Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Email info@e-webcareit.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

Badrinath Yatra: 27 अप्रैल को खुलेंगे बदरीनाथ धाम के कपाट, पुल-हाईवे की दरारों के बीच बनेगा बाइपास या जोशीमठ से होगी यात्रा?

Badrinath

Badrinath Yatra: 27 अप्रैल को खुलेंगे बदरीनाथ धाम के कपाट, पुल-हाईवे की दरारों के बीच बनेगा बाइपास या जोशीमठ से होगी यात्रा?

Badrinath Yatra: उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित बदरीनाथ धाम के कपाट 27 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर खुलेंगे, जबकि गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा का दिन 12 अप्रैल निर्धारित किया गया है. बसंत पंचमी के पावन अवसर पर आयोजित धार्मिक समारोह में राजदरबार नरेंद्र नगर में पंचांग गणना के बाद विधि विधान से कपाट खुलने की तिथि तय की गई।

जबकि गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा के लिए 12 अप्रैल की तिथि निर्धारित की गई थी। बद्रीनाथ हाईवे और पुल पर दरार के बाद यात्रा पर भी सवाल उठने लगे थे. इस बीच, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आश्वासन दिया है कि बद्रीनाथ यात्रा समय पर शुरू होगी.

बदरीनाथ को जोड़ने वाले पुल तक पहुंच गई दरारें

जोशीमठ से बद्रीनाथ को जोड़ने वाले पुल तक भी दरारों का दायरा पहुंच गया है। यह पुल मारवाड़ी में जोशीमठ से 11 किमी आगे है। यहां बुधवार को पुल और एप्रोच रोड जंक्शन पर दरारें देखी गईं। इसकी सूचना पर एसडीआरएफ की टीम ने मौके का मुआयना किया। यह पुल जोशीमठ को बद्रीनाथ से फूलों की घाटी हेमकुंड साहिब तक भी जोड़ता है।

ऐसे में यह पुल धार्मिक तीर्थ और सामरिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। माना दर्रे तक भारतीय सेना की आवाजाही भी इसी पुल से होती है। यह पुल जोशीमठ की तलहटी में अलकनंदा नदी के ऊपर बना है। दरारें देखकर भी लोग आशंकित हैं। एसडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट मिथिलेश सिंह ने बताया कि जोशीमठ की ओर जाने वाले पुल के शुरू में दाहिनी तरफ हल्की दरारें दिख रही हैं.

उनका कहना है कि हालांकि यह बता पाना मुश्किल है कि ये दरारें नई हैं या पुरानी। यहां दरारों में लकड़ी को फंसाया गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि दरारें चौड़ी हो रही हैं या नहीं। इस पर लगातार नजर रखी जा रही है। साथ ही इस संबंध में प्रशासन और बीआरओ को भी सूचित कर दिया गया है।

बद्रीनाथ यात्रा जोशीमठ से ही शुरू होगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि जोशीमठ में 70 फीसदी दुकानें खुली हैं. वहां जनजीवन सामान्य है। औली में लोगों का आना-जाना भी जारी है. बदरीनाथ यात्रा इस बार जोशीमठ से ही निकाली जाएगी। जोशीमठ में सरकार द्वारा समुचित व्यवस्था की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जोशीमठ में स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि जोशीमठ में आठ संस्थानों की टीम सर्वे कर रही है। एनडीआरएफ, एनडीएमए मौके पर हैं।

ज्योतिष पीठ के रास्ते में 52 से ज्यादा दरारें

जोशीमठ : रोपवे तिराहे से आदिगुरु शंकराचार्य की गद्दी और नरसिंह मंदिर परिसर स्थित मठ तक के रास्ते में 52 से ज्यादा दरारें हैं. वहीं, मंदिर परिसर का एक हिस्सा भी डूब रहा है। ऐसे में धरोहर भी पूरी तरह से सुरक्षित नहीं है। पार्षद समीर डिमरी का कहना है कि रोपवे तिराहे से मंदिर परिसर तक करीब तीन किमी है, जिसमें कई दरारें चौड़ी होती जा रही हैं। ऐसे में सिंहासन की सुरक्षा भी खतरे में है।


Leave a Reply

Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp
%d bloggers like this: