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जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियों को लेकर दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

Category Archives: उत्तराखंड

जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियों को लेकर दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को समयबद्ध एवं त्रुटिरहित जनगणना संपन्न कराने के दिए निर्देश

देहरादून। जनगणना-2027 के दूसरे चरण के अंतर्गत आगामी 01 दिसंबर 2026 से 04 जनवरी 2027 तक जनसंख्या की गणना की जाएगी। जनगणना के सफल एवं सुचारु संपादन के लिए देहरादून नगर निगम सभागार में चार्ज अधिकारियों, सहायक चार्ज अधिकारियों एवं संबंधित कार्मिकों का आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण बुधवार को संपन्न हुआ।

प्रशिक्षण के समापन अवसर पर जिलाधिकारी/जिला जनगणना अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सभी चार्ज अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना देश की विकास योजनाओं के निर्माण एवं संसाधनों के समुचित नियोजन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक कार्य है। उन्होंने अधिकारियों को जनगणना कार्य को पूरी गंभीरता, सावधानी एवं जिम्मेदारी के साथ योजनाबद्ध तरीके से संपन्न कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि इस बार जनगणना में तकनीकी का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। जनगणना के दौरान पूछे जाने वाले प्रश्नों की संख्या भी लगभग 40 निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि 16 से 30 नवंबर 2026 तक स्वगणना की अवधि निर्धारित है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वगणना के संबंध में अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करते हुए उन्हें इसके लिए प्रेरित किया जाए, ताकि 01 दिसंबर से प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर जनसंख्या गणना का कार्य सुगमता से संपन्न किया जा सके।

जिलाधिकारी ने चार्ज अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनगणना-2027 के लिए अभी से विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली जाएं तथा प्रत्येक स्तर पर कार्यों की नियमित निगरानी करते हुए जनगणना को समयबद्ध एवं त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराया जाए।

नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडेय एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा ने प्रशिक्षण के दौरान जनगणना-2027 से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं एवं महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। दो दिवसीय प्रशिक्षण में 23 चार्ज अधिकारियों, 23 सहायक चार्ज अधिकारियों, तकनीकी सहायकों एवं जनगणना से जुड़े कार्मिकों को प्रशिक्षित किया गया तथा उनकी शंकाओं का समाधान किया गया।

इस अवसर पर जनगणना के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी इनायत सिद्दीकी, जनगणना निदेशालय के प्रशिक्षक प्रदीप यादव एवं कुलदीप चौहान सहित संबंधित अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।


युवा शक्ति विकसित और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड के निर्माण की प्रमुख आधारशिला- मुख्यमंत्री

राज्य युवा आयोग युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं को नीति निर्माण से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

युवाओं को शिक्षा, कौशल, रोजगार, स्वरोजगार, स्टार्टअप और खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध करा रही राज्य सरकार

मुख्यमंत्री ने युवाओं से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, नशे से दूर रहने और उत्तराखण्ड के विकास में योगदान देने के तीन संकल्प लेने का किया आह्वान

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को अपने जन्मदिवस के अवसर पर देहरादून के रेंजर्स ग्राउंड में आयोजित “युवा संकल्प दिवस” कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। जन्मदिवस को युवाओं के बीच मनाए जाने पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवाओं का आभार जताया और कहा कि युवा शक्ति के बीच मौजूद रहना उनके लिए सबसे बड़ा उपहार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, उत्साह और संकल्प उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। युवाओं की आंखों में उन्हें भविष्य का विकसित और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लक्ष्य को पूरा करने में आज की युवा पीढ़ी की भूमिका बेहद अहम होगी। जब देश स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब आज के युवा ही देश और प्रदेश के विकास की जिम्मेदारी संभाल रहे होंगे।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत के साथ विकसित उत्तराखण्ड के संकल्प को पूरा करने में युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और नवाचार महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उत्तराखण्ड का युवा मेहनती, प्रतिभाशाली और अनुशासित है तथा चुनौतियों का सामना करने की क्षमता रखता है। सरकार की प्राथमिकता युवाओं को सही दिशा, बेहतर अवसर और पारदर्शी वातावरण उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा से कौशल, रोजगार से स्वरोजगार और स्टार्टअप से खेल तक युवाओं के लिए नए अवसर तैयार करने पर काम कर रही है। प्रयास है कि प्रदेश के युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए मजबूरी में अपना घर, गांव या उत्तराखण्ड न छोड़ना पड़े। उन्होंने युवाओं से रोजगार तलाशने के साथ-साथ उद्यमिता के माध्यम से रोजगार देने वाला बनने का आह्वान किया।

तकनीक के दौर में आधुनिक कौशल पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और डिजिटल तकनीक के कारण रोजगार और उद्योग का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। ऐसे में युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक कौशल से जोड़ना जरूरी है। पर्यटन, होमस्टे और स्थानीय उत्पादों के माध्यम से भी स्वरोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में औद्योगिक विकास और स्थानीय स्तर पर रोजगार को बढ़ावा देने के लिए चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का निर्णय लिया गया है।

युवा आयोग को बताया महत्वपूर्ण कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य युवा आयोग का गठन युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं को नीति निर्माण से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार चाहती है कि युवाओं से जुड़ी नीतियां तैयार करते समय उनकी आवाज और भागीदारी भी सुनिश्चित हो। युवा आयोग कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने के साथ ही युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने तथा नशे, साइबर अपराध और अन्य सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूक करने में भूमिका निभाएगा।

खेल और भर्ती व्यवस्था का भी किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के युवा खेलों में भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के बाद उत्तराखण्ड की पहचान खेलभूमि के रूप में भी मजबूत हुई है। सरकार खिलाड़ियों के लिए खेल सुविधाओं के विकास और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर लगातार काम कर रही है।

उन्होंने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता का जिक्र करते हुए कहा कि मेहनती युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए राज्य में कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि किसी युवा की वर्षों की मेहनत, उसके सपनों और अधिकार के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। कोई भी नियुक्ति महज एक आंकड़ा नहीं होती, बल्कि उसके पीछे युवा की मेहनत और परिवार की उम्मीदें जुड़ी होती हैं।

युवाओं से तीन संकल्प लेने का आह्वान

अपने जन्मदिवस पर मुख्यमंत्री धामी ने युवाओं से “तीन संकल्पों का गुलदस्ता” मांगा। उन्होंने पहला संकल्प जीवन में बड़ा लक्ष्य निर्धारित कर उसे हासिल करने के लिए पूरी मेहनत करने, दूसरा स्वयं नशे से दूर रहने और साथियों को भी नशे से दूर रखने तथा तीसरा जीवन में सफलता हासिल करने के बाद अपने ज्ञान, अनुभव और सामर्थ्य का कुछ हिस्सा उत्तराखण्ड के विकास के लिए समर्पित करने का लेने को कहा।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि वे डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, खिलाड़ी, शिक्षक, उद्यमी या जनसेवा के किसी भी क्षेत्र में जाएं, लेकिन सबसे पहले अच्छे इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनें। उन्होंने युवाओं से तकनीक और मोबाइल का सकारात्मक इस्तेमाल करने तथा सोशल मीडिया पर मिलने वाली आधी-अधूरी और भ्रामक सूचनाओं से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी जानकारी को तथ्यों की कसौटी पर परखना जरूरी है।

नशे से दूर रहने की अपील

मुख्यमंत्री ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए कहा कि नशा केवल शरीर को कमजोर नहीं करता, बल्कि व्यक्ति के सपनों और भविष्य को भी प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि जिन हाथों में किताब और हुनर होना चाहिए, उनमें नशा नहीं होना चाहिए। उन्होंने युवाओं से खुद नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने मित्रों और आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक विनोद चमोली, सविता कपूर, बृजभूषण गैरोला, देहरादून के मेयर सौरभ थपलियाल समेत अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।


“प्रदेश की अंतिम छोर पर बैठी प्रत्येक महिला तक न्याय पहुँचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है”- कुसुम कंडवाल

महिला सुरक्षा, सम्मान और अधिकार संरक्षण को सुदृढ़ करने के लिए आयोग की आगामी रणनीति तय, आयोग के माध्यम से मातृशक्ति को अधिक सशक्त बनाने का लिया संकल्प

उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की बोर्ड बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय, 13 जनपदों के लिए नई कार्ययोजना तैयार

महिलाओं के अधिकारों की प्रभावी रक्षा करते हुए उन्हें जागरूक कर आत्मनिर्भर, आर्थिक, सामाजिक एवं राजनैतिक रूप से सशक्त बनाना आयोग का लक्ष्य- कुसुम कंडवाल

देहरादून। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की वित्तीय वर्ष 2026–27 की प्रथम बोर्ड बैठक निदेशालय, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग, देहरादून में आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।

बैठक में महिला सुरक्षा, अधिकार संरक्षण, जनजागरूकता, आयोग की कार्यप्रणाली के सुदृढ़ीकरण तथा आगामी वर्ष की व्यापक कार्ययोजना पर विस्तार से विचार-विमर्श करते हुए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए।

बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मातृशक्ति के सम्मान एवं महिला सशक्तिकरण को राष्ट्रीय विकास का आधार बनाया गया है, वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार महिलाओं की सुरक्षा, स्वावलम्बन एवं गरिमामय जीवन सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रभावी कार्य कर रही है। राज्य महिला आयोग इसी भावना के साथ सरकार एवं प्रशासन के समन्वय में महिलाओं के अधिकारों की रक्षा हेतु प्रतिबद्ध है।

अध्यक्ष ने कहा कि आज उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की कार्यशैली के प्रति महिलाओं का विश्वास निरंतर बढ़ा है। प्रदेश के दूरस्थ पर्वतीय, ग्रामीण एवं सीमांत क्षेत्रों से भी महिलाएँ अपनी शिकायतें और प्रार्थना-पत्र लेकर आयोग तक पहुँच रही हैं। शिकायतों की बढ़ती संख्या इस बात का प्रमाण है कि महिलाएँ आयोग को न्याय एवं संरक्षण का विश्वसनीय मंच मान रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पीड़ित महिला को समयबद्ध सहायता, विधिक परामर्श और न्याय दिलाना आयोग की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।

इसी बढ़ते कार्यभार एवं महिलाओं की अपेक्षाओं को देखते हुए बोर्ड बैठक में आयोग में 10 नए पदों के सृजन का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। वहीं बोर्ड बैठक के दौरान आयोग के सदस्यगण के मानदेय में यथोचित वृद्धि किए जाने के प्रस्ताव पारित किया गया। स्वच्छता कर्मी के वेतन वृद्धि का भी प्रस्ताव पारित किया गया।

बैठक में उत्तराखंड के सभी 13 जनपदों में आयोग की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोग की उपाध्यक्षों को जनपदवार दायित्व प्रदान किए गए। ऐश्वर्या रावत को पौड़ी, टिहरी एवं रुद्रप्रयाग, चन्द्रकला तिवारी को उत्तरकाशी एवं चमोली तथा शायरा बानो को ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, अल्मोड़ा एवं पिथौरागढ़ जनपदों की जिम्मेदारी सौंपी गई। सदस्यगण अपने-अपने जनपदों में नियमित जनसुनवाई, महिला जागरूकता कार्यक्रम, वन स्टॉप सेंटर निरीक्षण तथा महिला अधिकार संरक्षण से जुड़े कार्यों का संचालन करेंगे। बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया कि उपाध्यक्ष एवं सदस्यगण निर्धारित जनपद में वन स्टॉप सेंटर में नियमित जनसुनवाई में प्रतिभाग करेंगी तथा स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर महिला अधिकार संरक्षण के कार्यों को गति देंगी।

बैठक के दौरान वन स्टॉप सेंटर, नारी निकेतन, महिला हेल्प डेस्क, साइबर अपराध से जुड़े मामलों तथा विधिक जागरूकता कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी विशेष बल दिया गया। आयोग ने निर्णय लिया कि महिलाओं एवं बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखकर जागरूकता अभियान संचालित किए जाएंगे।

अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा, “महिला आयोग की वास्तविक सफलता तब होगी, जब उत्तराखंड की अंतिम पंक्ति में बैठी मातृशक्ति, सीमांत क्षेत्र की बेटी और दूरस्थ गाँव की महिला भी यह विश्वास करे कि राज्य महिला आयोग उसके साथ खड़ा है। हमारा प्रत्येक निर्णय महिला गरिमा, सुरक्षा, अधिकार और सशक्तिकरण को समर्पित है।”

उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल शिकायतों का समाधान नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकारों की प्रभावी रक्षा करते हुए उन्हें जागरूक, आत्मनिर्भर और आर्थिक, सामाजिक एवं राजनैतिक रूप से सशक्त बनाना है। राज्य महिला आयोग हर जनपद, हर गाँव और हर परिवार तक अपनी संवेदनशील पहुँच सुनिश्चित करेगा।

बैठक में सदस्य सचिव उर्वशी चौहान, उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत, चन्द्रकला तिवारी एवं शायरा बानो, विधि अधिकारी दयाराम सिंह, प्रशासनिक अधिकारी नारायण सिंह तोमर, उप निरीक्षक स्वाति चमोली, आधार वर्मा, वीरेन्द्र रावत, अंजली ध्यानी सहित आयोग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बच्चों के साथ केक काटकर मनाया मुख्यमंत्री धामी का जन्मदिन

बच्चों ने अपने मामा के दीर्घायु जीवन की कामना करी

सरकार बच्चों के बेहतर भविष्य, उनके सर्वांगीण विकास और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कर रही निरंतर प्रयास- रेखा आर्या

बच्चों ने खेल प्रतियोगिताओं में दिखाई प्रतिभा, मंत्री ने बढ़ाया उत्साह

मुख्यमंत्री धामी बच्चों के लिए ‘मामा’ और मैं ‘बुआ’ के रूप में सदैव हैँ उनके साथ खड़े-रेखा आर्या

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिन के अवसर पर केदारपुरम स्थित राजकीय शिशु सदन में बच्चों के साथ जन्मदिन समारोह आयोजित किया गया। जहाँ महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने बच्चों के साथ केक काटकर मुख्यमंत्री के जन्मदिन की खुशियां साझा की गईं। इस अवसर पर बच्चों के लिए विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया, जिसमें नन्हें बच्चों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए अपनी प्रतिभा और कौशल का प्रदर्शन किया।

कैबिनेट मंत्री ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बच्चों के लिए एक मामा और वह स्वयं बुआ के रूप में उनके साथ सदैव कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों के बेहतर भविष्य, उनके सर्वांगीण विकास और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि राजकीय शिशु सदन में रह रहे प्रत्येक बच्चे को बेहतर अवसर, आवास,सुरक्षित वातावरण और अपने सपनों को साकार करने के लिए आवश्यक सहयोग मिले ।

इसके लिए मुख्यमंत्री धामी ने मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के माध्यम से कोविड-19 महामारी या अन्य बीमारियों के कारण माता-पिता या संरक्षक को खोने वाले बच्चों की देखभाल, पुनर्वास और आर्थिक सहायता का प्रावधान किया गया। जिसके तहत सरकार पात्र बच्चों को 21 वर्ष की आयु तक प्रतिमाह 3,000 रुपये की सहायता दे रही है।

वही खेलों मे अपना भविष्य बनाने वाले बच्चों के लिए मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना संचालित की जा रही है। जिसमें 1500 रुपये प्रतिमाह की खेल छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। इसके साथ ही सरकार की नंदा गौरा योजना के माध्यम से बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा तक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। जिसमें बेटी के जन्म पर 11 हजार और 12वीं कक्षा पास करने पर 51 हजार की सहायता का राशि दी जाती है।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा संसाधनों के अभाव में अपने सपनों से वंचित न रहे। बच्चों को बेहतर शिक्षा, पोषण, सुरक्षा और अपनी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर भविष्य की ओर ले जाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बच्चों की ओर से जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की गईं और उनके स्वस्थ, दीर्घायु एवं सफल जीवन की कामना की गई।

कार्यक्रम में सचिव चंद्रेश यादव, निदेशक बंशीलाल राणा, सीपीओ अंजना गुप्ता, डीपीओ मीना बिष्ट सहित विभागीय अधिकारी कर्मचारी एवं राजकीय शिशु सदन के प्यारे बच्चे उपस्थित रहे।


जन्मदिन पर दिव्यांग बच्चों के बीच पहुंचे सीएम धामी, केक काटकर साझा कीं खुशियां

बच्चों के बीच बिताया गया समय जीवन को नई ऊर्जा और प्रेरणा देता है —मुख्यमंत्री

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को अपने जन्मदिन के अवसर पर देहरादून स्थित राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान पहुंचकर अध्ययनरत बच्चों के साथ अपना जन्मदिन मनाया। मुख्यमंत्री ने बच्चों के बीच केक काटा और उनके साथ खुशियां साझा कीं।

मुख्यमंत्री धामी ने बच्चों से आत्मीयता के साथ मुलाकात की और उनके बीच पहुंचकर बातचीत की। उन्होंने बच्चों का उत्साह बढ़ाया और उनके साथ कुछ समय बिताया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर बच्चे भी उत्साहित और खुश नजर आए। इस दौरान संस्थान का माहौल स्नेह और अपनत्व से भरा रहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के बीच बिताया गया समय उन्हें नई ऊर्जा और प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे में प्रतिभा और अपार संभावनाएं मौजूद हैं। जरूरत इस बात की है कि उन्हें आगे बढ़ने के लिए उचित अवसर, प्रोत्साहन और विश्वास मिले।

उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों का सशक्तिकरण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास के बल पर जीवन की चुनौतियों को पार किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने बच्चों को अपने लक्ष्यों की दिशा में पूरे आत्मविश्वास और उत्साह के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर, सम्मान और आगे बढ़ने के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि बच्चों का स्नेह और उनके चेहरों की खुशी उनके जन्मदिन का सबसे खास और यादगार उपहार है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री की पत्नी श्रीमती गीता पुष्कर धामी, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और संस्थान के शिक्षक मौजूद रहे।


रुद्रप्रयाग पुलिस का सघन चेकिंग अभियान, होटल-ढाबों में शराब पीने-पिलाने वालों पर सख्त कार्यवाही

रुद्रप्रयाग पुलिस ने 3 का किया चालान

रुद्रप्रयाग। जनपद में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने और लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों के साथ होटल और ढाबों में सघन चेकिंग अभियान तेज कर दिया है। पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत शराब पीने और पिलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

इसी क्रम में 15 सितंबर 2026 को जिले के सभी कोतवाली क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने प्रभावी चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान सार्वजनिक स्थलों, होटल और ढाबों में नियमों के उल्लंघन की जांच की गई।

संध्याकालीन चेकिंग के दौरान कोतवाली ऊखीमठ पुलिस ने क्षेत्र के विभिन्न होटल और ढाबों में आकस्मिक निरीक्षण किया। चेकिंग के दौरान शराब पीने-पिलाने से संबंधित अनियमितताएं सामने आने पर पुलिस ने तीन व्यक्तियों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की।

रुद्रप्रयाग पुलिस ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थानों, होटल और ढाबों में नियमों का उल्लंघन करने या अवैध गतिविधियों को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस का कहना है कि जिले में कानून-व्यवस्था और अनुशासन बनाए रखने के लिए चेकिंग अभियान लगातार संचालित किया जाएगा।

पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सार्वजनिक स्थानों पर मदिरापान न करें और न ही ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा दें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


हाथ-पैर और मुंह पर दाने, तेज बुखार… उत्तरकाशी में 8 बच्चों में कॉक्ससैकी वायरस की पुष्टि

उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जिले के भंगेली गांव में बच्चों के बीमार पड़ने के मामले ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। गांव में बीमार मिले 15 बच्चों की जांच में आठ में कॉक्ससैकी वायरस की पुष्टि हुई है। चिकित्सकों के अनुसार बच्चों में हाथ, पैर और मुंह की बीमारी यानी एचएफएमडी के लक्षण पाए गए हैं। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने गांव में निगरानी बढ़ाते हुए अन्य बच्चों की भी जांच शुरू कर दी है।

भंगेली गांव में बच्चों के बीमार होने के बाद पेयजल की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में नैनीताल जिले के ज्योलीकोट में दूषित पानी के कारण लोगों के बीमार होने और मौतों की घटना सामने आई थी। इसी वजह से भंगेली में बच्चों के एक साथ बीमार पड़ने को लेकर भी सतर्कता बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों में एचएफएमडी की पुष्टि की है, लेकिन वायरस दूषित पानी के जरिए पहुंचा या किसी अन्य माध्यम से, इसकी स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।

जल संस्थान की ओर से पेयजल के दूषित होने की बात से इनकार किया गया है। विभाग का कहना है कि जल स्रोतों की निगरानी बढ़ा दी गई है। पानी के नमूनों की जांच के बाद ही संक्रमण के वास्तविक स्रोत का पता चल सकेगा।

भटवाड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ. वेद मोइक के अनुसार बीमार बच्चों में हाथ, पैर और मुंह पर दाने निकलने के साथ तेज बुखार, गले में दर्द और भूख कम लगने जैसे लक्षण दिखाई दिए। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर बच्चों की जांच की। लक्षण एचएफएमडी से मेल खाने पर 15 बच्चों के नमूने लिए गए, जिनमें आठ में कॉक्ससैकी वायरस की पुष्टि हुई।

चिकित्सकों के मुताबिक एचएफएमडी की समस्या सामान्य तौर पर सात वर्ष से कम उम्र के बच्चों में अधिक देखी जाती है। यह संक्रमण बच्चों के बीच तेजी से फैल सकता है, इसलिए स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में लगातार निगरानी कर रही है।

जिले में बाल रोग विशेषज्ञ नहीं

उत्तरकाशी जिले में वर्तमान में एक भी बाल रोग विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं है। भंगेली गांव में एक साथ कई बच्चों के बीमार होने के बाद उनके उपचार के लिए फिजिशियन की मदद ली गई। चिकित्सकों ने दूसरे जिलों में तैनात बाल रोग विशेषज्ञों से सलाह लेकर बच्चों का उपचार किया।

बाल रोग विशेषज्ञों की कमी ऐसे मामलों में चुनौती बन सकती है, क्योंकि बच्चों के उपचार में उनकी उम्र, शारीरिक विकास और दवाओं की उचित खुराक का विशेष ध्यान रखना पड़ता है।

ऐसे फैलता है कॉक्ससैकी वायरस

राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग के एचओडी डॉ. अशोक कुमार के अनुसार कॉक्ससैकी वायरस मुख्य रूप से दूषित सतहों के संपर्क से फैल सकता है। यह हाथ, पैर और मुंह के रास्ते शरीर में संक्रमण पैदा कर सकता है और एक बच्चे से दूसरे बच्चे में तेजी से फैलने की क्षमता रखता है। यह एंटरोवायरस परिवार का हिस्सा है और मानव पाचन तंत्र में संक्रमण पैदा कर सकता है। कुछ परिस्थितियों में इसका संक्रमण गंभीर रूप भी ले सकता है।

बचाव के लिए क्या करें

संक्रमण से बचाव के लिए पानी को करीब 15 मिनट तक उबालकर पीने की सलाह दी गई है। सब्जियों को गर्म पानी से धोकर पकाने और बच्चों को संक्रमित या संदिग्ध संपर्क वाली जगहों से दूर रखने पर भी जोर दिया गया है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी उत्तरकाशी डॉ. श्याम विजय सिंह ने बताया कि गांव में चिकित्सकों की टीम कैंप लगाकर बच्चों की जांच कर रही है। आसपास के गांवों के बच्चों पर भी नजर रखी जा रही है। इस तरह के लक्षण वाले बच्चों की संख्या में बढ़ोतरी की सूचना के बाद टीम लगातार निगरानी कर रही है।

वहीं, जल संस्थान के मुख्य महाप्रबंधक डीके सिंह ने बताया कि भंगेली गांव से पानी के नमूने लिए गए हैं। प्रदेशभर में जल स्रोतों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए निगरानी बढ़ाई गई है। टीमें कैंप लगाकर कई दिनों तक पानी के नमूनों की जांच कर रही हैं।


सहसपुर में 2,500 महिलाओं को मिला रोजगार का नया मंच, सामान्य सुविधा केंद्र का शुभारंभ

223 स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को मिलेगा लाभ, सिलाई और जूट-कपड़े के बैग का होगा उत्पादन

देहरादून: मुख्यमंत्री के ‘लखपति दीदी’ संकल्प को गति देने की दिशा में विकासखंड सहसपुर के शंकरपुर में स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित सामान्य सुविधा केंद्र का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी मुख्य अतिथि और सहसपुर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

223 स्वयं सहायता समूहों की 2,500 महिलाओं को मिलेगा लाभ

जिला प्रशासन देहरादून की पहल पर पुनर्जीवित किए गए इस केंद्र का संचालन ‘आस्था क्लस्टर लेवल फेडरेशन’ द्वारा किया जा रहा है। फेडरेशन से 223 स्वयं सहायता समूहों की करीब 2,500 महिलाएं जुड़ी हैं। केंद्र के माध्यम से महिलाओं को सामूहिक उत्पादन और स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

जूट और कपड़े के बैग से रोजगार के साथ पर्यावरण संरक्षण

सामान्य सुविधा केंद्र में महिलाएं सिलाई के साथ जूट बैग और कपड़े की थैलियों का निर्माण करेंगी। पर्यावरण अनुकूल इन उत्पादों से सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने में भी मदद मिलेगी। आधुनिक मशीनों के जरिए महिलाएं बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार कर सकेंगी।

अन्य जिलों में भी लागू होगा सहसपुर मॉडल

कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि खादी ग्रामोद्योग के पुराने और अनुपयोगी भवन को विभिन्न विभागों के समन्वय से पुनर्जीवित किया गया है। जिला उद्योग केंद्र, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और खादी ग्रामोद्योग सहित संबंधित विभागों के कन्वर्जेंस से यहां उत्पादन इकाई स्थापित की गई है।

उन्होंने कहा कि इस पहल को केवल देहरादून तक सीमित नहीं रखा जाएगा। प्रदेश के अन्य जनपदों में भी अधिकारियों को इस केंद्र का अध्ययन कर इसी तर्ज पर उत्पादन इकाइयां स्थापित करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

तीन लाख से अधिक महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी

मंत्री ने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत प्रदेश में करीब सवा पांच लाख महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। इनमें से तीन लाख से अधिक महिलाएं अब तक ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। शेष महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए भी योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य की कई लखपति दीदियां अब ‘करोड़पति दीदी’ बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

आईआईएम काशीपुर देगा तकनीकी और उद्यमिता प्रशिक्षण

महिला समूहों को तकनीकी ज्ञान, उद्यमिता विकास और बाजार की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण देने के लिए आईआईएम काशीपुर के साथ एमओयू किया गया है। आईआईएम काशीपुर इनक्यूबेशन सेंटर के रूप में महिलाओं को तकनीकी सहयोग देगा, जबकि सरकार की ओर से आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

स्कूल यूनिफॉर्म और वर्दी निर्माण की भी तैयारी

भविष्य में केंद्र की गतिविधियों को केवल बैग निर्माण तक सीमित नहीं रखा जाएगा। क्लस्टर लेवल फेडरेशन के माध्यम से स्कूली बच्चों की यूनिफॉर्म के साथ पुलिस, होमगार्ड और पीआरडी जवानों की वर्दियां तैयार करने की संभावनाओं पर भी कार्य किया जाएगा। मंत्री ने अधिकारियों को इसी मॉडल पर एक अन्य उत्पादन इकाई स्थापित करने के निर्देश दिए।

जिला प्रशासन देगा प्रशिक्षण से लेकर बाजार तक सहयोग

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि सहसपुर का यह सामान्य सुविधा केंद्र लंबे समय से संचालित नहीं हो रहा था। स्थानीय स्वयं सहायता समूहों की क्लस्टर लेवल फेडरेशन को मशीनें उपलब्ध कराकर इसे समेकित उत्पादन इकाई के रूप में विकसित किया गया है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को प्रशिक्षण, उत्पादन, पैकेजिंग और बाजार से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगा।

महिलाओं को मिला स्थानीय स्तर पर रोजगार का अवसर

केंद्र से जुड़ी महिला लाभार्थियों ने कहा कि इसके संचालन से उन्हें अपने क्षेत्र में ही नियमित आजीविका का अवसर मिला है। आधुनिक मशीनों और सामूहिक कार्य व्यवस्था से वे बेहतर गुणवत्ता के उत्पाद तैयार कर पा रही हैं। महिलाओं ने कहा कि इस पहल से उनकी आय और आत्मविश्वास बढ़ेगा तथा वे आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगी।


उत्तराखंड की चुनौतियों का तकनीकी समाधान खोजेंगे युवा, 90 दिन चलेगा इनोवेशन हैकाथॉन

देहरादून:  उत्तराखंड की भौगोलिक और सामाजिक चुनौतियों के तकनीकी समाधान तलाशने के उद्देश्य से उत्तराखंड इनोवेशन एंड सॉल्यूशंस हैकाथॉन-2026 का मंगलवार को शुभारंभ हुआ। ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ सूचना प्रौद्योगिकी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री प्रदीप बत्रा ने किया।

90 दिनों तक चलने वाली इस पहल में युवाओं की तकनीकी प्रतिभा और नए विचारों को राज्य की वास्तविक समस्याओं से जोड़कर व्यावहारिक समाधान विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। कार्यक्रम में करीब 500 छात्र-छात्राओं, शिक्षाविदों, शिक्षकों, तकनीकी विशेषज्ञों और युवा इनोवेटर्स ने भाग लिया।

हैकाथॉन में आपदा प्रबंधन, यातायात एवं भीड़ प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी, वन्यजीव संरक्षण, पर्यटन और सुशासन से जुड़ी चुनौतियों के समाधान तलाशे जाएंगे। इसके अलावा एआई, डेटा एनालिटिक्स, जीआईएस और ड्रोन तकनीक के माध्यम से शासन और जनसेवा को अधिक प्रभावी बनाने पर भी काम होगा।

मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं और शैक्षणिक संस्थानों में राज्य की विशिष्ट चुनौतियों के समाधान विकसित करने की क्षमता है। उन्होंने युवाओं से तकनीक को केवल प्रयोग और नवाचार तक सीमित न रखकर नागरिकों की वास्तविक समस्याओं के समाधान का माध्यम बनाने का आह्वान किया।

हैकाथॉन के दौरान प्रतिभागी पहले समस्या की पहचान और आइडिया तैयार करेंगे। इसके बाद प्रोटोटाइप निर्माण, विशेषज्ञों से मेंटरिंग और मूल्यांकन के विभिन्न चरण होंगे। चयनित नवाचारों को पायलट प्रोजेक्ट, इन्क्यूबेशन और इंडस्ट्री लिंकेज के माध्यम से आगे बढ़ाने का अवसर भी मिलेगा।

कार्यक्रम में एआई आधारित सरकारी नॉलेज रिपॉजिटरी, डेटा गवर्नेंस, एआई आधारित जीआईएस, पर्यावरणीय विश्लेषण, डीपीआर और आरएफपी तैयार करने में एआई के उपयोग तथा ड्रोन आधारित एरियल मॉनिटरिंग जैसे विषयों पर भी समाधान विकसित किए जाएंगे।

पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की मौसमी आवाजाही को देखते हुए यातायात दबाव का पूर्वानुमान, पर्यावरणीय दबाव की निगरानी, आपदा संभावित क्षेत्रों की पहचान और आपातकालीन सेवाओं को बेहतर बनाने वाले तकनीकी समाधानों पर भी विशेष जोर रहेगा। दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में सरकारी सेवाओं की पहुंच आसान बनाने के उपाय भी तलाशे जाएंगे।

आयोजकों के अनुसार, हैकाथॉन में नागरिक केंद्रित और जिम्मेदार नवाचार को प्राथमिकता दी जाएगी। 90 दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत ऑनलाइन आइडिएशन से होगी, जिसके बाद प्रोटोटाइप निर्माण, मेंटरिंग और मूल्यांकन के चरण पूरे किए जाएंगे।

यह पहल सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी (आईटीडीए) द्वारा Axolotl Emprise LLP तथा संस्थागत एवं इकोसिस्टम सहयोगियों के साथ आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी विभागों, तकनीकी समुदाय और युवा इनोवेटर्स के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर उत्तराखंड की स्थानीय समस्याओं के लिए स्थानीय स्तर पर तकनीकी समाधान विकसित करना है।


विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती, पीड़ित परिवारों से मिले सांसद; बोले- जांच में दोषी पाए गए लोगों को बख्शा नहीं जाएगा

नैनीताल के ज्योलींकोट में जल जनित बीमारियों से बचाव कार्यों का सांसद अजय भट्ट ने लिया जायजा

नैनीताल। नैनीताल-ऊधमसिंह नगर सांसद अजय भट्ट ने मंगलवार को ज्योलिकोट क्षेत्र में जल जनित बीमारियों के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचालित बचाव एवं उपचार कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट पहुंचकर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों से मरीजों को उपलब्ध कराए जा रहे उपचार, जांच, दवाओं तथा अन्य सुविधाओं की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान सांसद ने स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने मरीजों के उपचार, जांच और दवाओं की उपलब्धता के संबंध में अधिकारियों से जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सांसद ने कहा कि जल जनित बीमारियों की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। दिल्ली के साथ ही नैनीताल जिले के विशेषज्ञ चिकित्सकों की भी तैनाती की गई है, ताकि प्रभावित लोगों को तत्काल और बेहतर उपचार मिल सके।

मृतकों के परिजनों से मिलकर जताया दुख

सांसद अजय भट्ट ने जल जनित बीमारियों की चपेट में आकर जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से उनके घर पहुंचकर मुलाकात की और घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

श्री भट्ट ने कहा कि पूरे मामले की गहन छानबीन की जा रही है और संबंधित विभागों की जांच जारी है। जांच में यदि किसी की लापरवाही या दोष सामने आता है तो सरकार दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शेगी नहीं। उन्होंने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता बीमार हुए लोगों को त्वरित एवं बेहतर उपचार उपलब्ध कराना है।

सांसद ने कहा कि भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए प्रभावी मॉनिटरिंग व्यवस्था बनाने और आवश्यक कदम उठाने के निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से भी दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य एवं अन्य व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि स्थिति को जल्द सामान्य किया जा सके। इस अवसर पर नैनीताल की विधायक श्रीमती सरिता आर्या भीमताल के ब्लॉक प्रमुख हरीश बिष्ट जिला मंत्री पुष्कर जोशी ग्राम प्रधान हरगोबिंद रावत कैलाश जोशी


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