Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

आईसीजेएस 2.0 रैंकिंग में उत्तराखंड पुलिस देश में पहले स्थान पर

Category Archives: उत्तराखंड

आईसीजेएस 2.0 रैंकिंग में उत्तराखंड पुलिस देश में पहले स्थान पर

एनसीआरबी रिपोर्ट में उत्तराखंड को मिले 93.46 अंक

देहरादून। डिजिटल पुलिसिंग और न्यायिक प्रणाली के एकीकरण की दिशा में उत्तराखंड पुलिस ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इंटर ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) 2.0 की मासिक रैंकिंग में उत्तराखंड पुलिस ने देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया है। इस रैंकिंग में हरियाणा और असम पुलिस को पीछे छोड़ते हुए राज्य पुलिस ने शीर्ष स्थान हासिल किया।

पत्रकार वार्ता में पुलिस प्रवक्ता एवं आईजी कानून व्यवस्था सुनील कुमार मीणा ने बताया कि यह सफलता राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा जारी सीसीटीएनएस–आईसीजेएस प्रगति डैशबोर्ड रिपोर्ट के आधार पर मिली है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पुलिस ने तकनीक के प्रभावी उपयोग और समन्वित प्रयासों के जरिए न्याय प्रणाली को अधिक पारदर्शी और तेज बनाने में अग्रणी भूमिका निभाई है।

आईजी मीणा के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा वर्ष 2026 तक ICJS 2.0 को पूरी तरह लागू करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके तहत पुलिस, न्यायालय, अभियोजन, जेल, फोरेंसिक और फिंगरप्रिंट डाटा को एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाना है। उत्तराखंड इस व्यवस्था को प्रभावी रूप से अपनाने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है। NCRB की रिपोर्ट में उत्तराखंड को 93.46 अंक प्राप्त हुए हैं, जबकि हरियाणा को 93.41 और असम को 93.16 अंक मिले हैं।

उन्होंने बताया कि राज्य के सभी जिलों में केस डायरी, चार्जशीट, डिजिटल साक्ष्य और न्यायिक दस्तावेजों को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया जा रहा है, जिससे मामलों के निस्तारण में तेजी आ रही है। पत्रकार वार्ता के दौरान डीआईजी कानून व्यवस्था धीरेंद्र गुंज्याल, एसपी कानून व्यवस्था विशाखा अशोक भदाणे और कमांडेंट एसडीआरएफ अर्पण यदुवंशी भी मौजूद रहे।

प्रयागराज महाकुंभ में तैनात एसडीआरएफ टीम को सम्मान
इस अवसर पर पटेल भवन में प्रयागराज महाकुंभ में ड्यूटी करने वाली उत्तराखंड एसडीआरएफ टीम को भी सम्मानित किया गया। आईजी मीणा ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार के अनुरोध पर कमांडेंट एसडीआरएफ के नेतृत्व में 112 सदस्यीय दल को 24 जनवरी से 27 फरवरी तक संगम क्षेत्र में तैनात किया गया था। इस दौरान टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन, प्राथमिक उपचार और लापता श्रद्धालुओं की सहायता जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य किए। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से एसडीआरएफ टीम को मेडल प्रदान किए गए।


महिला उद्यमिता से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती- गणेश जोशी

मंत्री गणेश जोशी ने फिक्की एफ.एल.ओ. (FICCI FLO) द्वारा आयोजित “हर विज़न, अवर फ्यूचर” थीम पर आधारित सम्मेलन में किया प्रतिभाग

देहरादून। प्रदेश के कृषि एवं ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने देहरादून में फिक्की एफ.एल.ओ. (FICCI FLO) द्वारा आयोजित “हर विज़न, अवर फ्यूचर” थीम पर आधारित सम्मेलन में प्रतिभाग किया और उपस्थित लोगों को संबोधित किया। सम्मेलन का उद्देश्य महिलाओं को डिजिटल सशक्तिकरण, उद्यमिता विकास, सरकारी सहभागिता और सतत आजीविका के अवसरों से जोड़ना रहा।

इस अवसर पर मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड की ग्रामीण और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से प्रदेश की माताएं और बहनें अपनी आजीविका बढ़ा रही हैं, जिससे वे सशक्त और आत्मनिर्भर बन रही हैं।

मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार “वूमेन लेड डेवलपमेंट” को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने महिला सशक्तिकरण की दिशा में इस सराहनीय पहल के लिए फिक्की एफ.एल.ओ. के सभी सदस्यों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।


अंकिता भंडारी के माता-पिता ने सीएम धामी से की मुलाकात

मुख्यमंत्री ने कहा- राज्य सरकार पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने शासकीय आवास पर दिवंगत बेटी अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की। इस दौरान पीड़ित परिवार ने मामले से जुड़ी अपनी मांगें मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि सभी मांगों पर विधि-सम्मत, निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और उन्हें न्याय दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


स्वामी विवेकानंद जी की जीवनी पर रील बनाइए, इनाम जीतिए- रेखा आर्या

युवा दिवस पर सम्मानित किए जाएंगे विजेता प्रतिभागी

12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद जयंती पर होगा आयोजन

देहरादून। स्वामी विवेकानंद के विचार, जीवन दर्शन और धार्मिक-सामाजिक मूल्यों पर बेहतरीन रील बनाकर आप भी नगद इनाम राशि जीत सकते हैं। विजेता प्रतिभागियों को 12 जनवरी को युवा दिवस के कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा।

बुधवार को प्रांतीय रक्षक दल निदेशालय में हुई बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने 12 जनवरी को आयोजित होने वाले युवा दिवस कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन से प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ने के लिए इस साल यह नई पहल की गई है।

विभाग द्वारा जारी किए गए लिंक पर युवा स्वामी विवेकानंद के जीवन और उनकी विचारधारा पर आधारित 60 से 90 सेकंड की रील अपलोड करेंगे, एक कमेटी इनमें से सर्वश्रेष्ठ तीन प्रविष्टियों को चयनित करेगी। पहले तीन विजेताओं को 11000, 7000 और ₹5000 के पुरस्कार दिए जाएंगे। इस प्रतियोगिता में 15 से 29 वर्ष तक के युवा हिस्सा ले सकेंगे।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि युवा दिवस समारोह में प्रदेश के तीन युवा मंगल दल और तीन महिला मंगल दलों को 1 लाख, 50 हजार और ₹25 हजार की इनाम राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही नेशनल यूथ अवार्ड जीतने वाले युवाओं को भी सम्मानित किया जाएगा।

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि युवा दिवस समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए प्रदेश की संस्कृति के विभिन्न रंग भी देखने को मिलेंगे।

बैठक में युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल निदेशक डा. आशीष चौहान, उपनिदेशक शक्ति सिंह अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

आवेदन की पूरी प्रक्रिया

– स्वामी विवेकानंद पर 30-60 सेकंड की इंस्टाग्राम रील बनाएं, जिसमें उनके 2026 के विचारों का आधुनिक भारत के संदर्भ में फोकस हो।

– रील को इंस्टाग्राम पर पब्लिक करें।

– रील में हैशटैग लगाएं: #NationalYouthDay2026

– अंत में रील को स्टोरी में अपलोड करें और उसी हैशटैग व टैग के साथ शेयर करें।

– रील को अपलोड करने के साथ इन हैंडल्स पर टैग अवश्य करें : @rekhaaryaoffice @officialukprd @uksportsdept

– आवेदन 9 जनवरी तक किया जा सकता है, विजेताओं की घोषणा 10 जनवरी 2026 को की जाएगी।

– रील पब्लिक होनी चाहिए ताकि जज आसानी से ट्रैक कर सकें।


मुख्यमंत्री धामी ने स्व. हरबंस कपूर के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

सीएम धामी बोले—स्व. हरबंस कपूर की कार्यशैली पीढ़ियों को देती रहेगी प्रेरणा

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को हरबंस कपूर मेमोरियल सामुदायिक भवन, गढ़ीकैंट देहरादून में स्व. हरबंस कपूर की 80वीं जयंती के अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने स्व. हरबंस कपूर के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा स्व. हरबंस कपूर हम सभी के लिए प्रेरणादायक थे और उनकी कार्यशैली आने वाली पीढ़ियों को मार्गदर्शन देती रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व. हरबंस कपूर ने अपने जीवन में सदैव समाज और जनता के हितों को सर्वोपरि रखा। उनका पूरा जीवन जनता और अपने लोगों के लिए समर्पित रहा है। विकास के क्षेत्र में उनके योगदान को हमेशा याद रखेगा। मुख्यमंत्री ने स्व. कपूर के साथ बिताए पलों को साझा करते हुए कहा कि वे सादगी और संवेदनशीलता के प्रतीक थे। उन्होंने प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए कार्य किया और राज्य के विकास से जुड़े हर विषय पर सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़े।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने स्व. हरबंस कपूर को नमन करते हुए कहा कि स्व. कपूर जी एक आदर्श जननेता थे, जिन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण जनसेवा को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय कपूर, उनके राजनीतिक गुरु थे और आज वे जिस भी स्थान पर हैं, उसमें कपूर साहब का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि हरबंस कपूर का राज्य के विकास में उनका योगदान सदैव अनुकरणीय रहेगा।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, दायित्वधारी श्याम अग्रवाल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।


कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने अनारवाला–मालसी मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण कार्य का किया शिलान्यास

अनारवाला–मालसी मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण से स्थानीय निवासियों के साथ-साथ क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों को भी मिलेगी बेहतर यातायात सुविधा 

देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज अनारवाला क्षेत्र में अनारवाला–मालसी मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। इस परियोजना पर कुल ₹319.30 लाख की लागत आएगी। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने निर्माण कार्य को तय समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश संबंधित विभाग को दिए।

मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण से स्थानीय निवासियों के साथ-साथ क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों को भी बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी। इससे अनारवाला और मालसी क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी और आवागमन अधिक सुरक्षित एवं सुगम बनेगा।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मसूरी विधानसभा क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को लगातार मजबूत करना और आमजन को सभी जरूरी सुविधाएं बिना किसी बाधा के उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता रही है। उन्होंने कहा कि सरकार क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और सड़क, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।


दो दिवसीय माल्टा महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री ने कहा, उत्तराखण्ड में माल्टा उत्पादन की अपार संभावनाएँ मौजूद

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को ITBP स्टेडियम सीमा द्वार, देहरादून में सेवा संकल्प (धारिणी) फाउंडेशन द्वारा आयोजित दो दिवसीय माल्टा महोत्सव कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों से आए कृषकों से मुलाकात कर माल्टा और नींबू की खटाई का स्वाद लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में माल्टा उत्पादन की अपार संभावनाएँ मौजूद हैं। राज्य सरकार द्वारा इस दिशा में ठोस पहल करते हुए माल्टा मिशन शुरू करने की घोषणा की गई है, जिसके माध्यम से माल्टा के उत्पादन, विपणन और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस मिशन से पहाड़ी क्षेत्रों के कृषकों की आय में वृद्धि होगी और स्थानीय फलों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार माल्टा के साथ-साथ कीवी, सेब, आडू, पुलम, नींबू प्रजाति के फल एवं अन्य स्थानीय फलों के उत्पादन को भी बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा माल्टा महोत्सव जैसे आयोजन, किसानों को सीधे उपभोक्ताओं और बाजार से जोड़ने का कार्य करते हैं।

इस अवसर पर आईजी आईटीबीपी संजय गुंज्याल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।


कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने विकास योजनाओं की प्रगति को लेकर अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने अंडरग्राउंड केबलिंग और सड़क मरम्मत कार्य शीघ्र पूरा करने के दिए निर्देश

मसूरी। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मसूरी में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति और स्थानीय नागरिकों की समस्याओं को लेकर विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में पेयजल निगम, जल संस्थान, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, वन विभाग, एमडीडीए और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान मंत्री ने क्षेत्रवासियों से सीधे संवाद कर मसूरी के विकास से जुड़े सुझाव भी प्राप्त किए।

बैठक में संबंधित विभागों द्वारा चल रही योजनाओं की प्रगति की विस्तार से जानकारी ली गई और सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने विद्युत विभाग को अंडरग्राउंड केबलिंग का कार्य शीघ्र पूरा करने को कहा, ताकि शहर की सुंदरता और विद्युत व्यवस्था दोनों में सुधार हो सके। वहीं लोक निर्माण विभाग को मसूरी की सभी सड़कों की मरम्मत का कार्य तत्काल पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

अधिकारियों ने बताया कि मसूरी के बिलाड़ू, धोबी घाट और कंपनी गार्डन क्षेत्र में एसटीपी लाइनों का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। इसके अलावा कैमलबैक क्षेत्र में निर्माणाधीन एसटीपी प्लांट को जुलाई माह तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मसूरी का सर्वांगीण विकास उनकी प्राथमिकता है और राज्य सरकार इसके लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनसमस्याओं के समाधान और बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करेंगे।


उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी, 21 फरवरी से शुरू होंगी 10वीं-12वीं की परीक्षा

हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 2.16 लाख से अधिक छात्र होंगे परीक्षा में शामिल

देहरादून। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद ने वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसके तहत हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 21 फरवरी से शुरू होकर 20 मार्च 2026 तक संचालित होंगी। इस वर्ष राज्यभर में बड़ी संख्या में छात्र परीक्षा में शामिल होंगे, जिसके लिए व्यापक स्तर पर परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था की गई है।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने बताया कि हाईस्कूल में 1,12,679 और इंटरमीडिएट में 1,03,442 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। परीक्षाएं प्रदेश के विभिन्न जिलों में बनाए गए कुल 1,261 केंद्रों पर आयोजित की जाएंगी। परिषद सचिव विनोद प्रसाद सिमल्टी के अनुसार, इनमें 50 एकल और 1,211 मिश्रित परीक्षा केंद्र शामिल हैं। इस बार 24 नए केंद्र बनाए गए हैं, जबकि 156 केंद्रों को संवेदनशील और छह को अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखा गया है।

परीक्षा व्यवस्था के तहत हाईस्कूल स्तर पर 29 और इंटरमीडिएट स्तर पर 45 प्रश्न पत्रों की लिखित परीक्षाएं कराई जाएंगी। उत्तर पुस्तिकाओं का संकलन परीक्षा केंद्रों से उप-संकलन केंद्रों पर किया जाएगा, ताकि मूल्यांकन प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी की जा सके।

हाईस्कूल परीक्षा में 1,10,573 संस्थागत और 2,106 व्यक्तिगत परीक्षार्थी शामिल होंगे। वहीं इंटरमीडिएट में 99,345 संस्थागत और 4,097 व्यक्तिगत छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे।

परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार 21 फरवरी को इंटरमीडिएट की ड्राइंग एवं पेंटिंग की परीक्षा आयोजित की जाएगी। 23 फरवरी को हिंदुस्तानी संगीत और टंकण, 24 फरवरी को हाईस्कूल की हिंदी तथा इंटरमीडिएट की हिंदुस्तानी संगीत, जबकि 25 फरवरी को इंटरमीडिएट की जीव विज्ञान और कृषि शस्य विज्ञान की परीक्षा होगी। अंतिम दिन 20 मार्च को हाईस्कूल की हिंदुस्तानी संगीत और व्यवसायिक ट्रेड की परीक्षा सुबह 10 से 12 बजे तक तथा इंटरमीडिएट की संस्कृत, उर्दू और पंजाबी विषय की परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक आयोजित की जाएगी।


मानव–वन्यजीव संघर्ष पर सीएम धामी सख्त, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश

उत्तराखंड राज्य वन्यजीव बोर्ड की 22वीं बैठक में 9 वन भूमि हस्तांतरण प्रस्तावों को मंजूरी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित उत्तराखंड राज्य वन्यजीव बोर्ड की 22वीं बैठक में मानव–वन्यजीव संघर्ष पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अधिकारियों को सख्त और ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने, संयुक्त निगरानी व्यवस्था लागू करने, नियमित पेट्रोलिंग और डिजिटल मॉनिटरिंग को और मजबूत करने पर जोर दिया। इसके साथ ही प्रभावित गांवों में फेंसिंग, वॉच टावर स्थापित करने और रैपिड रिस्पॉन्स टीम को हर समय सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए।

बैठक में वन भूमि हस्तांतरण से जुड़े कुल नौ प्रस्तावों पर सहमति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने हाथी, बाघ समेत सभी वन्यजीव कॉरिडोरों के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए एनिमल पास, अंडरपास और ओवरपास को प्रभावी ढंग से विकसित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर वन्यजीव संरक्षण नियमों में संशोधन के प्रस्ताव शीघ्र भेजने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री ने जिला स्तर पर वन्यजीव समन्वय समितियों को सक्रिय रखने, संवेदनशील क्षेत्रों की हॉटस्पॉट मैपिंग करने और स्कूलों व पैदल मार्गों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने पर बल दिया। ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस कचरा प्रबंधन को सख्ती से लागू करने, मानव–वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने तथा वन्यजीव संरक्षण क्षेत्रों में कार्यों का विस्तार करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा टेरिटोरियल फॉरेस्ट डिविजनों में पशु चिकित्सकों की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

बैठक में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, राज्य वन्यजीव बोर्ड के सदस्य विधायक दीवान सिंह बिष्ट, सुरेश सिंह चौहान और बंसीधर भगत सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp