Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

महागठबंधन ने घोषित किया सीएम-डिप्टी सीएम का चेहरा, पर ‘फ्रेंडली फाइट’ वाली सीटों पर बनी असमंजस की स्थिति

Category Archives: राजनीति

महागठबंधन ने घोषित किया सीएम-डिप्टी सीएम का चेहरा, पर ‘फ्रेंडली फाइट’ वाली सीटों पर बनी असमंजस की स्थिति

फ्रेंडली फाइट वाली सीटों पर राजद और कांग्रेस आमने-सामने

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की रणनीति अब लगभग तय मानी जा रही है। मुख्यमंत्री पद का चेहरा तेजस्वी यादव को बनाया गया है, जबकि उपमुख्यमंत्री पद पर वीआईपी पार्टी के मुकेश सहनी की जिद भी पूरी हो गई है। तेजस्वी यादव अब ताबड़तोड़ जनसभाएं कर रहे हैं और चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक चुके हैं।

हालांकि, गठबंधन के भीतर अब भी कुछ सीटों पर असमंजस बना हुआ है—खासतौर पर उन जगहों पर जहां राजद और कांग्रेस आमने-सामने हैं। सवाल उठ रहा है कि ऐसी सीटों पर राहुल गांधी और तेजस्वी यादव आखिर किसके समर्थन में प्रचार करेंगे?

किन सीटों पर ‘फ्रेंडली फाइट’

दूसरे चरण में चार विधानसभा सीटें ऐसी हैं जहां राजद और कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने उम्मीदवार उतारे हैं—

सुल्तानगंज: राजद के चंदन सिन्हा बनाम कांग्रेस के ललन यादव

कहलगांव: राजद के रजनीश भारती बनाम कांग्रेस के प्रवीण कुशवाहा

सिकंदरा: राजद के उदयनारायण चौधरी बनाम कांग्रेस के विनोद चौधरी

नरकटियागंज: राजद के दीपक यादव बनाम कांग्रेस के शाश्वत केदार पांडेय

इसके अलावा दो और सीटों पर भी आपसी मुकाबला है—

चैनपुर: राजद के ब्रिज किशोर बिंद बनाम वीआईपी के गोविंद बिंद

करगहर: कांग्रेस के संतोष मिश्रा बनाम सीपीआई के महेंद्र गुप्ता

प्रचार से बच रहे हैं राहुल और तेजस्वी

सूत्रों के अनुसार, अब तक तेजस्वी यादव ने उन सीटों पर रैलियां नहीं की हैं जहां ‘फ्रेंडली फाइट’ की स्थिति है। कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य वरिष्ठ नेता छठ पर्व के बाद प्रचार अभियान में उतरेंगे। माना जा रहा है कि वे भी इन विवादित सीटों पर प्रचार से परहेज़ करेंगे ताकि गठबंधन की एकता पर सवाल न उठें।

अशोक गहलोत का बयान — “सब मिलकर चुनाव जीतेंगे”

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा कि बिहार में महागठबंधन पूरी मजबूती से चुनाव लड़ रहा है। उन्होंने कहा, “243 सीटों में से 5-6 सीटों पर आपसी सहमति से ‘फ्रेंडली फाइट’ हो रही है, इसमें कोई विवाद नहीं है। हम सब मिलकर प्रचार करेंगे और चुनाव जीतेंगे।” गहलोत ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि एनडीए ने अब तक अपना मुख्यमंत्री चेहरा तय नहीं किया है क्योंकि “भाजपा नीतीश कुमार को आगे नहीं रखना चाहती।”


हमें लोकतंत्र, संविधान और मुंबई की पहचान को बचाने के लिए मिलकर लड़ना होगा- संजय राउत

संजय राउत बोले- भाजपा को हराना और मुंबई की अस्मिता को बचाना अब सबसे बड़ी जिम्मेदारी

मुंबई। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के सांसद संजय राउत ने गुरुवार को महाराष्ट्र में होने वाले निकाय चुनावों से पहले विपक्षी एकता की अपील की। उन्होंने कहा कि भाजपा को हराना और मुंबई की अस्मिता को बचाना अब सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

राउत ने कहा, “हमें लोकतंत्र, संविधान और मुंबई की पहचान को बचाने के लिए मिलकर लड़ना होगा। अगर विपक्ष एकजुट रहेगा, तो मराठी मानूस भी साथ देगा।”

कांग्रेस से तल्खी पर दी सफाई

कांग्रेस के एमएलसी भाई जगताप के इस बयान पर कि बीएमसी चुनाव में कांग्रेस न तो शिवसेना (यूबीटी) और न ही मनसे से गठबंधन करेगी, राउत ने कहा – “कांग्रेस हमारी सहयोगी पार्टी है, चाहे इंडिया गठबंधन हो या महा विकास आघाड़ी। ये केवल एक दल नहीं, कई दलों का समूह है।”

‘मुंबई को अदाणी के जबड़ों से बचाना होगा’

संजय राउत ने कहा, “हमारा मकसद स्पष्ट है — भाजपा को रोकना और मुंबई को अदाणी के जबड़ों से बचाना। अगर कोई पार्टी अलग रुख अपनाती है, तो वह उनका निर्णय है, पर हम अपने सहयोगियों को मुश्किल में डालने वाले बयान नहीं देंगे।”

‘कांग्रेस नेतृत्व से ही होगी बात’

उन्होंने कहा कि गठबंधन को लेकर बातचीत कांग्रेस के शीर्ष नेताओं राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, केसी वेणुगोपाल या रमेश चेन्निथला से ही होगी। हाल ही में उन्होंने वेणुगोपाल से मुलाकात की थी, जिसमें मनसे को महा विकास आघाड़ी में शामिल करने पर चर्चा हुई थी।

बिहार का उदाहरण देकर साधा निशाना

बिहार में सीट बंटवारे पर चल रहे विवाद को लेकर राउत ने कहा, “वहां कांग्रेस और राजद कई सीटों पर आमने-सामने हैं। क्या बिहार में कोई उद्धव ठाकरे या राज ठाकरे हैं?”


हमारी सरकार बनते ही जीविका दीदियों को सरकारी कर्मी का दर्जा दिया जाएगा- तेजस्वी यादव

तेजस्वी यादव ने कहा— अब नहीं होगा शोषण, ब्याज मुक्त ऋण और पांच लाख का बीमा भी देंगे

पटना। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बिहार के लोगों ने अब परिवर्तन का मन बना लिया है। उन्होंने कहा कि जनता गरीबी, महंगाई और बेरोजगारी से त्रस्त हो चुकी है और अब बदलाव चाहती है।

तेजस्वी यादव ने कहा कि नीतीश सरकार ने हमारी घोषणाओं की नकल की, लेकिन जनता समझ चुकी है कि असली काम कौन करेगा। उन्होंने नीतीश सरकार की महिलाओं को दी गई 10 हजार रुपये की सहायता योजना पर भी सवाल उठाया और कहा — “यह राशि मदद नहीं, उधार है। चुनाव के बाद सरकार इसे वसूलने की तैयारी में है।”

तेजस्वी ने दोहराया कि उनकी सरकार बनने पर जिन परिवारों में कोई भी सरकारी नौकरी में नहीं है, उनके एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी, और यह वादा सरकार बनने के 20 दिन के अंदर पूरा किया जाएगा।

जीविका दीदियों को सरकारी दर्जा, 30 हजार शुरुआती वेतन का वादा

तेजस्वी यादव ने इस दौरान जीविका दीदियों के लिए भी बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब तक उनके साथ शोषण और अन्याय हुआ है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
उन्होंने घोषणा की कि उनकी सरकार बनते ही जीविका दीदियों को सरकारी कर्मी का दर्जा दिया जाएगा। उनका शुरुआती वेतन 30 हजार रुपये होगा, साथ ही 2 हजार रुपये प्रतिमाह भत्ता भी दिया जाएगा।
इसके अलावा उन्होंने कहा —

जीविका दीदियों के लिए लिए गए ऋण ब्याज मुक्त किए जाएंगे।

दो साल तक ब्याज मुक्त ऋण की सुविधा दी जाएगी।

5 लाख रुपये तक का बीमा कवरेज उपलब्ध कराया जाएगा।

एमएए योजना का एलान – महिला, अन्न और आवास पर फोकस

तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकार बनने पर उनकी टीम ‘एमएए योजना’ (M – महिला, A – अन्न, A – आवास) लागू करेगी। इसके तहत माताओं और बहनों को अन्न और आवास की गारंटी दी जाएगी।

संविदा कर्मियों के लिए भी बड़ी राहत

तेजस्वी ने कहा कि संविदा कर्मियों का शोषण अब बंद होगा।
उन्होंने वादा किया कि उर्मिला और बेल्ट्रॉन जैसी एजेंसियों के माध्यम से काम कर रहे दो लाख से अधिक संविदाकर्मियों को स्थायी किया जाएगा।
उनका कहना था — “हम संविदा कर्मियों को मानसिक, शारीरिक और आर्थिक तनाव से मुक्ति दिलाएंगे।”

चुनावी समीकरण भी साधे राजद ने

इस बार राजद ने 143 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं।
तेजस्वी यादव खुद वैशाली की राघोपुर सीट से मैदान में हैं, जो उनका पारंपरिक गढ़ माना जाता है।
पार्टी ने 24 महिलाओं, 50 यादव और 18 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट देकर अपने वोट बैंक को मजबूत करने की कोशिश की है।
वहीं, 76 विधायकों में से 31 को इस बार टिकट नहीं दिया गया है ताकि नए चेहरों को मौका मिल सके।


ट्रंप के बयान से फिर बढ़ा विवाद, कांग्रेस ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर उठाए सवाल

रूस से तेल आयात पर भारत-अमेरिका के रिश्तों में बढ़ी तनातनी

नई दिल्ली। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि भारत के रूस से तेल आयात का मुद्दा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार उठा रहे हैं, जिससे मोदी सरकार की विदेश नीति पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पार्टी ने दावा किया कि ट्रंप ने पिछले पांच दिनों में तीन बार इस विषय को सार्वजनिक रूप से उठाया है, जबकि भारत का विदेश मंत्रालय इस तरह की किसी बातचीत से इनकार कर चुका है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, “पिछले पांच दिनों में राष्ट्रपति ट्रंप तीन बार भारत के रूस से तेल आयात के मुद्दे पर बोल चुके हैं। और यह तो तय है कि बुडापेस्ट में पुतिन से मुलाकात से पहले वे इसे बार-बार दोहराएंगे।”

ट्रंप बोले—मोदी ने रूस से तेल न खरीदने का दिया आश्वासन, भारत ने किया खंडन

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में दावा किया कि उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत हुई है, जिसमें भारत ने रूस से तेल आयात बंद करने का आश्वासन दिया है। हालांकि, भारत के विदेश मंत्रालय ने ऐसी किसी बातचीत की पुष्टि करने से इनकार कर दिया। इसके जवाब में ट्रंप ने मंत्रालय के खंडन को “गलत” बताते हुए अपनी बात पर अड़े रहे।

ट्रंप की फिर चेतावनी—भारत नहीं मानेगा तो देना होगा भारी शुल्क

सोमवार को एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि भारत रूस से तेल खरीदना बंद नहीं करता, तो उसे भारी आयात शुल्क का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भारत को समझना होगा कि वह किस पक्ष में खड़ा है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी उनके “अच्छे दोस्त” हैं और उन्होंने भरोसा दिलाया है कि भारत रूसी तेल नहीं खरीदेगा—हालांकि भारतीय पक्ष ने इस दावे को सिरे से नकार दिया।

रूस को आर्थिक मदद देने का आरोप

अमेरिका का आरोप है कि भारत रूस से कच्चा तेल खरीदकर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को यूक्रेन युद्ध जारी रखने में अप्रत्यक्ष वित्तीय सहायता दे रहा है। इस बीच, ट्रंप प्रशासन ने भारत से आने वाले उत्पादों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ गया है।
अब कुल मिलाकर अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर लगभग 50 प्रतिशत तक शुल्क बढ़ा दिया है।

कांग्रेस ने पूछा—विदेश नीति पर कौन सच बोल रहा है?

कांग्रेस ने केंद्र सरकार से सवाल किया कि आखिर प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्रालय की बातों में से किसे सच माना जाए। पार्टी ने कहा कि यदि ट्रंप के बयान सही हैं, तो भारत की विदेश नीति और संवाद की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठते हैं।


बिहार चुनाव: भाजपा ने जारी की दूसरी सूची, मैथिली ठाकुर और पूर्व आईपीएस आनंद मिश्रा को मिला टिकट

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को अपनी दूसरी सूची जारी कर दी है। इस सूची में 12 प्रत्याशियों के नाम शामिल हैं। सूची में सबसे पहला नाम गायिका मैथिली ठाकुर का है, जिन्हें अलीनगर विधानसभा सीट से टिकट दिया गया है, जबकि आखिरी नाम पूर्व आईपीएस अधिकारी आनंद मिश्रा का है, जिन्हें बक्सर सीट से उम्मीदवार बनाया गया है।

बीजेपी ने इस बार चर्चित चेहरों पर दांव लगाया है। आनंद मिश्रा कुछ माह पहले ही जनसुराज पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। वहीं मैथिली ठाकुर को भी हाल ही में 14 अक्टूबर को भाजपा की सदस्यता दिलाई गई थी। इसके बाद से ही उनके प्रत्याशी बनने की अटकलें तेज थीं।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, भाजपा नेतृत्व ने इस सूची को अंतिम रूप भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल, संगठन प्रभारी विनोद तावडे और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय की मौजूदगी में दिया।

इससे पहले भाजपा ने 14 अक्टूबर को पहली सूची जारी की थी, जिसमें 71 प्रत्याशियों के नाम शामिल थे। उस सूची में 9 महिला उम्मीदवारों को टिकट मिला था।


अजय राय का मायावती पर तीखा हमला, कहा- बसपा प्रमुख विपक्षी वोट बांटने के लिए कर रही हैं काम

अजय राय ने मायावती को कहा “बीजेपी की बी टीम”

लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती पर तीखे आरोप लगाते हुए कहा कि वह बीजेपी की मदद कर विपक्षी वोटों को तोड़ रही हैं। राय ने मायावती को कांशीराम की विचारधारा को बेचने, दलितों और मुसलमानों के मुद्दों पर चुप रहने और अपनी हालिया रैली के जरिए राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाया है।

अजय राय ने मायावती पर बीजेपी की “बी टीम” होने का गंभीर आरोप लगाया है। राय के अनुसार, लखनऊ में मायावती की रैली बीजेपी द्वारा फंडेड और प्रायोजित थी, जिसमें सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग कर भीड़ जुटाई गई। कांशीराम की पुण्यतिथि पर राय ने कहा कि मायावती ने दलितों और वंचितों के लिए कांशीराम के संघर्ष और उनकी विरासत को नष्ट कर दिया। राय ने रायबरेली, बरेली और बहराइच में दलित और मुस्लिम समुदाय के खिलाफ हुई घटनाओं पर मायावती की चुप्पी को भी गंभीर मुद्दा बताया।

इसके अलावा, राय ने दावा किया कि मायावती की सक्रियता का उद्देश्य केवल उत्तर प्रदेश नहीं, बल्कि बिहार विधानसभा चुनाव में दलित वोट बैंक को बांटकर “इंडिया” गठबंधन को कमजोर करना है।


कांग्रेस का पीएम मोदी पर हमला, नेतन्याहू की तारीफ करने को बताया ‘शर्मनाक’

जयराम रमेश बोले – गाजा में नरसंहार करने वाले नेतन्याहू की प्रशंसा नैतिक रूप से निंदनीय

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वेस्ट एशिया शांति पहल की सराहना और इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की तारीफ करने पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने इसे “नैतिक रूप से गलत” और “भारत की पारंपरिक विदेश नीति के विपरीत” बताया है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने गाजा को लेकर हुए हालिया समझौते का स्वागत करते हुए ट्रंप और नेतन्याहू दोनों की प्रशंसा की, जो चौंकाने वाला कदम है। उन्होंने कहा कि नेतन्याहू की बिना शर्त तारीफ करना शर्मनाक है, क्योंकि वे गाजा में चल रही हिंसा के लिए जिम्मेदार हैं।

रमेश ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार फलस्तीन के स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र के भविष्य को लेकर पूरी तरह मौन है। उन्होंने याद दिलाया कि भारत ने 1988 में ही फलस्तीन को मान्यता दी थी और अब 150 से अधिक देश उस रुख का समर्थन कर रहे हैं।

दरअसल, विवाद तब शुरू हुआ जब प्रधानमंत्री मोदी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की शांति योजना के पहले चरण का स्वागत करते हुए लिखा कि यह इस्राइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के मजबूत नेतृत्व का प्रतीक है। पीएम ने उम्मीद जताई थी कि बंधकों की रिहाई और गाजा को मिल रही मानवीय सहायता से क्षेत्र में स्थायी शांति की राह खुलेगी।

इस समझौते को इस्राइल और हमास के बीच अब तक की सबसे बड़ी कूटनीतिक प्रगति माना जा रहा है, जिसके तहत संघर्षविराम और बंदियों की रिहाई पर सहमति बनी है।


जयराम रमेश का चुनाव आयोग पर हमला, बिहार मतदाता सूची पर उठाए गंभीर सवाल

कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची से कितने गैर-नागरिकों के नाम हटाए गए, इसकी पूरी जानकारी नहीं दी गई

नई दिल्ली। कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर फिर से गंभीर आरोप लगाते हुए बिहार में मतदाता सूची से गैर-नागरिकों को हटाने की प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाया है। पार्टी का कहना है कि आयोग इस बारे में खुलकर जानकारी देने में विफल रहा है कि कितने नाम हटाए गए और एसआईआर प्रक्रिया में समानता और निष्पक्षता की कमी है।

कांग्रेस महासचिव और पार्टी के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं रही। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव आयोग ने यह स्पष्ट किया होता कि कितने गैर-नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए, तो स्थिति और स्पष्ट होती।

जयराम रमेश ने सुप्रीम कोर्ट में एसआईआर पर चल रही सुनवाई का हवाला देते हुए कहा कि कोर्ट के हस्तक्षेप से मताधिकार से वंचित होने की आशंकाएं कम हुई हैं, लेकिन पूरी प्रक्रिया में सटीकता, समानता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना अभी बाकी है। उन्होंने इस संबंध में प्रकाशित एक समाचार पत्र लेख की तस्वीर भी सोशल मीडिया पर साझा की, जिसमें एसआईआर प्रक्रिया का विस्तृत विश्लेषण किया गया।

कांग्रेस का यह बयान चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए गए सवालों को और अधिक तेज़ करता है और बिहार में मतदाता सूची की समीक्षा को लेकर राजनीतिक बहस को नया मोड़ देता है।


उद्धव ठाकरे दशहरा रैली रद्द करें और उसका खर्च मराठवाड़ा के बाढ़ पीड़ितों की मदद में लगाएं- केशव उपाध्ये

भाजपा का आरोप: सत्ता में रहते ठाकरे ने बाढ़ पर कार्रवाई नहीं की, अब रैली का खर्च राहत में लगाएं

मुंबई। महाराष्ट्र भाजपा के मुख्य प्रवक्ता केशव उपाध्ये ने पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को निशाने पर लेते हुए सोमवार को कहा कि वह इस साल की अपनी पारंपरिक दशहरा रैली रद्द करें और उसका खर्च मराठवाड़ा के बाढ़ पीड़ितों की मदद में लगाएं। उपाध्ये ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री रहते हुए ठाकरे ने बाढ़ और संकट के समय ठोस कदम नहीं उठाए और अब उन्हें अपनी गलती सुधारने का अवसर है।

महाराष्ट्र में लगातार हो रही भारी बारिश ने कई जिलों को बुरी तरह प्रभावित किया है। खासकर मराठवाड़ा क्षेत्र, जो सामान्यतः सूखे से जूझता है, इस बार बाढ़ की तबाही से जूझ रहा है। सैकड़ों परिवारों ने अपना घर-बार और जीविका का साधन खो दिया है।

उपाध्ये ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने हाल ही में मराठवाड़ा के पांच जिलों का दौरा कर प्रभावितों से संवेदना तो जताई, लेकिन अब केवल शब्दों से काम नहीं चलेगा। उन्हें अपनी परंपरागत दशहरा रैली रद्द कर, उस पर होने वाला व्यय राहत कार्यों में लगाना चाहिए, ताकि संवेदना व्यावहारिक मदद में बदल सके।

भाजपा नेता ने ठाकरे की रैली की थीम और दिशा पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि बाल ठाकरे के समय यह रैली विचारधारा और संगठन का केंद्र होती थी, जबकि अब यह केवल विरोधियों पर आरोप लगाने और पार्टी टूटने की कहानी दोहराने तक सीमित रह गई है। उन्होंने पूछा कि जब वही बातें ‘सामना’ अख़बार में रोज प्रकाशित होती हैं, तो लाखों रुपये खर्च कर रैली आयोजित करने का क्या औचित्य है।


लद्दाख हिंसा पर कांग्रेस का हमला, प्रमोद तिवारी बोले- दमन से नहीं वादों को निभाने से निकलेगा हल

लेह हिंसा के बाद हालात तनावपूर्ण, प्रशासन ने धारा 163 लगाई, पाबंदियों से आम लोग परेशान

लेह। लद्दाख में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाए। तिवारी ने कहा कि केंद्र सरकार ने वादों को पूरा करने के बजाय हालात को और खराब कर दिया है। उनका कहना है कि गिरफ्तारियां और दमनकारी कदम किसी भी समस्या का समाधान नहीं हैं, बल्कि जनता से किए गए वादों को निभाना ही असली हल है।

कांग्रेस नेता ने याद दिलाया कि केंद्र ने राज्य का दर्जा बहाल करने और जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर लद्दाख को भी समान अधिकार देने का वादा किया था। लेकिन इन वादों को पूरा करने के बजाय सरकार ने विरोध कर रहे लोगों को दबाने का रास्ता चुना। तिवारी ने कहा कि मणिपुर के हालात सरकार दो साल से नहीं संभाल पाई और अब लद्दाख में भी स्थिति नियंत्रण से बाहर होती जा रही है।

हिंसा और पाबंदियां
24 सितंबर को लेह में भड़की हिंसा के बाद प्रशासन ने बीएनएसएस की धारा 163 लागू कर दी, जिसके तहत पांच से अधिक लोगों के जुटने पर रोक लगा दी गई है। इलाके में भारी सुरक्षा बलों की तैनाती है और बिना अनुमति जुलूस, मार्च या रैली पर प्रतिबंध लगाया गया है।

स्थानीय लोगों की मुश्किलें
प्रतिबंधों के कारण आम जनता को दूध और खाद्यान्न जैसी ज़रूरी चीजें तक नहीं मिल पा रही हैं। लोग सुरक्षा घेरे में रहते हुए मुश्किल हालात में अपने रोज़मर्रा के काम निपटाने की कोशिश कर रहे हैं।

हिंसा की घटनाएं और गिरफ्तारियां
हिंसा के दौरान भाजपा कार्यालय को आग के हवाले कर दिया गया, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई। इसके दो दिन बाद पर्यावरणविद सोनम वांगचुक को हिंसा भड़काने के आरोप में एनएसए के तहत गिरफ्तार कर जोधपुर जेल भेज दिया गया।

वांगचुक की मांगें
सोनम वांगचुक लंबे समय से लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग कर रहे हैं। वे भूख हड़ताल पर भी थे, हालांकि हिंसा शुरू होने के बाद उन्होंने इसे खत्म कर दिया। छठी अनुसूची अभी असम, मिजोरम, त्रिपुरा और मेघालय में लागू है, जिसके तहत आदिवासी इलाकों को विशेष अधिकार प्राप्त हैं।

कांग्रेस का रुख
तिवारी ने कहा कि लद्दाख भारत की संवेदनशील सीमा पर स्थित है और यहां आंतरिक अशांति से पड़ोसी देशों को फायदा मिल सकता है। उन्होंने सरकार को आगाह किया कि दमन और गिरफ्तारियां शांति बहाल नहीं कर सकतीं। लद्दाख में समाधान केवल संवाद और भरोसे से ही निकलेगा।


Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp