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बसंत पंचमी पर तय होगी बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि

Category Archives: उत्तराखंड

बसंत पंचमी पर तय होगी बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि

धार्मिक अनुष्ठान के साथ घोषित होगी गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा की तिथि

देहरादून। उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियां गति पकड़ने लगी हैं। इसी क्रम में बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि परंपरागत धार्मिक विधि-विधान के अनुसार बसंत पंचमी के अवसर पर तय की जाएगी। यह तिथि 23 जनवरी, शुक्रवार को नरेंद्र नगर स्थित टिहरी राज दरबार में आयोजित विशेष धार्मिक समारोह में घोषित की जाएगी।

बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि कपाट खुलने की तिथि निर्धारण के साथ ही चारधाम यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। तिथि घोषित होते ही यात्रा की कार्ययोजनाओं को मूर्त रूप दिया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को सुचारु और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिल सके।

बीकेटीसी के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने जानकारी दी कि नरेंद्र नगर स्थित टिहरी राजमहल में सुबह साढ़े दस बजे से धार्मिक अनुष्ठान प्रारंभ होंगे। इसी समारोह के दौरान बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि की विधिवत घोषणा की जाएगी। इसके साथ ही गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा की तिथि भी निर्धारित की जाएगी।

परंपरा के अनुसार टिहरी राज परिवार के महाराजा मनुजयेंद्र शाह की जन्म कुंडली का अवलोकन किया जाएगा। राजपुरोहित आचार्य कृष्ण प्रसाद उनियाल पंचांग की गणना के पश्चात शुभ मुहूर्त में श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि का निर्णय करेंगे। इस घोषणा के साथ ही चारधाम यात्रा के आधिकारिक शुभारंभ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम पूरा हो जाएगा।


एमबीबीएस छात्र रैगिंग प्रकरण- दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या को दिए विस्तृत जांच करने के आदेश

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दून मेडिकल कॉलेज में घटित रैगिंग की घटना को बताया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण 

कहा, शिक्षण संस्थानों में रैगिंग के खिलाफ उठाए जाएंगे कड़े कदम

देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस छात्र के साथ हुए रैगिंग प्रकरण पर विभाग ने सख्त कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। इस संबंध में कॉलेज की प्राचार्या को प्रकरण की विस्तृत जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए गए हैं, ताकि भविष्य में छात्रों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार न हो।

प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दून मेडिकल कॉलेज में घटित रैगिंग की घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने घटना की जानकारी मिलते ही कॉलेज प्रशासन को तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। डॉ रावत ने कॉलेज की प्राचार्या को प्रकरण से जुड़े सभी तथ्यों, परिस्थितियों एवं आरोपों की गहनता से जांच करने के निर्देश दिये। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर अन्य छात्रों एवं संबंधित व्यक्तियों से भी पूछताछ करने को कहा, ताकि सही तथ्य सामने आ सकें और दोषियों के विरुद्ध ऐसी कार्रवाई की जा सके जो भविष्य के लिए नजीर बने। उन्होंने जांच रिपोर्ट आने तक आरोपी छात्रों को डिबार करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये। डॉ रावत ने रैगिंग जैसी घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षण संस्थानों में रैगिंग की घटनाएं संस्थागत अनुशासन एवं व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाती हैं। उन्होंने कॉलेज प्रशासन को रैगिंग की रोकथाम के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप सभी आवश्यक एवं प्रभावी कदम उठाने को कहा।

दून मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बताया कि विभागीय मंत्री के निर्देशों के अनुरूप मामले की जांच की जा रही है। कॉलेज में गठित एंटी-रैगिंग कमेटी ने जांच प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। पीड़ित छात्र की शिकायत के आधार पर आरोपी छात्रों के बयान भी दर्ज कर लिए गए हैं। जांच रिपोर्ट शीघ्र ही सौंप दी जाएगी।


जर्जर स्कूलों की पहचान व ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया तेज, डीएम ने दिए सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री के निर्देश पर बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च, 79 स्कूल भवन निष्प्रोज्य घोषित

देहरादून। जनपद में वर्षों से जर्जर अवस्था में पड़े विद्यालय भवनों को लेकर जिला प्रशासन ने पहली बार ठोस और निर्णायक कार्रवाई शुरू की है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के तहत नौनिहालों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। इसी क्रम में जर्जर एवं निष्प्रोज्य विद्यालय भवनों की पहचान, आकलन और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

जिलाधिकारी की सख्ती का असर यह रहा कि महज 10 दिनों के भीतर 100 विद्यालयों के जर्जर भवनों की रिपोर्ट प्राप्त हो गई। रिपोर्ट में देरी को लेकर अपनाए गए कड़े रुख के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालयों की सूची पूर्ण रिपोर्ट के साथ जिला प्रशासन को सौंप दी है।

जिलाधिकारी के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग को निष्प्रोज्य एवं आंशिक निष्प्रोज्य विद्यालय भवनों के आंगणन तैयार करने के आदेश दिए गए हैं। इसके लिए ₹1 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है, ताकि ध्वस्तीकरण और आवश्यक सुरक्षा उपायों में कोई विलंब न हो। जांच में जनपद के कुल 79 विद्यालयों के भवन पूर्णतः निष्प्रोज्य पाए गए हैं, जिनमें 13 माध्यमिक और 66 प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं।

प्रशासन ने बताया कि 63 विद्यालयों में वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था पहले ही सुनिश्चित कर दी गई है, जबकि शेष 16 विद्यालयों में तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अलावा 17 विद्यालयों को आंशिक रूप से निष्प्रोज्य घोषित किया गया है, वहीं 8 विद्यालयों में ध्वस्तीकरण की आवश्यकता नहीं पाई गई।

जिलाधिकारी ने कहा कि पूर्णतः निष्प्रोज्य विद्यालय भवनों में वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित होने के बाद तत्काल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। आंशिक रूप से निष्प्रोज्य भवनों में सुरक्षा मानकों के अनुरूप आवश्यक मरम्मत अथवा प्रतिबंध लागू किए जाएंगे। उन्होंने दो टूक कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी जोखिमपूर्ण भवन में शिक्षण कार्य संचालित नहीं होगा। प्रशासन समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।


एनडीआरएफ के स्थापना दिवस पर सीएम धामी ने सभी जवानों को दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

आपदाओं में एनडीआरएफ का साहस और समर्पण अतुलनीय- मुख्यमंत्री धामी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के स्थापना दिवस के अवसर पर बल के सभी साहसी, निष्ठावान एवं कर्तव्यनिष्ठ जवानों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों और भीषण आपदाओं के समय एनडीआरएफ के जवान जिस साहस, समर्पण और सेवा भावना के साथ देशवासियों की रक्षा में जुटे रहते हैं, वह वास्तव में अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से लेकर विभिन्न आपातकालीन स्थितियों तक, हर मोर्चे पर एनडीआरएफ की तत्परता और मानवता के प्रति प्रतिबद्धता पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री ने एनडीआरएफ के जवानों के उज्ज्वल भविष्य और सुरक्षित सेवाकाल की कामना भी की।


सीएम धामी के आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड विज़न को ऊर्जा दे रहा पिटकुल

महिला सशक्तीकरण से लेकर ऊर्जा अवसंरचना तक, कुमाऊं दौरे में पिटकुल की बहुआयामी पहल

सीएम धामी की महिला सशक्तीकरण नीति का मॉडल बना चंपावत का तकनीकी केंद्र

एमडी पीसी ध्यानी के आह्वान पर पिटकुल अधिकारियों- कर्मचारियों ने कहा “हम होंगे कामयाब, बनाएंगे कीर्तिमान”

हल्द्वानी। कुमाऊं दौरे के तीसरे दिन उत्तराखंड पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (पिटकुल) के प्रबंध निदेशक पी.सी. ध्यानी ने राज्य सरकार की महिला सशक्तीकरण और वोकल फॉर लोकल नीति के क्रियान्वयन से लेकर ऊर्जा अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण तक कई अहम कार्यक्रमों और परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। यह दौरा विकास, आत्मनिर्भरता और समयबद्ध परियोजना निष्पादन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी ने यूकॉस्ट देहरादून के माध्यम से चंपावत जनपद के खर्ककार्की में स्थापित महिला सशक्तीकरण प्रौद्योगिकी केंद्र का भ्रमण किया। यह केंद्र मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की महिला सशक्तीकरण एवं वोकल फॉर लोकल नीति के अंतर्गत स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। इस केंद्र की स्थापना में अन्य संस्थाओं के साथ-साथ पिटकुल द्वारा सीएसआर के अंतर्गत सहयोग दिया गया है।

केंद्र में महिलाओं को मंडुवा से मिलेट्स उत्पाद, बुरांश और माल्टा से जूस निर्माण, मंदिरों में चढ़ाए गए फूलों एवं ताजे फूलों से धूप और सुगंधित तेल बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त पिरूल से ब्रिकेट्स बनाकर उन्नत चूल्हों के उपयोग से ग्रामीण घरों में ऊर्जा संरक्षण के साथ पर्यावरण सुरक्षा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। यह मॉडल ग्रामीण आजीविका, स्थानीय संसाधनों के उपयोग और सतत विकास का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।

प्रबंध निदेशक पी.सी. ध्यानी का बयान

प्रबंध निदेशक पी.सी. ध्यानी ने कहा चंपावत का महिला सशक्तीकरण प्रौद्योगिकी केंद्र उत्तराखंड राज्य के लिए एक रोल मॉडल बनेगा। यह केंद्र दिखाता है कि स्थानीय संसाधनों और आधुनिक तकनीक के समन्वय से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। पिटकुल राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप केवल ऊर्जा क्षेत्र तक सीमित न रहकर सामाजिक दायित्वों का भी निर्वहन कर रहा है। हमारा प्रयास है कि महिला सशक्तीकरण, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक साथ मजबूत किया जाए, ताकि आत्मनिर्भर उत्तराखंड की संकल्पना साकार हो सके।

चंपावत से प्रस्थान के उपरांत प्रबंध निदेशक ने निर्माणाधीन 132 केवी उपकेंद्र खटीमा का निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपकेंद्रों को समय से पूर्व ऊर्जीकृत करने के पिटकुल के संकल्प को पूरा करने के लिए ट्रांसफार्मरों की समय पर उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। इस दौरान संबंधित अधिकारियों को क्वालिटी, क्वांटिटी और सेफ्टी का पूर्ण ध्यान रखने के निर्देश दिए गए। उपकेंद्रों की प्रगति की समीक्षा हेतु प्रबंध निदेशक स्वयं पिटकुल टीम के साथ ट्रांसफार्मर मैन्युफैक्चरर यूनिट पहुंचे। वहां निर्माणाधीन ट्रांसफार्मरों का मौके पर निरीक्षण किया गया और समीक्षा बैठक आयोजित की गई, ताकि बिना किसी विलंब के ट्रांसफार्मर समय से पूर्व उपकेंद्र निर्माण स्थल तक पहुंच सकें। मैन्युफैक्चरिंग कंपनी के अधिकारियों के साथ गहन चर्चा के बाद कंपनी प्रबंधन ने तय समय सीमा के भीतर सभी ट्रांसफार्मर यूनिट्स की आपूर्ति का आश्वासन दिया।

इसके बाद कुमाऊं क्षेत्र के अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेते हुए प्रबंध निदेशक ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से “वर्क इज़ वर्शिप” की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने मुख्यमंत्री के मूल मंत्र “सरलीकरण, समाधान एवं संतुष्टि” को आत्मसात करते हुए विकल्प रहित संकल्प के साथ कार्य करने पर जोर दिया। लक्ष्य यह निर्धारित किया गया कि राज्य सरकार के “चार साल–बेमिसाल” की उपलब्धियों को और सशक्त बनाने हेतु चार वर्ष पूर्ण होने की तिथि पर कम से कम चार बिजलीघरों का समय से पूर्व लोकार्पण कर नया कीर्तिमान स्थापित किया जाए। प्रबंध निदेशक के आह्वान पर बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने एक स्वर में लक्ष्य प्राप्ति का संकल्प लेते हुए कहा— “हम होंगे कामयाब, बनाएंगे कीर्तिमान।” बैठक के अंत में पीसी ध्यानी ने सभी को नववर्ष 2026, बसंत पंचमी और 26 जनवरी की शुभकामनाएं देते हुए देहरादून मुख्यालय के लिए प्रस्थान किया।

देहरादून लौटते समय उन्होंने रात्रि लगभग नौ बजे बहादराबाद, हरिद्वार में प्रस्तावित 132 केवी बिजलीघर की भूमि का भी निरीक्षण किया। इस संबंध में अधीक्षण अभियंता ए.के. सिंह एवं अन्य अधिकारियों को जिलाधिकारी रुड़की से समन्वय स्थापित कर भूमि आबंटन और अधिग्रहण की आवश्यक कार्रवाई शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।कुमाऊं भ्रमण के दौरान मुख्य अभियंता हितेंद्र ह्यांकी, पंकज चौहान, अधीक्षण अभियंता ललित बिष्ट, प्रज्ज्वल भास्कर, महेश रावत सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। वहीं बहादराबाद प्रस्तावित बिजलीघर भूमि निरीक्षण के समय मुख्य अभियंता पंकज चौहान, अधीक्षण अभियंता संजीव गुप्ता, ए.के. सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।


देवभूमि उत्तराखंड सत्यम, शिवम और सुंदरम के आदर्शों का प्रतीक— उपराष्ट्रपति

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने देहरादून में आयोजित जागरण मंच का किया उद्घाटन

देहरादून। भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने उत्तराखंड के देहरादून में आयोजित जागरण मंच का उद्घाटन किया। राज्य के गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति ने सकारात्मक राष्ट्र निर्माण से जुड़ी चर्चा को बढ़ावा देने का आह्वान किया और उत्तराखंड के रणनीतिक, आध्यात्मिक व विकासात्मक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने उत्तराखंड को त्याग, संकल्प और राष्ट्रसेवा का प्रतीक बताते हुए राज्यवासियों को रजत जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का गठन पर्वतीय जनमानस की लंबे समय से चली आ रही आकांक्षाओं का लोकतांत्रिक समाधान था, जिसने भारत की संघीय व्यवस्था को और सशक्त किया। उन्होंने लोकसभा सदस्य के रूप में उत्तराखंड राज्य गठन विधेयक के पक्ष में मतदान के अपने अनुभव को भी साझा किया।

उपराष्ट्रपति ने देवभूमि उत्तराखंड को भारत की सभ्यतागत चेतना का अभिन्न अंग बताते हुए कहा कि यह राज्य सत्यम, शिवम और सुंदरम के आदर्शों का प्रतीक है। उन्होंने राज्य के हिमनदों, नदियों और वनों को देश ही नहीं, बल्कि व्यापक क्षेत्र के जीवन के लिए आवश्यक बताया। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में सड़क, रेल, हवाई और संचार कनेक्टिविटी में हुए उल्लेखनीय विकास की सराहना की।

विकास के साथ पर्यावरणीय संतुलन पर जोर देते हुए उपराष्ट्रपति ने हरित विकास और विशेष रूप से सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उत्तराखंड की पहलों की प्रशंसा की। उन्होंने सकल घरेलू उत्पाद के साथ-साथ सकल पर्यावरण उत्पाद की अवधारणा को अपनाने के लिए उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बताया।

राष्ट्रीय सुरक्षा में राज्य के योगदान का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि उत्तराखंड ने देश को बड़ी संख्या में सैन्य अधिकारी दिए हैं। उन्होंने सीमावर्ती गांवों को अंतिम छोर नहीं, बल्कि राष्ट्र की शक्ति और विरासत की पहली पंक्ति बताया और प्रधानमंत्री के “भारत का पहला गांव” वाले दृष्टिकोण को दोहराया।

2047 तक आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लक्ष्य पर बोलते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा, जैविक कृषि, बागवानी, आयुष, पर्यटन, स्टार्टअप और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में उत्तराखंड की संभावनाएं अत्यंत व्यापक हैं।

मीडिया की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उपराष्ट्रपति ने इसे लोकतंत्र का सशक्त स्तंभ बताते हुए कहा कि मीडिया शासन और जनता के बीच सेतु का कार्य करता है। उन्होंने सकारात्मक और विकासोन्मुखी समाचारों को बढ़ावा देने के लिए दैनिक जागरण की सराहना की और मीडिया संस्थानों से युवाओं को प्रेरित करने वाली रचनात्मक कहानियों को प्रमुखता देने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, दैनिक जागरण के प्रबंध संपादक तरुण गुप्ता, निदेशक सुनील गुप्ता सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।


नई दिल्ली में ‘रैबार-7: ब्रांड उत्तराखंड’ कार्यक्रम का आयोजन

कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ

देहरादून/नई दिल्ली। उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने नई दिल्ली में प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान हिल मेल द्वारा आयोजित कार्यक्रम “रैबार-7: ब्रांड उत्तराखंड” में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि ऐसे आयोजन उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, विकास संभावनाओं और वैश्विक ब्रांडिंग को मजबूती प्रदान करते हैं।

इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल उपस्थित रहे। कार्यक्रम में देश के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी, असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लाखेड़ा सहित कई विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।

कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति, पर्यटन, निवेश संभावनाओं और समग्र विकास को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करना रहा। इस दौरान राज्य के विकास को गति देने वाले नए विचारों, योजनाओं और प्रेरणादायक पहलों पर विस्तृत चर्चा की गई।

वक्ताओं ने उत्तराखंड को एक सशक्त ब्रांड के रूप में स्थापित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि नीति, नवाचार और जनभागीदारी के माध्यम से राज्य विकास के नए आयाम छू सकता है।


कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने सुनी जन समस्याएं, किया समाधान

कोलीढेक लोहाघाट में “जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार” कार्यक्रम में शामिल हुई कैबिनेट मंत्री

कोलीढेक/ चंपावत। जनपद चंपावत में शनिवार को आयोजित “जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार” कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने सैकड़ो जन समस्याओं का समाधान किया। कार्यक्रम में अपनी अपनी समस्याएं लेकर भारी संख्या में लोग शामिल हुए। चंपावत के कोलीढेक स्थित सिंचाई विभाग कार्यालय परिसर में न्याय पंचायत कोलीढेक की समस्याओं को लेकर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान लोगों ने टूटी हुई नाली और सड़क बनवाने, पेंशन का लाभ दिलवाने, फसलों की सुरक्षा के लिए तार बाड लगाने, पेयजल सप्लाई नियमित करने, राशन कार्ड बनवाने, खेल मैदान बनवाने जैसी समस्याएं उठाई। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कार्यक्रम में मौजूद सभी विभागों के जिला स्तर के अधिकारियों से इन समस्याओं पर जवाब तलब किया और मौके पर ही उनके निस्तारण के निर्देश दिए।

कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा कुल 28 स्टाल लगाए गए थे, 600 से ज्यादा लोगों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। 70 से ज्यादा शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि भाजपा सरकार प्रदेश के हर नागरिक तक सीधे पहुंच बनाकर उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जन जन के हितों के प्रति यही संवेदनशीलता भाजपा की लगातार जीत की वजह भी है। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा से विकास की राजनीति करती आई है और यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।

कार्यक्रम के दौरान पात्र महिलाओं को महालक्ष्मी किट भी प्रदान की गई।

इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे, जिलाधिकारी मनीष कुमार, जिला महामंत्री मुकेश कलखुड़िया, मंडल अध्यक्ष गिरीश कुंवर, पूर्व जिला अध्यक्ष हिमेश कलखुड़िया, सुभाष बगोली, ब्लॉक प्रमुख महेंद्र ढेक, ब्लॉक प्रमुख बाराकोट सीमा आर्या, पूर्व ब्लाक प्रमुख विनीता आदि उपस्थित रहे।

मंत्री ने लगाई बच्चों के साथ दौड़
शनिवार सुबह के समय खेल मंत्री रेखा आर्या अचानक महिला स्पोर्ट्स कॉलेज के नवनिर्मित सिंथेटिक ट्रैक पर पहुंची और वहां प्रैक्टिस के लिए आए बच्चों से बातचीत की। बच्चों के आग्रह पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने उनके साथ 100 मीटर की दौड़ में भी शिरकत की। इसके बाद बालक और बालिका वर्ग की 100 मीटर की प्रदर्शनी दौड़ आयोजित की गई, जिसके विजेताओं को कैबिनेट मंत्री ने मेडल पहनकर सम्मानित किया।


स्टार्टअप इंडिया रैंकिंग में उत्तराखण्ड को मिला ‘लीडर’ का दर्जा

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने प्रदान किया Certificate of Appreciation

देहरादून। भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) द्वारा जारी States’ Startup Ecosystem Ranking (5वां संस्करण) में उत्तराखण्ड को मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने में ‘लीडर’ के रूप में मान्यता प्रदान की गई है। इस उपलब्धि के लिए राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के अवसर पर उत्तराखण्ड सरकार के उद्योग विभाग को Certificate of Appreciation प्रदान किया गया।

इस सम्मान से यह स्पष्ट होता है कि उत्तराखण्ड में स्टार्टअप नीति के जरिए नवाचार, उद्यमिता, निवेश प्रोत्साहन और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने में कामयाब रहा है, जिसे अब राष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा रहा है। उत्तराखंड की उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल के तौर पर भी देखा जा रहा है।

यह सम्मान उत्तराखण्ड के लिए गर्व का विषय है। हमारी सरकार ने स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल नीतियां, सरल प्रक्रियाएं और मजबूत इकोसिस्टम विकसित किया है। राज्य के युवाओं में नवाचार की अद्भुत क्षमता है और सरकार हर स्तर पर उन्हें सहयोग प्रदान कर रही है। यह उपलब्धि प्रदेश के सभी उद्यमियों, स्टार्टअप्स और अधिकारियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड


जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार- उत्तरकाशी में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सुनीं जन समस्याएं

अधिकांश शिकायतों का मौके पर निस्तारण

उत्तरकाशी। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने जनपद उत्तरकाशी के गंगोरी स्थित इंटर कॉलेज में “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित बहुउद्देशीय शिविर का शुभारंभ किया। शिविर में कुल 32 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से अधिकांश शिकायतों का समाधान मौके पर ही कर दिया गया।

कैबिनेट मंत्री ने शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया और स्वयं सहायता समूहों को सीआईएफ के चेक प्रदान किए। इसके साथ ही कृषि विभाग के माध्यम से 80 प्रतिशत अनुदान पर किसानों को दो पावर वीडर एवं आटा चक्की वितरित की गई। शिविर में ग्रामीणों को केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि जनता का हित सर्वोपरि है और जन समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर मौके पर ही किया जाना चाहिए। उन्होंने “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान की शुरुआत के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि न्याय पंचायत स्तर पर आयोजित शिविरों से ग्रामीणों को योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है और समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो रहा है।

कैबिनेट मंत्री ने जानकारी दी कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से इसका नाम बदलकर VB—G RAM G (विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन–ग्रामीण) किया गया है। उन्होंने इस योजना के पोस्टर का विमोचन भी किया। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत अब कार्यदिवस 100 से बढ़ाकर 125 कर दिए गए हैं तथा भुगतान व्यवस्था को 15 दिनों से बदलकर साप्ताहिक कर दिया गया है। यह योजना वर्ष 2047 तक विकसित भारत के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री ने जल निगम के एक्शन शिविर में अनुपस्थित रहने पर संबंधित अधिकारी का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश भी दिए।

इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक सुरेश चौहान, जिलाध्यक्ष नागेंद्र चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, ब्लॉक प्रमुख भटवाड़ी ममता पंवार, मंडल अध्यक्ष राजेश राणा, महावीर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी जय भारत, एडीएम मुक्ता मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।


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