Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

संदिग्ध जाति प्रमाण पत्र पर कार्रवाई, होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी का प्रमाण पत्र निरस्त

संदिग्ध जाति प्रमाण पत्र पर कार्रवाई, होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी का प्रमाण पत्र निरस्त

संदिग्ध जाति प्रमाण पत्र पर कार्रवाई, होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी का प्रमाण पत्र निरस्त

हल्द्वानी:  संदिग्ध जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्ति के मामले में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कड़ी कार्रवाई करते हुए होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी डॉ. मनीषा कायथ का हल्द्वानी तहसील से जारी अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया है।

अनिल कुमार कंबोज, निवासी ग्राम खैराना, सितारगंज की शिकायत पर हुई जांच के बाद जिला स्तरीय स्क्रूटनी कमेटी की संस्तुति के आधार पर यह कार्रवाई की गई। जांच में सामने आया कि डॉ. कायथ मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले की निवासी हैं। उन्हें 11 अक्टूबर 1999 को तहसीलदार कसौली द्वारा हिमाचल प्रदेश की छिब्बे जाति का अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र जारी किया गया था।

विवाह के बाद उन्होंने 22 जनवरी 2014 को हल्द्वानी तहसील से उत्तराखंड की धोबी जाति का अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र प्राप्त किया। इसी प्रमाण पत्र के आधार पर उनका चयन उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी के पद पर हुआ था। वर्तमान में डॉ. कायथ चंपावत जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पाटी में एनएचएम के तहत संविदा पर कार्यरत हैं।

03 अगस्त को हुई थी स्क्रूटनी कमेटी की बैठक

प्रकरण की सुनवाई और जांच के लिए 03 अगस्त 2026 को जिला स्तरीय स्क्रूटनी कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन, सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी, जिला समाज कल्याण अधिकारी नैनीताल तथा जिला होम्योपैथिक अधिकारी चंपावत ने मामले की विस्तृत समीक्षा की।

कमेटी ने सर्वोच्च न्यायालय के Ranjana Kumari Vs State of Uttaranchal (2013) और उत्तराखंड उच्च न्यायालय के Smt. Anshu Sagar Vs State of Uttarakhand (2025) मामलों में दिए गए निर्णयों का भी परीक्षण किया। कमेटी के अनुसार, इन न्यायिक व्यवस्थाओं में स्पष्ट किया गया है कि अनुसूचित जाति आरक्षण का लाभ मूल राज्य से संबंधित होने के आधार पर ही राज्य की सेवाओं में अनुमन्य है। विवाह के बाद दूसरे राज्य में माइग्रेशन के आधार पर वहां की राज्य सेवाओं में अनुसूचित जाति आरक्षण का लाभ नहीं लिया जा सकता।

प्रमाण पत्र जब्त करने के निर्देश

जिलाधिकारी ने जांच और न्यायिक व्यवस्थाओं के आधार पर 22 जनवरी 2014 को हल्द्वानी तहसील से जारी जाति प्रमाण पत्र संख्या 040201400069/266 को निरस्त कर दिया है। साथ ही तहसीलदार हल्द्वानी को प्रमाण पत्र जब्त करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रकरण के निस्तारण के बाद संबंधित विभागों को अग्रिम कार्रवाई के लिए पत्र भी भेजे गए हैं।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp