाभ सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी पात्र श्रमिक परिवार योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से श्रमिकों की स्वास्थ्य जांच पर जोर देते हुए कहा कि जांच के दौरान जिन श्रमिकों में किसी बीमारी की पहचान हुई है, उनके उपचार की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर सुनिश्चित की जाए। उन्होंने श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा, परिवारों के पोषण, महिलाओं के स्वास्थ्य और कार्यस्थलों पर स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारी सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में सभी विभाग अपनी योजनाओं के माध्यम से अधिक से अधिक जनसुविधा और जनसेवा से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाएं। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में पात्रता सत्यापन, पारदर्शिता और जनपदवार कवरेज की नियमित निगरानी करने को कहा। साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले पात्र श्रमिकों तक भी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।

इन योजनाओं के तहत मिली सहायता

कार्यक्रम में बताया गया कि मौजूदा डीबीटी के तहत प्रसूति एवं प्रसविधा सहायता के 95, मृत्युपरांत सहायता के 177, पुत्री विवाह सहायता के 2,354 और शिक्षा सहायता के 8,083 लाभार्थी शामिल हैं। इन सभी योजनाओं को मिलाकर कुल 10,709 लाभार्थियों को 18.49 करोड़ रुपये की सहायता राशि हस्तांतरित की गई।

83 हजार से अधिक किट वितरित

बैठक में निर्माण श्रमिक परिवारों के लिए संचालित समेकित कल्याण मॉडल की प्रगति की भी जानकारी दी गई। बोर्ड की ओर से अब तक 33,429 शिक्षण सामग्री किट, 26,674 स्वच्छता सामग्री किट और 23,216 पोषाहार किट वितरित की जा चुकी हैं। इस तरह कुल 83,319 किट श्रमिक परिवारों तक पहुंचाई गई हैं।

वहीं, श्रमिक स्वास्थ्य योजना के तहत अब तक 20,527 स्वास्थ्य स्क्रीनिंग और 2,32,281 स्वास्थ्य परीक्षण किए जा चुके हैं।

एलसीसीएमएस से सेस संग्रह में 47.21 प्रतिशत बढ़ोतरी

प्रस्तुतीकरण के दौरान लेबर सेस कलेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम (एलसीसीएमएस) की प्रगति की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि इस प्रणाली को वर्ष 2025 में ई-गवर्नेंस श्रेणी में स्कॉच गोल्ड अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। भारत सरकार के स्तर पर भी इसकी सराहना की गई और इसे बेस्ट प्रैक्टिसेज कंपेंडियम में शामिल किया गया है।

एलसीसीएमएस के माध्यम से अब तक 21,200 प्रतिष्ठानों का ऑनलाइन पंजीकरण किया गया है, जबकि सेस संग्रह में 47.21 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसे देशभर में अपनाए जाने योग्य डिजिटल गवर्नेंस मॉडल के तौर पर भी प्रस्तुत किया गया।

श्रमिक स्वास्थ्य योजना को राष्ट्रीय स्तर पर मिली सराहना

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री श्रमिक स्वास्थ्य योजना की प्रगति पर संतोष जताते हुए कहा कि नियमित स्वास्थ्य जांच से गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान करने में मदद मिल रही है। प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार सम्मेलन में इस योजना को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली।

पश्चिम बंगाल, दिल्ली, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधियों ने भी उत्तराखण्ड के इस मॉडल को अपने राज्यों में अपनाने में रुचि दिखाई। मोबाइल मेडिकल यूनिट के जरिए श्रमिकों को कार्यस्थल पर ही जांच, परामर्श और रेफरल सेवाएं उपलब्ध कराने की इस पहल को विस्तार योग्य मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम में राज्य सलाहकार संविदा बोर्ड के अध्यक्ष कैलाश पंत, सतर्कता समिति की अध्यक्ष गीता रावत, उपाध्यक्ष मोहनी पोखरिया, उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. श्रीधर बाबू अदांकी, सचिव प्रकाश चन्द्र दुम्का समेत श्रम विभाग और बोर्ड के अधिकारी मौजूद रहे।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp